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June 21, 2017

7 माह के बच्चे ने योग कर दुनिया को हैरत में डाल दिया | Unbelievable Yoga

21 जून 2017 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जब पूरी दुनिया ने उत्साह और उमंग से योग कर रही थी, तब महज 7 माह के एक बच्चे ने योग कर सभी को हैरत में डाल दिया। दुनिया के साथ कार्तिक नाम के इस बच्चे ने भी विश्व योग दिवस मनाया। राजस्थान के इस बच्चे ने अपने घर में बाकायदा आसन बिछाकर योग किया। बच्चे के पिता ने सोशियल मीडिया पर योग की तस्वीरें पोस्ट की है। इन तस्वीरों में यह मासूम बच्चा योग सुखासन, भद्रासन, भुजंगासन व अन्य योग करता दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों को देखने वाला हर शख्स हैरत में है। जिस उम्र में शिशु अपने पालने से भी नहीं उतर पाता, उम्र में इस बच्चे का योग करना कुदरत का करिश्मा ही कहा जाएगा। -राजस्थान से सुमित सारस्वत की रिपोर्ट।
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June 20, 2017

क्रांतिकारी संत जगदीश गोपाल ने दिए कड़वे प्रवचन, बोले- गाय वोट नहीं देती इसलिए उपेक्षा की शिकार

संत जगदीश गोपाल महाराज
राष्ट्रीय क्रांतिकारी संत जगदीश गोपाल ने कहा कि गाय वोट नहीं देती इसलिए राजनीतिक उपेक्षा की शिकार है। गौमाता के हत्यारे नेता बनकर गली-गली में घूम रहे हैं। राजनेता ही हैं जो सत्ता में बैठकर गौ हत्या के लिए कत्लखानों के लाइसेंस जारी करते हैं। वे ब्यावर में आयोजित विराट गो-कृपा सत्संग में गौमाता विषय पर प्रवचन दे रहे थे।
संत ने कहा कि नेताओं के कारण अहिंसा की धरती पर 4 हजार कत्लखाने खुल गए हैं। प्रतिदिन 80 हजार गायों को सूर्योदय से पहले मार दिया जाता है। सौ करोड़ हिंदुओं की मां संकट में है। गौमाता के नाम पर सिर्फ राजनीति हो रही है। कत्लखाने बंद होने चाहिए। गौ हत्या पर रोक लगनी चाहिए। चुनाव में उसी नेता को वोट दें जो जीतने के बाद गौरक्षा का संकल्प ले। गौमाता को दुश्मनों से बचा सके। उन्होंने कहा कि गाय पशु नहीं, प्राणी नहीं, सनातन धर्म की प्राण है। गाय परमात्मा की आराधना है। गाय सकल जगत की दाता है। दुर्भाग्य है कि समझदार लोग गाय को पशु समझ रहे हैं। गोपाल कृष्ण की गाय कभी पशु नहीं हो सकती। संत ने कहा कि जब से इंसान ने गाय को पशु समझना शुरू किया तब से खुद पशु समान हो गया है। मां को पशु समझने पर पुत्र भी पशु हो जाता है। उसी के जीवन में राम है जिसके जीवन में गौमाता है। गौमाता का देवत्व देखने के लिए हृदय की आंखें खोलनी होगी। जन्म से पहले और मृत्यु के पश्चात् भी जीव का कल्याण करने के लिए जीवन में गौमाता का होना जरूरी है। प्रवचन के दौरान संत ने जन्म से लेकर मृत्य तक गौमाता के महत्त्व से जुड़े शास्त्रोक्त उपाय बताए। सत्संग का प्रारंभ जय गौमाता जय गोपाल.. कीर्तन से हुआ और समापन गौ रक्षा संकल्प के साथ हुआ। मंच संचालन ओम महावर ने किया। कार्यक्रम से पूर्व अजीत शर्मा, धर्मराज छड़िया, राजेश शर्मा, नितेश गोयल, सुमित सारस्वत, सतीश गर्ग, अंगद अजमेरा, दिनेश पायलट, जयंत सोलंकी, लक्की मकवाना, माणक साहू, शंकर बुलंद, पुखराज साहू, अनिल इंद्राणिया, जगदीश साहू, जसराज जांगिड़ ने महाराज का माला पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में शशि सोलंकी, सुरेश वैष्णव, हेमंत कुमावत, तारा सोनी, सीमा शर्मा, प्रीति शर्मा, लता शर्मा, हेमेंद्र जैन, भूपेंद्र कुमावत, सुनील शर्मा, शेखर सोलंकी, चतुर्भुज साहू सहित बड़ी संख्या में गौ भक्त शामिल हुए।

हर घर में हो गौ पालन
संत ने कहा कि अखण्ड भारत के लिए गाय को बचाना बहुत जरूरी है। कश्मीर से गौमाता खत्म हुई तो कश्मीरी पंड़ित सड़कों पर आ गए। अब कश्मीर वैसा नहीं रहा जो स्वर्ग जैसा था। देश में गौ रक्षक की तुलना में गौ भक्षक ज्यादा हो गए हैं। गाय को बचाने के लिए हर घर में गौ पालन होना चाहिए। जन्मदिवस, विवाह वर्षगांठ जैसे शुभ दिन गौमाता के साथ मनाइए। बेटी को दहेज में टीवी या कार नहीं, गौदान दीजिए।
हर घर में हो लाइसेंसधारी हथियार
क्रांतिकारी संत ने कहा कि हिंदू आतंकवादी नहीं, आनंदवादी है। मगर जो समय आ रहा है उसे देखते हुए हर हिंदू को लाइसेंस लेकर घर में हथियार रखना चाहिए। गौमाता को बचाने के लिए हथियार उठाना गलत नहीं है। गाय को बचाने के लिए किसी को मारना पड़े या खुद मरना पड़े तो चिंता मत करना। गौ हत्यारे को मारने वाले के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। अगर गाय नहीं रहेगी तो तिलक और चोटी वाले नहीं रहेंगे, सिर्फ टोपियां नजर आएगी।
हर हिंदू के चार बच्चे हों
संत ने हिंदुओं की घटती संख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि हर हिंदू के चार संतान होनी चाहिए। तर्क देकर समझाया कि सनातन संस्कृति में चार वेद, चार आश्रम, चार दिशा है तो बच्चे भी चार ही होने चाहिए। राजा दशरथ के भी चार पुत्र थे। वर्तमान में माता-पिता एक बच्चे से भी घबरा रहे हैं। अगर ऐसी संख्या घटती रही तो हिंदुओं का बीज भी नहीं मिलेगा।
स्माइल इज वैरी नेसेसरी फॉर लाइफ
संत ने सदैव प्रसन्न रहने का संदेश देते हुए कहा कि संसार सुखों का महासागर है। यह परमात्मा की बनाई कृति है। इसके बावजूद इंसान के जीवन से मुस्कान गायब है। हर इंसान दुखी है क्योंकि मुस्कुराने के लिए सुख चाहिए। अगर कोई मुस्कुरा भी रहा है तो दर्द छुपाने के लिए। मुस्कुरावे सो मानव, टेंशन में रहे सो दानव.. श्लोक से समझाया कि मुस्कुराने की कला सिर्फ इंसान में है, पशु में नहीं। हर परिस्थिति में मुस्कुराते रहिए।
गली-गली में मंदिर बनना शर्मनाक
महाराज ने कहा कि गली-गली में मंदिर बनाकर देवताओं का अपमान किया जा रहा है। हर समाज अपना अलग मंदिर बना रहा है। शर्मनाक है कि हिंदू समाज मंदिरों में बंट गया है। इस तरह अखण्डता खत्म करने की बजाय संगठित होकर राम मंदिर बनवाओ।
सावन में ना पीएं दूध
संत ने कहा कि बल व बुद्धि विकास के लिए प्रतिदिन शुद्ध देसी गाय के दूध का सेवन करें। सावन मास में कभी दूध ना पीएं। सावन के दूध में जहर होता है। इसीलिए सावन का दूध भगवान शिव को चढ़ाया जाता है। एकमात्र शिव में ही जहर पीने की क्षमता है। -सुमित सारस्वत SP, स्वतंत्र लेखक

विराट गो-कृपा सत्संग में शामिल गौ भक्त।

संत जगदीश गोपाल महाराज के प्रवचन सुनने उमड़ा जनसमुदाय।

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June 19, 2017

अदालत में वकालत के बाद सियासत में आए रामनाथ कोविंद | Who is Ram Nath Kovind?

14वें राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का जीवन परिचय
राष्ट्रपति चुनाव 2017 के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को अपनी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठतम नेताओं से मुलाकात के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने घोषणा करते हुए बताया कि बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविंद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से राष्ट्रपति पद के प्रत्याशी होंगे। कोविंद को भारत के 14वें राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। वे समाज के वंचित वर्ग को अधिकार दिलाने एवं उनके सशक्तीकरण के प्रखर पैरोकार रहे हैं। कोली जाति से सम्बन्ध रखने वाले कोविन्द ने सिविल सेवा परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी, लेकिन ज्वॉइन नहीं किया। आइए जानते हैं, अदालत में वकालत के बाद सियासत में आए रामनाथ कोविंद के जीवन, परिवार और देश के लिए उनके योगदान के बारे में ।

क्लिक करें : बिहार राज्यपाल रामनाथ सिंह होंगे 14वें राष्ट्रपति

मोरारजी देसाई के निजी सचिव रहे हैं कोविंद 
रामनाथ कोविंद ने कानपुर विश्वविद्यालय से वकालत की शिक्षा प्राप्त करने के बाद वकील के तौर पर अपना करियर शुरू किया। वे दिल्ली हाई कोर्ट में 1977 से केन्द्र सरकार के वकील और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट में केन्द्र सरकार के स्थायी वकील और एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड भी रहे हैं। वे करीब 16 वर्ष तक सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में वकील के तौर पर सक्रिय रहे। दिल्ली में वकालत के दौरान वे वर्ष 1977 में जनता पार्टी की सरकार के समय में तत्कालीन प्रधानमंत्री स्वर्गीय मोरारजी देसाई के निजी सचिव भी रहे । इसके बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय रहते हुए राष्ट्रीय स्तर तक अनेक दायित्वों का निर्वहन किया।

रामनाथ कोविंद का योगदान Contribution of Ramnath Kovind 
69 वर्षीय रामनाथ कोविंद का अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लोगों के हितों की संरक्षण के लिए बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 1993 में जब केन्द्र सरकार के एक आदेश के कारण अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के कर्मचारियों के हितों पर संकट आया तो रामनाथ कोविंद ने इसे दूर करने के लिए आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आगे चलकर अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी सरकार ने संविधान में तीन संशोधन कर ये आदेश वापस ले लिए। कोविंद ने सांसद के तौर पर शिक्षा के उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वकालत के दिनों में उन्होंने फ्री लीगल एड सोसायटी के माध्यम से समाज के वंचित एव अभावग्रस्त वर्ग  को निशुल्क कानूनी मदद उपलब्ध कराने  में भी अहम योगदान दिया।

रामनाथ कोविंद का परिवार Family of Ramnath Kovind
रामनाथ कोविन्द 1 अक्टूबर, 1945 को कानपुर देहात की डेरापुर तहसील के परौंख गांव में जन्मे थे। वे तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं।  उनकी पत्नी का नाम सविता कोविन्द हैं और उनके पुत्र का नाम प्रशांत कुमार है, जो विवाहित हैं। रामनाथ कोविंद की पुत्री का नाम स्वाति है। परौंख गांव में अपना पुश्तैनी आवास उन्होंने सामाजिक कार्यों के लिए दान दे दिया है।

संसदीय जीवन Parliamentary Career  of Ramnath Kovind
रामनाथ कोविंद को पहली बार 1994 में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य चुना गया और लगातार दो बार यानी करीब 12 वर्ष तक वे राज्यसभा सदस्य रहे। कोविंद अनुसूचित जाति-जनजाति कल्याण, गृह मामले, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, विधि एवं न्याय विषयों पर संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं। वे राज्यसभा की आवास समिति के अध्यक्ष भी रहे हैं। कोविंद ने वर्ष 2002 में संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को सम्बोधित किया। वे अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, थाईलैण्ड, नेपाल, पाकिस्तान, सिंगापुर, जर्मनी और स्विट्जरलैण्ड की यात्रा कर चुके हैं।


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Bihar governor Ram Nath Kovind is NDA's pick for prez

The BJP on Monday stunned its opponents by announcing that the low-profile Bihar Governor, Ram Nath Kovind, a Dalit from Uttar Pradesh, would be its nominee for the President of India. Kovind, who arrived in Delhi from Patna on Monday, will file his nomination on June 23.
Apparently looking for a consensus around Kovind’s candidature, Prime Minister Narendra Modi spoke to Congress President Sonia Gandhi and former Prime Minister Manmohan Singh after the BJP Parliamentary Board decided on Kovind’s name.
The 72-year-old Dalit leader, a two-term BJP Rajya Sabha member, is seen as an astute choice by the ruling party, which has been targeted by Opposition parties over Dalit issues. Kovind’s election is almost a certainty as the ruling bloc, with the support of some regional parties, enjoys a majority in the electoral college.
The late KR Narayanan was the country’s first Dalit President. 

Click : Who is Ram Nath Kovind?

‘Careful consideration’

“For the highest post in parliamentary democracy, BJP and NDA have been consulting different parties and groups. We have received a lot of feedback from different social groups as well. We had a long list, which was discussed in the Parliamentary Board. In the end, we finalised the name of Ram Nath Kovind, Governor of Bihar,” Shah said.
The BJP chief was confident that he had the backing of all NDA constituents and asserted that the BJP has also reached out to the Opposition.

“Ram Nathji has always been associated with the poor, downtrodden communities. BJP Parliamentary Board has decided on him. NDA constituents support him as President. Before finalising his name, we have held discussions with all Opposition parties. The PM himself spoke to Sonia Gandhi, Manmohan Singh, he has spoken to other senior leaders. BJP and NDA hope that a person hailing from a poor, Dalit background will be elected with consensus,” said Shah.
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June 14, 2017

डांसर सपना चौधरी की वायरल तस्वीरों का सच | Reality of Sapna Chaudhary's Raid

हरियाणा की मशहूर डांसर सपना चौधरी की सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने सनसनी मचा रखी है। एक फोटो में सपना अपने बेडरूम में बैठी हैं और उसी कमरे में कुछ पुलिसकर्मी भी मौजूद है। वहीं दूसरे फोटो में सपना पुलिसकर्मियों के साथ जाती दिख रही है। तस्वीरों को सोशल मीडिया पर इस प्रकार पेश किया गया कि पुलिस ने सपना को किसी मामले में गिरफ्तार किया है। तस्वीरें वायरल होने के बाद सपना को मामले की सफाई देनी पड़ी और वायरल हुए फोटो का सच अपने चाहने वालों को बताना पड़ा। फेसबुक पर लाइव होकर सपना ने अपने प्रशंसकों को इन फोटो की जो सच्चाई बताई वो हैरान करने वाली थी। सपना ने बताया कि यह फोटो फतेहाबाद में हुए कार्यक्रम के दौरान किसी ने लिए थे और बेडरूम में जो पुलिसकर्मी दिखाए दे रहे हैं वे उसकी सुरक्षा के लिए तैनात किए गए थे। सपना ने बताया कि जिस फोटो में पुलिसकर्मी उसे ले जाते दिखाए गए हैं, उसमें पुलिसकर्मी अपनी सुरक्षा घेरे में उसे कार्यक्रम स्थल तक ले जा रहे हैं। सपना ने फोटो वायरल करने वाले को आड़े हाथों लिया। यह तस्वीरें वायरलने होने के बाद लोग तरह तरह की बातें कर रहे हैं। -सुमित सारस्वत की रिपोर्ट।

यहां क्लिक करके सुनें : तस्वीरों की कहानी, सपना की जुबानी


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June 10, 2017

इंद्रा विश्नोई का चौंकाने वाला बयान- ‘भंवरी जिंदा है’


भंवरी देवी।  फाइल फोटो 
राजस्थान की राजनीति में तहलका मचाने वाले बहुचर्चित एएनएम भंवरी देवी प्रकरण में आरोपी इंद्रा विश्नोई ने आज एक चौंकाने वाला बयान देकर बवाल मचा दिया है। जोधपुर कोर्ट में पेशी के बाद जी न्यूज संवाददाता राजीव गौड़ ने इंद्रा से पूछा- 'सुना है भंवरी देवी जिन्दा है?' जवाब में इन्द्रा मुस्कुराते हुए बोली- 'हां भंवरी ज़िंदा है।' 
एएनएम भंवरी देवी के अपहरण व हत्या की मुख्य कड़ी मानी जाने वाली इन्द्रा बिश्नोई को कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे सेंट्रल जेल भेजा गया। कोर्ट के बाहर ही उसने यह बयान दिया। इंद्रा के अधिवक्ता फरजंद अली ने भी कहा कि 'चार्जशीट के आधार पर जिंदा हो सकती है भंवरी।' गौरतलब है कि साढे पांच साल तक फरार इन्द्रा को एटीएस ने गत दो जून को देवास (मध्यप्रदेश) से हिरासत में लिया था। मजिस्ट्रेट ने उसे तीन जून को सात दिन के रिमांड पर भेजा था।

वीडियो में सुनिए क्या कहा इंद्रा ने..क्लिक करें

भंवरी जिंदा है तो कहां है?
इंद्रा के बयान से सूबे की सियासत में फिर उफान आ गया है। सीबीआई की कार्यशैली पर भी सवाल खड़ा हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह कि भंवरी जिंदा है तो कहां है? अगर वाकई भंवरी जिन्दा है तो फिर सीबीआई द्वारा बरामद की गई हड्डियां किसकी थी? इस सवाल को लेकर सीबीआई पहले भी निशाना बन चुकी है।

कोर्ट में इंद्रा का ड्रामा
जब इंद्रा को कोर्ट लाया गया तो पहले वह शांत रही। बाद में जब सुनवाई शुरू हुई तो उसने कहा कि मुझ पर किसी ने काला जादू किया है। मैं ज्यादा कुछ नहीं बोल सकती। उसके बाद कोर्ट ने सुनवाई पूरी होने पर इंद्रा को जेल भेजने के लिए कहा। कोर्ट के बाहर इंद्रा ने कहा कि भंवरी जिंदा है। एेसा कहने के बाद पुलिस इंद्रा को जेल के लिए लेकर रवाना हो गई। 🖋सुमित सारस्वत की रिपोर्ट


कोर्ट में पेशी के बाद इंद्रा को जेल ले जाती पुलिस। 
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June 6, 2017

मैंने रंगा केसरी चोला लखदातार के लिए..


एकादशी पर श्याम मंदिर में देर रात तक झूमे भक्त

निर्जला एकादशी पर  बाबा श्याम का नयनाभिराम दर्शन
ब्यावर में श्री श्याम परिवार ने निर्जला एकादशी पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। फतेहपुरिया चौपड़ स्थित श्याम मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद विशाल भजन संध्या का आयोजन हुआ। इसमें शहर के ख्यातनाम भजन गायकों ने देर रात तक भक्ति सरिता बहाई। विजय शर्मा ने गणेश वंदना व नाम संकीर्तन से कार्यक्रम की शुरुआत की। गायक मुकेश चक्रधारी ने सांवरियो बैठो है जो लेणो है सो मांग ले.., मनोज शर्मा ने हारे के सहारे आजा.., विजय मंडोरा ने एक बार तो राधा बनकर देखो सांवरिया.., सुमित सारस्वत ने क्यूं रूस्या हो म्हासूं बाबा.., निशांत मंगल ने हम हारे के सहारे.. जैसे सुमधुर भजन गाए तो श्रोता भाव-विभोर होकर झूम उठे। गायक गोपाल वर्मा ने उड़ा दी नींद रातों की हमारा दिल चुराकर के.., मैंने रंगा केसरी चोला लखदातार के लिए.. भजन गाकर कार्यक्रम को ऊंचाइयां प्रदान की। राकेश भंडारी, विजयनारायण शर्मा, सतीश गर्ग ने भी भजनों की प्रस्तुति दी। एकादशी के मौके पर सचिन जैन ने बाबा के श्रृंगार का मनोरथ लिया। कार्यक्रम में अमित बंसल, तिलक बाबेल, दिलीप खत्री, अंकुर मित्तल, कपिल गर्ग, सुनील कौशिक, मुकेश गर्ग, बबीता मंगल, तन्वी अग्रवाल, सुरभि गोयल, अनिता बंसल, माधुरी गर्ग, मोहित भंसाली, संस्कार मंगल, दीपेश गोयल, चर्चित मंगल, पुनीत बंसल, हर्षुल मित्तल, अरविंद बंसल, मुकेश गुप्ता, अंकित गर्ग, मयंक सिंहल, मुकेश मंगल, अक्षय गर्ग, मोहित अग्रवाल, उत्तम गर्ग, राहुल दगदी, मयंक गर्ग सहित कई श्याम भक्त शामिल हुए। महाआरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

श्याम  मंदिर में भजन प्रस्तुति देते गायक। 

भजन प्रस्तुति देते गायक व  उपस्थित श्रोता।

भजन संध्या में भजनों का  आनंद लेते  श्याम भक्त।
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