जिन महाराणा प्रताप को प्रणाम करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद रोज पहले मेवाड़ आए थे उन्हीं हिन्दू सम्राट प्रताप की राजस्थान के ब्यावर शहर में बेकद्री हो रही है। यहां प्रताप की प्रतिमा खंडित है। शासन-प्रशासन प्रताप के गौरव व सम्मान की अनदेखी कर रहा है। कई बार मांग और आक्रोश प्रदर्शन के बाद भी प्रताप की खंडित प्रतिमा को बदला नहीं गया और ना ही क्षतिग्रस्त सर्किल की मरम्मत करवाई गई। सत्ताधारी भाजपा शासन के जिम्मेदारों को भी प्रताप के मान-सम्मान का भान नहीं रहा। विड़ंबना रही कि विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, शिवसेना जैसे हिंदूवादी संगठन भी इस गंभीर मामले पर पुरजोर आवाज नहीं उठा सके। इससे हिन्दू समाज में आक्रोश फैल गया। आज हिन्दू समाज के लोगों ने प्रताप की प्रतिमा को काले कपड़े से ढक दिया और लिख दिया कि 'खंडित प्रतिमा है।' गाडोलिया लोहार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालूराम चौहान ने सोशियल मीडिया पर फोटो सहित पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इस घटना के बाद हिन्दू समाज में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी फैल गई। शहर का शांतिपूर्ण माहौल खराब होने का अंदेशा बन गया। ऐसे में सामाजिक विचारक सुमित सारस्वत ने सरकार को मामले से अवगत करवाया है।September 7, 2017
जिन्हें पीएम मोदी ने प्रणाम किया उन प्रताप की बेकद्री !
Sumit Saraswat SPSeptember 07, 2017BJP, Maharana Pratap, PM Narendra Modi, RSS, Vasundhara Raje, VHP, महाराणा प्रताप, हिन्दू सम्राट
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जिन महाराणा प्रताप को प्रणाम करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद रोज पहले मेवाड़ आए थे उन्हीं हिन्दू सम्राट प्रताप की राजस्थान के ब्यावर शहर में बेकद्री हो रही है। यहां प्रताप की प्रतिमा खंडित है। शासन-प्रशासन प्रताप के गौरव व सम्मान की अनदेखी कर रहा है। कई बार मांग और आक्रोश प्रदर्शन के बाद भी प्रताप की खंडित प्रतिमा को बदला नहीं गया और ना ही क्षतिग्रस्त सर्किल की मरम्मत करवाई गई। सत्ताधारी भाजपा शासन के जिम्मेदारों को भी प्रताप के मान-सम्मान का भान नहीं रहा। विड़ंबना रही कि विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, शिवसेना जैसे हिंदूवादी संगठन भी इस गंभीर मामले पर पुरजोर आवाज नहीं उठा सके। इससे हिन्दू समाज में आक्रोश फैल गया। आज हिन्दू समाज के लोगों ने प्रताप की प्रतिमा को काले कपड़े से ढक दिया और लिख दिया कि 'खंडित प्रतिमा है।' गाडोलिया लोहार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालूराम चौहान ने सोशियल मीडिया पर फोटो सहित पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इस घटना के बाद हिन्दू समाज में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी फैल गई। शहर का शांतिपूर्ण माहौल खराब होने का अंदेशा बन गया। ऐसे में सामाजिक विचारक सुमित सारस्वत ने सरकार को मामले से अवगत करवाया है।September 6, 2017
..इसलिए बरकरार है ईटीवी की बादशाहत
Sumit Saraswat SPSeptember 06, 2017Etv Rajasthan, Honest Journalist, Shripal Shaktawat, ईटीवी, पत्रकार, श्रीपाल शक्तावत
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गांव का एक पत्रकार भी खुद को सरपंच से कम नहीं समझता। ऐसे में यदि कोई पत्रकार किसी नामचीन चैनल का हेड हो तो उसके ठाठ का अंदाजा लगाया जा सकता है। शायद एसी (एयर कंडीशनर) की ठंडी हवा में हेड बना बैठा वो पत्रकार तो सरकार को भी अपने दफ्तर में बुलवा लेगा। ऐसा होता भी रहा है। मगर इसके विपरित एक पत्रकार ऐसा भी है जो सूबे के सबसे बड़े चैनल का हेड होने के बावजूद एसी चेम्बर का मोह त्याग कर तपती गर्मी में पसीना बहाते हुए फील्ड में रिपोर्टिंग करता है।हम बात कर रहे हैं राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार श्रीपाल शक्तावत की, जो ईटीवी राजस्थान के स्टेट हेड होते हुए भी एक सामान्य पत्रकार की तरह पत्रकारिता कर मिसाल बन रहे हैं। दर्शकों को हर दिन नई खबर दिखाने की दौड़ में चैनल को नंबर वन बनाए रखने के लिए प्रदेश से बाहर जाकर पुनर्जन्म से जुड़ी कोई एक्सक्लूसिव स्टोरी लानी हो, राजधानी से बाहर किसी जिले में जांबाज सैनिक का कवरेज करना हो या रात 2 बजे तक किसी आपराधिक घटना पर लाइव रिपोर्टिंग करनी हो। शक्तावत हर वक्त सक्रिय रहे हैं। यही वजह है कि कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ निर्भिक व निष्पक्ष पत्रकारिता करते हुए ईटीवी की बादशाहत को बरकरार रखे हुए हैं। इनकी निष्पक्षता का अंदाजा इस एक बात से लगाया जा सकता है कि गैंगस्टर आनंदपाल की मौत के बाद समाज का भारी दबाव, आक्रोश और आलोचनाएं होने के बावजूद इन्होंने बैखोफ होकर सच्चाई का साथ दिया। परिणाम यह निकला कि आलोचकों की सोच सकारात्मक हुई और आलोचना सराहना में तब्दील हो गई।
वरिष्ठ पत्रकार शक्तावत ने इसी साल जनवरी में ईटीवी राजस्थान को बतौर स्टेट हेड जॉइन किया था। तब प्रतिद्वंदी ने ईटीवी को पछाड़ने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सूबे में सरकार और सरकारी तंत्र से संबंध बनाकर हर छोटे-बड़े समाचार पर नजर रखने वाले लगभग सभी पत्रकार ईटीवी छोड़कर अन्य चैनल में चले गए। न सिर्फ राजधानी बल्कि शहरों-कस्बों से भी सक्रिय संवाददाताओं और समाचार सूचकों को बुलवा लिया गया। बरसों से ईटीवी का गुणगान करने वाले एंकर भी एक-एक करके विदा हो गए। इतना ही नहीं, प्रतिद्वंदी ने दर्शकों को भ्रमित करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। ईटीवी में प्रसारित होने वाले शो के नाम पर ही हूबहू शो शुरू कर दिए। ऐसे समय राजधानी में बने मुख्यालय से लेकर गांव-शहरों में ईटीवी की नैया डूबने के कगार पर थी मगर मझदार में मंद-मंद हिचकोले खा रही नाव के लिए शक्तावत वो तिनका बने जिसके सहारे नाव नई गति से आगे निकल गई। कुशल कारीगर की कलाकारी ने एक दिन भी किसी की कमी का अहसास नहीं कराया। सक्रिय संचालन से सरकार और सचिवालय की नजरें ईटीवी पर ही टिकी रही। प्रदेश के दर्शकों ने भी गांव-ढाणी से लेकर शहर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए ईटीवी पर भरोसा जताया। काबिलियत इस कदर बढ़ी कि सरकार ने सार्वजनिक मंच तक से ईटीवी को भरोसेमंद बताते हुए शक्तावत की पीठ थपथपाई।शक्तावत का मानना है कि पत्रकार के लिए परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है और उसे अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए सतत अभ्यास और प्रयास करते रहना चाहिए। इसी परिश्रम के जरिए वह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का मजबूत हिस्सा बन पाएंगे। शक्तावत की काबिलियत का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपने टीवी शो सत्यमेव जयते में इन्हें रियल हीरो कहा। आपको बता दें कि शक्तावत ने एक दशक पहले स्टिंग ऑपरेशन के जरिए धरती पर भगवान कहलाने वाले चिकित्सकों का काला चेहरा सरकार और जनता को दिखाते हुए काली कमाई के लिए कन्याओं का कोख में कत्ल करने के गोरखधंधे का खुलासा किया था। आपको यह भी बता दूं कि मैं व्यक्तिगत तौर पर ना तो इनके बारे में अधिक जानता हूं और ना ही कभी इनसे मुलाकात हुई है। बस लंबे समय से ईटीवी का दर्शक होने के नाते बीते कुछ समय में चैनल पर इनका जो कार्य देखा उससे इनके प्रति सम्मान बढ़ा और मन की बात को शब्दों में उकेर दिया। उम्मीद करता हूं कि शक्तावत जैसे और भी पत्रकार होंगे जो निष्ठापूर्वक निष्पक्षता से अपने कर्त्तव्य का निर्वहन कर रहे होंगे। -सुमित सारस्वत SP, सामाजिक विचारक, मो.09462737273
September 3, 2017
आस्थावान सीएम ने मत्था टेककर कहा, भर दे झोली मेरी बाबा राम सा पीर
Sumit Saraswat SPSeptember 03, 2017Baba Ramdev, cm in ramdevra, Vasundhara Raje, जैसलमेर, मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मोरारी बापू, रामदेवरा
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रामदेवरा में करोड़ों की लागत से बने पैनोरमा का किया उद्घाटन
🖊 सुमित सारस्वत 'SP'
पोकरण (जैसलमेर)। सूबे की आस्थावान सीएम वसुंधरा राजे रविवार को जैसलमेर दौरे पर रहीं। यहां उन्होंने रामदेवरा में लोकदेवता बाबा रामदेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। बाबा की समाधि के समक्ष मत्था टेककर नमन किया। पुष्प माला अर्पित कर समाधि पर गुलाबी रंग की चादर चढ़ाई। मंत्रोच्चार के बीच श्रद्वाभाव के साथ राजस्थान की समृद्धि व खुशहाली की कामना की। यहां मंदिर महंत कमल छंगाणी ने मुख्यमंत्री को अश्व पर सवार बाबा रामदेव की रजत प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया। साथ ही उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव के वंशज परिवार से आत्मीय मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी। मंदिर परिसर में कीर्तन का आनंद लेते हुए 'खम्मा-खम्मा बाबा रुणिचे रा धनिया.. भजन सुना।
बाबा का दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री राजे ने करोड़ों रुपए की लागत से बने पैनोरमा का उद्घाटन किया। राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने उन्हें अवलोकन करवाते हुए विस्तार से जानकारी दी। बाबा रामदेव के जीवन पर आधारित इस पैनोरमा को देखकर राजे काफी खुश हुई। उन्होंने इस खुशी का इजहार विजिटर बुक में शब्दों के जरिए अपनी भावना लिखकर किया। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए राजे ने कहा कि बाबा रामदेव को नमन करने और जय बाबा री बोलने से उर्जा का संचार होता है। यह सभी धर्मों के बाबा है। सभी भक्तों की झोली भरते हैं। मुझे भी विश्वास है कि बाबा राम सा पीर मेरी झोली भरेंगे। उन्होंने कहा कि पैनोरमा से बच्चों का लोकदेवता बाबा रामदेव के जीवन से प्रेरणा मिलेगी। अंत में पैनोरमा का निर्माण करने वाली टीम को प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया। इस दौरान राजस्व मंत्री अमराराम चौधरी, पोकरण विधायक शैतान सिंह राठौड़, जिला प्रभारी शंभूसिंह खेतासर, मंदिर समिति अध्यक्ष भोमसिंह तंवर भी साथ थे।10 रुपए का टिकट लेकर प्रवेश
सीएम ने पैनोरमा का अवलोकन करने के लिए टिकट लेकर अंदर प्रवेश किया। उन्होंने निर्धारित 10 रुपए शुल्क देकर टिकट लिया। उन्होंने कहा कि ‘इस राशि से स्थान का विकास और देखरेख होगी। मैं यह अमानत जनता को सौंप रही हूं, इसकी देखरेख करना।’
रेत का टीला बचाकर रखना
सीएम ने भगवान के प्रति आस्था रखने का संदेश देते हुए प्रदेश में सुराज का राज बताया। उन्होंने कहा कि ‘एक सीएम ने पूछा हमारे प्रदेश में बारिश नहीं आती, आपके यहां इतनी बारिश कैसे आती है। मैंने कहा, हर जिले में रूद्राभिषेक करवा दो। सावन में हमने करवाया तो भरपूर बारिश हुई। जहां रेगिस्तानी इलाके में पहले लोग रेत के टीले देखने आते थे, वहां अब भरपूर पानी हो गया है। यहां के लोगों को कहती हूं कि एक रेत का टीला बचाकर रखना, ताकि आने वाले को दिखा सको।’
मुस्कुराते रहने का दिया संदेश
राजे ने रामकथा वाचक संत मोरारी बापू का जिक्र करते हुए सदैव मुस्कुराते रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी एक-दूसरे से मुस्कुराकर मिलें, आपस में प्रेम फैलाएं और नए राजस्थान के निर्माण का संकल्प लें।

घम्मा घणी बोलकर की मुलाकात
सीएम ने घम्मा घणी बोलकर रामदेव मंदिर में आए सैंकड़ों श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। ग्रामीण महिलाओं से हाथ मिलाकर हालचाल जाना। कई बच्चों के सिर पर हाथ फेरकर दुलार किया। कुछ लोग अपने मोबाइल से सीएम के साथ सेल्फी लेते भी दिखे। मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता दिखाई दी। -सुमित सारस्वत 'SP', मो.9462737273
August 18, 2017
तिरंगे की शान संग प्रभु भक्ति गान | बांकेबिहारी मंदिर में धूमधाम से मनाया नंद उत्सव
Sumit Saraswat SPAugust 18, 2017Bankebihari Temple, Nand Utsav, Rajasthan, कृष्ण जन्माष्टमी, नंद उत्सव, बांकेबिहारी मंदिर, राधा
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मथुरा सा माहौल, नंदबाबा के सिर पर बालकृष्ण, राधा कृष्ण की लीलाएं और हाथ में तिरंगा थामे भजनों पर झूमती गोपियां। देश प्रेम और प्रभु भक्ति का यह अनूठा नजारा दिखा शुक्रवार को राजस्थान के ब्यावर में स्थित श्री बांकेबिहारी मंदिर में। जहां नंद उत्सव कार्यक्रम में भक्तिमय प्रस्तुति दी गई।श्री बांकेबिहारी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष माणक डाणी ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण जन्म के अवसर पर स्वरागिनी ग्रुप की ओर से नंदोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत राष्ट्र गीत वंदे मातरम से की गई। शालिनी शर्मा ने प्रभु भक्ति से बड़ी देशभक्ति बताते हुए जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया करती है बसेरा, वो भारत देश है मेरा.. गीत की प्रस्तुति दी। चंचल सोनी ने तेरा चंदा सा मुखड़ा दिखाए जा श्याम.., मेरी अंखिया तरस रही गोकुल के राजा.. भजन की प्रस्तुति देकर बाल कृष्ण को आमंत्रण दिया। इसके बाद नंद बाबा के रूप में युवरानी सोनी अपने सिर पर टोकरी में बाल गोपाल बने दर्शिल अग्रवाल को लेकर आई तो मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा। आनंदमय वातावरण के बीच भक्तों को बधाई बांटी गई। नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की.. भजन पर सभी भक्त झूम उठे। इसके बाद राधा-कृष्ण का रूप धरकर पूर्वी व पलक गौड़ ने ब्रज लीलाओं का सजीव मंचन किया। मंजू सोनी व मंजू शर्मा ने ट्विंकल-ट्विंकल लिटिल स्टार, कान्हा मेरा सुपर स्टार.., मंजू गर्ग व कृष्णा गोयल ने जब से जन्मे कन्हैया करामात हो गई.., रेखा सोनी व मधु भूतड़ा ने मुझे बांकेबिहारी के साथ सेल्फी लेनी है.., पिंकी सोलीवाल व संतोष सोनी ने झूला झूले नंदलाल सोने के पलने में.., संगीता सोनी व सीमा कुमावत ने मैया यशोदा तेरा कन्हैया पनघट पे मोरी पकड़े बैयां.. जैसे सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी।
पंडित शिवरत्न दाधीच ने राधा-रासबिहारी का रंग-बिरंगे फूलों से श्रृंगार कर मनमोहक दरबार सजाया। ठाकुरजी को पीतांबर पहनाया गया। कार्यक्रम में अतुल बंसल, कुंजबिहारी शर्मा, लक्ष्मीप्रकाश आकोलावाला, विजय तंवर, सुमित सारस्वत, बबीता गौड़, कुसुम डाणी, इंद्रा सोनी, प्रेमकांता बजारी, संध्या अग्रवाल, पुष्पा पाराशर, साधना सारस्वत, कीर्ति मालपानी, अनिता शर्मा, अरूणा अग्रवाल, कविता शर्मा, शोभा चोटिया, राधा चतुर्वेदी, मीनू शर्मा, ज्योति अग्रवाल, राखी गर्ग, राधिका बजारी, आकांक्षा बजारी, कोमल चतुर्वेदी, प्रियंका चतुर्वेदी, संगीता द्विवेदी, मोनू अरोड़ा, महेंद्र सलेमाबादी, बबलू अग्रवाल, दिनेश जैन, विष्णुप्रकाश चोटिया, रामलाल लालनेचा, प्रेम जिंदल सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने ठाकुरजी की लीलाओं का आनंद लिया। -सुमित सारस्वत SP, मो.9462737273
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August 12, 2017
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन करें ये 5 उपाय, धन और यश की होगी प्राप्ति
Sumit Saraswat SPAugust 12, 2017attract money, Krishna Janmashtmi, उपाय, कृष्ण जन्माष्टमी, माता लक्ष्मी
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भाद्रपद माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 15 अगस्त, मंगलवार को है। अपनी मनोकामना को पूरा करने के लिए जन्माष्टमी के दिन कुछ उपाय करना शुभ माना जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण को प्रसन्न करने से माता लक्ष्मी भी प्रसन्न हो जाती हैं।1. धन प्राप्त करने के लिए जन्माष्टमी के दिन सवेरे जल्दी स्नान करने के बाद राधा-कृष्ण मंदिर में जाकर भगवान कृष्ण को पीली माला अर्पित करनी चाहिए।
2. भगवान कृष्ण को विष्णु का अवतार माना गया है। जन्माष्टमी के दिन दक्षिणावर्ती शंख में जल भरकर भगवान कृष्ण का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से भगवान कृष्ण के साथ माता लक्ष्मी भी प्रसन्न होती है और मन की मुराद पूरी होती है।
3. भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा पाने के लिए सफेद मिठाई या फिर खीर बनाकर भोग लगाएं और उसमें मिश्री और तुलसी के पत्ते डालें। इससे भगवान श्रीकृष्ण जल्दी प्रसन्न होते हैं।
4. आपके किसी भी काम में कभी कोई बाधा न आए तो इसके लिए जन्माष्टमी के दिन श्रीकृष्ण मंदिर में जटा वाला नारियल और 11 बादाम चढ़ाएं।
5. नौकरी में तरक्की के लिए जन्माष्टमी के दिन खीर बनाकर कन्याओं को खिलाएं। ऐसा करने से भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
August 6, 2017
विधायक ने चिकित्सा मंत्री को दिया तेजा मेले का न्यौता, पकौड़े खाते हुए की गपशप
Sumit Saraswat SPAugust 06, 2017Beawar News, BJP, Political News, Rajasthan Govt, कालीचरण सराफ, चिकित्सा मंत्री
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राज्य सरकार के चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ रविवार को जालोर से जयपुर जाते वक्त कुछ देर बर स्थित खाकी रिसोर्ट में रुके। यहां ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। चिकित्सा मंत्री ने चाय को चुस्की के साथ पनीर पकौड़े खाते हुए कार्यकर्ताओं के साथ गपशप की। चुटकियां लेते हुए ठहाके भी लगाए। इस दौरान विधायक रावत ने उन्हें ऐतिहासिक तेजा मेला के दौरान आयोजित होने वाली सांस्कृतिक संध्या में आने का आमंत्रण दिया। साथ ही ब्यावर व टॉडगढ़ क्षेत्र में रिक्त पड़े चिकित्सक के पदों पर जल्द नियुक्ति करने का निवेदन किया। विधायक ने राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय में व्याप्त धांधलियों से अवगत कराते हुए चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। स्वागत के दौरान मंडल अध्यक्ष जयकिशन बल्दुआ, पूर्व सभापति लेखराज कंवरिया, पार्षद नरेश कनौजिया, सुभाष राठी, रिखबचंद खटोड़, तुलसी रंगवाला, सतवीर सिंह सन्तु, वीरेंद्र रावत, जसवंत रावत, रमेश चौधरी, देशराज चौधरी मौजूद थे।August 3, 2017
गीत मल्हार मैं गाऊंगी मेरे आए सांवरिया..
Sumit Saraswat SPAugust 03, 2017Bankebihari Temple, Sawan Mahotsav, झूला महोत्सव, बांकेबिहारी मंदिर, भक्ति गीत
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पवित्रा एकादशी के मौके पर गुरुवार को ब्यावर में सूरजपोल गेट बाहर स्थित श्री बांकेबिहारी मंदिर में सावन झूला महोत्सव मनाया गया। इसमें हरिनाम संकीर्तन मंडल की ओर से सावन व हिंडोला भजनों के साथ कीर्तन किया गया।
हीरालाल जगन्नाथ ट्रस्ट के अध्यक्ष माणक डाणी ने बताया कि गायक विजय तंवर ने आयो प्यारो सावन मास गजानंद पधारो.. भजन से कार्यक्रम की शुरूआत की। इसके बाद तंवर ने रिमझिम बरस रही है बदरिया कान्हा भीगी जाऊं रे.., झूले राधेजी के संग नंदलाल सखियां.., अजय सोलंकी ने उमड़ घुमड़ कर काली घटा स्वागत में शोर मचाती है.., चतुर्भुज साहू ने सावन को म्हने लहरियो मंगा दे रसिया.., हिमांशु चौहान ने बड़ी देर भाई नंदलाला.., सुगना तंवर ने गीत मल्हार मैं गाऊंगी मेरे आए सांवरिया.., शोभा चोटिया ने मैं तो दर्शन करबा आया श्याम.., बालकिशन मित्तल ने राधेजी झूलन ने चालो.., सुरेश शर्मा ने झूला झूले कान्हा नन्द भवन में.., तेजनारायण व्यास ने आनंद के झूले में झूले राधा और बनवारी.. भजन की संगीतमय प्रस्तुति दी। पंडित शिवरत्न दाधीच ने राधा-रासबिहारी का मनमोहक झूला सजाया। कार्यक्रम में रामराज गर्ग, महेंद्र सलेमाबादी, सुमित सारस्वत, विष्णुप्रकाश चोटिया, लक्ष्मीप्रकाश आकोलावाला, गोपाल चतुर्वेदी, सुरेश रायपुरिया, नटवर अरोड़ा, जसवंत चावड़ा, अनिल शर्मा, नरेश झंवर, कौशल्या फतेहपुरिया, अर्चना बेरीवाला, रेखा बाहेती, कंचन तंवर, मीनू शर्मा, साधना सारस्वत, संगीता द्विवेदी, वीणा झंवर, कोमल चतुर्वेदी सहित कई भक्तों ने भाग लिया।
















