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January 5, 2025

रिश्तों को बदनाम कर रही मीडिया, ऐसी खबरें पढ़कर लोग रिश्तों पर करेंगे शक - Media is defaming relationships

✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र चतुर्वेदी (Surendra Chaturvedi) ने वर्तमान वक्त में मीडिया की कार्यशैली पर चिंता जताई है. एक समारोह में उन्होंने कहा कि 'मीडिया रिश्तों को बदनाम कर रही है. पुत्री से दुष्कर्म (Rape) करने वाला पिता नहीं हो सकता. उसके लिए दरिंदे या बलात्कारी शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए. खबर की हेडिंग में 'पिता ने किया पुत्री से दुष्कर्म' लिखना गलत है. ऐसा लिखने से सभी संबंधों पर अंगुली उठती है. ऐसी खबरें पढ़कर लोग रिश्तों पर शक करेंगे. मीडिया का छोटा सा बदलाव समाज की सोच बदल सकता है'

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पत्रकार चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि 'सच्चाई लिखने के बाद लोग पत्रकार को बदनाम करने लगते हैं. पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग करने के आरोप लगाते हैं. समाज को आईना दिखाना पत्रकार (Journalist) का धर्म है. इसके बावजूद लोग बदनाम करने की नीयत से झूठे आरोप लगाते हैं. पत्रकार को खरीदने की औकात किसी की नहीं.'

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‘ये ब्रेस्ट हैं, संतरे नहीं…’, जानें इस बात पर क्यों मचा बवाल ? - These are Breasts not Oranges

✍🏻 सुमित सारस्वत
दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) एक बार फिर देश की सुर्खियों में है. कभी कपल्स की अश्लील हरकतों के कारण, कभी लड़ाई झगड़ों के कारण, तो कभी फूहड़ रील्स को लेकर चर्चा में रहने वाली मेट्रो इस बार एक पोस्टर के कारण देश की सुर्खियों में आई है.

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मामले के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के लिए यूवीकैन फाउंडेशन ने एक विज्ञापन जारी किया है. AI जेनरेटेड इस विज्ञापन (Breast Cancer Awareness Advertisement) को ज्यादा क्रिएटिव बनने के चक्कर में ऐसा बना दिया कि बवाल मच गया. दिल्ली मेट्रो में लगे विज्ञापन को देखकर पैसेंजर्स ने आपत्ति की. पोस्टर को देखकर मेट्रो में सफर करने वाली महिलाओं और लड़कियों को शर्म आ गई. विज्ञापन में लिखा है- 'हर महीने अपने संतरे की जांच करें.'

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ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता के लिए बनाकर लगाए गए इस पोस्टर की हर तरफ आलोचना हो रही है. लोग इन पोस्टर्स को अश्लील बताकर विरोध कर रहे हैं. ब्रेस्ट को संतरे के रूप में संदर्भित किए गए इस पोस्टर में एक बस के अंदर संतरे पकड़े महिलाओं की एआई-जनरेटेड तस्वीरें हैं. महिलाओं का कहना है कि- ‘ये ब्रेस्ट हैं, संतरे नहीं.’ सोशल मीडिया पर कई लोगों ने DMRC से सवाल किया है कि ट्रेन में इस तरह के विज्ञापन क्यों लगाने दिए? बवाल मचने के साथ ही लोग इन पोस्टर्स को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं.

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इस मामले में यूवीकैन फाउंडेशन (YouWeCan Foundation) ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि अगर संतरों के इस्तेमाल से लोग ब्रेस्ट के स्वास्थ्य की बात करते हैं और उससे एक भी जिंदगी बचती है तो यह सार्थक है. उन्होंने इस बात पर चिंता भी जताई कि भारत में ब्रेस्ट की बात करने में लोग असहज महसूस करते हैं. शर्म करने की बजाय ब्रेस्ट अवेयरनेस की बात करनी चाहिए.
©सुमित सारस्वत

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हार्टअटैक से बचने के लिए तनाव मुक्त रहें, बार अध्यक्ष ने दिया खुश रहने का संदेश - Stay Stress Free To Avoid Heart Attack

✍🏻 सुमित सारस्वत
ब्यावर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट दिलीप गोरा ने मौजूदा वक्त में बढ़ते हार्टअटैक के मामलों पर चिंता जताते हुए खुश रहने का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए तनाव मुक्त रहें और हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहें. पारस देवी प्रोडक्शन की ओर से बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में गोरा ने यह विचार व्यक्त किए.ग

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उन्होंने कहा कि 'प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी बात का तनाव है. आजकल यह तनाव घातक होता जा रहा है. रोजाना किसी न किसी के असमय निधन की सूचनाएं मिलती है, यह चिंताजनक है. इससे बचने का बेहतरीन उपाय है कि खुद को टेंशन फ्री रखें. मुझे जब किसी बात की टेंशन होने लगती है तो मैं अकेला बैठा भी हंसने लगता हूं ताकि तनाव हावी न हो.'

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'अपनों के साथ वफादार रहें'
गोरा ने कहा कि 'जिन भी लोगों ने आपका दुख-सुख में साथ दिया, उनके प्रति वफादार रहें. अगर कोई भाई का वफादार नहीं है तो दोस्त का वफादार नहीं हो सकता, अगर दोस्त के प्रति वफादार नहीं है तो समाज या संगठन का वफादार नहीं हो सकता, क्योंकि वफादारी की पीढ़ी घर से शुरू होती है. दूसरों के प्रति वफादारी आपके संस्कार भी दर्शाती है. दूसरों को दगा देने की बजाय उनके सहयोगी बनें.'

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बार एसोसिएशन का किया अभिनंदन
बार एसोसिएशन जिलाध्यक्ष दिलीप गोरा, उपाध्यक्ष तुषार दुबे व ऋषिराज चौहान, सचिव नरेंद्र शर्मा का आयोजक संदीप जैन, ममता जैन, इशिका जैन, सुशील जैन, डिंपल जैन, सुहानी ने स्वागत कर जीत की बधाई दी. 'फोटो ऑफ द ईयर' के लिए इंटरनेशनल जर्नलिस्ट सुमित सारस्वत का सम्मान किया. शिक्षक राजेंद्र टेलर ने मधुर गाने सुनाकर सभी को आनंदित किया.

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कार्यक्रम में कांग्रेस नेता अजय शर्मा, रवि दंडायत, अभिषेक रुणीवाल, अजमत काठात, भुवनेश शर्मा, पत्रकार विमल चौहान, किशन नटराज, राधेश्याम दर्जी, हेमेंद्र सोनी, एडवोकेट राकेश प्रजापति, शाहिद खान, शेखर मेहरात, रवि टांक, लोकेंद्र सिंह, ब्रजेश सेन, जीतू पंवार, नितेश पंवार, भामाशाह शाह, प्रकाश मोदी, राजकुमार पंवार, खुशबू सोनी, पुष्पा प्रजापति समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे
. ©सुमित सारस्वत

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January 1, 2025

प्रयागराज महाकुंभ में आतंकी हमले की साजिश !, सभी बड़ी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट - Mahakumbh Bomb Blast Threat

✍🏻 सुमित सारस्वत

प्रयागराज महाकुंभ (Prayagraj Mahakumbh 2025) में आतंकी हमले (Terrorist Attack) की साजिश हो सकती है. आतंकी संगठनों की धमकियां और सीक्रेट इनपुट मिलने के बाद देश की सभी बड़ी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट है. प्रयागराज में चप्पे चप्पे पर सुरक्षा एजेंसियां और 60 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए थ्री लेयर सिक्योरिटी लगाई है. सूचना मिली है कि 'कुंभ की भीड़ आतंकियों के निशाने पर है. आतंकी कुंभ मेला क्षेत्र में भगवाधारी साधु या अघोरी के भेष में आ सकते हैं. बम ब्लास्ट (Bomb Blast) के जरिए बड़ी तबाही मचा सकते हैं.'

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इंटेलिजेंस को यह भी इनपुट मिले हैं कि आतंकी संगठनों ने स्लीपर सेल एक्टिव कर दिए हैं. इस बड़े इनपुट के बाद स्पेशल टास्क फोर्स, बम निरोधक दस्ता, ATS और NIA ने भी प्रयाग पहुंच कर मोर्चा संभाल लिया है. महाकुंभ में आने वाले हर श्रद्धालु की जांच कर रहे हैं. दस्तावेज देखने के साथ पूछताछ कर रहे हैं. प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर लिख रहे हैं. गाड़ियों की एंट्री कर रहे हैं. संदिग्धों पर नजर रखने के लिए सुरक्षाकर्मी भी साधुओं के भेष में भीड़ के बीच और अखाड़ा पांडालों में घूम रहे हैं. ड्रोन के जरिए हर गतिविधि पर नजर है. जल में भी गोताखोर अलर्ट हैं. सुरक्षा एजेंसियां कुछ संदिग्धों को मॉनिटर कर रही है. ©सुमित सारस्वत

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December 17, 2024

राजस्थान सरकार का एक साल पूरा, पीएम मोदी ने दी यह सौगातें - PM Modi in Rajasthan

✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा (BJP) सरकार का एक साल पूरा हाे गया है. इस मौके पर मंगलवार को राजधानी जयपुर (Jaipur) में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narenda Modi) ने कई सौगात दी. दादिया में आयोजित ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ (Ek Varsh Parinaam Utkarsh) कार्यक्रम में ऊर्जा, सड़क एवं रेलवे से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.



समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि इन परियोजनाओं से राजस्थान के पर्यटन, किसानों और नौजवानों को बहुत फायदा होगा. ये परियोजनाएं राजस्थान में पेयजल की चुनौती का स्थाई समाधान करेंगी और राजस्थान को देश में सबसे बेहतर संपर्क वाले राज्यों में से एक बनाएंगी. इससे राजस्थान में निवेश को बल मिलेगा. रोजगार के कई अवसर बनेंगे.

आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने ऊर्जा, सड़क, रेलवे (Railways) और जल (Water) से जुड़ी 46,300 करोड़ रुपए से अधिक की 24 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. 11,000 करोड़ रुपए से अधिक की 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें केंद्र सरकार की 7 और राज्य सरकार की 2 परियोजनाएं शामिल हैं. पीएम ने 35,300 करोड़ रुपए से अधिक की 15 परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें केंद्र सरकार की 9 और राज्य सरकार की 6 परियोजनाएं शामिल हैं.

आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें नवनेरा बैराज, स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन नेटवर्क और परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली से जुड़ी परियोजनाएं, रेलवे के भीलड़ी-समदड़ी-लूणी-जोधपुर-मेड़ता रोड-डेगाना-रतनगढ़ खंड का विद्युतीकरण शामिल है. अधिकारियों के अनुसार, ये परियोजनाएं लोगों के आवागमन को सुगम बनाने और प्रधानमंत्री के हरित ऊर्जा के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेंगी.


प्रधानमंत्री ने 9,400 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से रामगढ़ बैराज और महलपुर बैराज के निर्माण कार्य तथा चंबल नदी पर नहर के माध्यम से नवनेरा बैराज से बीसलपुर बांध और ईसरदा बांध तक पानी पहुंचाने की प्रणाली की आधारशिला रखी. सरकारी कार्यालय भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने, पूगल (बीकानेर) में 2000 मेगावाट के एक सौर पार्क और 1000 मेगावाट के दो चरणों के सौर पार्कों के विकास तथा सैपऊ (धौलपुर) से भरतपुर-डीग-कुम्हेर-नगर-कामाण एवं पहाड़ी तथा चंबल-धौलपुर-भरतपुर तक पेयजल आपूर्ति लाइन के ‘रेट्रोफिटिंग’ (पुरानी या कम कुशल व्यवस्था में बदलाव किए बिना नई, अधिक ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकियों को लगाने की प्रक्रिया) कार्य का भी शिलान्यास किया.

मोदी ने लूणी-समदड़ी-भीलड़ी डबल लाइन, अजमेर-चंदेरिया डबल लाइन और जयपुर-सवाई माधोपुर डबल लाइन रेलवे परियोजना के साथ-साथ अन्य ऊर्जा पारेषण से संबंधित परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया. समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma), मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav), केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, उप उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, दिया कुमारी (Diya Kumari), पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje), बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rahore) समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से पहुंचे हजारों लोग मौजूद रहे.


©सुमित सारस्वत

कार्यक्रम का विडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

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December 12, 2024

श्री सीमेंट ने तोड़ा किसान का घर, कंपनी की तानाशाही के खिलाफ प्रदर्शन - Farmers protest against Shree Cement

✍🏻 सुमित सारस्वत
श्री सीमेंट कंपनी एक बार फिर विवादों में है. इस बार कंपनी पर किसानों के घर तोड़ने का गंभीर आराेप लगा है. मुआवजा नहीं मिलने पर एक किसान ने कंपनी के प्रवेश द्वार पर आत्मदाह का प्रयास किया. बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद लाेगों ने श्री सीमेंट (Shree Cement) कंपनी पर तानाशाही करने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया.

किसान विद्याधर ने दो दिन पहले इच्छा मृत्यु के लिए एसडीएम और कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी दिया था. इत्तला मिलने पर पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा (Rajendra Gudha) भी मौके पर पहुंचे और कंपनी की मनमानी के खिलाफ गेट पर चढ़ गए. गुढ़ा ने किसान का समर्थन करते हुए जमीन का मुआवजा मांगा. मामला झुंझुनूं (Jhunjhunu) के नवलगढ़ (Nawalgarh) का है.

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प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने कंपनी प्रबंधन पर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने आरोप लगाया कि श्री सीमेंट कंपनी ने नियमों को ताक में रखकर नवलगढ़ में प्लांट लगाया है. कंपनी के पास पॉल्यूशन की एनओसी नहीं है. बिना बाउंड्री के माइनिंग और ब्लास्टिंग कर रहे हैं. ब्लास्टिंग से कोई भी हादसा हो सकता है, कोई मर सकता है. गुढ़ा ने दावा किया कि उनके पास कंपनी की 50 कमियां हैं. प्रशासन चोरों की रखवाली कर रहा है. किसान परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है और प्रशासनिक अधिकारी कंपनी की पैरवी कर रहे हैं.

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प्रदर्शन के दौरान मौके पर मौजूद एक ग्रामीण ने बताया कि करीब एक महीने पहले श्री सीमेंट कंपनी प्रबंधन ने किसान का घर ताेड़कर उसे बेघर कर दिया. किसान के बच्चे छोटे हैं और वाइफ प्रेगनेंट है. एक अन्य ग्रामीण ने आरोप लगाया कि कंपनी ने बीते 2-3 साल में कई किसानों के घर तोड़ दिए. खेत उजाड़ दिए. अभी उनके पास रहने को छत नहीं है. न कंपनी सुनवाई कर रही है और न ही प्रशासन ने सुध ली है. कंपनी ने इलाके का पर्यावरण संतुलन बिगाड़ दिया है. किसानों (Farmers) की मांग है कि उन्हें जमीन का उचित मुआवजा मिलना चाहिए. साथ ही बेघर हुए परिवार के किसी एक सदस्य को कंपनी में रोजगार दिया जाए.

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इस मामले में कंपनी के यूनिट हैड एचसी गुप्ता ने मीडिया को बताया कि प्रभावित किसानों को 26 लाख रुपए प्रति बीघा का मुआवजा निर्धारित किया गया, वह देने को तैयार हैं. आश्वासन के बाद किसानों ने कंपनी को सात दिन का अल्टीमेटम और चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करेंगे. अब देखना रोचक होगा कि उत्तर भारत की बड़ी कंपनी किसान के आगे झुकेगी या फिर आंदोलन (Farmers Protest) उग्र होगा. ©सुमित सारस्वत

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November 27, 2024

अजमेर दरगाह में संकटमोचन शिव मंदिर !, कोर्ट ने याचिका मंजूर कर दरगाह कमेटी व अन्य को भेजा नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला - Ajmer Dargah Case

✍🏻 सुमित सारस्वत
ज्ञानवापी (Gyanvapi Mosque) और ताजमहल (Tajmahal) के बाद अब अजमेर की विश्व विख्यात ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया गया है. हिंदू सेना (Hindu Sena) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने कोर्ट में याचिका दायर कर अजमेर दरगाह (Ajmer Dargah) में संकटमोचन महादेव मंदिर होने का दावा किया है. जिसे अजमेर सिविल न्यायालय पश्चिम ने स्वीकार करते हुए सुनने योग्य माना है. कोर्ट ने अल्पसंख्यक मंत्रालय, दरगाह कमेटी अजमेर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) को नोटिस देकर पक्ष रखने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी.

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दरगाह पक्ष की तरफ से आई प्रतिक्रिया
अजमेर शरीफ दरगाह (Ajmer Sharif Dargah) के खादिमों की संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने इस मामले पर मीडिया को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कभी बाबरी मस्जिद, कभी मथुरा, कभी काशी, कहीं मस्जिदें शहीद की जा रही है, कहीं मॉब लिचिंग, यह एक एजेंडे के तहत बीते 10 साल से हो रहा है. 800 साल पुरानी अजमेर दरगाह में हर देश, हर धर्म के करोड़ों लोग आते हैं. अभी जनवरी के पहले सप्ताह से 813वां उर्स (Ajmer Urs 813) शुरू होगा. इससे पहले सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हुई है, हालांकि यह कोशिश सफल नहीं होगी.
©सुमित सारस्वत

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