राजस्थान के कोटा में बस स्टॉप पर खड़ी दो महिलाओं को छेड़ना एक मनचले को भारी पड़ गया। गुस्साई महिलाओं ने मनचले की जमकर पिटाई कर दी। उन्हें देखकर वहां से गुजरने वाले लोग भी मनचले को पीटने लगे। लोगों ने लात-घूंसों से इस मनचले की जमकर पिटाई की। आप इन लाइव तस्वीरों में देख सकते हैं लोगों ने किस तरह मनचले को सबक सिखाया। महिलाएं और वहां मौजूद लोग किस तरह इस मनचले को पीट रहे हैं। बेशक इन मजनूंओं को सबक सिखाना चाहिए ताकि ये दुबारा किसी महिला या लड़की को लैला समझकर बुरी नज़र से ना देखें। महिलाएं और बालिकाएं गलत कार्य का विरोध करें और ऐसे मनचलों को सबक सिखाएं। -राजस्थान से सुमित सारस्वत की रिपोर्ट। Click for watch live video
June 3, 2017
June 1, 2017
आसमान से बरसे 'सफेद बम', मच गया हाहाकार ! OMG
अगर तेज आवाज के साथ आसमान से आफत बरसने लगे तो इंसान हो या जानवर सभी अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगेंगे। ऐसा ही कुछ देखने को मिला राजस्थान के बाड़मेर में। यहां बुधवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरे। इन ओलों का आकार अंडे के समान था। गोलियों की फायरिंग और धमाके जैसी आवाज के साथ बरस रहे इन ओलों को देखकर लगा मानो कोई आसमान से सफेद बम फेंक रहा हो। ओलों की मार से हाहाकार मच गया। सभी जान बचाने के लिए भागने लगे। ओलावृष्टि के कारण फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मंडियों में रखा सैंकड़ों बोरी अनाज खराब हो गया है। बैमौसम बारिश ने किसानों के सिर पर चिंता की लकीरें उकेर दी है। प्रदेश के जयपुर, जोधपुर, जैसलमेर, अजमेर, बीकानेर, बूंदी, ब्यावर सहित कई स्थानों पर तेज बरसात हुई है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के लगातार बदलाव और अचानक सक्रिय होने से बारिश और ओलावृष्टि हुई है। -राजस्थान से सुमित सारस्वत की रिपोर्ट।
May 27, 2017
Justin Bieber और Lady Gaga भी दंग रह जाए इसे सुनकर | Amazing Voice
हर किसी के अंदर टैलेंट होता है। यह टैलेंट हर व्यक्ति के अंदर एक कुदरती देन होती है जिसे पहचान लिया जाए तो वो इस दुनिया में अपना परचम लहराता है और अगर छोड़ दिया जाए तो वो रोज की जद्दोजहद में ही अपनी जिंदगी गुजार देता है। यह हुनर देखकर शायद आप भी यही कहेंगे। इस भारतीय हुनर की हौसला अफजाई के लिए इसे लाइक और शेयर अवश्य करें। अगर आपको इस व्यक्ति की यह अदभुत कला पसंद आए तो वीडियो देखते वक्त चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें।
April 19, 2017
सरकार ने किया सियासी सिकंदरों के सपने का समापन
लाल बत्ती लगी सरकारी कार का सायरन साइलेंट
'दिल के अरमां आंसूओं में बह गए, हम वफ़ा कर के भी..' कुछ यही भाव आज उन नेताओं के मन में है जिन्होंने राजनीति में रहते हुए लाल बत्ती लगी कार में घूमने का सपना संजो रखा था। सरकार के नए फैसले से सियासी सिकंदरों के सपनों पर पानी फिर गया। सियासी गलियारे में कई नेताओं ने जी जान लगाकर उम्मीदों की जाजम बिछा रखी थी। सिपहसालारों ने भी अपने आका को लाल बत्ती लगी सरकारी कार के सब्जबाग दिखाकर सम्मान दिलाने की सहानुभूति बटोरी मगर लाल बत्ती के सपने का समापन हो गया। सरकार ने अपने तरकश से नया तीर चलाते हुए लाल बत्ती के सायरन को साइलेंट कर दिया।देखें : लाल बत्ती पर रोक से मायूस नेताओं के दर्द की दास्तां
मोदी सरकार के इस फैसले के बाद राजस्थान सरकार ने भी इसे प्रदेश में तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने आदेश जारी कर सभी मंत्रियों और अधिकारियों को तुरंत लाल बत्ती हटाने के आदेश दिए। सीएम राजे ने कहा कि यह प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिचायक है। गौरतलब है कि राजे खुद भी लाल बत्ती लगे वाहन का इस्तेमाल नहीं कर रही है। उन्होंने सीएम बनते ही लाल बत्ती लगी सरकारी कार लौटा दी थी। आपको बता दें कि पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह और यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी लाल बत्ती का इस्तेमाल पहले ही छोड़ चुके हैं। -सुमित सारस्वत SP, स्वतंत्र लेखक
Click Here for Subscribe My Youtube Channel
कौन लगा सकता है सायरन और लाल बत्ती
केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 108 की धारा (III) के तहत निम्न व्यक्ति ड्यूटी के दौरान वाहन पर लाल बत्ती लगाने के हकदार है।
चमकने वाली लाल बत्ती- राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पूर्व उपराष्ट्रपति, उपप्रधानमंत्री, भारत के चीफ जस्टिस, लोकसभा स्पीकर, केंद्र सरकार के केबिनेट मंत्री, योजना आयोग उपाध्यक्ष, पूर्व प्रधानमंत्री, लोकसभा और राज्यसभा में प्रतिपक्ष नेता, सुप्रीम कोर्ट जज, राजयपाल, मुख्यमंत्री, दूसरे देशों के राजदूत और कॉमनवेल्थ देशों के हाई कमिशनर।
बिना चमकने वाली लाल बत्ती- मुख्य चुनाव आयुक्त, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया, राज्यसभा के उपसभापति, लोकसभा डिप्टी स्पीकर, केंद्र सरकार के राज्यमंत्री, योजना आयोग सदस्य, अल्पसंख्यक, अनुसूचित जाति व जनजाति आयोग अध्यक्ष, अटार्नी जनरल, केबिनेट सचिव, तीनों सेनाओं के प्रमुख, सेन्ट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव अध्यक्ष, यूपीएससी अध्यक्ष, हाईकोर्ट चीफ जस्टिस, सॉलिसिटर जनरल, राज्यों के उपमुख्यमंत्री, दूसरे देशों के दूत व मंत्रियों को भी यह अधिकार दिया गया है।
सायरन- दिल्ली मोटर व्हीकल्स रुल्स 1993 के अनुसार सिर्फ इमरजेंसी वाहन जैसे फायर ब्रिगेड़, एंबुलेंस, पुलिस कंट्रोल रुम की वैन में चमकने वाली या घूमने वाली लाल बत्ती के साथ सायरन लगा सकते हैं। वीआईपी की पायलट गाडी पर भी सायरन लगाया जा सकता है।
चमकने वाली नीली वीआईपी लाइट - चमकने वाली नीली वीआईपी लाइट को पुलिस पेट्रोलिंग वाहन, पायलट वाहन लगा सकते हैं।
Like, Comment, Share







