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October 19, 2025

देश-दुनिया में 20 अक्टूबर को मनाएंगे दीपावली, बद्रीनाथ से काशी और अयोध्या में होगी पूजा - Diwali in India

✍🏻 सुमित सारस्वत

भारत का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली महापर्व (Diwali Festival) 20 अक्टूबर को देश-दुनिया में उत्साह के साथ मनाया जाएगा. राम नगरी अयोध्या, शिव नगरी काशी, विष्णु के पावन बद्रीनाथ धाम और जगन्नाथ पुरी समेत सभी प्राचीन पुरियों में सोमवार की रात दीपावली की पूजा की जाएगी. उत्तराखंड के चारों धाम में इसी दिन दिवाली मनाई जाएगी. ब्रज मंडल के मथुरा, वृंदावन, गोकुल में भी 20 अक्टूबर को दीपावली पूजा की जाएगी.


कार्तिक अमावस्या की विशेष मान्यता 

सनातन धर्म में कार्तिक अमावस्या को मनाए जाने वाली दीपावली का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व है क्योंकि दीपों के इसी महापर्व पर धन की देवी मां लक्ष्मी और शुभ-लाभ के देवता भगवान श्री गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है. हिंदू मान्यता के अनुसार दिवाली की रात गणेश और लक्ष्मी की पूजा करने पर पूरे साल सुख समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है. भारत के अलावा नेपाल, मलेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका, अमेरिका, जापान व अन्य देशों में भी दीवाली को अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है. दुनियाभर में रोशनी के पर्व पर उल्लास छाया हुआ है.


अयोध्या में बना नया विश्व रिकॉर्ड

दीपावली महापर्व की पूर्व संध्या पर रामनगरी में भव्य दीपोत्सव (Deepotsav 2025) का आयोजन हुआ. अवध वासियों ने राम की पैड़ी पर 26 लाख 17 हजार 215 दीप प्रज्वलित कर नया रिकॉर्ड बनाया. यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (World Record) में अंकित किया. इसके साक्षी बने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने दीपोत्सव को लोक आस्था से जोड़ा. मुख्यमंत्री ने कहा, भारत एक रहेगा तो श्रेष्ठ रहेगा. ©सुमित सारस्वत

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October 18, 2025

अयोध्या में 20 अक्टूबर को मनाएंगे दीपावली, दीपोत्सव देखने राम नगरी पहुंचे हजारों लोग - Ayodhya Diwali 2025

✍🏻 सुमित सारस्वत

जन-जन की आस्था के प्रतीक प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या (Ayodhya) धाम में 20 अक्टूबर को सनातन धर्म का सबसे बड़ा दीपावली महापर्व (Diwali Festival) हर्षोल्ल्लास से मनाया जाएगा. श्री राम मंदिर (Ram Mandir) में रामलला सरकार की विशेष पूजा-अर्चना होगी. पूर्व संध्या पर 19 अक्टूबर की रात भव्य दीपोत्सव का आयोजन होगा. सरयू किनारे राम की पैड़ी के 56 घाटों पर लाखों दीप जगमगाएंगे. इस साल 26 लाख दीयों और महाआरती से विश्व रिकॉर्ड बनाएंगे. 2100 से अधिक अर्चक महाआरती करेंगे. लाइट एंड साउंड शो भी होगा. रामनगरी की दिवाली देखने देश-दुनिया से हजारों लोग अयोध्या पहुंचे हैं. आलम यह है कि 19 और 20 अक्टूबर के लिए सभी होटल और धर्मशाला बुक है. इन दो दिनों में अब रूम बुकिंग मुश्किल होगी. 20 अक्टूबर की शाम 7.16 बजे से 8.25 बजे तक दीपावली पूजा करेंगे.


सीएम योगी करेंगे श्री राम का राजतिलक

दीपावली पर रामनगरी एक बार फिर इतिहास बनाने को तैयार है. अयोध्या में मनाए जा रहे नवें दीपोत्सव (Deepotsav 2025) कार्यक्रम में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी शिरकत करेंगे. यहां सरयू किनारे रामकथा पार्क में श्री राम का राजतिलक करेंगे. राज्याभिषेक समारोह के लिए राज दरबार की थीम पर रामकथा पार्क को सजाया है. मंच पर राम दरबार की सजीव झांकी होगी. पांडाल में साधु संतों के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक व केशव मौर्य और मंत्रिमंडल के कई सदस्य मौजूद रहेंगे. इस भव्य आयोजन के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं.


भव्य शोभायात्रा में दिखेगी लोक संस्कृति

रविवार सुबह 10 बजे साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा निकलेगी. झांकियों की शोभायात्रा में विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति देखने को मिलेगी. लोक कलाकार पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे. जगह-जगह पुष्प वर्षा कर झांकियों का स्वागत होगा. रामकथा पार्क पहुंचने पर सीएम योगी स्वागत करेंगे. ©सुमित सारस्वत

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February 12, 2025

अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी का निधन, रामलला टेंट में थे तब से प्रभु सेवा में रहे लीन - Satyendra Das Death

माघ पूर्णिमा पर आचार्य सत्येंद्र दास का देवलोक गमन

✍🏻 सुमित सारस्वत
विश्व विख्यात अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज (Satyendra Das Maharaj) का आज माघ पूर्णिमा के पवित्र दिन देवलोक गमन हुआ. वे 1993 से रामलला सरकार (Lord Ram) की सेवा कर रहे थे. उनके निधन से रामनगरी (Ayodhya) के मठ मंदिरों में शोक है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने आचार्य के निधन पर शोक जताया है.

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आचार्य सत्येंद्र दास को ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद बीती 3 फरवरी को लखनऊ (Lucknow) के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया था. उपचार के दौरान आज बुधवार सुबह 7 बजे अस्पताल में अंतिम सांस ली. श्री राम मंदिर (Ram Mandir) भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी और अयोध्या राज परिवार के प्रमुख विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, डॉ. अनिल मिश्र, महासचिव चंपत राय ने निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है.

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यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी शोक जताया है. उन्होंने कहा कि 'परम रामभक्त आचार्य सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है. विनम्र श्रद्धांजलि!'
©सुमित सारस्वत
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November 8, 2024

यूपी में महिला सुरक्षा के लिए बड़ा अहम फैसला, पुरुष टेलर नहीं ले सकेंगे महिलाओं का माप, जिम में भी रोक

✍🏻सुमित सारस्वत
भारत में बढ़ते दुष्कर्म (Rape) मामलों के बीच महिला सुरक्षा के लिए एक बड़ा अहम फैसला हुआ है. यूपी महिला आयोग ने तय किया है कि अब उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में ब्यूटी पार्लर, बुटिक, योगा सेंटर और जिम में महिलाओं के लिए पुरूषों को काम पर नहीं लगाया जा सकता.

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आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान (Babita Chauhan) ने बताया कि यूपी में अब पुरुष टेलर महिलाओं का माप नहीं ले सकेंगे. ब्यूटी पार्लर में मेकअप का काम महिला ब्यूटीशियन और योगा सेंटर व जिम में भी महिला ट्रेनर होना जरूरी है. महिलाओं को पुरुषों के 'गलत इरादे' और 'बैड टच' से बचाने के लिए आयोग ने यह प्रस्ताव दिया है. आयोग का मानना है कि इस तरह के पेशे में शामिल पुरुषों की वजह से महिलाओं के साथ छेड़छाड़ होती है. पुरुष महिलाओं के साथ गलत व्यवहार की कोशिश करते हैं.

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आयोग अध्यक्ष ने कहा कि इस फैसले से महिला सुरक्षा बढ़ेगी. साथ ही महिलाओं के लिए नौकरी रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. आयोग के इस फैसले को देशभर से समर्थन मिल रहा है. लोग इस फैसले पर खुशी जताते हुए पूरे देश में लागू करने की मांग कर रहे हैं.
©सुमित सारस्वत

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October 25, 2024

जानें अयोध्या में कब मनाएंगे दिवाली ?, रामनगरी से ही शुरू हुई थी दीपावली की परंपरा - Ayodhya Deepotsav 2024

✍🏻सुमित सारस्वत
हर साल कार्तिक मास की अमावस्या को दीपावली महापर्व (Diwali Festival) हर्षोल्लास से मनाया जाता है. सनातन धर्म की मान्यता के अनुसार यह हिंदुओं का सबसे बड़ा पर्व है. धार्मिक मान्यता है कि त्रेता युग में इस दिन प्रभु श्री राम (Lord Ram) चौदह वर्ष का वनवास कर अयोध्या (Ayodhya) लौटे थे. तब अवध वासियों ने प्रभु के आगमन की खूब खुशियां मनाई. अवध को दीपों से सजाया. तब से दीपावली पर्व की परंपरा शुरू हुई.

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55 घाटों पर जगमगाएंगे 25 लाख दीपक
हर साल की तरह इस साल भी अयोध्या में दीपाेत्सव (Diwali in Ayodhya) महापर्व उत्साह के साथ मनाएंगे. राम जन्मभूमि मंदिर बनने के बाद रामनगरी में दीपोत्सव 2024 (Deepotsav 2024) का उल्लास दोगुना दिखने लगा है. यहां दीपावली की पूर्व संध्या पर 30 अक्टूबर को दीपोत्सव पर्व मनाएंगे. इस साल राम की पैड़ी समेत सरयू के 55 घाटों पर 25 लाख से ज्यादा दीपक जगमगाएंगे. 25 अक्टूबर से घाटों पर दीपक जमाने का काम शुरू कर दिया है.

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सीएम योगी भी दीपोत्सव में करेंगे दीपदान
विश्व विख्यात अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी शामिल होंगे. 30 अक्टूबर की शाम सरयू घाट पर दीपदान व आरती करेंगे. 31 अक्टूबर की सुबह श्री राम जन्मभूमि मंदिर (Ram Mandir) में दीपावली दर्शन व पूजन करेंगे. दीपावली के मौके पर श्री राम मंदिर पर आकर्षक रोशनी से सजावट की है. देशभर से श्रद्वालु दीपोत्सव में शामिल होने अयोध्या पहुंच रहे हैं.
©सुमित सारस्वत

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August 3, 2024

बारिश में कपल से की छेड़छाड़, योगी ने मनचलों और पुलिस के खिलाफ लिया यह एक्शन

✍🏻सुमित सारस्वत
यूपी की राजधानी लखनऊ में बारिश के बीच गुजर रहे युवक-युवती को घेरकर उनसे बदसलूकी की शर्मनाक घटना के बाद देशभर में योगी सरकार (CM Yogi) को टारगेट किया गया. इस घटना को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सख्ती दिखाते हुए बदमाशों को स्पष्ट संकेत दिया कि यूपी में किसी भी तरह का अपराध बर्दाश्त नहीं है. वारदात में लिप्त हुड़दंगियों की पहचान कर पवन यादव, मोहम्मद अरबाज, अमन गुप्ता, विकास भंडारी समेत 16 आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया. पुलिस की लापरवाही मानते हुए अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की.

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योगी बोले- 'महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा'
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) विधानसभा में गुरुवार (1 अगस्त) को गोमती नगर उत्पीड़न मामला चर्चा में रहा. यूपी में महिला सुरक्षा को लेकर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. जवाब में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आश्वासन दिया कि 'उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है. हमने गोमती नगर की घटना का संज्ञान लिया है. अपराधियों की सूची में पवन यादव और मोहम्मद अरबाज शामिल हैं. महिला सुरक्षा हमारे लिए एक बड़ा मुद्दा है और हमने हर बहन और बेटी को आश्वासन दिया है कि हम इसे गंभीरता से लेंगे.'

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सरकार का पुलिस के खिलाफ भी एक्शन
राजधानी में हुई घटना को बड़ी लापरवाही मानते हुए योगी सरकार ने पुलिस (Police) के खिलाफ भी बड़ा एक्शन लिया. गोमती नगर इंस्पेक्टर और तीन चौकी इंचार्ज, दो दीवान, आठ सिपाही समेत चौकी पर मौजूद पूरे स्टाफ को सस्पेंड कर दिया. डिप्टी एसपी, एडिशनल एसपी, डीसीपी, एसीपी को हटाया.

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वीडियो वायरल होने से गर्माया माहौल
जानकारी के अनुसार, लखनऊ (Lucknow) में ताज होटल के सामने रोड पर भारी बारिश के बाद जलभराव हो गया था. जलभराव में कुछ लोग मौज-मस्ती कर रहे थे. कुछ हुड़दंगियों ने वहां से गुजर रहे बाइक और स्कूटी पर पानी फेंका. बाइक से गुजर रहे एक युवक और एक महिला के साथ बदतमीजी की. शरारती तत्वों ने बाइक सवार युवक और महिला पर पानी की बौछार की और बाइक को पीछे से पकड़कर खींचने लगे, जिससे पीछे बैठी महिला गिर गई. इस घटना का वीडियो वायरल (Viral Video) होने के बाद लोगों ने सोशल मीडिया (Social Media) पर जमकर विरोध करते हुए प्रतिक्रियायां दी.

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'बहन बेटियों की इज्जत बचाओ..'
एक्स पर एक यूजर ने लिखा, 'यह तो लखनऊ की तहजीब नहीं है. एक महिला के साथ ऐसा हुड़दंग लखनऊ ने पहले कभी नहीं देखा.. शासन का कोई इकबाल है भी या नहीं.' सपा नेता आई.पी. सिंह ने घटना की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, 'लखनऊ की यह तस्वीर दिल को झकझोर देती है और कितनी पीड़ा देने वाली है. अपनी पत्नी को छेड़खानी से बचाने के लिए एक पति हाथ जोड़ कर हुड़दंगियों से विनती कर रहा है. योगी आदित्यनाथ सरकार की असल तस्वीर ये है. उत्तर प्रदेश की जनता सब देख रही है. यूपी में बहन बेटियों की इज्जत बचाओ.'
©सुमित सारस्वत

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July 2, 2024

हाथरस में बड़ा हादसा, 120 श्रद्धालुओं की मौत!, जानें क्या थी वजह ?

✍🏻सुमित सारस्वत

यूपी के हाथरस में बड़ा हादसा हुआ है. 120 से ज्यादा श्रद्धालुओं के मौत की खबर है. 150 से ज्यादा लोग गंभीर घायल हैं, जिन्हें अस्पतालों में भर्ती करवाया है. नारायण साकार उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. घटना के बाद अस्पताल के बाहर लाशों का ढेर देखकर ड्यूटी पर तैनात सिपाही की हार्टअटैक से मौत हो गई. सत्संग में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत देशभर से पहुंचे हजारों लोग शामिल थे.


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यूपी में हुई इस दर्दनाक घटना के बाद देशभर में कोहराम मचा है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विपक्ष नेता राहुल गांधी, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ समेत कई नेताओं ने शोक जताया है. भगदड़ से होने वाली मौतों से सबक लेते हुए लोगों को भीड़ में जाने से बचना चाहिए. आस्था और अंधविश्वास में फर्क समझना चाहिए.©सुमित सारस्वत



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January 8, 2024

Ram Mandir Opening: अयोध्या में 17 जनवरी को रामलला की शोभायात्रा रद्द, जानें क्या है बड़ी वजह ?


✍ सुमित सारस्वत

Ram Mandir Pran Pratishtha: अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर में भगवान रामलला प्राण प्रतिष्ठा को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल है. रामनगरी में आगामी 22 जनवरी को विशाल स्तर पर आयोजित होने वाले प्रतिष्ठा महोत्सव (Ram Mandir Inauguration) की तैयारियां जोर-शोर से जा रही है. इस बीच भक्तों को मायूस करने वाली सूचना मिली है. अयोध्या (Ayodhya) में 17 जनवरी को प्रस्तावित रामलला की नगर शोभायात्रा रद्द कर दी गई है. इस शोभायात्रा में प्रभु श्री राम की चल प्रतिमा को नगर भ्रमण करवाकर राम मंदिर में विराजमान करना तय किया था. अब सुरक्षा कारणों की वजह से इस शोभायात्रा को रद्द करने का फैसला किया है. इस सूचना से रामभक्तों में मायूसी छा गई है. रामभक्त इस शोभायात्रा में शामिल होने के लिए बड़े बेताब थे.

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सीएम योगी लेंगे तैयारियों का जायजा
प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले मंगलवार को यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) अयोध्या आएंगे. मुख्यमंत्री सुबह 11 बजे राजकीय विमान से महर्षि वाल्मीकि एयरपोर्ट पहुंचेंगे. यहां से कार में सवार होकर हनुमानगढ़ी मंदिर जाएंगे. भगवान हनुमान का दर्शन करने के बाद जन्मभूमि मंदिर (Ayodhya Ram Temple) पहुंचकर रामलला का करेंगे दर्शन और पूजन करेंगे. साथ ही यहां हो रही प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियाें का जायजा लेंगे.

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सर्किट हाउस में करेंगे प्रदर्शनी का अवलोकन
मंदिर दर्शन के बाद सीएम पुलिस कंट्रोल रूम, लता मंगेशकर चौक, नगर निगम की ओर से निर्माण कराए जा रहे टेंट सिटी का निरीक्षण करेंगे. दोपहर एक बजे सर्किट हाउस में वन विभाग व नगर विकास की प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे. दोपहर 2 बजे मंडल आयुक्त सभागार में विकास कार्य और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक लेंगे. इसके बाद 3 बजे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के पदाधिकारियों के साथ सर्किट हाउस में बैठक करेंगे. भगवान रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए की जा रही तैयारियों की प्रगति के बारे में जानकारी लेंगे. ट्रस्ट की बैठक के बाद संतों से भी मुलाकात का कार्यक्रम है. शाम 4.45 बजे अयोध्या एयरपोर्ट से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे. पूरी यात्रा के दौरान सीएम योगी करीब छह घंटे अयोध्या में रहेंगे. ©सुमित सारस्वत

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January 5, 2024

Ram Mandir Inauguration: अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में मुसलमान भी होंगे शामिल, इकबाल ने दिया यह जवाब


Ram Mandir Pran Pratishtha: रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर लगभग बनकर तैयार है. आगामी 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के यजमान होंगे. भव्य समारोह में शामिल होने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास करीब छह हजार विशिष्ट जन को आमंत्रित कर रहा है. शुक्रवार को न्यास ने इकबाल अंसारी के घर जाकर उन्हें निमंत्रण पत्र सौंपा.

आमंत्रण के बाद क्या बोले अंसारी

आमंत्रण मिलने के बाद इकबाल अंसारी (Iqbal Ansari) ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वर्ष 2019 में जब सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया तो पूरे देश के मुसलमानों ने समर्थन किया. कहीं एक पत्ता भी नहीं हिला. कहीं कोई धरना, प्रदर्शन नहीं हुआ. हिंदू और मुसलमान के बीच कोई दरार नहीं है. मंदिर का काम पूरा हो चुका है. अयोध्यावासियों के साथ मुझे भी खुशी है कि यहां भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है. अयोध्या में भगवान राम (Lord Ram) साक्षात विराजमान हैं. अयोध्या ऐसी धरती है जहां हिंदू, मुसलमान, सिख, ईसाई सभी में भाईचारा है और यह हमेशा बना रहेगा.

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अंसारी की अपील का हुआ था असर
आपको बता दें कि इकबाल अंसारी बहुचर्चित केस में बाबरी पक्षकार रहे थे. वर्ष 2019 में अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Temple) के पक्ष में फैसला आने के बाद इकबाल ने मुसलमानों से सुप्रीम कोर्ट के फैसले को सम्मान देने की अपील की थी. उनकी अपील का देशभर में असर भी हुआ. मुसलमानों ने कोर्ट के आदेश को मानते हुए स्वीकार किया.

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पीएम मोदी पर बरसाए थे फूल

रामनगरी में कौमी एकता और सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने में इकबाल अंसारी की अहम भूमिका मानी जाती है. चंद रोज पहले गत 30 दिसंबर को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे तो रोड शो के दौरान इकबाल ने फूल बरसाकर स्वागत किया. उनकी यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुई थी. ©सुमित सारस्वत

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November 8, 2023

आज अयोध्या क्यों जा रहे हैं योगी आदित्यनाथ ? पढ़ें पूरी जानकारी - Yogi Adityanath In Ayodhya


✍ सुमित सारस्वत
विश्व विख्यात रामनगरी अयोध्या के लिए आज 9 नवंबर का दिन खास है. 11 नवंबर को होने वाले भव्य दीपोत्सव से पहले आज यहां योगी सरकार की कैबिनेट बैठक होगी. उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 11 बजे अयोध्या पहुंचेंगे. रामकथा पार्क में उनका विमान उतरेगा. यहां से इलेक्ट्रिक बस में सवार होकर हनुमानगढ़ी मंदिर जाएंगे. वहां मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ संकटमोचन हनुमान का दर्शन व पूजन करेंगे. जन्मभूमि मंदिर पहुंचकर भगवान रामलला का दर्शन पूजन करेंगे. इसके बाद निर्माणाधीन मंदिर का जायजा लेंगे. आगामी 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होंगे. दर्शन पूजन के बाद योगी कैबिनेट की बैठक होगी.

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सीएम योगी दोपहर 12 बजे अंतर्राष्ट्रीय रामकथा संग्रहालय में बैठक करेंगे. सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे. बैठक में दीपोत्सव समेत कई प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी. कैबिनेट की बैठक लेने के बाद मुख्यमंत्री योगी राम कथा पार्क में जाएंगे. वहां मीडिया को कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देंगे. योगी सरकार की बैठक के लिए रामकथा पार्क और राम कथा संग्रहालय को सजाया है.

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9 नवंबर अयोध्या के लिए खास
आपको बता दें कि अयोध्या के लिए 9 नवंबर का दिन बेहद खास है. 9 नवंबर 1979 को रामलला के सम्मान में पहला आधार रखा था. बाबरी मस्जिद राम मंदिर प्रकरण का फैसला भी 9 नवंबर 2019 को हुआ था. अब एक बार फिर 9 नवंबर को कैबिनेट की बैठक होने जा रही है.
©सुमित सारस्वत

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October 25, 2017

योगी बोले, अयोध्या दीपावली में मुस्लिम बने थे राम और हनुमान | Yogi Adityanath speech in Kashi


देश में भले ही मुसलमानों को भगवान राम का दुश्मन माना जाता हो मगर इस साल राम जन्म भूमि अयोध्या में आयोजित भव्य दीपावली महोत्सव में भगवान राम और हनुमान बनने वाले कलाकार मुसलमान थे। यह बात खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में आयोजित रामकथा में संत मोरारी बापू के जिक्र करने पर गोरख पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि दीपावली अयोध्या ने ही देश-दुनिया को दी। दीपावली के इस आयोजन को अदभुत रूप में प्रस्तुत कर सकें यह हम सबके लिए चुनौती थी, क्योंकि सरकार इसमें शामिल हो तो सांप्रदायिकता का आरोप लगता। इसके बावजूद हमने इसे मनाया और सांप्रदायिकता के कलंक से मिटने के लिए काम किया। दुनिया के जिन देशों में रामलीला होती है उन्हें भी आमंत्रित किया। हमने इंडोनेशिया और श्रीलंका की रामलीला को भी बुलाया। इंडोनेशिया इसलिए क्योंकि यह दुनिया में सबसे बड़ा मुस्लिम देश है। जितने भी रामायण के पात्र बने थे वे सभी मुस्लिम थे। मैंने उनसे पूछा, क्या रामलीला में हनुमान, राम, सीता बनने में संकोच नहीं तो उन्होंने कहा कि इस्लाम हमारी उपासना विधि है लेकिन राम हमारे पूर्वज हैं। अपने पूर्वज के साथ कैसे संबंध विच्छेद कर सकते हैं। रामलीला इंडोनेशिया का राष्ट्रीय पर्व है। वहां नोट पर गणपति छपते हैं। विष्णु की सवारी गरूड़ को नेशनल एयरलाइंस बनाया है। उन्होंने कहा, उपासना बदलने से पूर्वज नहीं बदलते हैं और इसलिए वहां के मुस्लिम श्रद्धा भाव के साथ रामलीला करते हैं। दूसरा हमने श्रीलंका की रामायण को आमंत्रित किया क्योंकि बहुत सारे लोगों को यह लगता होगा कि श्रीलंका में रामलीला नहीं होती होगी क्योंकि रावण तो वहां का था। श्रीलंका की रामायण में सिंहली भाषा के साथ संस्कृत में संवाद हुआ। देश और दुनिया ने उसे देखा और सराहा। हमने अयोध्या में अगले माह होने वाले रामायण मेले में छह देशों की नई रामलीला को आमंत्रित किया है।

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राम के बिना भारत की कल्पना संभव नहीं: योगी आदित्यनाथ | India is not possible without Ram : Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में आयोजित संत मोरारी बापू की रामकथा में पहुंचे। गोरख पीठाधीश्वर योगी ने यहां 16 मिनट के संबोधन में राम के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा, मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम के बिना भारत की कल्पना संभव नहीं है। बापू ने ठीक कहा था कि हम मिलते हैं तो राम राम, विदा होते हैं तो भी राम राम, किसी अभियान में निकलते हैं तो जय श्रीराम और अंतिम यात्रा में निकालते हैं तो राम नाम सत्य है के नाम पर अंतिम यात्रा भी निकलती है। भारत में ही नहीं दुनिया के अंदर अनेक देशों में मर्यादा पुरुषोत्तम राम की पावन लीला को मंच के माध्यम से देख और समझ सकते हैं। जब भी बापू की कथा में जाने का सौभाग्य प्राप्त होता है तो अक्सर देखता हूं कि कथा में बजरंग बली विराजमान होते हैं। एक दिन उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से बातचीत हो रही थी। उन्होंने कहा कि रामकथा में बजरंग बली की हनुमान चालीसा में अद्भुत शक्ति है। महर्षि वाल्मिकी से लेकर संत तुलसीदास तक की इस पावन यात्रा को भारत की हर भाषा में लिखा गया है। उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सरकार के सहयोग से रामायण मेलों का आयोजन होता है। हमने कहा, इन मेलों में रामकथा को चर्चा-परिचर्चा का विषय बनाया जाना चाहिए।


मुस्लिम की उपासना इस्लाम, राम पूर्वज
दीपावली अयोध्या ने ही देश-दुनिया को दी। दीपावली के इस आयोजन को अदभुत रूप में प्रदर्शित कर सकें यह हम सबके लिए चुनौती थी। सरकार इसमें शामिल हो तो सांप्रदायिकता का आरोप लगता है। इसके बावजूद हमने इसे मनाया और सांप्रदायिकता के कलंक से मिटने के लिए काम किया। दुनिया के जिन देशों में रामलीला होती है उन्हें भी आमंत्रित किया। हमने इंडोनेशिया और श्रीलंका की रामलीला को भी बुलाया। इंडोनेशिया इसलिए क्योंकि यह दुनिया में सबसे बड़ा मुस्लिम देश है। जितने भी रामायण के पात्र बने थे वे सभी मुस्लिम थे। मैंने उनसे पूछा, रामायण में हनुमान, राम, सीता बनने में संकोच नहीं तो उन्होंने कहा कि इस्लाम हमारी उपासना विधि है लेकिन राम हमारे पूर्वज हैं। अपने पूर्वज के साथ संबंध विच्छेद नहीं कर सकते। रामलीला इंडोनेशिया का राष्ट्रीय पर्व है। वहां नोट पर गणपति छपते हैं। विष्णु की सवारी गरूड़ को नेशनल एयरलाइंस बनाया है। उपासना बदलने से पूर्वज नहीं बदलते हैं और इसलिए वहां के मुस्लिम श्रद्धा भाव के साथ रामलीला करते हैं। श्रीलंका की रामायण में सिंहनी भाषा में संस्कृत के साथ संवाद किया।


साकार होगी रामराज्य की परिकल्पना
काशी की धरती आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरती है। राम का संबंध अयोध्या के साथ काशी की धरती से भी है। तुलसीदासजी को इसी धरती ने रामचरितमानस लिखने की प्रेरणा दी। भगवान राम की पावन कथा को काशी में सुनने का अवसर प्राप्त हो तो जीवन के चारों पुरूषार्थ पूरे हो जाते हैं। यह कथा हर देश, काल, परिस्थिति में देश और जीवन का मार्गदर्शन करती है। कथा मोरारी बापू जैसे दिव्य संत के श्रीमुख से सुनने का अवसर प्राप्त हो तो जन और जीवन धन्य-धन्य हो जाता है। कथा में बापू के दिशा-निर्देश अनुकरणीय है। इससे रामराज्य की परिकल्पना साकार होगी।


गंगा अविरल और निर्मल रहे
गंगा के तट पर कथा हो रही है। इसकी अविरलता और निर्मलता बनाए रखने में सभी का सहयोग चाहिए। 2017 में प्रयागराज में कुंभ का आयोजन है। तब तक गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए सभी को प्राण और प्रण से जुटना है। मैं विश्वास व्यक्त करता हूं कि पूज्य बापू का सानिध्य और कृपा राम कथा के माध्यम से उत्तर प्रदेश की जनता पर, प्रत्येक सनातन हिंदू धर्मावलंबी पर और इस देश के प्रत्येक नागरिक पर सदैव बनी रहे। योगी के संबोधन के दौरान श्रद्धालु जय श्री राम और हर-हर महादेव के जयघोष लगा रहे थे। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273



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शिव बाबा के बनारस में दो रामभक्तों का मिलन | CM Yogi Adityanath meets Morari Bapu


काशी विश्वनाथ बाबा के बनारस में बुधवार को दो रामभक्तों का अदभुत मिलन हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे तो दुर्लभ नजारा देखने को मिला। यहां महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के समीप गंगा तट पर मानस मसान के मंच पर वैष्णव संप्रदाय के रामकथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू और नाथ संप्रदाय के गोरख पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ का मिलन हुआ।

संत कृपा सनातन संस्थान की ओर से आयोजित रामकथा के पंचम दिवस व्यासपीठ पर विराजित बापू ने भगवान राम का जन्म प्रसंग सुनाया तभी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आगमन हुआ। दोनों ने एक-दूसरे को भगवा अंगवस्त्र पहनाया। एक-दूसरे को देखकर बिना कुछ बोले दोनों मुस्कुराए और आंखों से आदर भाव प्रकट करते हुए मन की भावनाओं का आदान-प्रदान किया। ठीक उसी तरह जैसे भगवान राम और भगवान शिव एक-दूसरे का आदर और पूजा करते थे। बापू ने प्रसन्न मन से योगी का स्वागत करते हुए अयोध्या में दीपावली के लिए साधुवाद किया। योगी भी बोले, सौभाग्य है कि रामकथा के अदभुत व्याख्याता संत मोरारी बापू हमारे क्षेत्र में पधारे। राम को घर-घर पहुंचाने वाले साधु और संत के मिलन पर पूरा पांडाल जयकारों से गूंज उठा। -सुमित सारस्वत, मो.09462737273


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