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December 27, 2017

राम कथा में हुआ दो संतों का मिलन

अवध के संत उमाशंकर महाराज ने कहा कि गाय भगवान को प्रिय है। जो व्यक्ति इनसे प्रेम करता है उस पर भगवान प्रसन्न होते हैं। गायों की सेवा सबसे बड़ा पुण्य का कार्य है। वे ब्यावर स्थित प्रभु की बगिया में आयोजित श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस प्रवचन दे रहे थे।
कथावाचक ने कहा कि परमात्मा की प्राप्ति के लिए मन की शुद्धता आवश्यक है। आध्यात्म का मार्ग मन और आत्मा को शुद्ध करने का माध्यम है। व्यक्ति को पाप कर्म करने से बचकर खाली समय का प्रयोग ईश्वर की आराधना में लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान का नाम कल्पवृक्ष है। नाम जपने से भक्त की सभी भावना पूर्ण होती हैं। भगवान व्यक्ति के मन तथा भावनाओं को देखते हैं।

कथा में पधारे संत अर्जुनराम महाराज ने कहा कि रामचरितमानस पुस्तक नहीं, मस्तक है। इसमें पांच चरित्र समाहित है। भगवान शिव, भगवान म, भक्त भरत, हनुमान व काक भुसुंडी का चरित्र हमें जीवन जीना सीखाता है। ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, बुधराज भाटी, गोपाल वर्मा, बबलू अग्रवाल, सुमित सारस्वत, मोनू अरोड़ा ने संत का स्वागत किया। कथा यजमान बुधराज भाटी, राकेश सोलंकी, परबत सिंह, सुमित्रा जैथल्या को महाराज ने दुपट्टा पहनाकर आशीष दिया।

कथा में नरनारायण मोठ, दलपत राठौड़, अरूण गर्ग, रामप्रसाद मित्तल, मुकुटबिहारी गोयल, ओमप्रकाश दगदी, मृदुला उपाध्याय, साधना सारस्वत, गीता जासू, कंचन तंवर, कृपाली तंवर, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा सहित कई श्रद्धालु शामिल हुए। अंकुर उपाध्याय ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक हो रही है।


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December 25, 2017

पंडित रविशंकर ने दिया बेटी बचाने का संदेश, कहा- कन्या जन्म पर मनाएं खुशी

श्री बालाजी व जानकी महिला मंडल की ओर से ब्यावर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम सत्र में पंडित रविशंकर शास्त्री ने बेटी बचाने का संदेश देते हुए कहा कि देश में घटता लिंगानुपात सभ्य समाज के लिए चिंताजनक है। कोख में बेटी का कत्ल नहीं करें। कन्या भ्रूण हत्या महापाप है। कन्या की हत्या करने वालों को करोड़ों जन्म तक पुनः मनुष्य जीवन प्राप्त नहीं होता है।
कथावाचक ने सुदामा का चरित्र सुनाते हुए कहा कि कृष्ण व सुदामा मित्रता की मिसाल है। विपरित परिस्थिति में साथ निभाए वही सच्चा मित्र है। भागवत सभी वेदों का सार है। भागवत श्रवण से मनुष्य के विचार शुभ होते हैं। सकारात्मक विचारों से ही जीवन सुखमय होता है। अच्छे विचारों से विश्व अच्छा बनेगा। भागवत कथा औषधि के समान है। जो सभी पापों का नाश करती है। उन्होंने कहा कि वस्तु संसार के लिए है और चित्त परमात्मा के लिए। नाम संकीर्तन में सच्चा सुख है। सत्संग करते हुए मन को निर्मल व छल-कपट रहित रखें। सत्संगी के प्रति स्नेह रखें। कर्म और धर्म के प्रति अगाढ़ श्रद्धा होनी चाहिए। प्रवक्ता सुमित सारस्वत ने बताया कि कथा में वृंदा गोयल ने श्रीकृष्ण, कीर्ति गर्ग ने रूक्मणि व केशव गोयल ने सुदामा के रूप में सुदामा प्रसंग का सजीव मंचन किया।


कथा प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य यजमान राधेलाल गोयल, शकुंतला गोयल, संदेश गोयल, पल्लवी गोयल, रमेश शर्मा, ललिता शर्मा, गोविंद प्रसाद, स्नेहलता गोयल, स्नेहलता शर्मा, सत्यनारायण शर्मा, साधना सारस्वत, प्रभा शर्मा, अरविंद शर्मा, राधेश्याम डाणी, जानकी गर्ग, मुकुट बिहारी गोयल, रामप्रसाद मित्तल का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।


महिला मंडल की ओर से कथा आयोजक राधेलाल गोयल व शकुंतला गोयल को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच संचालक सुमित सारस्वत ने स्वरचित रचना पाठ किया। प्रबंध समिति अध्यक्ष माणक डाणी व संयोजक केदार गर्ग ने सभी का आभार जताया। कथा में स्वामी अक्षयानंद, महंत फतेहगिरी, चेतनप्रकाश जोशी, सूर्यकुमार गर्ग, विनोद गोयल, ओमप्रकाश रायपुरिया, कांतिलाल डाणी, घनश्याम तंवर, सुनील कौशिक, सुभाष गर्ग, चेतन गर्ग, दामोदर सर्राफ, कमल सिंहल, पार्वती गोयल, स्नेहलता गोयल, सुनीता यादव, प्रभा नवाल, कुसुम डाणी, मधु डाणी, शोभा चौटिया, कविता शर्मा, मीना खंडेलवाल, प्रभा शर्मा, गंगा गर्ग, सुनीता गुप्ता, वंदना खंडेलवाल, चित्रा गोयल, खुशबू सिंहल, नीलू चौधरी, किरण अग्रवाल, कांता सोमानी, कौशल्या फतेहपुरिया सहित सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने धर्मलाभ लिया। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273


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प्रकट भये रघुराई कौशल्या मैया दे दो बधाई..

धर्मधरा ब्यावर स्थित प्रभु की बगिया में आयोजित श्रीराम कथा में अयोध्या के मानस मर्मज्ञ संत उमाशंकर महाराज ने कहा कि जप-तप-आराधना एवं पुण्य कर्म करने पर ही अच्छी सद्गुणी संतान प्राप्त होती है। 'बड़े भाग मानुस तन पाया।।' श्लोक से समझाया कि मनुष्य जन्म भाग्य से मिला है। जीवन में सदैव प्रभु का नाम स्मरण करें। इससे समस्त सुखों की प्राप्ति हो सकती है। कथा में शिव विवाह व राम अवतार प्रसंग का विस्तृत विवेचन सुनाया गया। श्रीराम जन्मोत्सव पर बधाई बांटी गई। गायक गोपाल वर्मा ने 'प्रकट भये रघुराई, कौशल्या मैया दे दो बधाई..' भजन गाया तो भक्त भावमय होकर झूमने लगे।
कथा में आए उद्घोषक सुमित सारस्वत ने अपने संबोधन में कहा कि आज बड़ा दिन यानि 25 दिसम्बर ब्यावर वासियों के लिए वास्तव में बड़ा हो गया है क्योंकि कथाओं के त्रिवेणी संगम के साथ आज तीन धर्मों के आराध्य का जन्मोत्सव मनाया जा रहा है। ईसाई धर्म में प्रभु यीशु मसीह का जन्मोत्सव, सिख धर्म के गुरु गोविंदसिंहजी का प्रकाश पर्व और हिन्दू कथा में भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव। सारस्वत ने कहा कि  इस दिव्य रामकथा के आयोजक स्वयं हनुमानजी महाराज हैं जो भक्तों को यह रामकथा सुनने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं। अन्य आयोजन में कथा वाचक और आयोजक हनुमानजी महाराज को को आमंत्रण देते हैं। उन्होंने इस दिव्य रामकथा आयोजन को अदभुत एवं अनूठा बताते हुए हर्ष जताया।

सोमवार को कथा के मुख्य यजमान अरुण गर्ग थे। कथा में चमनचक्षु जुगल राजस्थानी, पार्षद हनुमान चौधरी, संपति बोहरा, जीके श्रीवास्तव, मोहन दगदी, सत्यनारायण शर्मा, नवनीत हेड़ा, बबलू अग्रवाल, मृदुला उपाध्याय, साधना सारस्वत, अंजू हेड़ा, बुद्धराज चौहान, संदीप खंडेलवाल, आरके अग्रवाल, राधेश्याम शर्मा, विनोद शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद थे।

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जीवात्मा और परमात्मा का मिलन ही रास

जीवात्मा रूपी बीज का रोपण करने के लिए गोपियों ने परमात्मा के हृदय में स्थान मांगा। जीवात्मा और परमात्मा का मिलन ही रास है। ठाकुरजी सर्वत्र हैं। इन्हें कण-कण में महसूस कीजिए। पंडित रविशंकर शास्त्री ने कहा श्री बालाजी व जानकी महिला मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में यह प्रवचन दिए।

कथावाचक ने कहा कि लौकिक संबंध प्रभु से जोड़ लो तो श्रेष्ठ बन जाओगे। गोपियों ने संसार को परमात्मा से प्रेम करना सीखाया। सच्चा प्रेम परमात्मा से ही संभव है। वर्तमान में प्रेम की जगह आसक्ति आ गई है। प्रेम सदैव बढ़ता है जबकि आसक्ति निरंतर घटती है। परमात्मा से प्रेम आनंद व सुख देता है। मनुष्य से आसक्ति विरह और विलाप की वजह बनती है।
शास्त्री ने श्रीकृष्ण व रूक्मणि विवाह प्रसंग सुनाते हुए कहा कि गृहस्थ जीवन को सुखमय बनाने के लिए पति-पत्नी में तालमेल व प्रेम जरूरी है। जीवन में संतोष, शांति व प्रेम ही सच्चा सुख है। हरिकथा सुखी और प्रेम से रहने का संदेश देती है। प्रेम से रहने वाला घर स्वर्ग है। कथा में संदेश गोयल ने श्रीकृष्ण व पल्लवी गोयल ने रूक्मणि के रूप में विवाह प्रसंग का सजीव मंचन किया। कथा में श्री निम्बार्क पीठ के जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्रीजी महाराज भी पधारे।

पढ़ें : ब्यावर में क्या बोले श्रीजी

कथा प्रारंभ होने से पूर्व यजमान केदार गर्ग, प्रेम गर्ग, विकास गर्ग, निशा गर्ग, विनोद गोयल, पार्वती गोयल, वृंदा गोयल, प्रकाश खेतावत, प्रेम खेतावत, लीलाधर झा, सुलेखा झा, राकेश खेतावत, वंदना खेतावत, नीलू राजानी, गणेशप्रसाद बुधिया, अजमेर से आए अनिल गोयल, अनुराधा गोयल का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया। कथा में राधेलाल गोयल, शकुंतला गोयल, पार्वती गोयल, शोभा चौटिया, कविता शर्मा, साधना सारस्वत, ललिता शर्मा, मोनिका कौशिक, सुनीता यादव, कांता सोमानी, प्रमिला शर्मा, संतोष सर्राफ, खुशबू सिंहल सहित सैंकड़ों महिला-पुरुष श्रोता शामिल हुए। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273

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जगद्गुरु श्रीजी ने इस भूमि को बताया पवित्र और पूजनीय

श्री निम्बार्क पीठ के जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्रीजी महाराज ने कहा कि भगवान की कथा अमृत स्वरूप है। कथा पान करने से सभी समस्याएं समाप्त हो जाती है। धर्म का प्रचार, दुष्टों का नाश और गौ रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण का अवतार हुआ। वे धार्मिक नगरी ब्यावर में श्री बालाजी व जानकी महिला मंडल की ओर से आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में आशीर्वचन दे रहे थे।
श्रीजी महाराज ने कहा कि गौ सेवा से हरि प्रसन्न होते हैं। भगवद् भक्ति, संतों का संग और नाम संकीर्तन वैष्णवजन का प्रथम कर्त्तव्य है। उन्होंने कहा कि ब्यावर की पवित्र भूमि पूजनीय है। सनातन धर्म की रक्षा में ब्यावर का अहम योगदान है। आचार्यश्री के आगमन पर कथावाचक पंडित रविशंकर शास्त्री ने नमन कर स्वागत किया। मंच संचालन सुमित सारस्वत ने किया। कथा आयोजक राधेलाल गोयल, शकुंतला गोयल, माणक डाणी, केदार गर्ग, पं.मुकुंदशरण दाधीच, चेतन प्रकाश जोशी, हेमलता जोशी, दामोदर सर्राफ, राधेश्याम डाणी, ओमप्रकाश रायपुरिया, कांतिलाल डाणी, रमेश शर्मा, विनोद गोयल, सूर्यकुमार गर्ग, हंसराज शर्मा, बृजवल्लभ पाराशर, राजेंद्र अग्रवाल, राजेश सावलानी, विष्णु चौटिया, बसंती जोशी, मधु जोशी, कीर्ति गर्ग, किरण अग्रवाल, संतोष सर्राफ सहित कई शहरवासियों ने श्रीजी महाराज को वंदन कर आशीष लिया।
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मन को पवित्र करती है कथा : संत उमाशंकर

श्रीमद भागवत कथा हो या श्रीराम कथा या अन्य कोई कथा ये सभी भगवत प्राप्ति करवाती है। कथा सुनने से मन को सुख मिलता है और मन पवित्र हो जाता है। यह विचार संत उमाशंकर महाराज ने प्रभु बगिया में आयोजित श्रीराम कथा में व्यक्त किए।
कथावाचक ने कहा कि अन्न का कण, संत का क्षण कभी बर्बाद नहीं करना चाहिए है। भगवत कथा चाहे जो भी हो अवश्य श्रवण करना चाहिए। श्रीराम कथा का उद्गम ही त्रिवेणी संगम से होता है और वर्तमान में ब्यावर की धर्म भूमि पर यह दिव्य योग बना है। कथा के दौरान शिव विवाह में भोले बाबा की बारात का प्रसंग सुनाया गया।  शिव विवाह उत्सव में सभी भक्त भाव विभोर होकर नृत्य करने लगे।

भजन सुनें : ठाकुर पधारया म्हारे आंगणा

कथा में सभापति बबीता चौहान, आयुक्त दिनेश राय, पार्षद सीमा शर्मा, संपति बोहरा, नरेश कनोजिया, ईश्वर तंवर, नरेन्द्र चौहान, भरत शर्मा, रमेश बंसल, नवनीत हेड़ा, अंकुर उपाध्याय, गोपाल वर्मा, बबलू अग्रवाल, उर्मिला भाटी, अंजू हेड़ा, सीमा टांक, कंचन तंवर, सुमन पालड़िया, ममता गुप्ता, मंजू काबरा, मृदुला उपाध्याय सहित कई भक्त उपस्थित थे।


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December 23, 2017

कृष्ण ने उठाया गोवर्धन तो झूम उठी गोपियां

श्री बालाजी व जानकी महिला मंडल की ओर से ब्यावर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में पंडित रविशंकर शास्त्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाएं आनंद देने वाली है। प्रभु कथा श्रवण करने वाला मनुष्य तनाव मुक्त हो जाता है। जो मनुष्य परमात्मा की पूजा करता है उस भक्त का प्रभु ध्यान रखते हैं। जीवन को आनंदित बनाने के लिए सत्संग करें। जितना आनंद व सुख राधाकृष्ण की सेवा में है उतना किसी और सांसारिक वस्तु में नहीं। सच्चा भक्त बनने के लिए भक्ति को पुष्ट करना होगा।
कथावाचक ने कहा कि कभी सोने की चिडिय़ा कहलाने वाले भारत में संस्कार और संस्कृति नष्ट हो रही है। भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए संस्कार और संस्कृति को कायम रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि गोपियों ने संसार को परमात्मा से प्रेम करना सीखाया। सच्चा प्रेम परमात्मा से ही संभव है। वर्तमान में प्रेम की जगह आसक्ति आ गई है। प्रेम सदैव बढ़ता है जबकि आसक्ति निरंतर घटती है। परमात्मा से प्रेम आनंद व सुख देता है। मनुष्य से आसक्ति विरह और विलाप की वजह बनती है।


शनिवार को कृष्ण लीलाओं व गिरीराज धरण प्रसंग के मौके पर छप्पन भोग की झांकी सजाई गई। रानी शर्मा, परी शर्मा, खुशी गर्ग, परी सिंहल, देवेश यादव, केशव गोयल ने कृष्ण, राधा व गोपियों का रूप धरकर गोवर्धन लीला का सजीव मंचन किया। कथा प्रारंभ होने से पूर्व यजमान ओमप्रकाश रायपुरिया, सरस्वती अग्रवाल, पुरूषोत्तम अग्रवाल, कमलेश यादव, ललित गोयल, चित्रा गोयल, घनश्याम तंवर, कौशल्या तंवर, सावित्री कुमावत, स्नेहलता शर्मा, लीला सिंहल, रेखा जिंदल, पं.मुकुंदशरण दाधीच, मुंबई से आए सुभाष गर्ग, कीर्ति गर्ग, बिजयनगर से आए जगदीश गर्ग, इंद्रा गर्ग, अजमेर से आए नरेंद्र गोयल, रमेश अग्रवाल, पुष्पा अग्रवाल, अमरचंद कुमावत का दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया गया।

भजन सुनें : ठाकुर पधारया म्हारे आंगणा

कथा में सभापति बबीता चौहान, उपसभापति सुनील मूंदड़ा, आयुक्त दिनेश राय, मंडल प्रमुख शकुंतला गोयल, राधेलाल गोयल, माणक डाणी, केदार गर्ग, चेतन गर्ग, रमेश शर्मा, विनोद गोयल, कांतिलाल डाणी, चेतन प्रकाश जोशी, राधेश्याम डाणी, विजय तंवर, ललिता शर्मा, मोनिका कौशिक, साधना सारस्वत, सुनीता यादव, प्रभा नवाल, कुसुम डाणी, शोभा चौटिया, कविता शर्मा, सुनीता यादव, खुशबू सिंहल, रामप्रसाद मित्तल, मुकुटबिहारी गोयल, ओमप्रकाश दगदी, धर्मीचंद शर्मा, गोकुल श्याम सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।


रविवार को कथा में पधारेंगे जगद्गुरु
निम्बार्क पीठ के जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्यामशरणदेव श्रीजी महाराज रविवार को भागवत कथा में पधारेंगे। वे जगद्गुरु बनने के बाद ब्यावर में पहली बार सार्वजनिक कार्यक्रम में षिरकत करेंगे और अपने मुखारबिंद से भक्तों को आशीर्वचन देंगे। उनके सानिध्य में श्रीराम-जानकी विवाह उत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।

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