✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ओर सरकार राइजिंग राजस्थान जैसे ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट आयोजित कर रही है तो वहीं दूसरी ओर मिनरल उद्योग पर संकट छा गया है. अनुमानित 50 प्रतिशत उद्योग बंद हो गए हैं. कामकाज ठप होने और फैक्ट्रियों पर ताले लगने से बेरोजगारी बढ़ गई है. अब लघु उद्योग संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाई है.
संघ अध्यक्ष आशीषपाल पदावत ने बताया कि वर्तमान में मिनरल उद्योग गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है. 400-500 फैक्ट्रियां बंद हो गई है. शेष उद्योग भी बंद होने के कगार पर हैं. उद्योग संचालन मुश्किल हो गया है. हालत इतने बदतर हो गए हैं कि बड़े से बड़े उद्योगपति भी फैक्ट्री का खर्चा नहीं निकाल पा रहे हैं. मौजूदा हालात में सभी परेशान हैं. क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर हो रहा है.
उद्योग बंद रखकर करेंगे प्रदर्शन
उद्योगों की बदहाल स्थिति और संरक्षण की मांग को लेकर ब्यावर जिले के मिनरल कारोबारी गुरुवार को सभी उद्योग बंद रखेंगे. सुबह 10 बजे लघु उद्योग संघ कार्यालय पर एकत्र होकर रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे. यहां सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे. मिनरल उद्योगों से जुड़े वर्गों ने भी मांग का समर्थन किया है. व्यापारी, ट्रांसपोर्टर्स, बारदाना सप्लायर्स, मशीनरी व इलेक्ट्रिकल सप्लायर्स, स्पेयर्स सप्लायर्स, जेसीबी-डम्पर मालिक, रॉ मटेरियल सप्लायर्स समेत समस्त फैक्ट्रियों का स्टाफ और मजदूर रैली में शामिल होंगे. ©सुमित सारस्वत






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