राजस्थान (Rajasthan) के ब्यावर (Beawar) में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है. यहां अधिकांश घरों में लोगों ने गैर-कानूनी रूप से कछुओं को कैद कर रखा है. राजस्थान सरकार की सोच को साकार करने के लिए जीव दया सेवा संस्था ने वन्यजीव संरक्षण की पहल की. संस्था ने जन जागरूकता अभियान के जरिए ब्यावर शहर के विभिन्न इलाकों से 13 कछुओं को रेस्क्यू किया. क्षेत्रीय वन अधिकारी कैलाश गुर्जर के निर्देशन में वनपाल भंवर सिंह व फॉरेस्ट गार्ड मुराद काठात को सभी कछुए सुपुर्द किए. इसके बाद वन विभाग के कर्मचारियों ने इन सभी कछुओं को प्राकृतिक आवास के लिए जंगल क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया. ©सुमित सारस्वत
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कछुओं का प्राकृतिक प्रजनन रूका
जीव दया सेवा संस्था सचिव कपिल सेन ने बताया कि घरों के अंदर कछुओं को सीमित स्थान में कैद रखा जाता है, जिससे वे प्राकृतिक वातावरण, विविध प्रकार की वनस्पतियों और प्राकृतिक भोजन से वंचित हो जाते हैं. उन्हें केवल कुछ सब्जियों तक सीमित कर दिया जाता है, जिससे उनका स्वाभाविक जीवन प्रभावित होता है. कैद में रहने के कारण उनका प्राकृतिक प्रजनन भी नहीं हो पाता और उन्हें शारीरिक व जैविक समस्याएं होती है.
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घरों में कछुआ रखना गैर-कानूनी
ब्यावर के क्षेत्रीय वन अधिकारी कैलाश गुर्जर ने बताया कि जीव दया सेवा संस्था की ओर से रेस्क्यू किए गए सभी 13 कछुओं को वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया है. घर में जीवित कछुआ नहीं रखना चाहिए. कछुओं की लगभग सभी प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण अधिनियम (Wildlife Protection Act) के तहत संरक्षित हैं. घर में जीवित कछुआ रखना गैर-कानूनी और अपराध है. जीवित कछुआ घर में रखने पर 7 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है. कछुए खतरनाक बैक्टीरिया भी फैला सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं.
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मान्यताओं के कारण घरों में कछुए
धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार कछुए को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है और यह धन-समृद्धि का प्रतीक है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है. इसी सोच के कारण अधिकांश लोग जीवित कछुए को घर में रखते हैं जबकि जीवित कछुए की जगह धातु या क्रिस्टल से बना कछुआ घर में रख सकते हैं.
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July 20, 2026
घरों में गैर-कानूनी तौर पर कैद में कछुए, 13 कछुओं को रेक्स्यू कर जंगल में छोड़ा - Tortoises Illegally Kept in Homes
July 19, 2026
कर्ज में डूबे मुस्लिम युवक ने किया सुसाइड, दो बैंक कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज
राजस्थान (Rajasthan) के ब्यावर (Beawar) में एक मुस्लिम युवक ने बैंक लोन नहीं चुका पाने पर सुसाइड कर लिया. कसाबान मोहल्ला में जामा मस्जिद के निकट रहने वाले 32 वर्षीय जफर हुसैन ने घर में फंदा लगाकर जान ने दी. सूचना पाकर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए राजकीय अमृतकौर अस्पताल भिजवाया. अस्पताल में मरीज परिजन जमा हो गए और शव उठाने से इनकार कर दिया. परिजनों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मियों की प्रताड़ना से परेशान होकर जफर ने सुसाइड किया है. आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शव नहीं ले जाएंगे. मौके पर मौजूद सीआई आशुतोष पांडे ने आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही का आश्वासन देकर समझाइश की. करीब छह घंटे बाद मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया.
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बैंक कर्मियों ने आत्महत्या के लिए उकसाया
मृतक जफर हुसैन के पिता मोहम्मद सलीम और भतीजे साजिद ने बताया कि जफर ने क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण बैंक (Credit Access Grameen Bank) से करीब 70 हजार रुपए का लोन लिया था. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लोन की राशि नहीं चुका सका. बैंक मैनेजर ने बैंक कर्मचारी रामकिशोर और दाऊद को घर भेजकर जफर को परेशान करना शुरू कर दिया. दोनों बैंक कर्मी बार-बार घर आकर जफर को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हुए आत्महत्या के लिए उकसाया. परेशान होकर जफर ने सुसाइड कर जीवन समाप्त कर लिया.
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परिवार के लिए मांगा मुआवजा और नौकरी
सलीम ने बताया कि मृतक जफर के तीन बच्चे हैं. 6 वर्षीय बेटी नुज्जत फातिमा, 4 वर्षीय बेटी सारा और 3 माह का बेटा मोहम्मद गनी अपने पिता की मौत के बाद मां पर आश्रित हो गए हैं. परिवार ने जिला कलेक्टर से मृतक की पत्नी रेशमा बेगम को आंगनवाड़ी में संविदा पर नौकरी देने, बच्चों को पालनहार योजना को लाभ दिलवाने, क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण बैंक से मुआवजा दिलवाने और बकाया लोन माफ करवाने की मांग की है.
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सुसाइड केस की जांच में जुटी पुलिस
ब्यावर शहर थाना प्रभारी आशुतोष पांडे ने बताया कि मृतक के पिता मोहम्मद सलीम की रिपोर्ट पर रामकिशोर और दाऊद नामक दो आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है. जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी. मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है.
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राजस्थान पुलिस के सीआई ने सड़क पर खेली लंगड़ी टांग, वीडियो हो रहा वायरल
राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर थाना सीआई दयाराम चौधरी गश्त पर निकले तो सड़क पर बच्चे खेलते मिले. सीआई ने गाड़ी रोकी और बच्चों के संग खेलने लगे. पुलिस अधिकारी के अनोखे अंदाज का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लोगों ने इसे पसंद कर कहा- दिल तो बच्चा है जी.
June 27, 2026
सोने चांदी के घड़ों में भरे जल से इस तरह होगा श्रीनाथजी का ज्येष्ठाभिषेक
राजस्थान के नाथद्वारा (Nathdwara) स्थित पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर (Shrinathji Temple) में रविवार को होने वाले ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के अवसर पर परंपरा अनुसार प्रभु श्रीनाथजी का ज्येष्ठाभिषेक करने के लिए पवित्र जल भरने की सेवा विधि-विधान के साथ शनिवार को संपन्न हुई.
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मंदिर तिलकायत की अनुमति से विशाल बावा और लाल बावा ने वल्लभकुल परिवार एवं श्रीजी प्रभु के निज सेवकों के साथ प्राचीन भीतर की बावड़ी से स्वर्ण कलश में अभिषेक का जल भरा. इसके बाद स्वर्ण और रजत कलशों में भरे जल का आरती दर्शन के समय विशेष अधिवासन किया. अधिवासन की परंपरा के तहत जल में अष्टगंध सामग्री का मिश्रण किया गया, जिसमें चंदन, केसर, गुलाब जल, बरास, अरगजा सहित सुगंधित और पवित्र सामग्री शामिल रही.
वीडियो में देखें- कैसे होता है कृष्ण का अभिषेक
पुष्टिमार्गीय मान्यता के अनुसार ज्येष्ठाभिषेक सेवा का भाव ग्रीष्म ऋतु में प्रभु श्रीनाथजी को शीतलता प्रदान करना है. इसे श्री यमुना जी द्वारा अपने प्रियतम प्रभु को सुगंधित जल से स्नान कराने के भाव से जोड़ा जाता है.
वीडियो में देखें- बाल कृष्ण की नटखट लीलाएं
ज्येष्ठाभिषेक के बाद प्रभु श्रीनाथजी को सवा लाख आमों का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा. इस विशेष मनोरथ को लेकर वैष्णव समाज में उत्साह का माहौल है. हवेली के मोती महल चौक में वैष्णवजन आम सामग्री तैयार करने की सेवा दी. जल भरने और अधिवासन के दौरान मंदिर अधिकारी सुधाकर शास्त्री, मुख्य प्रशासक भारत भूषण व्यास, सीईओ जितेंद्र पंड्या, तिलकायत श्री के मुख्य सलाहकार अंजन शाह समेत मंदिर मंडल सदस्य और कई वैष्णवजन अलौकिक क्षण के साक्षी बने. ©सुमित सारस्वत
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May 12, 2026
दुबई में ब्यावर का अकबर लापता, संपर्क नहीं होने से परिवार परेशान - Akbar Missing in Dubai
✍🏻 सुमित सारस्वत
सात समंदर पार रोजगार के लिए गया ब्यावर (Beawar) का युवक दुबई (Dubai) में लापता हो गया है. डेढ़ महीने से परिवार का कोई संपर्क नहीं हुआ है. युवक के लापता होने से परिवार के लोग परेशान हैं. परिवार ने ब्यावर जिला प्रशासन से मुलाकात कर भारतीय दूतावास (Indian Embassy) से पता लगाने की मांग की है. परिवार ने युवक के साथ अनहोनी होने की आशंका जताई है.
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रोजगार के लिए गया था दुबई
ब्यावर जिले में कानपुरा गांव निवासी फातिमा काठात (Fatima Kathat) ने बताया कि उसका पति 25 वर्षीय अकबर काठात (Akbar Kathat) गत 26 मार्च 2026 को दुबई के लिए निकला था. वहां जाने के लिए ब्यावर के ट्रेवल एजेंट पवन सिंह को 28 हजार रुपए दिए थे. 27 मार्च को अकबर दुबई पहुंच गया था. उसके साथ साबुदीन, कादर और राहुल भी थे. अकबर को एबीएच एचबीके नाम की कंपनी में राजमिस्त्री के काम पर भेजा गया था. फातिमा ने बताया कि वहां पहुंचने के बाद पति से बात होती रहती थी. आखिरी बार 2 अप्रैल की रात बात हुई थी. इसके बाद 3 अप्रैल को हैदर का कॉल आया और उसने बताया कि अकबर रूम से कहीं बाहर चला गया है. हैदर ने अकबर के कुछ वीडियो भी भेजे. वीडियो में अकबर की हालत खराब दिख रही थी. हैदर को कहा कि अकबर की तलाश करो लेकिन किसी ने सही जवाब नहीं दिया. 3 अप्रैल के बाद से अकबर का फोन भी स्विच ऑफ है.
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भारतीय दूतावास से संपर्क करने की मांग
फातिमा ने बताया कि एजेंट पवन के ऑफिस जाकर वीडियो दिखाए और मदद मांगी. लेकिन पवन ने यह कहकर वापस भेज दिया कि वो कोई मदद नहीं कर सकता. इसके बाद फातिमा ने परिवार के साथ जिला प्रशासन से मुलाकात कर अकबर के साथ अनहोनी की आशंका जताई है. परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दुबई में भारतीय दूतावास से संपर्क कर अकबर का पता लगाया जाए. इस मामले में बात करने पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट ने बताया कि जानकारी मिलने के बाद विदेश मंत्रालय को अवगत करवाया है.
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परिवार को अनहोनी की आशंका
फातिमा ने बताया कि अकबर रोजगार के लिए पहले भी कई बार दुबई गया था. कभी छह महीने तो कभी एक साल बाद लौट आता था. 2024 से 2025 तक दुबई में ही था. इसके बाद यहां आकर मजदूरी करने लगा. अकबर के परिवार में 3 साल का बेटा आयल भी है. अकबर के लापता होने के बाद पत्नी और परिवार के लोग बेहद परेशान हैं. अकबर के साथ अनहोनी होने की आशंका से परिवार सहमा हुआ है. ©सुमित सारस्वत
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March 15, 2026
..तो क्या नहीं आएंगे बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष !, कुटुंब सम्मेलन से पहले भाजपा में भूचाल - BJP Controversy
सियासी गलियारों में ब्यावर के पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा (Devishankar Bhutra) के पोस्टर की चर्चाओं के बीच वर्तमान विधायक शंकर सिंह रावत की एक फोटो से बीजेपी में भूचाल आ गया है. तस्वीर में विधायक रावत के साथ ब्यावर के नेता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) और अन्य नेताओं से मुलाकात करते दिख रहे हैं. कुटुंब सम्मेलन से ठीक पहले सामने आई इस तस्वीर ने कयासों का कारवां बढ़ा दिया है. लोग इस तस्वीर को देखकर अलग-अलग तरह के अनुमान लगा रहे हैं. मामले की जानकारी जुटाई तो सूत्रों से पता लगा कि यह तस्वीर जयपुर स्थित बीजेपी (BJP) मुख्यालय की है. शनिवार को विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat) के साथ पूर्व विधायक बबीता चौहान, नरेश कनौजिया, पूर्व पार्षद रविंद्र जॉय, कुलदीप बोहरा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने बीजेपी आलाकमान से मुलाकात की. रविवार को होने वाले कुटुंब सम्मेलन आयोजन को लेकर यह आकस्मिक मुलाकात हुई थी.
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निमंत्रण नहीं मिलने से नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का होली स्नेह मिलन बताकर आयोजित किए जा रहे कुटुंब सम्मेलन में कई जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया. इससे नेताओं और उनके समर्थकों में नाराजगी है. पार्टी चीफ से मुलाकात की वजह भी यही बताई गई है. सूत्रों ने बताया कि मुलाकात के दौरान नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को कहा कि 'कुटुंब सम्मेलन भाजपा का नहीं, एक व्यक्ति विशेष का आयोजन है. खुद को कमबैक करने के लिए यह कार्यक्रम रखा है.'
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'आपका आगमन सम्मान कुचलने जैसा'
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कुटुंब सम्मेलन के मुख्य अतिथि हैं. इनके साथ प्रदेश के कई नेता और मंत्री भी अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं. सूत्रों के मुताबिक, राठौड़ से मुलाकात के दौरान स्थानीय नेताओं ने कहा कि 'आप पार्टी के मुखिया हैं इसलिए आपको रोक तो नहीं सकते, लेकिन यदि आप सम्मेलन में शामिल हुए तो यह समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान को कुचलने जैसा होगा.'
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भूतड़ा ने ऑफिस जाकर रावत को दिया निमंत्रण
निमंत्रण के बारे में जानकारी जुटाने पर पता लगा कि विधायक रावत को निमंत्रण देने के लिए भूतड़ा स्वयं उनके ऑफिस गए थे. भूतड़ा को अचानक देखकर रावत ने हैरानी भरे स्वर में यह भी कहा बताए कि 'आज तो भला पधारया'. उस वक्त भूतड़ा ने कहा कि 'कार्यक्रम में पधारना है'. जवाब में रावत ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया वे कार्यक्रम में जरूर आएंगे.
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कार्यकर्ताओं के सम्मान में विधायक भी मैदान में
सूत्रों के मुताबिक, अपने समर्थक कार्यकर्ताओं का सम्मान बरकरार रखने के लिए विधायक रावत भी मैदान में उतर आए हैं. उनका मानना है कि कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों की बदौलत ही विधायक बने हैं. प्रत्येक कार्यकर्ता के सम्मान की रक्षा करना उनका कर्त्तव्य है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्यावर में जल्द ही भाजपा के बैनर तले एक और बड़ा आयोजन होगा. इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है. इस मामले में हमने विधायक रावत से बात करनी चाही लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
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कब शांत होगा शंकर का 'तांडव'?
इत्तेफाक से ब्यावर बीजेपी के दोनों बड़े नेताओं के नाम में शंकर समाहित हैं, एक देवीशंकर और दूसरे शंकर सिंह. करीब दो दशक से इन दोनों नेताओं के बीच सियासी मनमुटाव कायम है. कभी कोई एक पहल करके एकजुटता का प्रयास करे तो दूसरा नहीं मानता, और अगर दोनों मान जाए तो शायद कोई तीसरा इनकी तीसरी आंख खुलवाकर एक नहीं होने देता. दोनों दिग्गज नेताओं की आपसी लड़ाई से कई कार्यकर्ता असमंजस में है. उनके मन में सवाल है कि किसका साथ दें? और किससे दूर रहें? बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर इन शंकर का सियासी 'तांडव' कब शांत होगा? ©सुमित सारस्वत
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ऐतिहासिक कुटुंब सम्मेलन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष समेत कई नेता-मंत्री करेंगे शिरकत, देवीशंकर भूतड़ा के नेतृत्व में होगा विशाल आयोजन - BJP Sammelan
✍🏻 सुमित सारस्वत
ब्यावर में सामाजिक समरसता के अग्रज, लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था तथा लोक कल्याण के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान को सर्वोपरि रखने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता देवीशंकर भूतड़ा (Devishankar Bhutra) के नेतृत्व में भाजपा परिवार का विशाल कुटुंब सम्मेलन आयोजित होगा. ब्यावर के राघव श्री गार्डन में रविवार को होने वाले विशाल आयोजन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore), केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी (Bhagirath Choudhary) समेत कई नेता और मंत्री शिरकत करेंगे. दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक कार्यकर्ताओं और परिवार के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी करेंगे. कुशल रणनीतिकार भूतड़ा के निर्देशन में होने वाला भाजपा का यह आयोजन आगामी चुनावों में पार्टी के लिए मिल का पत्थर साबित होगा.
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कार्यकर्ता परिवार सहित दिखाएंगे प्रतिभा
कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और उनके परिवार के लिए रोचक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा. महिलाओं के लिए चेयर रेस व सामूहिक घूमर नृत्य प्रतियोगिता होगी. कपल व ग्रुप डांस, हाउजी गेम, कपल्स गेम के साथ केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों पर स्लोगन प्रतियोगिता भी होगी. नए कार्यकर्ताओं का भाजपा में स्वागत कर सदस्यता प्रदान की जाएगी. साथ ही वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और सर्व समाज अध्यक्षों को सम्मानित करेंगे. सामूहिक नृत्य के साथ फूलों की होली खेलकर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा. इस आयोजन को लेकर बीजेपी परिवारों में उत्साह का माहौल है.
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'कुटुंब' के बीच आएंगे यह नेता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ मुख्य अतिथि होंगे. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, प्रदेश के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत (Avinash Gehlot), जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भडाणा, प्रदेश महामंत्री मिथिलेश गौतम, प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता गैना अति विशिष्ट अतिथि होंगे. ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat), मसूदा विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत, अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल, केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लाम्बा, सोजत विधायक शोभा चौहान, आसींद विधायक जब्बर सिंह सांखला विशिष्ट अतिथि होंगे. अजमेर देहात जिलाध्यक्ष जीतमल प्रजापत अध्यक्षता करेंगे.
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तैयारियों को दिया अंतिम रूप
आयोजन के लिए पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा के निर्देशन में संयोजक पवन जैन, सह संयोजक चेतन गोयर, बृजकिशोर शर्मा, शिवप्रकाश सामरिया, करण सिंह रावत, यज्ञेश शर्मा, प्रभुसिंह रावत, राजेश्वरी यादव, दाऊसिंह रावत, रवि चौहान, संतोष रावत, विजय दगदी, प्रदीप रावत, जयसिंह रावत, कुशाल सिंह रावत, नरेश मित्तल, सत्येंद्र यादव, तारा सोनी, संतोष दगदी, महेंद्र सिंह गौड़, जितेंद्र ठठेरा व अन्य कार्यकर्ताओं ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया. शहर की सियासत से लेकर सूबे के सियासी गलियारों तक इस आयोजन की खासी चर्चा है. ©सुमित सारस्वत
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March 6, 2026
ट्रेन के टॉयलेट में हार्ट अटैक से मौत, मृतका थी राजस्थान के जज की पत्नी, उसी दिन अटैक से हुई 'बादशाह' की मौत
✍🏻सुमित सारस्वत
ट्रेन में सफर कर रहे राजस्थान (Rajasthan) के जज की पत्नी अचानक लापता हो गई. पति की शिकायत पर रेलवे पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की. रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और रेल के कोच में तलाश करने पर भी महिला नहीं मिली. काफी देर बाद एक कोच के टॉयलेट में महिला का शव बरामद हुआ. अचानक हुई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है. माना जा रहा है हार्ट अटैक के कारण मौत हुई है.
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अलग-अलग कोच में बैठे थे पति-पत्नी
जानकारी के अनुसार, चितौड़गढ़ के निंबाहेड़ा में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा गत 3 मार्च मंगलवार को जोधपुर से चित्तौड़गढ़ जाने के लिए काचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए. दोनों का रिजर्वेशन साथ नहीं होने के कारण अलग-अलग कोच में बैठे थे. बुधवार सुबह 7.20 बजे ट्रेन के चित्तौड़गढ़ स्टेशन पहुंचने पर एडीजे उतर गए लेकिन पत्नी उषा उन्हें प्लेटफॉर्म पर नहीं दिखीं. काफी तलाश करने पर उन्होंने जीआरपी को सूचना दी, लेकिन तब तक ट्रेन स्टेशन से आगे निकल गई थी.
जावरा में बरामद हुआ शव
एडीजे से इत्तला मिलते ही रेलवे पुलिस हरकत में आई और जज की पत्नी को ढूंढने लगी. महिला के मोबाइल नंबर से उसकी लोकेशन ट्रेस की, जो ट्रेन के अंदर ही मिली. इस बीच सुबह करीब 10.40 बजे ट्रेन निंबाहेड़ा से 160 किलोमीटर दूर रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पर पहुंच गई थी. जिस कोच में उषा का रिजर्वेशन था, वहां तलाश करने पर भी जीआरपी को महिला नहीं मिली. शक होने पर कोच के टॉयलेट का दरवाजा तोड़ा तो उषा अंदर अचेत अवस्था में दिखी. उन्हें तुरंत जावरा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित किया. माना जा रहा है कि साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attak) के कारण महिला की मौत हुई.
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बुधवार को ही 'बादशाह' की हुई थी मौत
कोरोना महामारी के बाद हार्ट अटैक (Cardiac Arrest) से मौत के कई मामले सामने आ रहे हैं. कभी जिम में, कभी डांस फ्लोर पर, कभी पैदल चलते हुए हार्ट अटैक से मौतें हो रही है. बुधवार को ही राजस्थान के ब्यावर (Beawar) में आयोजित बादशाह मेला (Badshah Mela) के दौरान गुलाल उछाल रहे बादशाह बने चंद्रशेखर अग्रवाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. राजस्थान के ही नागौर जिले में 9 साल की बच्ची दिव्या की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली मासूम छात्रा के मरने की खबर सुनकर सभी दंग रह गए थे. ©सुमित सारस्वत
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January 10, 2026
भाजपा के राम की राह पर अब कांग्रेस, मुस्लिम नेता बोलीं- 'भगवान राम को पूरा विश्व मानता है लेकिन..'
✍🏻 सुमित सारस्वत
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण ठुकराने वाली कांग्रेस भी अब राम के नाम पर राजनीति करने लगी है. राजस्थान (Rajasthan) के ब्यावर (Beawar) में कांग्रेस नेताओं ने राम नाम का सहारा लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा. सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस (Congress) ने 45 दिवसीय मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन का आगाज किया. 10 जनवरी से 25 फरवरी तक होने वाले देशव्यापी आंदोलन की शुरूआत शनिवार को पत्रकार वार्ता से की.
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राम के नाम पर नई योजना लाएं
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री नसीम अख्तर (Naseem Akhtar) ने कहा कि भाजपा (BJP) बरसों से राम के नाम पर राजनीति कर रही है. अब मोदी सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी कर दिया है. भगवान राम (Ram) को भारत ही नहीं, पूरा विश्व मानता है. हम चाहते हैं कि सरकार राम के नाम पर कोई नई योजना लेकर आए, पुरानी योजनाओं का नाम बदलकर देश की जनता को बेवकूफ न बनाए. किसान, मजदूर, दलित, अल्पसंख्यक पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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कांग्रेसी भी करते हैं राम की पूजा
पीसीसी महासचिव राकेश पारीक (Rakesh Pareek) ने आरोप लगाया कि देश को सिर्फ चार गुजराती चला रहे हैं. सत्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के साथ उद्योगपति अडाणी और अंबानी, इन चारों ने मिलकर पूरे देश को हाइजेक कर रखा है. मोदी-शाह जनहित के मुद्दे भुलाकर राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं. राम सबके हैं. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों में भी हर सुबह भगवान राम की पूजा होती है.
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दफ्तर में तस्वीर लगाई लेकिन नाम हटा रहे
ब्यावर कांग्रेस जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी (Kishor Choudhary) ने कहा कि महात्मा गांधी भारत के राष्ट्रपिता हैं. मनरेगा योजना से इनका नाम हटाना हठधर्मिता और साजिश है. मोदी सरकार सिर्फ योजनाओं का नाम बदलकर जनता को गुमराह कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दफ्तर में फोटो महात्मा गांधी की लगा रखी है लेकिन योजनाओं से उनका नाम हटा रही है.
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मजदूरों से छीना मजदूरी का हक
पीसीसी सचिव और ब्यावर प्रभारी रूबी खान (Ruby Khan) ने कहा कि मनरेगा भारत की आत्मा है. इस योजना को खत्म कर सरकार गरीब, किसान, मजदूरों का शोषण कर रही है. बीजेपी ने मजदूरों से मजदूरी का हक छीन लिया है. मनरेगा का नाम और काम वही रहना चाहिए जो मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) और सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने तय किया था. अगर महात्मा गांधी का नाम खत्म हो गया तो भारत की रुह खत्म हो जाएगी. मनरेगा योजना की तत्काल वापसी की जाए. न्यूनतम मजदूरी प्रतिदिन 400 रुपए हो. इस दौरान पीसीसी नेता पारस पंच, ब्लॉक अध्यक्ष अशोक रांका, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष इशिका जैन, सेवादल जिला संगठक विक्रम सोलीवाल, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्रपाल पंवार, राम यादव, शेखर शर्मा, मेघराज बोहरा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे. ©सुमित सारस्वत
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January 9, 2026
उद्योग आंदोलन में पदावत का शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर नारों के बीच चर्चा आशीष की
राजस्थान में खत्म होते मिनरल उद्योग (Mineral Industry) को बचाने के लिए हजारों मजदूर और उद्याेगपति ब्यावर (Beawar) की सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन चहुंओर चर्चा आशीष पाल पदावत (Ashish Pal Padawat) की हो रही थी. बीते करीब एक दशक से ब्यावर लघु उद्योग संघ अध्यक्ष पदावत ने लंबे समय से उद्योगों को बचाने का बीड़ा उठा रखा है. वे खत्म होते व्यापार को सुरक्षित रख हजारों मजदूरों को बेरोजगार होने से बचाने का प्रयास कर रहे हैं. अध्यक्ष होने के नाते आक्रोश रैली (Protest Rally) का नेतृत्व भी वही कर रहे थे. रैली में शामिल हजारों की तादाद में भीड़ देखने वाले लोग इसे पदावत का शक्ति प्रदर्शन बता रहे थे.
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जगजाहिर है कि आशीष पदावत उद्योग संघ के साथ ही सियासत में भी काफी सक्रिय हैं. पैदाइश भी कांग्रेस समर्थक परिवार में हुई है और यही वजह है कि बचपन से सियासत को करीब से देख रहे हैं. उद्योग आंदोलन की तैयारियों के बीच शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि इतनी भीड़ जुटेगी और लोग इसे शक्ति प्रदर्शन मानकर चर्चा करेंगे.
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गौरतलब है कि सियासत (Politics) में किसी भी नेता की ताकत का अंदाजा भीड़ से ही लगाया जाता है. यही वजह है कि समय-समय पर नेता अपनी जन-शक्ति दिखाने के लिए आलाकमान के सामने भीड़ जुटाते रहे हैं. हालांकि, सियासत में सक्रिय रहते हुए पदावत ने अभी तक ऐसा नहीं किया. या यूं कहें कि उन्हें ऐसा करने का कोई मौका नहीं मिला. गत विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए पुरजोर प्रयास किए लेकिन शालीनता के साथ. बस यही वजह रही कि उद्योग आंदोलन में पदावत के शक्ति प्रदर्शन की कई जगह चर्चा हुई.
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कलेक्ट्रेट परिसर में बाजार के एक बड़े व्यापारी ने कहा, "मैं मोदी का समर्थन करता हूं लेकिन यदि पदावतजी को कांग्रेस का टिकट मिलता तो उनका साथ देता. मैं चाहता हूं कि कांग्रेस के दूसरे नेताओं को अब इनका साथ देना चाहिए ताकि ब्यावर का भविष्य सुधरे." एक भाजपा (BJP) समर्थक व्यापारी का कांग्रेस (Congress) नेता के प्रति ऐसा विचार बताता है कि चुनाव के वक्त पार्टी से ज्यादा जरूरी व्यक्ति होता है, और होना भी यही चाहिए.
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एक सरकारी कार्मिक बोले, "आशीषजी निर्विवाद छवि वाले नेता हैं. किसी से कोई बैर नहीं रखते. सभी को साथ लेकर चलते हैं. रैली में भी कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के नेता इनके साथ चल रहे थे. अगर यह चुनाव लड़े तो हर वर्ग इनका साथ देगा." इस बात पर वहां मौजूद एक समाज प्रमुख ने चुटकी लेते हुए यह भी कह दिया कि "जो पिछले चुनाव में टिकट मांगकर शहर की सत्ता पर राज करने का सपना देख रहे थे वे इन दिनों कार्यकर्ता बनकर दूसरे नेताजी के पीछे घूम रहे हैं."
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बहरहाल, विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है लेकिन आने वाले निकाय चुनाव की घोषणा से पहले सियासी सरगर्मियां सर्दी में भी सन्नाटा चीर रही हैं. ©सुमित सारस्वत
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January 7, 2026
राजस्थान में मिनरल उद्योग पर संकट!, 50 प्रतिशत उद्योग बंद होने से बढ़ी बेरोजगारी, सरकार के खिलाफ लघु उद्योग संघ करेगा आंदोलन - Mineral Industry Crisis
✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान में निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक ओर सरकार राइजिंग राजस्थान जैसे ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट आयोजित कर रही है तो वहीं दूसरी ओर मिनरल उद्योग पर संकट छा गया है. अनुमानित 50 प्रतिशत उद्योग बंद हो गए हैं. कामकाज ठप होने और फैक्ट्रियों पर ताले लगने से बेरोजगारी बढ़ गई है. अब लघु उद्योग संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाई है.
संघ अध्यक्ष आशीषपाल पदावत ने बताया कि वर्तमान में मिनरल उद्योग गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है. 400-500 फैक्ट्रियां बंद हो गई है. शेष उद्योग भी बंद होने के कगार पर हैं. उद्योग संचालन मुश्किल हो गया है. हालत इतने बदतर हो गए हैं कि बड़े से बड़े उद्योगपति भी फैक्ट्री का खर्चा नहीं निकाल पा रहे हैं. मौजूदा हालात में सभी परेशान हैं. क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर हो रहा है.
उद्योग बंद रखकर करेंगे प्रदर्शन
उद्योगों की बदहाल स्थिति और संरक्षण की मांग को लेकर ब्यावर जिले के मिनरल कारोबारी गुरुवार को सभी उद्योग बंद रखेंगे. सुबह 10 बजे लघु उद्योग संघ कार्यालय पर एकत्र होकर रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे. यहां सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देंगे. मिनरल उद्योगों से जुड़े वर्गों ने भी मांग का समर्थन किया है. व्यापारी, ट्रांसपोर्टर्स, बारदाना सप्लायर्स, मशीनरी व इलेक्ट्रिकल सप्लायर्स, स्पेयर्स सप्लायर्स, जेसीबी-डम्पर मालिक, रॉ मटेरियल सप्लायर्स समेत समस्त फैक्ट्रियों का स्टाफ और मजदूर रैली में शामिल होंगे. ©सुमित सारस्वत
December 13, 2025
सरकार, निरीक्षण के बाद भी वही ढर्रा !, 181 पर नहीं हो रहा जन समस्याओं का समाधान - Sampark Helpline Not Working
ब्यावर (Beawar) के जसपाल सिंह हुड़ा की पीड़ा सुनिए। सड़क पर लीकेज के कारण घर में पानी नहीं आने पर 7 दिन पहले राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (Rajasthan Sampark Helpline) पर शिकायत दर्ज करवाई थी लेकिन समाधान नहीं हुआ। इस बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) ने 181 का आकस्मिक निरीक्षण भी किया और लापरवाही मिलने पर अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारकर जनता को राहत देने के निर्देश भी दिए लेकिन निरीक्षण के दूसरे ही दिन फिर वही ढर्रा। मुख्यमंत्री के आदेश की हवा निकल गई। व्यवस्थाओं की पोल खुल गई।
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शिकायत के बावजूद समाधान नहीं
भारत विकास परिषद से जुड़े सरदार जसपाल सिंह का आरोप है कि 181 योजना फर्जी है। समस्या बताने के दूसरे दिन कर्मचारी खुद ही शिकायत निस्तारण कर देते हैं जबकि समाधान नहीं होता। जनता परेशान रहती है। समस्या बताते बताते गला खराब हो गया है लेकिन अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे। सरकार झूठी वाहवाही बटोर रही है। सीएम के संपर्क हेल्पलाइन 181 का निरीक्षण करने के बाद भी हालात जस के तस हैं।
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करोड़ों रुपए बर्बाद कर रही सरकार
डिग्गी मोहल्ला निवासी अजय स्वामी ने बताया कि संपर्क हेल्पलाइन पर शिकायत लिखवाते हैं तो अगले दिन बोलते हैं समाधान हो गया जबकि कुछ नहीं होता। सरकार 181 योजना की खानापूर्ति करने के लिए करोड़ों रुपए बर्बाद कर रही है। या तो योजना बंद कर देनी चाहिए या किसी जिम्मेदारी अधिकारी को मॉनिटरिंग करनी चाहिए।
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टैक्स के पैसों की बर्बादी है 181
एडवोकेट नीलेश बुरड़ का कहना है कि 181 पोर्टल हमारे टैक्स के पैसों की बर्बादी का अनूठा उदाहरण है। कंप्लेंट देने के बाद दो बार फोन आता है, अगर उसके बाद भी शिकायतकर्ता असंतुष्ट है तो कंप्लेंट को बिना संतुष्ट किए व बिना समस्या का समाधान किए बंद कर दिया जाता है। यह गलत है। जब तक शिकायत का समाधान नहीं हो तब तक शिकायत बंद नहीं होनी चाहिए लेकिन लोक कल्याणकारी सरकार आम आदमी को बेवकूफ समझती है।
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सीएम ने किया था औचक निरीक्षण
मुख्यमंत्री शर्मा ने सोमवार को सचिवालय परिसर के पुस्तकालय भवन में संचालित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का औचक निरीक्षण कर वहां संचालित समस्त व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया था। प्रदेश की जनता को समर्पित सेवा की कार्यप्रणाली का अवलोकन कर जनकल्याण की दिशा में और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए थे। इस दौरान सीएम ने हेल्पलाइन के जरिए आमजन से संवाद भी किया और उनकी परिवेदनाओं के त्वरित निस्तारण के निर्देश प्रदान किए थे। उन्होंने कहा था कि राजस्थान सरकार सुशासन और पारदर्शिता को सर्वोपरि मानते हुए जनसेवा से जुड़ी प्रत्येक व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ करने के लिए कटिबद्ध है।
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October 15, 2025
कांग्रेस ने जलदाय विभाग का घेराव कर बजाई खाली मटकियां, पेयजल किल्लत पर आक्रोश प्रदर्शन - Congress Protest In Rajasthan
✍🏻 सुमित सारस्वत
इस साल देश-प्रदेश में भरपूर बारिश हुई. वर्षा जल से नदी, तालाब, बांध भर गए. इसके बावजूद घरों में पानी के हौद खाली हैं. राजस्थान (Rajasthan) में जलदाय विभाग पूरा पानी नहीं दे रहा. आलम यह है कि इतनी बारिश के बावजूद सर्दी का मौसम आने पर भी लोग पेयजल किल्लत का सामना कर रहे हैं. इसी बात से गुस्साई कांग्रेस (Congress) ने आज ब्यावर (Beawar) जिला मुख्यालय पर दो घंटे तक आक्रोश प्रदर्शन किया.
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दीपावली पर भी पीने का पानी पूरा नहीं
ब्यावर के कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को हाथों में खाली मटकियां लेकर जलदाय विभाग के दफ्तर पहुंचे. यहां एईएन सुरेंद्र तंवर व सुनील जीनगर का घेराव किया. पेयजल किल्लत को लेकर नाराजगी जताते हुए खाली मटकियां बजाकर विरोध प्रदर्शन किया. सेवादल जिलाध्यक्ष विक्रम सोनी ने बताया कि हिन्दुओं के सबसे बड़े महापर्व दीपावली (Diwali Festival) पर भी जनता को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है. ब्यावर शहर को 31 एमएलडी पानी की आवश्यकता है लेकिन सरकार 24 एमएलडी पानी ही दे रही है. इससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है.
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72 से 96 घंटे में हो रही जलापूर्ति
प्रदेश महासचिव सोहन मेवाड़ा ने आरोप लगाया कि विकास के दावे करने वाली सरकार (Government) पीने का पानी भी 72 घंटे से 96 घंटे के अंतराल में दे रही है. त्योहार के वक्त जनता पेयजल किल्लत से परेशान है. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और पेयजल सप्लाई 48 घंटे के अंतराल में नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी.
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चीफ इंजीनियर नहीं दे सके जवाब
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक माणक डाणी ने अजमेर के चीफ इंजीनियर रामचंद्र से मोबाइल फोन पर बात की. डाणी ने जानना चाहा कि ब्यावर शहर को कितने एमएलडी पानी मिल रहा है और कितने एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है. इसका जवाब अधिकारी नहीं दे सके. ©सुमित सारस्वत
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यह कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सचिव सुलक्षणा शर्मा, संपति बोहरा, उर्मिला कंवरिया, ऋषि लांबा, कैलाश गहलोत, विमल चौहान, माणक बोहरा, ज्योति कंवर, बाबूलाल पंवार, अरविंद माथुर, लोकेश कुमार, भरत भाटी, तुषार महर्षि समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे.
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July 31, 2025
छात्रा के आगे झुकी सरकार, धर्म क्षेत्र के लिए मिसाल बनीं पंजाब की गुरप्रीत कौर, युगों तक याद रहेगी धार्मिक आस्था - Brave Gurpreet Kaur
✍🏻 सुमित सारस्वत
जयपुर की पूर्णिमा यूनिवर्सिटी (Poornima University) में पंजाब (Punjab) से एग्जाम देने आई छात्रा को कड़ा और कृपाण धारण करने की वजह से एग्जाम रूम में जाने से रोक दिया. कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि कड़ा और कृपाण उतारोगे तभी परीक्षा दे सकोगी. छात्रा ने धर्म की मर्यादा का पालन करने हुए इनको नहीं उतारा तो पूर्णिमा यूनिवर्सिटी ने एग्जाम नहीं देने दिया.
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छात्रा गुरप्रीत कौर (Gurpreet Kaur) पंजाब से न्यायिक सेवा परीक्षा (PCS-J) में शामिल होने जयपुर (Jaipur) आई थी. उनका कहना है कि यह धारा 25 का उल्लंघन और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है. आपको बता दें कि सिख धर्म का अनुयायी केश, कड़ा, कृपाण रखता है. धर्म के लिए परीक्षा का 'बलिदान' देने वाली गुरप्रीत की हर तरफ सराहना हो रही है.
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इतना ही नहीं, आत्म सम्मान और धार्मिक आस्था से जुड़ा यह मामला देशभर की सुर्खियां बनने के बाद राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) ने अहम फैसला लिया. अब भविष्य में कड़ा और कृपाण धारण किए किसी भी सिख छात्र या छात्रा को परीक्षा में शामिल होने से नहीं रोका जाएगा. यह गुरप्रीत के आत्म सम्मान की जीत है. यह महज एक फैसला नहीं, बल्कि संपूर्ण देश की धार्मिक स्वतंत्रता के लिए ऐतिहासिक पुष्टि है. गुरप्रीत की जीत धर्म क्षेत्र के लिए एक मिसाल बन गई है. बरसों-बरस तक धर्म के प्रति गुरप्रीत के इस समर्पण की चर्चा होगी. ©सुमित सारस्वत
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सरकार, कब करोगे अमृतकाैर का उपचार ?, क्या डॉक्टरों-मरीजों की मौत का है इंतजार ! - Amritkaur Hospital Building Damaged
✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान में ब्यावर जिले के सबसे बड़े राजकीय अमृतकाैर अस्पताल (Amrit Kaur Hospital) की जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत करवाने के लिए शासन-प्रशासन शायद डॉक्टरों और मरीजों की मौत का इंतजार कर रहा है. झालावाड़ स्कूल हादसे (Jhalawar School Accident) के बाद जिला अस्पताल में ऐसी ही चर्चा सुनने को मिली. दरअसल, वर्ष 1955 में स्थापित अमृतकौर अस्पताल का 70 साल पुराना भवन मौजूदा वक्त में खुद बीमार है. बीते कई साल से अस्पताल भवन के कई हिस्से बल्लियों के सहारे टिके हैं. यहां कार्यरत चिकित्सक, नर्सिंगकर्मी और आने वाले मरीज भय के साये में रहते हैं.
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एकेएच में चिकित्सा अधिकारी रहे डॉ. प्रदीप जैन ने चिंता जताते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों की चर्चा हो रही है लेकिन जर्जर सरकारी अस्पतालों की चर्चा कोई नहीं कर रहा. जितने जरूरी स्कूल हैं उतने ही जरूरी अस्पताल भी हैं. ब्यावर (Beawar) का सरकारी अस्पताल भवन बरसों से जर्जर और अब बल्लियों के सहारे है. यहां कई मंत्री-सांसद आए, सरकारी अधिकारी आए, सभी ने पुराना जर्जर भवन देखा, नए भवन के वादे किए...लेकिन भूल गए. सिस्टम की सुस्ती देखिए कि सरकार बदल गई लेकिन अस्पताल के हालात नहीं बदले. डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ इमरजेंसी सेवाओं में शामिल है इसलिए अस्पताल आना जरूरी है. अस्पताल की दहलीज पर कदम रखते ही दिल दहलता है लेकिन सरकारी नौकरी होने से चुप रहते हैं. कर्मचारियों का मानना है कि सरकार को समस्या बताना मतलब मुसीबत बोल लेना है. या तो कर्मचारी का ट्रांसफर कर देंगे, या किसी बहाने काम में लापरवाही का नोटिस थमा देंगे.
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गौरतलब है कि राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय का बरसों पुराना भवन जर्जर हो गया है. सुरक्षा के मद्देनजर कई वार्ड बंद कर दिए हैं. नवीन भवन के लिए पूर्व की कांग्रेस सरकार ने स्वीकृति दी थी लेकिन बजट के अभाव में अब तक न तो पुराने भवन की मरम्मत हुई और न ही नया भवन बना. कांग्रेस शासन में मुख्य सचिव रहे निरंजन आर्य, तत्कालीन सांसद और वर्तमान में ब्यावर जिला प्रभारी व उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी (Diya Kumari) समेत कई मंत्री यहां दौरा कर गए और अस्पताल की जर्जर हालत पर चिंता जता गए लेकिन सुधार के लिए किसी ने कोई प्रयास नहीं किए.
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अब सरकारी स्कूलों में होने वाले हादसों को देखकर चिकित्सालय में चारों तरफ यही चर्चा है कि सरकार और जिला प्रशासन शायद अस्पताल में भी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है. यदि मौत के बाद मुआवजा देने की बजाय सरकार (Government) जिंदगियां बचाने की चिंता करे तो शायद कहीं कोई हादसा न हो. उम्मीद है कि सरकार इस सरकारी अस्पताल की जल्द ही सुध लेकर चिकित्साकर्मियों और मरीजों को बड़ी राहत प्रदान करेगी. ©सुमित सारस्वत
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July 30, 2025
आज हार गए बाबा श्याम !, भक्त जयसिंह राठौड़ का निधन - Devotee of Baba Shyam passed away
✍🏻 सुमित सारस्वत
जिस कलयुग अवतारी बाबा श्याम को हारे का सहारा कहा जाता है वो आज एक भक्त से हार गए. बाबा श्याम के प्रति आस्था रखते हुए लंबे समय तक अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत से संघर्ष करते हुए ब्यावर के 35 वर्षीय जयसिंह राठौड़ (Jai Singh Rathore) ने आज जयपुर के एसएमएस अस्पताल में दम तोड़ दिया. ढाका रीफ्रैक्टरीज कंपनी में लगातार 12 साल काम करते हुए उन्हें सिलिकोसिस रोग हो गया था. इस रोग की वजह से उनके दोनों फेफड़े खराब हो गए थे. करीब तीन महीने से अस्पताल में इलाज चल रहा था. अहमदाबाद (Ahmedabad) के राजस्थान हॉस्पीटल (Rajasthan Hospital) में इलाज करवाते हुए जीवन की कमाई खर्च कर चंद रोज पहले जयपुर (Jaipur) के एसएमएस अस्पताल (SMS Hospital) लाए थे. आर्थिक स्थिति कमजोर होने और परिस्थितियां प्रतिकूल हाेने के बावजूद जयसिंह की पत्नी पूजा कंवर (Pooja Kanwar) और परिवारजन ने उनका उपचार करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. पत्नी तीन महीने से दिन रात अस्पताल में साथ रहकर पति की सेवा में जुटी रहीं.
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विड़बंना है कि जिस ढाका रीफ्रैक्टरीज कंपनी को जयसिंह ने अपने युवा जीवन के 12 साल दिए उस कंपनी के मालिक प्रकाश अंबुरे (Prakash Ambure) ने अपने कर्मचारी का इलाज करवाने में आर्थिक मदद करने की बजाय नेताओं की तरह आश्वासन और झांसे ही दिए. कंपनी मालिक की संवेदनहीनता देखिए कि तीन माह में एक रुपए की मदद नहीं दी बल्कि ऐसी विकट स्थिति में सहायता करने की बजाय अप्रेल माह में उपचार अवधि की सैलरी काट ली. खैर, जगजाहिर है कि कुछ करोड़पति के लिए मानव जीवन की कोई कीमत नहीं होती. वे अपना पैसा सामाजिक और धार्मिक दिखावे पर ही खर्च करना पसंद करते हैं जहां उनका नाम हो और उन्हें मंच पर बुलाकर मालाएं पहनाई जाए. अगर अंबुरे परिवार अपने कर्मचारी के उपचार में आर्थिक सहायता करता तो शायद दो मासूम बच्चियों के सिर से पिता का साया नहीं उठता. जयसिंह की मृत्यु से पूजा और उसकी दो बेटियों का जीवन खराब हो गया है.
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जयसिंह और पूजा, दोनों पति-पत्नी की बाबा श्याम में गहरी आस्था रही. हर ग्यारस मंदिर जाकर बाबा का दर्शन और घर में ज्योत जलाना उनका नियम रहा. अस्पताल में रहते हुए मंदिर नहीं जा सकते थे तो परिचित भक्त को रुपए देकर मंदिर में प्रसाद चढ़वाया. साल में कई बार खाटू धाम की पैदल यात्रा करते. श्याम भक्ति का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि कुछ महीनों पहले जयसिंह जब ढाई साल बाद विदेश से लौटा तो सबसे पहले बाबा श्याम के धाम खाटू गया था. 7 मई को उपचार के लिए अहमदाबाद गया तो वहां भी श्री राधा गोविंद देव जी मंदिर जाकर दोनों पति-पत्नी ने भगवान का दर्शन किया.
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जयसिंह रोज सुबह अपने सभी परिचितों को व्हाट्सएप पर बाबा श्याम (Baba Shyam) का दर्शन भेजना कभी नहीं भूलते. हैरानी होगी कि अस्पताल के बेड पर रहते हुए भी सुबह अपनी पत्नी से मोबाइल मांगते और श्याम का दर्शन कर सभी को बाबा की फोटो भेजने का क्रम जारी रहा. उनके मोबाइल के स्टेटस पर भी बाबा की तस्वीरें ही नजर आती थीं. व्यक्तिगत मुलाकात और कॉल रिसीव करने पर भी मुख से जय श्री श्याम (Jai Shri Shyam) ही निकलता था. उपचार के दौरान भरोसे के साथ इतनी तड़प थी कि अस्पताल से छुट्टी मिलने पर घर जाने से पहले श्याम मंदिर जाएंगे लेकिन इस बार हारे का सहारा कहलाने वाले बाबा श्याम हार गए ! न जाने क्या वजह रही कि कलयुग अवतारी अपने एक भक्त काे बचा नहीं पाए ! ©सुमित सारस्वत
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May 28, 2025
राजस्थान महिला कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति, अलका लांबा ने जारी की पहली सूची - Rajasthan Mahila Congress
✍🏻 सुमित सारस्वत
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा (Alka Lamba) ने बुधवार को राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस के 16 जिला अध्यक्षों की पहली सूची जारी की. ब्यावर (Beawar) में जिला अध्यक्ष पद पर युवा नेत्री इशिका जैन (Ishika Jain) को नियुक्त किया है. अब तक कांग्रेस में महज एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर सक्रिय भागीदारी निभा रही इशिका को महज 23 साल की उम्र में बड़ा पद मिलना सिटी की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है.
जिस तरह महत्वपूर्ण खबर का कवरेज करने और जमीनी हकीकत जानने के लिए पत्रकार ग्राउंड जीरो (Ground Zero) पर जाकर रिपोर्टिंग करता है उसी तरह इशिका ने भी पार्टी में धरातल पर काम कर पॉइंट जीरो (Point Zero) से राजनीति की शुरुआत की. सियासी समर्पण का परिणाम यह निकला कि संगठन ने एक सामान्य कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी देकर सम्मान से नवाजा. लांबा ने काम से प्रभावित होकर कुछ समय पहले इशिका को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया था. अब जिला अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद पहली बार पार्टी की सुर्खियों में आई इशिका ने बेहद कम समय में लंबी सियासी छलांग लगाई है.
इशिका की यह नियुक्ति उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को नसीहत है जो पद पर होने के बावजूद पार्टी के प्रति समर्पित नहीं है, जो पार्टी के कार्यक्रमों से नदारद रहते हैं, जो संगठन हित से ज्यादा स्वहित सोचते हैं. संगठन कोई भी हो, काम करने वाले को प्रतिफल मिलता ही है, चाहे देर से ही. उम्मीद की जानी चाहिए कि छोटी उम्र में बड़ा पद पाकर इशिका अपनी सियासी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर मंद हो चुकी महिला कांग्रेस को गति प्रदान करेंगी. -सुमित सारस्वत, मो.9462737273
May 27, 2025
विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की नई रणनीति, पहली बार ब्लॉक के अधीन मंडल का गठन - New Strategy of Congress
✍🏻 सुमित सारस्वत
सूबे में विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के बाद अब नई रणनीति अपनाते हुए पहली बार ब्लॉक के अधीन नए मंडल गठन कर अध्यक्ष नियुक्त किए हैं. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) ने ब्यावर विधानसभा क्षेत्र के दो ब्लॉक में 11 मंडल गठन किए हैं. ब्यावर ब्लॉक में 5 और जवाजा ब्लॉक में 6 मंडल अध्यक्षाें की घोषणा की है.
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युवाओं के भरोसे कांग्रेस की कमान
प्रदेश आलाकमान ने इस बार युवाओं पर भरोसा जताते हुए उन्हें कमान सौंपी है. ब्यावर (Beawar) ब्लॉक के ज्योतिबा फुले में राम यादव, श्री बालाजी में हिमांशु शर्मा, शहीद भगत सिंह में पृथ्वीराज गहलोत, बाबा रामदेव में महेंद्र सामरिया और श्री परशुराम में चंद्रशेखर शर्मा को मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया है.
जवाजा (Jawaja) ब्लॉक के रूपनगर में सिकंदर, गणेशपुरा में हरिराम मेघवाल, भालिया में तिकेंद्र सिंह रावत, राजियावास में दिनेश सिंह रावत, जवाजा में पूरणमल शर्मा और देलवाड़ा में हुसैन मोहम्मद को मंडल अध्यक्ष का दायित्व सौंपा है. पीसीसी चीफ डोटासरा ने इन नियुक्तियों के साथ भरोसा जताया है कि अब कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत होगी. नवनियुक्त अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने में पूर्ण समर्पण भाव से योगदान देंगे.
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मंडल गठन से कांग्रेस को मिलेगी मजबूती
भाजपा (BJP) जब बूथ तक पन्ना प्रमुख बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है तब कहीं जाकर अब कांग्रेस (Congress) ने मंडल अध्यक्ष बनाए हैं. देर से ही सही, लेकिन पार्टी का यह फैसला निश्चित तौर पर कांग्रेस को अधिक मजबूत बनाने में मददगार साबित हो सकता है. अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले निकाय चुनाव में यह नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष कितनी शिद्दत के साथ कार्य कर पार्टी का परचम लहराने और सफलता में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे. ©सुमित सारस्वत
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April 23, 2025
ठेकेदार के भरोसे शहर की 'प्यास' !, अकुशल लेबर से गड़बड़ाई जल वितरण व्यवस्था, पूर्व एईएन ने स्टाफ की कमी पर जताई चिंता - Water Crisis
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| काल्पनिक चित्र (AI) |
बीसलपुर लाइन से जुड़े ब्यावर शहर में इन दिनों पेयजल वितरण व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है. कई इलाकों में पेयजल समय पर नहीं आ रहा है तो कई जगह दूषित सप्लाई हो रही है. कुछ इलाकों में लीकेज की शिकायतें भी मिली है. इन सारी समस्याओं से शहर की जनता त्रस्त है.
समस्या के बारे में पड़ताल करने पर विभागीय सूत्रों ने बताया कि पेयजल व्यवस्था बिगड़ने का एक मुख्य कारण दौलतपुरा पंप हाउस की खराब हालत है. यहां लंबे समय से मशीनों का रखरखाव नहीं हुआ. कुछ मशीनें खराब बताते हैं तो कुछ मशीनें दम तोड़ने के कगार हैं. यही कारण है कि जितना प्रेशर चाहिए उतने प्रेशर से सप्लाई नहीं आती. उच्चाधिकारियों से इन मशीनों की जांच करवानी चाहिए. यह भी अंदेशा है कि यदि पंप हाउस पर मशीनों की स्थिति समय रहते नहीं सुधरी तो मई-जून में हालत और अधिक बदतर हो सकते हैं. दूसरा कारण यह मालूम हुआ कि जल वितरण, मेंटिनेंस और लीकेज ठीक करने काम काम ठेके पर दिया हुआ है. इसी लापरवाही की वजह से शिकायतों के बावजूद लंबे समय तक लीकेज ठीक नहीं होते और जनता परेशान है.
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जल वितरण व्यवस्था चुनौतीपूर्ण
इस मामले में जलदाय विभाग के रिटायर्ड सहायक अभियंता संजीव माथुर ने बताया कि "ब्यावर में जल वितरण व्यवस्था हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है. मेरे समय में 179 कर्मचारी कार्यरत थे और सुपरवाइजरी स्टाफ की कमी थी. इसके बावजूद उस वक्त कामचोर तथा नेता टाइप कर्मचारियों को एडजस्ट करते हुए भी सुपरवाइजरी कार्य हो जाता था. आज की परिस्थिति में स्थिति ज्यादा विकट है. करीब 125 स्टाफ रिटायर हो चुका है. सुपरवाइजरी स्टाफ की भी कमी है. अभी करीब 55 कर्मचारी कार्यरत हैं. इनमें से भी 20-25 स्टाफ रिटायरमेंट के नजदीक है जो 2025 से 2027 के बीच रिटायर होने वाले हैं. ऐसे में जल वितरण और रखरखाव व्यवस्था पूरी तरह ठेकेदार की अकुशल लेबर पर निर्भर है." माथुर ने बताया कि "वर्तमान में सहायक अभियंता अपने 5 कनिष्ठ अभियंता के स्थान पर सिर्फ 1 कनिष्ठ अभियंता से सुपरवाइजरी कार्य करवा रहे हैं. महिला होते हुए भी एईएन का कार्य उच्च कोटि का है और सराहनीय है."
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पेयजल समस्या से आमजन में आक्रोश
हाल ही शहर में पेयजल समस्या को लेकर वार्ड संख्या 45 के क्षेत्रवासियों ने जलदाय विभाग के दफ्तर पर विरोध प्रदर्शन किया. भाजपा नेता निखिल रावत, वीरेंद्र रावत, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल आर्य ने जल वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी. इस मामले में कांग्रेस नेता अजय शर्मा ने सरकार को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि "मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने में सरकार फेल हो रही है. जनता को न तो समय पर पानी मिल रहा है और न ही बिजली. शर्मा ने कहा कि जिला मुख्यालय पर रोजाना जल सप्लाई का नियम है लेकिन स्थानीय प्रशासन अनदेखी कर जनता को परेशान कर रहा है. जब जयपुर और अजमेर जिला मुख्यालय में रोजाना जल सप्लाई हो रही है तो ब्यावर में क्यों नहीं?" इस मामले में हमने सहायक अभियंता से बात करने का प्रयास किया लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
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April 20, 2025
दुष्कर्मी महिला को 20 साल की जेल, होटल में 15 साल के लड़के को शराब पिलाकर बनाया था हवस का शिकार
✍ सुमित सारस्वत
मामला चौंकाने वाला है लेकिन हकीकत है. कलयुग में महिलाएं भी 'दुष्कर्म' करने लगी है. हैरान कर देने वाला यह मामला राजस्थान (Rajasthan) का है, जहां एक 40 साल की महिला ने 15 साल के नाबालिग लड़के को अपनी हवस का शिकार बनाया.
शारीरिक संबंध बनाने से पहले लड़के को शराब भी पिलाई. यौन शोषण (Sexually Abused) के इस मामले में अब बूंदी पॉक्सो कोर्ट (Pocso Court) ने महिला को दोषी मानकर 20 साल की सजा सुनाई है. साथ ही 45 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. इस मामले में 17 गवाह और 37 दस्तावेज पेश किए गए थे.
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जानकारी के अनुसार, बूंदी (Bundi) की एक महिला ने 7 नवंबर 2023 को दी रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि 40 साल की महिला ने उसके बेटे का यौन शोषण किया है. अगस्त 2023 में आरोपी महिला लड़के को अपने साथ जयपुर ले गई. वहां एक होटल के रूम में उसे शराब पिलाई और शारीरिक शोषण (Rape) किया. पुलिस ने नाबालिग को जयपुर से बरामद कर मामले की जांच की. लड़के के बयान सुनकर सभी दंग रह गए. लड़के ने आपबीती में महिला की करतूतों का खुलासा किया.
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सांस्कृतिक प्रदेश (Cultural State) राजस्थान का यह मामला सोचने पर मजबूर करने वाला है कि सभ्य समाज किस दिशा की ओर बढ़ रहा है. जिस समाज में बढ़ते अपराधों के बीच बुलंद आवाज में महिला सुरक्षा (Women Safety) की मांग की जा रही हो उसी समाज की महिलाएं अपनी हवस मिटाने के लिए दुष्कर्म जैसे अपराध करने लगी है. इस मामले से जेहन में सवाल हैं कि क्या अब लड़के भी घर के बाहर सुरक्षित नहीं रहेंगे ? क्या अब बेटों को भी सिखाना होगा कि दुष्कर्मी महिलाओं से कैसे बचें ? ©सुमित सारस्वत
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