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December 5, 2017

बापू बोले, पांच लाख मांगे तो कोई नहीं आया | Ram Katha for Soldiers

सूरत में भारतीय सेना व शहीदों को समर्पित मानस शहीद कथा में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक मोरारी बापू ने चुटकी ली। मुस्कुराते हुए बोले, 'मैंने पहले दिन सभी को कथा में आमंत्रित किया था। कहा था कि कथा में आओ और शहीद परिवारों की सहायता के लिए पांच-पांच लाख रूप का दान दो। पांच लाख रुपए मांगे तो कथा में कोई नहीं आया। कथा में वही आ सकता है जिस पर सद्गुरु की कृपा हो। मैं तो इंद्र को भी आमंत्रित करता हूं, आओ।' बापू की बात सुनकर पांडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।


दरअसल बापू ने यह व्यंग्य उन आलोचकों के लिए किया जो कथा को राजनीति से जोड़ रहे थे। कथा से पूर्व चर्चा थी कि गुजरात चुनाव के कारण इस कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के माध्यम से नेता मंच पर आकर भाजपा का प्रचार करेंगे। जबकि चार दिन की कथा में अब तक ऐसा कहीं कुछ देखने को नहीं मिला। बापू ने चार दिनों में किसी नेता या राजनीतिक दल का जिक्र तक नहीं किया। उन्होंने कथा के प्रथम दिन ही यह स्पष्ट कर दिया था कि कथा के पवित्र मंच को कभी भी राजनीति का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। चुनाव तिथि की घोषणा से पूर्व ही कथा तिथि तय हो गई थी। इस कथा का चुनाव से कोई वास्ता नहीं है। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273

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December 3, 2017

मोरारी बापू ने आलोचकों को दिया जवाब- कथा का चुनाव से कोई वास्ता नहीं | no relation with election

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में चुनाव के दौरान रामकथा आयोजन को लेकर विवादों से घिरे अंतर्राष्ट्रीय रामकथा वाचक मोरारी बापू ने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
सूरत में रामकथा के प्रथम दिन कथा की शुरुआत से पहले बापू ने मंच से आलोचकों की गलतफहमी दूर करते हुए कहा कि यदि किसी को यह लगता है कि चुनाव के कारण इस कथा का आयोजन किया गया है तो उन सभी लोगों को यह बताना चाहता हूं कि चुनाव तो अभी आया है परंतु इस कथा के आयोजन की तैयारी पिछले डेढ़ साल से की जा रही है। कथा का राजनीति से कोई संबंध नहीं है। व्यास पीठ को कभी राजनीति का मंच नहीं बनने दिया जाएगा। कथा में सभी का स्वागत किया है। व्यास पीठ सभी के लिए बराबर बनाई गई है। यहां सभी के कद और पद का एक समान सम्मान किया जाएगा। सभी अपना स्थान ग्रहण करके कथा सुनें और प्रस्थान करें। कथा में आएं तो सामर्थ्य अनुसार सैनिकों के सम्मान में सहयोग करें। याद रखें राम कथा कभी बंद नहीं हुई। कथा तो आपातकाल के समय भी हुई थी। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273


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मोरारी बापू ने रामकथा में दिया नया नारा | Morari Bapu gave New Slogan

गुजरात के सूरत में भारतीय सेना को समर्पित मानस शहीद रामकथा में अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक मोरारी बापू ने नया नारा दिया है- जय ईमान। शहीदों की शहादत को सलाम करते हुए बापू ने कहा कि 1965 के भारत पाक युद्ध के दौरान भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने नारा दिया था- जय जवान जय किसान। इसके बाद 1998 में पोखरण परमाणु परीक्षण की सफलता के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शास्त्री के नारे में जय विज्ञान जोड़ते हुए नया नारा दिया- जय जवान जय किसान जय विज्ञान। 2 दिसंबर, 2017 को रामकथा मर्मज्ञ मोरारी बापू ने इस नारे में जय ईमान जोड़ते हुए नया नारा दिया- जय जवान जय किसान जय विज्ञान जय ईमान। बापू ने कहा, वर्तमान वक्त में बेईमानी का बोलबाला बढ़ रहा है। ऐसे में ईमानदारी की बेहद जरूरत है। इसी सोच के साथ व्यासपीठ ने यह नया नारा दिया है। कथा में मौजूद देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं और सैनिकों ने बापू के इस नए नारे की सराहना की। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273



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राष्ट्र भावना के बीच राष्ट्रगान गाकर रामकथा का आरंभ | Ram Katha in Surat

सत्य, प्रेम, करुणा की ज्ञान गंगा अविरल बहती हुई गुजरात राज्य के सूरत शहर में पहुंची। यहां भारतीय सेना के जवानों और शहीदों के सम्मान में आयोजित 'मानस शहीद' रामकथा का आरंभ राष्ट्र भक्ति के साथ हुआ। अंतर्राष्ट्रीय संत मोरारी बापू ने कथा स्थल पर 150 फीट ऊंचा राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर सलामी ली। सभी ने सामूहिक राष्ट्र गान गाया। जय सिया राम व भारत माता की जय के गगनभेदी जयघोष गूंजे। हाथों में तिरंगा लहराते हुए सैनिक व शहीद परिवार के सदस्य पवित्र पोथी लेकर व्यासपीठ पर पहुंचे और पोथी पूजन किया। आध्यात्म भक्ति के साथ राष्ट्र भक्ति का अनूठा संगम देखकर सभी रोमांचित हो उठे।
कर्ण भूमि पर नौ दिवसीय मानस शहीद कथा के प्रारंभ में रामचरितमानस के किष्किन्धा काण्ड के अंतिम भाग की चौपाई 'कह अंगद बिचारि मन माहीं। धन्य जटायु सम कोउ नाहीं।। राम काज कारन तनु त्यागी। हरि पुर गयउ परम बड़ भागी।।' गाते हुए बापू ने कहा कि आध्यात्म जगत में पहला शहीद जटायु था। रामकथा में माता जानकी की रक्षा के लिए जटायु शहीद हो गए। बापू ने बताया कि शहीद पांच प्रकार के होते हैं। पहला पारिवारिक शहीद जो परिवार को बचाने के लिए कुर्बानी दे। दूसरा सकल समाज के लिए बलिदान हो। तीसरा सकल राष्ट्र के लिए जो सरहद पर बलिदान दे। चौथा वैश्विक शहीद जो सम्पूर्ण विश्व के लिए जान दे। पांचवा अखंड ब्रह्माण्ड के लिए शहीद हो। बापू ने इंडियन आर्मी को दुनिया में सबसे श्रेष्ठ आर्मी बताते हुए भारतीय सैनिकों की सराहना की।


बापू ने कथा में 1971 के युद्ध और कारगिल युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों को  भी याद किया। बोले, हम शहीद जवानों के लिए कुछ नहीं कर सकते, परंतु प्रार्थना तो जरूर कर सकते हैं। मेरी इच्छा है कि एक दिन मैं सरहद पर सैनिकों के तंबू में बैठकर उनके लिए माला का जाप करूं। कारगिल युद्ध के दौरान भी उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने मुझसे तंबू में बैठकर माला जपने को कहा था, परंतु तकनीकी असुविधा के कारण यह संभव नहीं हो पाया। कथा से पहले शनिवार दोपहर रामकथा का मंगलाचरण और भव्य पोथीयात्रा निकाली गई। मिलिट्री परेड की थीम पर सरथाणा स्थित अनंत फार्म से पोथीयात्रा निकली। इसमें हजारों लोग शामिल हुए। 101 कलशधारी महिला पोथीयात्रा में शामिल हुईं। आर्मी बैंड के ताल पर एनसीसी की दो टीमें शामिल थी। इसमें हाथी, घुड़सवार टीम, बुलेट सवार टीम, ढोल वाद्य, देशभक्ति गीत संग पोरबंदर की प्रसिद्ध शौर्य रास की प्रस्तुति दी गई। कथा के मुख्य यजमान ननुभाई सावलिया के निवास स्थल रंगोली सजाकर बापू का स्वागत किया गया। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273



परमवीर चक्र सम्मानित सैनिकों का सम्मान
परमवीर चक्र विजेता जम्मू केके बाना सिंह, नायब सूबेदार संजय कुमार को बापू ने स्मृति चिन्ह देकर भेंट कर सम्मानित किया। शहीद विक्रम बत्रा, शहीद लायंस नायक गोपाल भादोरिया, प्रदीप सिंह कुशवाहा और मेजर ऋषिकेश रामाणी का डॉक्यूमेंट्री वीडियो सभी को दिखाया गया। इसके बाद मारुति वीर जवान ट्रस्ट की ओर से शहीदों के परिजन को स्मृति चिन्ह एवं आर्थिक सहयोग राशि का चैक देकर सम्मान किया गया।

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December 2, 2017

मुख्यमंत्री ने ईद मिलादुन्नबी की मुबारकबाद दी

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर प्रदेशवासियों को दिली मुबारकबाद दी है। 
श्रीमती राजे ने अपने संदेश में कहा कि पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब ने अपनी पूरी जिन्दगी पाकीज़गी के साथ इंसानियत की भलाई के लिए गुजारी। उनके जीवन से हमें सीख मिलती है कि हक और सच्चाई की राह पर चलते हुए इंसान को हर तरह की कुर्बानी देने के लिए तैयार रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुबारक मौके पर हम संकल्प लें कि धर्म, जाति और सम्प्रदाय के दायरे से ऊपर उठकर अपना जीवन मानवता के कल्याण के लिए समर्पित करेंगे।
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विश्व दिव्यांग दिवस पर मुख्यमंत्री राजे का संदेश

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा कि दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में लाने के लिए विश्व दिव्यांग दिवस (3 दिसम्बर) की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों के अधिकारों और उनके हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है।
श्रीमती राजे ने अपने संदेश में कहा कि आमजन को भेदभाव से दूर रहकर दिव्यांगजनों  के स्वास्थ, शिक्षा एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को सुधारने के लिए सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजन पूरे आत्मविश्वास के साथ जीवन में ऊंचाइयों को छूने का संकल्प लें।
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कलश यात्रा से होगा भागवत कथा का आरंभ | Bhagwat Katha in Beawar

श्री बालाजी मंडल व जानकी महिला मंडल के तत्वावधान में भागवत कथा प्रबंध समिति की ओर से ब्यावर में आगामी 19 से 25 दिसंबर तक श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसमें निम्बाकाचार्य पीठ के जगदगुरु श्रीजी महाराज के सुशिष्य पं.रविशंकर शास्त्री व्यासपीठ पर विराजित होकर कथा का अमृतपान कराएंगे। प्रवक्ता सुमित सारस्वत ने बताया कि सात दिवसीय कथा का शुभारंभ कलश यात्रा के साथ होगा। 19 दिसंबर को प्रात: 8.45 बजे कलश व शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा फतेहपुरिया बगीची से आरंभ होकर कथास्थल राधाकुंज गार्डन पहुंचेगी। यहां भागवतजी की स्थापना कर पवित्र पोथी पूजन किया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक होगी। प्रसंग अनुसार विभिन्न उत्सव भी मनाए जाएंगे। भव्य कथा आयोजन को लेकर अध्यक्ष माणक डाणी, संयोजक केदार गर्ग, कांतिलाल डाणी, राधे गोयल, शकुंतला गोयल, चेतनप्रकाश जोशी, प्रभा नवाल, स्नेहलता गोयल, प्रभा शर्मा, विनोद गोयल सहित समिति सदस्य तैयारियों में जुटे हैं। शहर के विभिन्न मंदिरों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर बैनर लगाए गए हैं। कलश यात्रा आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही है।

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