✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान (Rajasthan) के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के बाद अब भजनलाल सरकार के मंत्री ने रगड़ाई शब्द का उपयोग किया है. सोमवार को ब्यावर (Beawar) में सरकार की ओर से लगाए गए ग्रामीण सेवा शिविर में पहुंचे सामाजिक न्याय एवं अधिकारी मंत्री अविनाश गहलोत (Avinash Gehlot) ने अधिकारियों-कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि 'यदि जनता से पैसे मांगे तो रगड़ कर रख दूंगा. ऐसा सबक सिखाऊंगा, कभी भूलोगे नहीं. जीवन में कहीं नौकरी नहीं कर पाओगे.'
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बीट कांस्टेबल को लगाई फटकार
कैबिनेट मंत्री गहलोत ने जैतारण विधानसभा क्षेत्र के बांजाकुड़ी गांव में आयोजित शिविर का अवलोकन करने के बाद जनसभा को संबोधित किया. भाषण के बीच इलाके के बीट कांस्टेबल को चेतावनी देते हुए दिखे. मंत्री ने लापरवाह अधिकारियों को चंद मिनटों में सस्पेंड करवाने की बात भी कही. मंत्री ने शिविर में भाषण देते हुए जनता से पूछा कि किसी अधिकारी की शिकायत हो तो बताओ, अभी सस्पेंड करवा दूंगा.
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लाभार्थियों को बांटे सर्टिफिकेट
मंत्री गहलोत ने ब्यावर जिले के बांजाकुड़ी और बलुन्दा गांव में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. कैंप में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन किया. आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली. ग्राम पंचायत बांजाकुड़ी में सरकारी योजना की लाभार्थी संतोष को विधवा पेंशन योजना स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया. अन्य लाभार्थियों को भी सर्टिफिकेट प्रदान किए. मंत्री ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है. इस दौरान जिला कलेक्टर कमलराम मीना, एसडीएम मनोज कुमार मीणा, पुलिस उपअधीक्षक रमेंद्र सिंह हाड़ा भी मौजूद रहे. ©सुमित सारस्वत
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June 15, 2026
राजस्थान सरकार के मंत्री बोले- 'पैसे लिए तो रगड़ कर रख दूंगा', अधिकारियों को दी चेतावनी
राजस्थान में ग्रामीण सेवा शिविरों से अधिकारी गायब, नाराज मंत्री बोले- 'लापरवाह अधिकारी होंगे सस्पेंड'
✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान (Rajasthan) प्रदेश के सामाजिक न्याय एवं अधिकारी मंत्री अविनाश गहलोत (Avinash Gehlot) सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर ब्यावर (Beawar) रहे. यहां जैतारण विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों का अवलाेकन किया. मंत्री की विजिट के दौरान प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई. मंत्री की मौजूदगी में भी कई अधिकारी कैंप में अनुपस्थित मिले. बांजाकुड़ी गांव में आयोजित शिविर में अधिकारियों के नदारद होने पर मंत्री ने नाराजगी जताई. जनता के बीच भाषण देते हुए मंत्री गहलोत ने चेतावनी दी कि सरकारी काम में किसी प्रकार की कोताई बर्दाश्त नहीं करेंगे. शिविर में अनपुस्थित रहने वाले लापरवाह अधिकारी सस्पेंड होंगे. उन्होंने कहा कि अगर अधिकारी ही नदारद रहेंगे तो जनता को लाभ कैसे मिलेगा? राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है.
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लाभार्थियों को बांटे सर्टिफिकेट
मंत्री गहलोत ने ब्यावर जिले के बांजाकुड़ी और बलुन्दा गांव में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. कैंप में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन किया. जिला कलेक्टर कमलराम मीना (IAS Kamalram Meena) से आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली. ग्राम पंचायत बांजाकुड़ी में सरकारी योजना की लाभार्थी संतोष को विधवा पेंशन योजना स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया. अन्य लाभार्थियों को भी सर्टिफिकेट प्रदान किए. मंत्री ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है.
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पौधे लगाकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मंत्री गहलोत ने ग्राम पंचायत बलुन्दा में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित राजस्थान का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने एक पेड़ मां के नाम अभियान और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) ने हरियालो राजस्थान अभियान इस धरती को हरा-भरा बनाए रखने के लिए शुरू किया. सभी को अभियान में शामिल होकर अधिक से अधिक पौधे लगाने चाहिए और उनके पेड़ बनने तक देखभाल करनी चाहिए. निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर कमलराम मीना, एसडीएम मनोज कुमार मीणा, पुलिस उपअधीक्षक रमेंद्र सिंह हाड़ा भी मौजूद रहे. ©सुमित सारस्वत
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March 15, 2026
..तो क्या नहीं आएंगे बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष !, कुटुंब सम्मेलन से पहले भाजपा में भूचाल - BJP Controversy
सियासी गलियारों में ब्यावर के पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा (Devishankar Bhutra) के पोस्टर की चर्चाओं के बीच वर्तमान विधायक शंकर सिंह रावत की एक फोटो से बीजेपी में भूचाल आ गया है. तस्वीर में विधायक रावत के साथ ब्यावर के नेता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) और अन्य नेताओं से मुलाकात करते दिख रहे हैं. कुटुंब सम्मेलन से ठीक पहले सामने आई इस तस्वीर ने कयासों का कारवां बढ़ा दिया है. लोग इस तस्वीर को देखकर अलग-अलग तरह के अनुमान लगा रहे हैं. मामले की जानकारी जुटाई तो सूत्रों से पता लगा कि यह तस्वीर जयपुर स्थित बीजेपी (BJP) मुख्यालय की है. शनिवार को विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat) के साथ पूर्व विधायक बबीता चौहान, नरेश कनौजिया, पूर्व पार्षद रविंद्र जॉय, कुलदीप बोहरा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने बीजेपी आलाकमान से मुलाकात की. रविवार को होने वाले कुटुंब सम्मेलन आयोजन को लेकर यह आकस्मिक मुलाकात हुई थी.
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निमंत्रण नहीं मिलने से नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का होली स्नेह मिलन बताकर आयोजित किए जा रहे कुटुंब सम्मेलन में कई जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया. इससे नेताओं और उनके समर्थकों में नाराजगी है. पार्टी चीफ से मुलाकात की वजह भी यही बताई गई है. सूत्रों ने बताया कि मुलाकात के दौरान नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को कहा कि 'कुटुंब सम्मेलन भाजपा का नहीं, एक व्यक्ति विशेष का आयोजन है. खुद को कमबैक करने के लिए यह कार्यक्रम रखा है.'
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'आपका आगमन सम्मान कुचलने जैसा'
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कुटुंब सम्मेलन के मुख्य अतिथि हैं. इनके साथ प्रदेश के कई नेता और मंत्री भी अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं. सूत्रों के मुताबिक, राठौड़ से मुलाकात के दौरान स्थानीय नेताओं ने कहा कि 'आप पार्टी के मुखिया हैं इसलिए आपको रोक तो नहीं सकते, लेकिन यदि आप सम्मेलन में शामिल हुए तो यह समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान को कुचलने जैसा होगा.'
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भूतड़ा ने ऑफिस जाकर रावत को दिया निमंत्रण
निमंत्रण के बारे में जानकारी जुटाने पर पता लगा कि विधायक रावत को निमंत्रण देने के लिए भूतड़ा स्वयं उनके ऑफिस गए थे. भूतड़ा को अचानक देखकर रावत ने हैरानी भरे स्वर में यह भी कहा बताए कि 'आज तो भला पधारया'. उस वक्त भूतड़ा ने कहा कि 'कार्यक्रम में पधारना है'. जवाब में रावत ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया वे कार्यक्रम में जरूर आएंगे.
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कार्यकर्ताओं के सम्मान में विधायक भी मैदान में
सूत्रों के मुताबिक, अपने समर्थक कार्यकर्ताओं का सम्मान बरकरार रखने के लिए विधायक रावत भी मैदान में उतर आए हैं. उनका मानना है कि कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों की बदौलत ही विधायक बने हैं. प्रत्येक कार्यकर्ता के सम्मान की रक्षा करना उनका कर्त्तव्य है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्यावर में जल्द ही भाजपा के बैनर तले एक और बड़ा आयोजन होगा. इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है. इस मामले में हमने विधायक रावत से बात करनी चाही लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
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कब शांत होगा शंकर का 'तांडव'?
इत्तेफाक से ब्यावर बीजेपी के दोनों बड़े नेताओं के नाम में शंकर समाहित हैं, एक देवीशंकर और दूसरे शंकर सिंह. करीब दो दशक से इन दोनों नेताओं के बीच सियासी मनमुटाव कायम है. कभी कोई एक पहल करके एकजुटता का प्रयास करे तो दूसरा नहीं मानता, और अगर दोनों मान जाए तो शायद कोई तीसरा इनकी तीसरी आंख खुलवाकर एक नहीं होने देता. दोनों दिग्गज नेताओं की आपसी लड़ाई से कई कार्यकर्ता असमंजस में है. उनके मन में सवाल है कि किसका साथ दें? और किससे दूर रहें? बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर इन शंकर का सियासी 'तांडव' कब शांत होगा? ©सुमित सारस्वत
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ऐतिहासिक कुटुंब सम्मेलन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष समेत कई नेता-मंत्री करेंगे शिरकत, देवीशंकर भूतड़ा के नेतृत्व में होगा विशाल आयोजन - BJP Sammelan
✍🏻 सुमित सारस्वत
ब्यावर में सामाजिक समरसता के अग्रज, लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था तथा लोक कल्याण के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान को सर्वोपरि रखने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता देवीशंकर भूतड़ा (Devishankar Bhutra) के नेतृत्व में भाजपा परिवार का विशाल कुटुंब सम्मेलन आयोजित होगा. ब्यावर के राघव श्री गार्डन में रविवार को होने वाले विशाल आयोजन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore), केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी (Bhagirath Choudhary) समेत कई नेता और मंत्री शिरकत करेंगे. दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक कार्यकर्ताओं और परिवार के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी करेंगे. कुशल रणनीतिकार भूतड़ा के निर्देशन में होने वाला भाजपा का यह आयोजन आगामी चुनावों में पार्टी के लिए मिल का पत्थर साबित होगा.
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कार्यकर्ता परिवार सहित दिखाएंगे प्रतिभा
कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और उनके परिवार के लिए रोचक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा. महिलाओं के लिए चेयर रेस व सामूहिक घूमर नृत्य प्रतियोगिता होगी. कपल व ग्रुप डांस, हाउजी गेम, कपल्स गेम के साथ केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों पर स्लोगन प्रतियोगिता भी होगी. नए कार्यकर्ताओं का भाजपा में स्वागत कर सदस्यता प्रदान की जाएगी. साथ ही वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और सर्व समाज अध्यक्षों को सम्मानित करेंगे. सामूहिक नृत्य के साथ फूलों की होली खेलकर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा. इस आयोजन को लेकर बीजेपी परिवारों में उत्साह का माहौल है.
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'कुटुंब' के बीच आएंगे यह नेता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ मुख्य अतिथि होंगे. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, प्रदेश के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत (Avinash Gehlot), जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भडाणा, प्रदेश महामंत्री मिथिलेश गौतम, प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता गैना अति विशिष्ट अतिथि होंगे. ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat), मसूदा विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत, अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल, केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लाम्बा, सोजत विधायक शोभा चौहान, आसींद विधायक जब्बर सिंह सांखला विशिष्ट अतिथि होंगे. अजमेर देहात जिलाध्यक्ष जीतमल प्रजापत अध्यक्षता करेंगे.
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तैयारियों को दिया अंतिम रूप
आयोजन के लिए पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा के निर्देशन में संयोजक पवन जैन, सह संयोजक चेतन गोयर, बृजकिशोर शर्मा, शिवप्रकाश सामरिया, करण सिंह रावत, यज्ञेश शर्मा, प्रभुसिंह रावत, राजेश्वरी यादव, दाऊसिंह रावत, रवि चौहान, संतोष रावत, विजय दगदी, प्रदीप रावत, जयसिंह रावत, कुशाल सिंह रावत, नरेश मित्तल, सत्येंद्र यादव, तारा सोनी, संतोष दगदी, महेंद्र सिंह गौड़, जितेंद्र ठठेरा व अन्य कार्यकर्ताओं ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया. शहर की सियासत से लेकर सूबे के सियासी गलियारों तक इस आयोजन की खासी चर्चा है. ©सुमित सारस्वत
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January 10, 2026
भाजपा के राम की राह पर अब कांग्रेस, मुस्लिम नेता बोलीं- 'भगवान राम को पूरा विश्व मानता है लेकिन..'
✍🏻 सुमित सारस्वत
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण ठुकराने वाली कांग्रेस भी अब राम के नाम पर राजनीति करने लगी है. राजस्थान (Rajasthan) के ब्यावर (Beawar) में कांग्रेस नेताओं ने राम नाम का सहारा लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा. सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस (Congress) ने 45 दिवसीय मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन का आगाज किया. 10 जनवरी से 25 फरवरी तक होने वाले देशव्यापी आंदोलन की शुरूआत शनिवार को पत्रकार वार्ता से की.
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राम के नाम पर नई योजना लाएं
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री नसीम अख्तर (Naseem Akhtar) ने कहा कि भाजपा (BJP) बरसों से राम के नाम पर राजनीति कर रही है. अब मोदी सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी कर दिया है. भगवान राम (Ram) को भारत ही नहीं, पूरा विश्व मानता है. हम चाहते हैं कि सरकार राम के नाम पर कोई नई योजना लेकर आए, पुरानी योजनाओं का नाम बदलकर देश की जनता को बेवकूफ न बनाए. किसान, मजदूर, दलित, अल्पसंख्यक पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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कांग्रेसी भी करते हैं राम की पूजा
पीसीसी महासचिव राकेश पारीक (Rakesh Pareek) ने आरोप लगाया कि देश को सिर्फ चार गुजराती चला रहे हैं. सत्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के साथ उद्योगपति अडाणी और अंबानी, इन चारों ने मिलकर पूरे देश को हाइजेक कर रखा है. मोदी-शाह जनहित के मुद्दे भुलाकर राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं. राम सबके हैं. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों में भी हर सुबह भगवान राम की पूजा होती है.
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दफ्तर में तस्वीर लगाई लेकिन नाम हटा रहे
ब्यावर कांग्रेस जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी (Kishor Choudhary) ने कहा कि महात्मा गांधी भारत के राष्ट्रपिता हैं. मनरेगा योजना से इनका नाम हटाना हठधर्मिता और साजिश है. मोदी सरकार सिर्फ योजनाओं का नाम बदलकर जनता को गुमराह कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दफ्तर में फोटो महात्मा गांधी की लगा रखी है लेकिन योजनाओं से उनका नाम हटा रही है.
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मजदूरों से छीना मजदूरी का हक
पीसीसी सचिव और ब्यावर प्रभारी रूबी खान (Ruby Khan) ने कहा कि मनरेगा भारत की आत्मा है. इस योजना को खत्म कर सरकार गरीब, किसान, मजदूरों का शोषण कर रही है. बीजेपी ने मजदूरों से मजदूरी का हक छीन लिया है. मनरेगा का नाम और काम वही रहना चाहिए जो मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) और सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने तय किया था. अगर महात्मा गांधी का नाम खत्म हो गया तो भारत की रुह खत्म हो जाएगी. मनरेगा योजना की तत्काल वापसी की जाए. न्यूनतम मजदूरी प्रतिदिन 400 रुपए हो. इस दौरान पीसीसी नेता पारस पंच, ब्लॉक अध्यक्ष अशोक रांका, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष इशिका जैन, सेवादल जिला संगठक विक्रम सोलीवाल, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्रपाल पंवार, राम यादव, शेखर शर्मा, मेघराज बोहरा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे. ©सुमित सारस्वत
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January 9, 2026
उद्योग आंदोलन में पदावत का शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर नारों के बीच चर्चा आशीष की
राजस्थान में खत्म होते मिनरल उद्योग (Mineral Industry) को बचाने के लिए हजारों मजदूर और उद्याेगपति ब्यावर (Beawar) की सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन चहुंओर चर्चा आशीष पाल पदावत (Ashish Pal Padawat) की हो रही थी. बीते करीब एक दशक से ब्यावर लघु उद्योग संघ अध्यक्ष पदावत ने लंबे समय से उद्योगों को बचाने का बीड़ा उठा रखा है. वे खत्म होते व्यापार को सुरक्षित रख हजारों मजदूरों को बेरोजगार होने से बचाने का प्रयास कर रहे हैं. अध्यक्ष होने के नाते आक्रोश रैली (Protest Rally) का नेतृत्व भी वही कर रहे थे. रैली में शामिल हजारों की तादाद में भीड़ देखने वाले लोग इसे पदावत का शक्ति प्रदर्शन बता रहे थे.
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जगजाहिर है कि आशीष पदावत उद्योग संघ के साथ ही सियासत में भी काफी सक्रिय हैं. पैदाइश भी कांग्रेस समर्थक परिवार में हुई है और यही वजह है कि बचपन से सियासत को करीब से देख रहे हैं. उद्योग आंदोलन की तैयारियों के बीच शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि इतनी भीड़ जुटेगी और लोग इसे शक्ति प्रदर्शन मानकर चर्चा करेंगे.
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गौरतलब है कि सियासत (Politics) में किसी भी नेता की ताकत का अंदाजा भीड़ से ही लगाया जाता है. यही वजह है कि समय-समय पर नेता अपनी जन-शक्ति दिखाने के लिए आलाकमान के सामने भीड़ जुटाते रहे हैं. हालांकि, सियासत में सक्रिय रहते हुए पदावत ने अभी तक ऐसा नहीं किया. या यूं कहें कि उन्हें ऐसा करने का कोई मौका नहीं मिला. गत विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए पुरजोर प्रयास किए लेकिन शालीनता के साथ. बस यही वजह रही कि उद्योग आंदोलन में पदावत के शक्ति प्रदर्शन की कई जगह चर्चा हुई.
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कलेक्ट्रेट परिसर में बाजार के एक बड़े व्यापारी ने कहा, "मैं मोदी का समर्थन करता हूं लेकिन यदि पदावतजी को कांग्रेस का टिकट मिलता तो उनका साथ देता. मैं चाहता हूं कि कांग्रेस के दूसरे नेताओं को अब इनका साथ देना चाहिए ताकि ब्यावर का भविष्य सुधरे." एक भाजपा (BJP) समर्थक व्यापारी का कांग्रेस (Congress) नेता के प्रति ऐसा विचार बताता है कि चुनाव के वक्त पार्टी से ज्यादा जरूरी व्यक्ति होता है, और होना भी यही चाहिए.
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एक सरकारी कार्मिक बोले, "आशीषजी निर्विवाद छवि वाले नेता हैं. किसी से कोई बैर नहीं रखते. सभी को साथ लेकर चलते हैं. रैली में भी कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के नेता इनके साथ चल रहे थे. अगर यह चुनाव लड़े तो हर वर्ग इनका साथ देगा." इस बात पर वहां मौजूद एक समाज प्रमुख ने चुटकी लेते हुए यह भी कह दिया कि "जो पिछले चुनाव में टिकट मांगकर शहर की सत्ता पर राज करने का सपना देख रहे थे वे इन दिनों कार्यकर्ता बनकर दूसरे नेताजी के पीछे घूम रहे हैं."
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बहरहाल, विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है लेकिन आने वाले निकाय चुनाव की घोषणा से पहले सियासी सरगर्मियां सर्दी में भी सन्नाटा चीर रही हैं. ©सुमित सारस्वत
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October 15, 2025
कांग्रेस ने जलदाय विभाग का घेराव कर बजाई खाली मटकियां, पेयजल किल्लत पर आक्रोश प्रदर्शन - Congress Protest In Rajasthan
✍🏻 सुमित सारस्वत
इस साल देश-प्रदेश में भरपूर बारिश हुई. वर्षा जल से नदी, तालाब, बांध भर गए. इसके बावजूद घरों में पानी के हौद खाली हैं. राजस्थान (Rajasthan) में जलदाय विभाग पूरा पानी नहीं दे रहा. आलम यह है कि इतनी बारिश के बावजूद सर्दी का मौसम आने पर भी लोग पेयजल किल्लत का सामना कर रहे हैं. इसी बात से गुस्साई कांग्रेस (Congress) ने आज ब्यावर (Beawar) जिला मुख्यालय पर दो घंटे तक आक्रोश प्रदर्शन किया.
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दीपावली पर भी पीने का पानी पूरा नहीं
ब्यावर के कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को हाथों में खाली मटकियां लेकर जलदाय विभाग के दफ्तर पहुंचे. यहां एईएन सुरेंद्र तंवर व सुनील जीनगर का घेराव किया. पेयजल किल्लत को लेकर नाराजगी जताते हुए खाली मटकियां बजाकर विरोध प्रदर्शन किया. सेवादल जिलाध्यक्ष विक्रम सोनी ने बताया कि हिन्दुओं के सबसे बड़े महापर्व दीपावली (Diwali Festival) पर भी जनता को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है. ब्यावर शहर को 31 एमएलडी पानी की आवश्यकता है लेकिन सरकार 24 एमएलडी पानी ही दे रही है. इससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है.
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72 से 96 घंटे में हो रही जलापूर्ति
प्रदेश महासचिव सोहन मेवाड़ा ने आरोप लगाया कि विकास के दावे करने वाली सरकार (Government) पीने का पानी भी 72 घंटे से 96 घंटे के अंतराल में दे रही है. त्योहार के वक्त जनता पेयजल किल्लत से परेशान है. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और पेयजल सप्लाई 48 घंटे के अंतराल में नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी.
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चीफ इंजीनियर नहीं दे सके जवाब
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक माणक डाणी ने अजमेर के चीफ इंजीनियर रामचंद्र से मोबाइल फोन पर बात की. डाणी ने जानना चाहा कि ब्यावर शहर को कितने एमएलडी पानी मिल रहा है और कितने एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है. इसका जवाब अधिकारी नहीं दे सके. ©सुमित सारस्वत
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यह कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सचिव सुलक्षणा शर्मा, संपति बोहरा, उर्मिला कंवरिया, ऋषि लांबा, कैलाश गहलोत, विमल चौहान, माणक बोहरा, ज्योति कंवर, बाबूलाल पंवार, अरविंद माथुर, लोकेश कुमार, भरत भाटी, तुषार महर्षि समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे.
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May 28, 2025
राजस्थान महिला कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति, अलका लांबा ने जारी की पहली सूची - Rajasthan Mahila Congress
✍🏻 सुमित सारस्वत
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा (Alka Lamba) ने बुधवार को राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस के 16 जिला अध्यक्षों की पहली सूची जारी की. ब्यावर (Beawar) में जिला अध्यक्ष पद पर युवा नेत्री इशिका जैन (Ishika Jain) को नियुक्त किया है. अब तक कांग्रेस में महज एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर सक्रिय भागीदारी निभा रही इशिका को महज 23 साल की उम्र में बड़ा पद मिलना सिटी की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है.
जिस तरह महत्वपूर्ण खबर का कवरेज करने और जमीनी हकीकत जानने के लिए पत्रकार ग्राउंड जीरो (Ground Zero) पर जाकर रिपोर्टिंग करता है उसी तरह इशिका ने भी पार्टी में धरातल पर काम कर पॉइंट जीरो (Point Zero) से राजनीति की शुरुआत की. सियासी समर्पण का परिणाम यह निकला कि संगठन ने एक सामान्य कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी देकर सम्मान से नवाजा. लांबा ने काम से प्रभावित होकर कुछ समय पहले इशिका को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया था. अब जिला अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद पहली बार पार्टी की सुर्खियों में आई इशिका ने बेहद कम समय में लंबी सियासी छलांग लगाई है.
इशिका की यह नियुक्ति उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को नसीहत है जो पद पर होने के बावजूद पार्टी के प्रति समर्पित नहीं है, जो पार्टी के कार्यक्रमों से नदारद रहते हैं, जो संगठन हित से ज्यादा स्वहित सोचते हैं. संगठन कोई भी हो, काम करने वाले को प्रतिफल मिलता ही है, चाहे देर से ही. उम्मीद की जानी चाहिए कि छोटी उम्र में बड़ा पद पाकर इशिका अपनी सियासी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर मंद हो चुकी महिला कांग्रेस को गति प्रदान करेंगी. -सुमित सारस्वत, मो.9462737273
May 27, 2025
विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की नई रणनीति, पहली बार ब्लॉक के अधीन मंडल का गठन - New Strategy of Congress
✍🏻 सुमित सारस्वत
सूबे में विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के बाद अब नई रणनीति अपनाते हुए पहली बार ब्लॉक के अधीन नए मंडल गठन कर अध्यक्ष नियुक्त किए हैं. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) ने ब्यावर विधानसभा क्षेत्र के दो ब्लॉक में 11 मंडल गठन किए हैं. ब्यावर ब्लॉक में 5 और जवाजा ब्लॉक में 6 मंडल अध्यक्षाें की घोषणा की है.
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युवाओं के भरोसे कांग्रेस की कमान
प्रदेश आलाकमान ने इस बार युवाओं पर भरोसा जताते हुए उन्हें कमान सौंपी है. ब्यावर (Beawar) ब्लॉक के ज्योतिबा फुले में राम यादव, श्री बालाजी में हिमांशु शर्मा, शहीद भगत सिंह में पृथ्वीराज गहलोत, बाबा रामदेव में महेंद्र सामरिया और श्री परशुराम में चंद्रशेखर शर्मा को मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया है.
जवाजा (Jawaja) ब्लॉक के रूपनगर में सिकंदर, गणेशपुरा में हरिराम मेघवाल, भालिया में तिकेंद्र सिंह रावत, राजियावास में दिनेश सिंह रावत, जवाजा में पूरणमल शर्मा और देलवाड़ा में हुसैन मोहम्मद को मंडल अध्यक्ष का दायित्व सौंपा है. पीसीसी चीफ डोटासरा ने इन नियुक्तियों के साथ भरोसा जताया है कि अब कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत होगी. नवनियुक्त अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने में पूर्ण समर्पण भाव से योगदान देंगे.
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मंडल गठन से कांग्रेस को मिलेगी मजबूती
भाजपा (BJP) जब बूथ तक पन्ना प्रमुख बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है तब कहीं जाकर अब कांग्रेस (Congress) ने मंडल अध्यक्ष बनाए हैं. देर से ही सही, लेकिन पार्टी का यह फैसला निश्चित तौर पर कांग्रेस को अधिक मजबूत बनाने में मददगार साबित हो सकता है. अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले निकाय चुनाव में यह नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष कितनी शिद्दत के साथ कार्य कर पार्टी का परचम लहराने और सफलता में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे. ©सुमित सारस्वत
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March 29, 2025
बीजेपी में नियुक्तियों के बाद बवाल, मंत्री ने किया पार्टी छोड़ने का एलान, जानें क्या है वजह ? - BJP Controversy
✍🏻 सुमित सारस्वत
राजनीति में अनुशासित कही जाने वाली भारतीय जनता पार्टी में नियुक्तियों के बाद बवाल मच गया है. मंडल कार्यकारिणी की घोषणा होने के बाद नवनियुक्त पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी प्रकट करते हुए विरोध किया है. यह विरोध मंडल महामंत्री पद को लेकर है. मामला ब्यावर (Beawar) विधानसभा क्षेत्र के सम्राट पृथ्वीराज चौहान मंडल का है.
मामले के अनुसार, बीजेपी (BJP) ने शुक्रवार शाम को ब्यावर में विभिन्न मंडल कार्यकारिणी की घोषणा की थी. नवनियुक्त कार्यकारिणी सदस्यों के नाम सार्वजनिक होते ही सम्राट पृथ्वीराज चौहान मंडल में विरोध होने लगा. विरोध करने वालों में भी सामान्य कार्यकर्ता नहीं, वह आगे थे जिन्हें संगठन में प्रमुख पद पर जिम्मेदारी मिली. मंडल के नवनियुक्त मंत्री देलवाड़ा निवासी कपिल बोयत ने अपने दो सौ समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ने का एलान तक कर दिया. विरोध की वजह महामंत्री पद पर हुई नियुक्ति थी.
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दरअसल, मंडल अध्यक्ष जयसिंह सुहावा ने कार्यकारिणी में महामंत्री पद पर अतीतमंड निवासी नरेंद्र सिंह को नियुक्त किया. संगठन में यह पद बेहद अहम माना जाता है. इसे लेकर विरोध शुरू हो गया. नवनियुक्त मंत्री कपिल बोयत और पूर्व महामंत्री मुकेश जोधावत ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि संगठन ने समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर कांग्रेसी को पार्टी का प्रमुख पद सौंप दिया. बीजेपी के नवनियुक्त मंडल महामंत्री नरेंद्र सिंह की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुई हैं जिनमें वे कांग्रेस नेता सुदर्शन सिंह रावत (Sudarshan Singh Rawat) और मनोज चौहान (Manoj Chauhan) के साथ चुनाव प्रचार करते दिख रहे हैं.
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सोशल मीडिया पर बोयत ने लिखा कि 'ब्यावर की भारतीय जनता पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं का हनन कर पार्टी को गर्त में धकेलने का काम कर रही है. राष्ट्र के लिए घर-घर चंदा लेने गए कार्यकर्ताओं को पार्टी ने छोड़ दिया, यह राजनीति सही नहीं है. बीजेपी में कांग्रेस जिंदाबाद करने वाले लोग घुस गए हैं. मैं पार्टी का काम नहीं करूंगा और 200 कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी छोडूंगा.' जोधावत ने लिखा कि 'कट्टर कांग्रेस (Congress) कार्यकर्ता को कार्यकारिणी में स्थान मिला है.' इस मामले को लेकर हमने मंडल अध्यक्ष जयसिंह से बात करनी चाही लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
March 28, 2025
भाजपा मंडल नवगठन में भूतड़ा समर्थकों को तरजीह, जानें क्या है मामला ? - BJP Controversy
✍🏻 सुमित सारस्वत
शहर के विकास में अहम भूमिका निभाने वाले निकाय के आगामी चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने मंडल का नवगठन किया है. शुक्रवार को ब्यावर (Beawar) के आशापुरा माता मंडल और महाराणा प्रताप मंडल की जंबोजेट कार्यकारिणी घोषित की गई. आशापुरा में 20 और महाराणा में 61 सदस्यों को शामिल किया है. इन दोनों ही कार्यकारिणी में ब्यावर बीजेपी (BJP) के वरिष्ठ नेता देवीशंकर भूतड़ा (Devishankar Bhutra) के समर्थकों को तवज्जो मिली है. शहर में करीब दो दशक से गुटबाजी की शिकार पार्टी में कार्यकर्ताओं के नामों की सूची से सार्वजनिक संदेश दिया गया है कि पूर्व में विधायक और देहात जिला अध्यक्ष का पद संभाल चुके भूतड़ा का दबदबा पार्टी में आज भी कायम है. यह भी तय मान सकते हैं कि आगामी निकाय चुनाव के टिकट वितरण में पूर्व की भांति भूतड़ा की ही भूमिका अहम रहेगी. बेशक, संगठन चुनाव के बाद देहात जिलाध्यक्ष पद पर जीतमल प्रजापत की नियुक्ति हुई हो लेकिन शहर से राजधानी तक आज भी भूतड़ा मजबूत पकड़ रखते हैं. यही कारण रहा कि मंडल अध्यक्ष जैसे अहम पद पर उनके सिपहसालार विजय दगदी और रवि चौहान की नियुक्तियां हुई.
महाराणा प्रताप मंडल में इन्हें मिला दायित्व
मंडल अध्यक्ष रवि चौहान ने 19 पदाधिकारियों और 42 सदस्यों को शामिल किया है. उपाध्यक्ष तारा सोनी, महेंद्र सिंह गौड़, नवलकिशोर मुरारका, बुधराज शर्मा, संतोष दगदी, सुमिता बाबेल, महामंत्री सत्येंद्र यादव, संतोष जाग्रत, मंत्री ममता वैष्णव, कांता ग्वाला, शशि चांवरिया, ललित आसरवा, देवेंद्र सेन, हेमंत खत्री, कोषाध्यक्ष नितिन खंडेलवाल, कार्यालय प्रभारी रामेश्वर गहलोत और आईटी संयोजक मनीष बंसल को नियुक्त किया है. कार्यकारिणी में साधना सारस्वत, कमला दगदी, प्रीति शर्मा, अंजू गोयल, रेखा भाटी, रिद्धि राजावत, रेणु दगदी, अनिल भोजक, त्रिलोक शर्मा, भवानी शंकर शर्मा, नाथूलाल पारीक, हरीश सांखला, राकेश भंडारी, पवन रायपुरिया, अविनाश गर्ग, राकेश नरूका, अरिहंत कांकरिया, गोविंद घावरी, दिलीप दगदी, संजय भाटी, शैलेंद्र चौहान, जगदीश रायपुरिया, भंवर सिंह चौहान, छोटीदेवी रेगर, ममता छत्रावत, भूरीदेवी मेघवाल, सीमा शर्मा, संगीता द्विवेदी, मंजू अरोड़ा, ललित जालान, सुनीता भाटी, राम भारती, कैलाश गहलोत, डी.के. जैन, केसरीमल सांखला, हेमसिंह रावत, रमेशचंद राठौड़, सौभागमल खोरवाल, प्रकाश माली, ईश्वर राजवानी, दिलीप भंडारी, कन्हैयालाल साहू को सदस्य रूप में शामिल किया है.
आशापुरा माता मंडल में इन्हें मिली जिम्मेदारी
मंडल अध्यक्ष विजय दगदी ने 20 पदाधिकारियों को शामिल किया है. उपाध्यक्ष देवकीनंदन शर्मा, पदमा भराड़िया, नवीन मेहता, कुंजबिहारी तोलम्बिया, मुकेश घावरी, राजेश जांगिड़, महामंत्री हिमांशु शर्मा, कृष्णा भूतड़ा, मंत्री लता शर्मा, पुष्पा आसवानी, विनीता, कंचन रावत, श्यामसुंदर प्रजापति, सुरेश गहलोत, कोषाध्यक्ष आशीष शर्मा, आईटी संयोजक रूपेश कोठारी, कार्यालय मंत्री बजरंग प्रजापति, मीडिया प्रभारी लोकेंद्र सिंह पंवार और प्रचार मंत्री भुवनेश सिसोदिया को नियुक्त किया है. अध्यक्ष दगदी ने कार्यकारिणी सदस्यों के नामों का खुलासा नहीं किया है.
January 24, 2025
..इंतजार में बीत गई 24 जनवरी ! अब कब होगा मंत्रिमंडल विस्तार? - Rajasthan Cabinet Expansion
✍🏻 सुमित सारस्वत
आज 24 जनवरी है. चंद रोज से आज के दिन की काफी चर्चा थी लेकिन चर्चाओं को पंख नहीं लगे. दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ दिन से एक फेक न्यूज (Fake News) वायरल हो रही थी कि 24 जनवरी को राजस्थान मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, लेकिन आज ऐसा कुछ नहीं हुआ. भविष्य में ऐसा कुछ हो तो फिलहाल खबर नहीं. आज के दिन वाली चर्चा को मजबूत बनाने के लिए सोशल मीडिया पर कसीदे गढ़ने वालों ने तर्क दिया कि बीजेपी (BJP) विधायकों को राजधानी बुलाया गया है. चंद पसंदीदा नेताओं के नामों की नाव भी चलाई. किसी ने मंत्रिमंडल विस्तार का सुर्रा छोड़ा और सोशल मीडिया (Social Media) पर कयासों का काल्पनिक कारवां बढ़ गया. अब आपको बताते हैं कि भाजपा विधायकों को राजधानी क्यों बुलाया गया?
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दरअसल, 28 जनवरी को सीएम भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल और पार्टी विधायकों के साथ महाकुंभ (Maha Kumbh Mela) में संगम स्नान करने प्रयागराज (Prayagraj) जाएंगे. इससे पहले 25 व 26 जनवरी को सरकार के साथ उच्च अधिकारी उदयपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में व्यस्त रहेंगे. ऐसे में कुंभ की कुशल तैयारियां पूर्व में ही तय हो जाए इसलिए विधायकों को बुलाकर पूछा गया कि कौन-कौन कुंभ में चलने के इच्छुक हैं? संख्या के आधार पर विमान से आवागमन और आवास व्यवस्था तय की गई है.
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खैर, अब 24 जनवरी बितने के बाद आज एक बार फिर नई चर्चा शुरू हो गई है कि गणतंत्र दिवस (Republic Day) के बाद मंत्रिमंडल विस्तार होगा. ऐसे में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि बसंत पंचमी (Basant Panchami) से पहले विधायकाें की पौ-बारह होगी और उनके जीवन में खुशियों का बसंत आएगा. फिलहाल, फिर वही बात कि जहां यह चर्चा होनी चाहिए, वहां आज भी कोई चर्चा नहीं. ©सुमित सारस्वत
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January 8, 2025
अब 'दिया' से चमकेगा ब्यावर !, सरकार ने बदले सूबे के जिला प्रभारी - District Incharge of Rajasthan
✍🏻 सुमित सारस्वत
सीएम भजनलाल शर्मा (Bhajan lal Sharma) की सरकार ने सूबे के जिला प्रभारी बदल दिए हैं. ब्यावर में डिप्टी सीएम दिया कुमारी (Diya Kumari) को जिला प्रभारी नियुक्त किया है. पूर्व प्रभारी झाबर सिंह खर्रा को अब पाली का जिम्मा सौंपा है. ब्यावर मूल की मंत्री डॉ. मंजू बाघमार (Manju Bahumat) को प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिला प्रभारी का दायित्व दिया है.
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डिप्टी सीएम के साथ ही दिया कुमारी के पास वित्त और सार्वजनिक निर्माण विभाग जैसे बड़े मंत्रालय भी हैं. ऐसे में उम्मीद कि जा सकती है कि उनके प्रभारी रहते ब्यावर (Beawar) में बदहाल सड़कों की सूरत बदलेगी और वित्त कोष से भरपूर विकास होगा. क्षेत्रीय सांसद रहते भी दिया की ब्यावर में सक्रियता रही थी. अब तक रहे सांसदों में शहर के सबसे ज्यादा दौरे उन्होंने ही किए.
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अब दिया के ब्यावर संभालने से स्थानीय नेता इंदरसिंह बागावास (Inder Singh Bagawas) और महेंद्र रावत (Mahendra Rawat) की राजनीति भी फिर चमकेगी. इन दोनों नेताओं के कुमारी से करीबी संबंध हैं. सांसद चुनाव के वक्त इन दोनों ने सक्रिय भूमिका के साथ जीत में भागीदारी निभाई थी. अब देखना दिलचस्प होगा कि बतौर जिला प्रभारी दिया कुमारी के काम से ब्यावर कितना चमकेगा! ©सुमित सारस्वत
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December 17, 2024
राजस्थान सरकार का एक साल पूरा, पीएम मोदी ने दी यह सौगातें - PM Modi in Rajasthan
✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान में सीएम भजनलाल शर्मा के नेतृत्व वाली भाजपा (BJP) सरकार का एक साल पूरा हाे गया है. इस मौके पर मंगलवार को राजधानी जयपुर (Jaipur) में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narenda Modi) ने कई सौगात दी. दादिया में आयोजित ‘एक वर्ष-परिणाम उत्कर्ष’ (Ek Varsh Parinaam Utkarsh) कार्यक्रम में ऊर्जा, सड़क एवं रेलवे से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) ने कहा कि इन परियोजनाओं से राजस्थान के पर्यटन, किसानों और नौजवानों को बहुत फायदा होगा. ये परियोजनाएं राजस्थान में पेयजल की चुनौती का स्थाई समाधान करेंगी और राजस्थान को देश में सबसे बेहतर संपर्क वाले राज्यों में से एक बनाएंगी. इससे राजस्थान में निवेश को बल मिलेगा. रोजगार के कई अवसर बनेंगे.
आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने ऊर्जा, सड़क, रेलवे (Railways) और जल (Water) से जुड़ी 46,300 करोड़ रुपए से अधिक की 24 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. 11,000 करोड़ रुपए से अधिक की 9 परियोजनाओं का उद्घाटन किया, जिनमें केंद्र सरकार की 7 और राज्य सरकार की 2 परियोजनाएं शामिल हैं. पीएम ने 35,300 करोड़ रुपए से अधिक की 15 परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिनमें केंद्र सरकार की 9 और राज्य सरकार की 6 परियोजनाएं शामिल हैं.
आधिकारिक बयान के अनुसार, मोदी ने जिन परियोजनाओं का उद्घाटन किया उनमें नवनेरा बैराज, स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी ट्रांसमिशन नेटवर्क और परिसंपत्ति प्रबंधन प्रणाली से जुड़ी परियोजनाएं, रेलवे के भीलड़ी-समदड़ी-लूणी-जोधपुर-मेड़ता रोड-डेगाना-रतनगढ़ खंड का विद्युतीकरण शामिल है. अधिकारियों के अनुसार, ये परियोजनाएं लोगों के आवागमन को सुगम बनाने और प्रधानमंत्री के हरित ऊर्जा के दृष्टिकोण के अनुरूप राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेंगी.
प्रधानमंत्री ने 9,400 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से रामगढ़ बैराज और महलपुर बैराज के निर्माण कार्य तथा चंबल नदी पर नहर के माध्यम से नवनेरा बैराज से बीसलपुर बांध और ईसरदा बांध तक पानी पहुंचाने की प्रणाली की आधारशिला रखी. सरकारी कार्यालय भवनों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने, पूगल (बीकानेर) में 2000 मेगावाट के एक सौर पार्क और 1000 मेगावाट के दो चरणों के सौर पार्कों के विकास तथा सैपऊ (धौलपुर) से भरतपुर-डीग-कुम्हेर-नगर-कामाण एवं पहाड़ी तथा चंबल-धौलपुर-भरतपुर तक पेयजल आपूर्ति लाइन के ‘रेट्रोफिटिंग’ (पुरानी या कम कुशल व्यवस्था में बदलाव किए बिना नई, अधिक ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकियों को लगाने की प्रक्रिया) कार्य का भी शिलान्यास किया.
मोदी ने लूणी-समदड़ी-भीलड़ी डबल लाइन, अजमेर-चंदेरिया डबल लाइन और जयपुर-सवाई माधोपुर डबल लाइन रेलवे परियोजना के साथ-साथ अन्य ऊर्जा पारेषण से संबंधित परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया. समारोह में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma), मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Mohan Yadav), केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, उप उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, दिया कुमारी (Diya Kumari), पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Vasundhara Raje), बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rahore) समेत कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रदेशभर से पहुंचे हजारों लोग मौजूद रहे.
कार्यक्रम का विडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें
November 21, 2024
कांग्रेस से महिलाओं का मोह भंग !, पार्टी कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं का टोटा
June 30, 2024
राजस्थान में 16वीं विधानसभा का सत्र 3 जुलाई से, जानें क्या हुई तैयारियां ?
राजस्थान में सोलहवीं विधानसभा का दूसरा सत्र 3 जुलाई को शुरू होगा. फोटो युक्त प्रवेश पत्र से ही विधानसभा (Rajasthan Assembly) में एंट्री होगी. अधिकारी एवं कर्मचारी भी फोटो युक्त क्यूआर कोड प्रवेश पत्र से ही विधानसभा में प्रवेश कर सकेंगे. सदन में मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है. वाहन भी एंट्री पास होने पर ही विधानसभा परिसर में प्रवेश कर सकेंगे. अध्यक्ष वासुदेव देवनानी (Vasudev Devnani) के निर्देश पर मीडियाकर्मी और कैमरामैन पश्चिमी द्वार के पास निर्धारित स्थान तक प्रवेश कर सकेंगे. सत्र के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं.©सुमित सारस्वत
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January 5, 2024
Rajasthan Ministers News: राजस्थान में मंत्रियों को विभागों का बंटवारा, जानें किस मंत्री को मिला कौनसा मंत्रालय?
Rajasthan Cabinet Expansion: राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद सीएम भजनलाल सरकार के मंत्रियों को मंत्रालय का बंटवारा कर दिया गया है. राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल में विभाग बंटवारे के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है. जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) ने गृह विभाग, कार्मिक विभाग, आबकारी विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, आयोजना विभाग, नीति निर्धारण प्रकोष्ठ - मुख्यमंत्री सचिवालय, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) एवं सामान्य प्रशासन विभाग अपने पास ही रखे हैं.
जानें किसे मिला कौनसा मंत्रालय ?
दिया कुमारी - वित्त विभाग, पर्यटन विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, कला, साहित्य, संस्कृति और पुरातत्व विभाग
डॉ. प्रेमचंद बैरवा - तकनीकी शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, आयुर्वेद, योग व प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा एवं हौम्योपैथी आयुष विभाग
किरोड़ीलाल मीणा - कृषि एवं उद्यानिकी विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग
गजेंद्र सिंह खींवसर - चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, ईएसआई
कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ - उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग, युवा मामलात और खेल विभाग, कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग, सैनिक कल्याण विभाग
मदन दिलावर - विद्यालयी शिक्षा विभाग (स्कूल एजुकेशन), पंचायती राज विभाग, संस्कृत शिक्षा विभाग
कन्हैयालाल चौधरी - जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भू-जल विभाग
जोगाराम पटेल - संसदीय कार्य विभाग, विधि एवं विधिक कार्य विभाग और विधि परामर्शी कार्यालय, न्याय विभाग
सुरेश सिंह रावत - जल संसाधन विभाग, जल संसाधन (आयोजना) विभाग
अविनाश गहलोत - सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग
सुमित गोदारा - खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, उपभोक्ता मामलात विभाग
जोराराम कुमावत - पशुपालन एवं डेयरी विभाग, गोपालन विभाग, देवस्थान विभाग
बाबूलाल खराड़ी - जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग, गृह रक्षा विभाग
हेमंत मीणा - राजस्व विभाग, उपनिवेशन विभाग
राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) को मिले यह मंत्रालय
सुरेन्द्रपाल सिंह टी.टी. - कृषि विपणन विभाग, कृषि सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता विभाग, इंदिरा गांधी नहर विभाग, अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ विभाग
संजय शर्मा - वन विभाग, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
गौतम कुमार - सहकारिता विभाग, नागरिक उड्डयन विभाग
झाबर सिंह खर्रा - नगरीय विकास विभाग, स्वायत्त शासन विभाग
हीरालाल नागर - ऊर्जा विभाग
राज्यमंत्रियों को मिले यह मंत्रालय
डॉ. मंजू बाघमार - महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग
ओटाराम देवासी - पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा
कृष्ण कुमार विश्नोई - उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, युवा मामलात और खेल विभाग, कौशल नियोजन एवं उद्यमिता विभाग
जवाहर सिंह बेढम - गृह विभाग, गोपालन विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग मत्स्य विभाग
उपरोक्त के अतिरिक्त अन्य अवितरित विभागों का कार्य मुख्यमंत्री स्वयं देखेंगे. ©सुमित सारस्वत
January 3, 2024
पहली बार गृह जिले में आगमन पर फुले को नमन कर क्या बोले मंत्री गहलोत - Avinash Gehlot in Beawar
राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत बुधवार को जयपुर (Jaipur) से जैतारण जाते वक्त ब्यावर रूके. मंत्री बनने के बाद पहली बार आगमन पर विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat) व नगर परिषद सभापति नरेश कनौजिया के नेतृत्व में बीजेपी (BJP) कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका गर्मजाेशी से स्वागत किया. गहलोत ने सातपुलिया स्थित फुले सर्किल पहुंचकर महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया. यहां माली समाज ने उनका अभिनंदन किया.
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मंत्री अविनाश गहलोत (Avinash Gehlot) ने कहा कि ब्यावर (Beawar) जिले का होने के नाते यहां की प्रमुख समस्याओं को दूर करना उनकी पहली प्राथमिकता होगी. केंद्र सरकार की विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत चलाए जा रहे अभियान में जन कल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का हरसंभव प्रयास करेंगे. ब्यावर आगमन पर गहलोत ने अजमेर रोड पर वंदे गौ मातरम् चैरिटेबल की ओर से संचालित सर्वजीव चिकित्सालय का भी अवलोकन किया और सेवा को सराहा. ब्यावर में स्वागत कार्यक्रम के बाद मंत्री गहलोत ने जैतारण (Jaitaran) प्रस्थान किया. ©सुमित सारस्वत
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December 30, 2023
Rajasthan Cabinet Expansion: आप नेता ने लगाया आरोप, बोले- देश का मजाक बना रही बीजेपी
Rajasthan News: राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद भजनलाल सरकार ने कैबिनेट का विस्तार किया है. मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) समेत कुल 25 विधायकों के नाम शामिल हैं. इनमें सुरेंद्रपाल सिंह टीटी का नाम भी शामिल हैं जिन्हें राज्यमंत्री का स्वतंत्र प्रभार सौंपा है. टीटी अभी विधायक नहीं हैं. वे श्रीकरणपुर में होने वाले चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी हैं. वहां 5 जनवरी को मतदान होगा.
राजस्थान में भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल गठन को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता नीलेश बुरड़ ने बीजेपी (BJP) पर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी वालों ने सारे देश का मजाक बना रखा है. आम जनता को बेवकूफ बनाने के लिए चुनाव में जीतने से पहले ही मंत्री पद बांट रहे हैं. बुरड़ ने आरोप लगाया कि भाजपा ने श्रीकरणपुर विधानसभा में चुनाव आयोग को ठेंगा दिखाकर आदर्श आचार संहिता का उल्लघंन किया है.
बुरड़ ने कहा कि श्रीकरणपुर से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी की जीत तय थी. भाजपा प्रत्याशी सुरेंद्रपाल सिंह टीटी (Surendra Pal Singh) की हार को देखते हुए बीजेपी ने चुनाव से पहले ही टीटी को मंत्री पद की शपथ दिलाई है. देश में यह पहला मामला है जब चुनाव से पहले भाजपा ने अपने प्रत्याशी को मंत्री बनाया है. बुरड़ की मांग है कि चुनाव आयोग इस मामले में संज्ञान लेकर कार्यवाही करे. ©सुमित सारस्वत
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Rajasthan Cabinet Expansion: सीएम भजनलाल ने ब्यावर को दी बड़ी सौगात, बृजमोहनलाल के बाद दूसरे कैबिनेट मंत्री बने गहलोत, जानें पूरा मामला
✍🏻 सुमित सारस्वत
Rajasthan News: राजस्थान में 3 दिसंबर को विधानसभा चुनाव परिणाम आने के 27वें दिन आज 30 दिसंबर को भजनलाल सरकार की कैबिनेट का विस्तार हुआ. राजभवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) ने 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई. इनमें 12 कैबिनेट मंत्री, 5 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 5 राज्यमंत्री हैं. अब मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) समेत कुल 25 नाम शामिल हैं. प्रदेश के 18 जिलों से यह नए मंत्री बनाए हैं.
ब्यावर के अविनाश को बनाया मंत्री
सीएम भजनलाल ने मंत्रिमंडल विस्तार करते हुए नवगठित ब्यावर (Beawar) जिले को भी बड़ी सौगात दी है. सीएम ने विधायक अविनाश गहलोत (Avinash Gehlot) को कैबिनेट मंत्री बनाया है. वे जिले के जैतारण (Jaitaran) विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार जीतकर विधायक बने हैं. पहली बार वर्ष 2018 में भाजपा से विधायक चुने गए थे. इसके बाद इस साल विधानसभा चुनाव 2023 में लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं. पहली बार मंत्री बने गहलोत को कैबिनेट मंत्री का दर्जा मिला है. अविनाश माली समाज का प्रमुख चेहरा है.
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गहलोत बने ब्यावर के दूसरे मंत्री
अविनाश गहलोत ब्यावर क्षेत्र से मंत्री बनने वाले दूसरे विधायक हैं. इनसे पहले वर्ष 1957 में पहली बार ब्यावर को मंत्री पद मिला था. खास बात है कि मंत्री बनने का सौभाग्य भी ब्यावर के पहले विधायक पंडित बृजमोहनलाल शर्मा को ही मिला था. अब तक वे ब्यावर के एकमात्र ऐसे विधायक थे, जिन्हें सरकार ने मंत्री बनाकर सम्मान दिया था.
शंकर सिंह की आस रही अधूरी
ब्यावर क्षेत्र से विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat) को भी मंत्री बनने की उम्मीद थी लेकिन उनकी आस अधूरी रही. रावत ब्यावर विधानसभा सीट से लगातार चौथी बार जीतकर विधायक बने हैं. बीजेपी में उन्हें वसुंधरा राजे का समर्थक माना जाता है. हालांकि वे राजे के सीएम कार्यकाल में भी विधायक रहे थे लेकिन उस वक्त भी उन्हें मंत्री पद नसीब नहीं हुआ. ©सुमित सारस्वत
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