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October 23, 2017

मोरारी बापू बोले, मसान में जाकर पार्टी करो | Morari Bapu says, Do Party in Shamshan

बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आयोजित मानस मसान कथा के तृतीय दिवस रामकथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने मानस, मृत्यु व मसान की व्याख्या करते हुए कहा कि मसान पवित्र जगह है। मसान में झूठ, फरेब, ईर्ष्या का नाश होता है। मसान मानस की तरह निर्मल है। मसान के प्रति अपना नजरिया बदलें। मन से मसान का भय निकाल दो, यही है मानस मसान।
बापू ने कहा, लोगों को भौतिक मसान भयंकर लगता है क्योंकि यहां चिताएं जलती है। हर ओर रोने-बिलखने का शोर होता है। मसान से डरने की जरूरत नहीं है। मसान तो सुंदर देवालय है। दैविक मसान में तो शिव-पार्वती का निवास है। यहां रात्रि में चिताएं जलती है तो ऐसी लगती है मानो आरती हो रही हो। आध्यात्मिक मसान ज्ञान को जागृत करता है। काशी मानस मसान ज्ञान की खान है। जहां भक्ति है, विश्वास है, श्रद्वा है, संयम है, धर्म की सन्मुखता है, वो है आदि दैविक मसान। उन्होंने कहा कि जीवन ही साधना है। साधना के लिए जीवन को अलग मत करो। जो काम करो, पूरी निष्ठा से करो। बापू ने यह भी स्पष्ट कि कि बेटी अगर मसान में जाकर चिता को मुखाग्नि देना चाहे तो गलत नहीं है। इससे धर्म कभी नाराज नहीं होगा। कुछ धार्मिक लोग नाराज हो सकते हैं। वैसे अब तो परंपरा बदलने लगी है और कई बेटियां मुक्तिधाम जाकर अंतिम संस्कार करती है।

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मन को पवित्र करती है रामचतिमानस
रामचतिमानस को समझाते हुए कहा कि गोस्वामीजी से पूछा गया कि रामचरितमानस में क्या है तो उन्होंने जवाब दिया, ‘एहि महं रघुपति नाम उदारा, अति पावन पुरान श्रुति सारा।’ रामचरितमानस का प्राकट्य संवत 1631 की रामनवमी के दिन हुआ था। उस दिन वही सारे संयोग थे जो त्रेता युग में रामनवमी के दिन थे। रामकथा को बार-बार सुनना चाहिए। जब रामकथा का व्यसन हो गया तो इसे छोड़ नहीं पाओगे। कथा से लगन लग गई तो संसार के दुख नष्ट हो जाएंगे। बापू ने कहा, मेरा 55 साल का अनुभव है कि मुझे कथा हर रोज नई लगती है। जैसे गुलाब का पौधा वही होता है लेकिन फूल हर रोज नया लगता है। रामकथा भजन है। भोजन की तरह इसका भी नित नया स्वाद है। कैलाश मानसरोवर की तरह रामचरितमानस भी मानसरोवर है जो मन को पवित्र करती है। बापू ने कहा, सावन मास में मसान में जाकर रामायण का पाठ करो। वहां महादेव श्रोता बनेगा। कथा शिव को भी सुख देती है। जीव को कथा श्रवण से परम सुख की प्राप्ति होती है। रामकथा सबको सुख देती है। कथा के बीच महादेव तुम्हारी जय जय हो.., श्रीराधे गोविंद भज मन श्रीराधे.. भजन पर भावों में डूबे श्रोता झूम उठे।

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मसान में शादी करवाऊं
बापू ने बताया कि एक युवक हर साल अपना जन्मदिन मसान में मनाता है। मुझे जानकर खुशी है। मेरा बस चले तो मैं मसान में शादी करवाऊं। सभी को जन्मदिन के दिन मसान में जाकर आना चाहिए। संडे को मसान में जाकर पार्टी करो। हो सके तो कभी मसान में रास रचाओ। अगर शादी के बाद मसान जाओगे तो तलाक से बच जाओगे, क्योंकि वहां महादेव का दांपत्य है।

मोरारी बापू का यह वीडियो जरूर देखें

'मैं 300 साल पहले मर गया'
बापू ने कहा कि भूत से डरने की आवश्यकता नहीं है। एक गांव में मान्यता थी कि रात साढे 9 बजे बाद गांव में भूत घूमता है। उस गांव में रात साढे 9 बजने से पहले ही खिड़की-दरवाजे बंद हो जाते थे। उस गांव में विदेश से एक युवक घूमने आया तो उसे सुनकर अजीब लगा कि रात में भूत आता है। जिज्ञासावश वो रात को साढे 10 बजे गांव में घूमने निकला तो गांव के बाहर नदी के पास एक बूढा बैठा मिला। युवक ने पूछा, आप रात में बाहर क्यों बैठे हो। सुना है रात को भूत आता है तो उसने कहा मुझे पता नहीं रात में क्या होता है। मैं तो तीन सौ साल पहले मर चुका हूं। यह किस्सा सुनकर पूरा पांडाल ठहाकों से गूंज उठा। बापू ने कहा, मैं भूतों की बातें करके आपको निर्भय बनाना चाहता हूं। जो राम नाम का सुमिरन करते हैं वो भूतों से कभी नहीं डरते।

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पूंछ और मूंछ की महिमा
विनोद के लिए किस्सा सुनाते हुए बापू ने कहा कि हमारे देश में दो चीजों की महिमा है, एक मूंछ और दूसरी पूंछ। मूंछ आगे होती है और पूंछ पीछे। इंसान चारों ओर से सुरक्षित। बापू ने मूंछ को लेकर देहाती और विदेशी के बीच संवाद का एक किस्सा सुनाकर सभी को हंसाया।

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संसार की संस्कृतियों का संगम
संत मोरारी बापू की रामकथा में संसार की कई संस्कृतियों का संगम देखने को मिल रहा है। यहां पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक कोने-कोने से कथा श्रवण के लिए श्रोता पहुंचे हैं। वाराणसी में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित देश के कई राज्यों से आए भक्त संगीत की सुमधुर धुनों के बीच आनंद सरोवर में डुबकियां लगा रहे हैं। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273

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मोरारी बापू के मंच पर मणिकर्णिका महाश्मशान की झलक | Ram Katha in Shamshan

संत मोरारी बापू काशी में ‘जलती चिताओं’ के बीच मानस मसान कथा कर रहे हैं। कथास्थल पर बने 60 फीट लंबे और 40 फीट चौड़े मंच को श्मशान का रूप दिया गया है। मंच पर 25 से अधिक चिताओं के बीच व्यासपीठ पर बैठकर बापू कथा का अमृतपान करवा रहे हैं।

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मानस मसान कथा के लिए बनाया गया यह खास मंच देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। मंच पर मणिकर्णिका महाश्मशान का यह दृश्य गुजरात के चित्रकार अजय मलमकार ने उकेरा है। महातीर्थ के मंदिर, गंगा का तट और श्मशान में जलती चिताओं के चित्रण में चित्रकार को करीब एक महीने का वक्त लगा। इसके पीछे मकसद यह था कि यहां आने वाले को ऐसा एहसास हो कि वे श्मशान में बैठकर कथा सुन रहे हैं। बापू की भी इच्छा थी कि वे काशी के मणिकर्णिका महाश्मशान में कथा सुनाएं। वहां पर्याप्त जगह न होने के कारण कथास्थल को श्मशान का रूप दिया गया है। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273


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October 22, 2017

आदित्यनाथ योगी और नरेंद्र मोदी भी बावा हैं | Adityanath Yogi and Narendra Modi are Bawa

काशी में मानस मसान कथा के द्वितीय दिवस रामकथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू ने कहा कि यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी भी मेरी तरह बावा है। योगी नाथ संप्रदाय से हैं। उन्होंने बाबा और बावा के बीच का अंतर स्पष्ट करते हुए बताया कि बाबा पाने की चाह रखते हैं। हम बावा हैं। बावा फकीर होते हैं और उन्हें पाने की चाह नहीं होती। बावा लोग तो अपने पास होता है वो भी दूसरों को दे देते हैं। योगी और मोदी भी इसी भाव के साथ जनता की सेवा कर रहे हैं।
बापू ने बताया कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब एक कथा में आए थे। मंच पर उनके साथ गुजरात समाचार पत्र के संपादक भी बैठे थे। एक मुख्यमंत्री और दूसरा तंत्री। इन दोनों के बीच मैं बावा। तब मोदीजी ने कहा, 'मैं भी बावा हूं।' बापू ने चुटकी लेते हुए बताया कि जब मोदीजी प्रधानमंत्री बने तो मैंने उन्हें बधाई देने के लिए फोन किया। उनसे बात करके बोला एक बावा को दूसरे बावा की बधाई। प्रधानमंत्रीजी को मंच वाली बात याद आ गई और हंसने लगे। बापू के इस विनोद पर पांडाल में ठहाके लगे। बापू बोले, 'जिओ तो ऐसे जिओ जैसे सब हमारे हैं, मरो तो ऐसे मरो जैसे कुछ भी हमारा नहीं।' -सुमित सारस्वत, मो.9462737273 

व्हाट्सएप पागलपन है
बापू ने तेजी से पांव पसार चुके व्हाट्सएप को लेकर कड़ी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि व्हाट्सएप पाश्चात्य से भेजा गया पागलपन है। लोग 24 घंटे मोबाइल पर लगे रहते हैं। घर-परिवार और दफ्तर का काम भूल गए हैं। बापू ने सलाह दी कि मोबाइल से दूर रहें। यह सेहत के लिए हानिकारक है। रात को जब फ्री होकर सोने जाएं तब कुछ समय व्हाट्सएप देख लो, दिनभर नहीं।
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बापू बोले, मासिक धर्म में महिलाओं पर प्रतिबंध अनुचित | Bapu says, ban on women in menstruation is unfair

वाराणसी में आयोजित रामकथा में संत मोरारी बापू ने एक बार फिर महिला हितों के लिए आवाज बुलंद की है। बापू ने कहा कि मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को अपवित्र मानकर पूजा से रोका जाता है। महिलाओं पर प्रतिबंध लगाना अनुचित है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में शारीरिक परिवर्तन एक प्रक्रिया है। समाज उसे अशुद्ध ना समझे।
'औरत ने जन्म दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार किया' सुनाते हुए बापू ने सवाल उठाया कि पुरुष खुद भी पूर्ण पवित्र नहीं होता है। फिर भी मंदिर जाता है और सभी धार्मिक कार्य करता है। महिलाओं को भी पुरुष के समान अधिकार है। समाज ने महिलाओं पर गलत प्रतिबंध लगाए हैं। बापू ने महिलाओं को सलाह दी कि मासिक धर्म के दौरान धर्म से दूर ना रहें।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर गहराए विवाद के बीच गत फरवरी माह में नई दिल्ली के राजघाट पर कथा के दौरान बापू ने कहा था कि किसी भी मंदिर में प्रवेश करने या पूजा करने से महिलाओं को रोका नहीं जाना चाहिए। जिस घर में महिलाओं की इज्जत होती है वहां देवताओं का वास होता है। मंदिरों में महिलाओं के प्रवेश पर बैन को बापू महिलाओं का अनादर समझते हैं।  -सुमित सारस्वत

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मोरारी बापू बोले, हर घर मसान और हर प्राणी भूत | Morai Bapu Says, Every Home Masan and Every Person Ghost

दुनिया के सबसे प्राचीन शहर काशी के 'श्मशान' में जलती चिताओं के बीच अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त रामकथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू के श्रीमुख से 'मानस मसान' कथा का सुमित सारस्वत द्वारा विशेष कवरेज
मोक्ष नगरी काशी में आयोजित रामकथा में अंतर्राष्ट्रीय संत मोरारी बापू ने 'घर मसान परिजन जनु भूता, सुत हित मीत मनहुँ जमदूता' श्लोक से समझाया कि हर घर मसान है क्योंकि घर में किसी की मृत्यु हुई है। हर प्राणी भूत है क्योंकि भूतकाल में रहता है। मसान में पिता शिव और माता पार्वती क्रीड़ा करते हैं। यह शिव-पार्वती यानि मां-बाप का घर है। इससे घबराए नहीं। यह एक अदभुत प्रेरणा है।

बापू ने अपनी 800वीं मानस मसान कथा में मसान का सार समझाते हुए कहा कि मसान ज्ञान की भूमि है। समय मिले तो सप्ताह में एक बार मसान का चक्कर लगाकर आएं। मैं भी जाता हूं। कई बार तो मैं मसान में सोता हूं। सत्य के उपासक राजा हरिश्चंद्र भी यहां रहे। याद रखें मसान आसानी से नसीब नहीं होता। मसान पाने के लिए इंसान को मरना पड़ता है। किसी शायर ने लिखा है 'ऐ कब्र मैं तुझसे लिपटकर क्यों ना सोऊँ, मैंने तुझे जान देकर पाया है।' मुक्तिधाम के गूढ़ तत्वों की विशद व्याख्या करते हुए कहा कि मानस स्वयं एक मसान है। जीवन से प्रलोभन और मृत्यु का भय निकल जाए तो मुक्ति मुट्ठी में आ जाती है। उन्होंने कहा कि निश्चितता आनंददायक है और अनिश्चितता शोकदायक है। मृत्यु निश्चित है, फिर शोक क्यों करना। 'हरि इच्छा भावि बलवाना, हृदय विचार शंभू सुजाना' श्लोक से समझाया कि निश्चित वही होता है जिसमें परमात्मा की इच्छा हो। हमारी इच्छा से कुछ भी संभव नहीं है। यह सत्य है और सत्य को सहजता से स्वीकार करो।
स्कंद पुराण में काशी खंड के अनुसार काशी में मृत्यु पर मोक्ष प्राप्त होता है। इसीलिए यहां 24 घंटे चिता जलती है। बापू ने कहा कि परमात्मा के नाम की महिमा अतुलनीय है। नाम सुमिरन से दसों दिशाओं में मंगल शुद्धि होती है। प्रतिदिन नाम सुमिरन अवश्य करें। राम नाम मंत्र अपना लेने के बाद तंत्र साधना की जरूरत नहीं पड़ेगी। महात्मा गांधी ने कहा था कि देश छोड़ दूंगा मगर राम नाम नहीं छोड़ सकता। ओशो के अनुसार सृष्टि की रचना के बाद पहला शब्द 'राम' आया। कथा में मानस की स्वरमयी पंक्तियों के साथ लय-ताल के समन्वय पर कथा प्रेमी झूमने लगे। कथा में महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा, पद्मभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र, कथा यजमान मिराज ग्रुप के एमडी मदन पालीवाल सहित देशभर से आए हजारों श्रोता शामिल हुए। -सुमित सारस्वत की रिपोर्ट। मो.09462737273

जलती चिताओं के बीच सुना रहे कथा
मंच पर व्यासपीठ के पीछे मणिकर्णिका घाट पर जलती चिताओं को उकेरा गया है, जिससे आभास हो रहा है कि बापू श्मशान में कथा सुना रहे हैं। इसके साथ ही उतर वाहिनी मां गंगा की बहती निर्मल धारा के बीच काशी विश्वनाथ के मंदिर को चित्रित किया गया है। व्यासपीठ पर हनुमान जी और शिवलिंग की छवि भी स्थापित है।

तुम भूत, मैं महाभूत
बापू ने कहा, लोग मसान के भूतों से डरते हैं। जीवित व्यक्ति से डरो। जो मर गया वो तो देवता बन गया। तुम भूत, मैं महाभूत और हमारा नाथ भूतनाथ शिव। बापू ने इस बात के साथ 'जय भूतनाथ' का जयघोष करवाया।

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..तो मृत्यु महोत्सव बन जाएगी
वाराणसी में ज्ञान-भक्ति-वैराग्य की अविरल धारा प्रवाहित करते हुए बापू ने सुख और आनंद में अंतर की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि स्वामी शरणानंदजी के अनुसार सुख वो है जिससे दुःख दब जाए और आनंद वो है जो दुःख को जड़ से मिटा दे। इंसान अपना स्वभाव भूल गया है। आनंद से दूर हो गया है। मृत्यु का आनंद लेना हो तो सुमिरन बढ़ाओ। सुमिरन से आनंद का आगमन होगा तो मृत्यु महोत्सव बन जाएगी।

भूतपूर्व नेताओं पर व्यंग्य
बापू बोले कि भूत वो है जो भूतकाल का शोक करे। सत्ता से हटने के बाद नेता भी भूत का चाव नहीं छोड़ते और अपने नाम के साथ भूतपूर्व प्रधान, भूतपूर्व विधायक लिखते हैं। उन्होंने संदेश दिया कि भूत को भूलो और आज का आनंद करो। पतित पावनी गंगा अविरल बह रही है, उससे सीखो और आज की सोचो। हनुमान चालीसा का 'भूत पिशाच निकट नहीं आवे, महावीर जब नाम सुनावे' श्लोक सुनाते हुए कहा कि नाम जाप करने से भूत और भविष्य की चिंता से मुक्ति मिलती है।


जर्मन तकनीक का पांडाल
संत कृपा सनातन संस्था की ओर से  15 बीघा क्षेत्रफल में आयोजित कथा के लिए जर्मन तकनीक के पांडाल का निर्माण करवाया गया है। 80 हजार स्क्वायर फीट के भव्य पांडाल में स्पिंगलर्स लगवाए गए हैं, जिससे श्रोताओं को कथा श्रवण के दौरान गर्मी का आभास नहीं होगा। इसके साथ ही 800 सोफे और 10 हजार कुर्सियां लगवाई गई है।

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October 17, 2017

धनतेरस की रात देश के दो राज्यों में लूट की दो बड़ी वारदातें

राजस्थान व उत्तर प्रदेश में सर्राफा व्यापारी बने शिकार, लाखों रुपए की ज्वेलरी व नकदी लूटकर भागे बदमाश
दीपोत्सव की खुशियों के बीच धनतेरस की रात देश के दो राज्यों में लूट की दो बड़ी वारदातें हुई है। राजस्थान के ब्यावर व उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में लुटेरों ने दुकान से घर लौट रहे सर्राफा व्यापारी को निशाना बनाकर लाखों रुपए की ज्वेलरी व नकदी लूटी है। वारदात के बाद स्थानीय पुलिस अनुसंधान में जुट गई है।
जानकारी के मुताबिक राजस्थान के ब्यावर में मंगलवार रात करीब 12.15 बजे सर्राफा व्यापारी राजनारायण वर्मा, दिनेश वर्मा व प्रदीप वर्मा अपने स्कूटर पर सवार होकर जमालपुरा रोड स्थित दुकान से घर लौट रहे थे। रास्ते में औडान चौक इलाके में कार सवार बदमाशों ने उन्हें टक्कर मारकर रोकने का प्रयास किया। स्कूटर सवार घबराकर जैसे ही रुके तो कार सवार बदमाश ने उनका बैग छीनकर कार में रख लिया और भागने लगे। व्यापारी ने पकड़ने का प्रयास किया तो दूसरे बदमाश ने रिवॉल्वर तानकर डर दिखाया और भाग गए। व्यापारी के मुताबिक बैग में 30 किलो चांदी, 300 ग्राम सोने के जेवरात व 1.30 लाख रुपए की नकदी थी। वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

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इसी तरह उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में सर्राफा व्यापारी अनंत कुमार सोनी को शिकार बनाकर करीब 25 लाख रुपए की लूट की गई। मंगलवार रात वे अपने बेटे सूरज के साथ नारी बारी एरिया में स्थित ज्वैलरी शॉप से बाइक पर सवार होकर मध्य प्रदेश बार्डर के चाक घाट स्थित घर लौट रहे थे। रास्ते में एक बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर उनकी बाइक रोक ली और बैग छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर एक ने चाकू निकाल लिया और जान से मार देने की धमकी दी। जान का खतरा होने पर पिता-पुत्र ने सरेंडर कर देना ही ज्यादा बेहतर समझा और बदमाश बैग छीनकर भाग निकले। सोनी के अनुसार बैग में आठ ग्राम सोना व दिनभर की बिक्री के लाखों रुपए थे। इस घटना के बाद सर्राफा व्यापारियों ने प्रदर्शन कर सुरक्षा पर सवाल उठाए। पुलिस अनुसंधान कर बदमाशों का सुराग लगाने में जुटी है। -सुमित सारस्वत की रिपोर्ट।

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मुख्यमंत्री राजे ने धनतेरस पर बांटी खुशियां, झूम उठी महिलाएं

नसीराबाद को दी नगरपालिका की सौगात, विधानसभा क्षेत्र में करोड़ों के विकास कार्यों को मंजूरी
सूबे की मुखिया वसुंधरा राजे ने धनतेरस पर सौगातें बांटी तो चेहरे खुशियों से खिल उठे। महिलाएं लोक गीत गाते हुए झूम उठी। नसीराबाद में जनसंवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों को मंजूरी दी।
सीएम राजे ने मंगलवार को नसीराबाद छावनी बोर्ड के सिविल आबादी वाले क्षेत्र के निवासियों को धनतेरस के शुभ अवसर पर पूर्ण नगरपालिका की सौगात दी है। उन्होंने कहा कि छावनी के वार्डों को चरणबद्ध रूप से नगरपालिका क्षेत्र घोषित करने के लिए केन्द्र सरकार के रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जनसंवाद कार्यक्रम में कहा कि इस विषय में अजमेर से ही ऑनलाइन प्रस्ताव तैयार कर उसे राज्य मंत्रिमंडल द्वारा परिचलन से पारित करवाने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। पहले चरण में छावनी बोर्ड के चार वार्ड संख्या 4, 5, 6, 7 को नगरपालिका में शामिल करने की रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमन ने सहमति दे दी है। इन वार्डों को नगरपालिका क्षेत्र में शामिल करने की कार्यवाही पूरी होने के बाद शेष चार वार्डाें की सिविल आबादी को भी छावनी बोर्ड से बाहर कर नगरपालिका में शामिल कर लिया जाएगा।

'कुआं प्यासे के पास आया'
जनसंवाद कार्यक्रम में सर्वसमाज के लोगों ने मुख्यमंत्री के साथ क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं पर चर्चा की। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि पहली बार कुआं खुद प्यासे के पास आया है और लोगों को अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री को बताने मौका मिला है। इसके लिए उन्होंने सीएम राजे का आभार व्यक्त किया। ब्राह्मण, वैश्य, सिंधी, रावत, गुर्जर, अल्पसंख्यक समुदाय, अन्य पिछड़ा वर्ग और राजपूत सहित सभी समाजों के लोगों ने तलवार, फूल-मालाएं, चित्र आदि भेंटकर मुख्यमंत्री का सम्मान किया। इस अवसर पर विधानसभा में मुख्य सचेतक कालूलाल गुर्जर, सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री निहालचंद मेघवाल, भाजपा देहात जिलाध्यक्ष भगवती प्रसाद सारस्वत, पूर्व सांसद रासासिंह रावत, पूर्व जिला प्रमुख सरिता गैना, अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधि तथा सर्वसमाज के लोग उपस्थित थे। -सुमित सारस्वत, मो.9462737273


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सेना मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि नसीराबाद पूर्ण नगरपालिका बन जाने से राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ यहां की जनता को बिना किसी परेशानी के मिल सकेगा। हर छोटी-बड़ी जरूरत के लिए यहां के नागरिकों को सेना मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बिजली, पानी, सड़क जैसी मूल सुविधाओं के लिए राज्य सरकार बजट में राशि जारी कर सकेगी।

लीवर साइरोसिस से ग्रसित बच्ची को राहत
मुख्यमंत्री राजे ने जनसंवाद कार्यक्रम में पहुंची लीवर साइरोसिस से पीड़ित एक छोटी बच्ची को तुरंत राहत प्रदान की। बीमार बच्ची सिद्धि तेजवानी को लेकर आए परिजनों ने बताया कि वह गंभीर बीमारी से पीड़ित है और उसके पास इलाज का कोई साधन नहीं है। परिवार ने मुख्यमंत्री सहायता कोष से सहयोग राशि की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक को तुरंत निर्देश दिए कि बच्ची के मेडिकल बिलों के भुगतान की व्यवस्था करें।

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नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र को दी यह सौगातें

  • बलवंता चौराहे से बस स्टेण्ड तक शहरी गौरव पथ के लिए 2.5 करोड़ रुपए 
  • नसीराबाद से बोराड़ा तक 20 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 2 करोड़ रुपए
  •  श्रीनगर-अजमेर रोड़ के सुदृढ़ीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए
  • श्रीनगर-नसीराबाद के नवीनीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए
  • नसीराबाद-बिजौलिया सड़क के लिए 1.35 करोड़ रुपए 
  • तिलवाड़ा चौराहे पर बनेगा अण्डरपास या ओवरब्रिज
  • नसीराबाद में खुलेगा परिवहन विभाग का डीटीओ कार्यालय
  • पीसांगन में खुलेगा बिजली विभाग का एईएन कार्यालय
  • जेठाना में पेयजल परियोजना के लिए 3 करोड़ रुपए
  • लीरी का बाड़िया पंचायत में पेयजल के लिए 1.15 करोड़ रुपए
  • अजमेर में अगले वर्ष होगी सेना भर्ती रैली


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