✍🏻 सुमित सारस्वत
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण ठुकराने वाली कांग्रेस भी अब राम के नाम पर राजनीति करने लगी है. राजस्थान (Rajasthan) के ब्यावर (Beawar) में कांग्रेस नेताओं ने राम नाम का सहारा लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा. सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस (Congress) ने 45 दिवसीय मनरेगा बचाओ संग्राम जन आंदोलन का आगाज किया. 10 जनवरी से 25 फरवरी तक होने वाले देशव्यापी आंदोलन की शुरूआत शनिवार को पत्रकार वार्ता से की.
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राम के नाम पर नई योजना लाएं
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी उपाध्यक्ष और पूर्व मंत्री नसीम अख्तर (Naseem Akhtar) ने कहा कि भाजपा (BJP) बरसों से राम के नाम पर राजनीति कर रही है. अब मोदी सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर जी राम जी कर दिया है. भगवान राम (Ram) को भारत ही नहीं, पूरा विश्व मानता है. हम चाहते हैं कि सरकार राम के नाम पर कोई नई योजना लेकर आए, पुरानी योजनाओं का नाम बदलकर देश की जनता को बेवकूफ न बनाए. किसान, मजदूर, दलित, अल्पसंख्यक पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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कांग्रेसी भी करते हैं राम की पूजा
पीसीसी महासचिव राकेश पारीक (Rakesh Pareek) ने आरोप लगाया कि देश को सिर्फ चार गुजराती चला रहे हैं. सत्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के साथ उद्योगपति अडाणी और अंबानी, इन चारों ने मिलकर पूरे देश को हाइजेक कर रखा है. मोदी-शाह जनहित के मुद्दे भुलाकर राम के नाम पर राजनीति कर रहे हैं. राम सबके हैं. कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों में भी हर सुबह भगवान राम की पूजा होती है.
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दफ्तर में तस्वीर लगाई लेकिन नाम हटा रहे
ब्यावर कांग्रेस जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी (Kishor Choudhary) ने कहा कि महात्मा गांधी भारत के राष्ट्रपिता हैं. मनरेगा योजना से इनका नाम हटाना हठधर्मिता और साजिश है. मोदी सरकार सिर्फ योजनाओं का नाम बदलकर जनता को गुमराह कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दफ्तर में फोटो महात्मा गांधी की लगा रखी है लेकिन योजनाओं से उनका नाम हटा रही है.
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मजदूरों से छीना मजदूरी का हक
पीसीसी सचिव और ब्यावर प्रभारी रूबी खान (Ruby Khan) ने कहा कि मनरेगा भारत की आत्मा है. इस योजना को खत्म कर सरकार गरीब, किसान, मजदूरों का शोषण कर रही है. बीजेपी ने मजदूरों से मजदूरी का हक छीन लिया है. मनरेगा का नाम और काम वही रहना चाहिए जो मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) और सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) ने तय किया था. अगर महात्मा गांधी का नाम खत्म हो गया तो भारत की रुह खत्म हो जाएगी. मनरेगा योजना की तत्काल वापसी की जाए. न्यूनतम मजदूरी प्रतिदिन 400 रुपए हो. इस दौरान पीसीसी नेता पारस पंच, ब्लॉक अध्यक्ष अशोक रांका, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष इशिका जैन, सेवादल जिला संगठक विक्रम सोलीवाल, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेंद्रपाल पंवार, राम यादव, शेखर शर्मा, मेघराज बोहरा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे. ©सुमित सारस्वत
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January 10, 2026
भाजपा के राम की राह पर अब कांग्रेस, मुस्लिम नेता बोलीं- 'भगवान राम को पूरा विश्व मानता है लेकिन..'
January 9, 2026
उद्योग आंदोलन में पदावत का शक्ति प्रदर्शन, सड़कों पर नारों के बीच चर्चा आशीष की
राजस्थान में खत्म होते मिनरल उद्योग (Mineral Industry) को बचाने के लिए हजारों मजदूर और उद्याेगपति ब्यावर (Beawar) की सड़कों पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन चहुंओर चर्चा आशीष पाल पदावत (Ashish Pal Padawat) की हो रही थी. बीते करीब एक दशक से ब्यावर लघु उद्योग संघ अध्यक्ष पदावत ने लंबे समय से उद्योगों को बचाने का बीड़ा उठा रखा है. वे खत्म होते व्यापार को सुरक्षित रख हजारों मजदूरों को बेरोजगार होने से बचाने का प्रयास कर रहे हैं. अध्यक्ष होने के नाते आक्रोश रैली (Protest Rally) का नेतृत्व भी वही कर रहे थे. रैली में शामिल हजारों की तादाद में भीड़ देखने वाले लोग इसे पदावत का शक्ति प्रदर्शन बता रहे थे.
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जगजाहिर है कि आशीष पदावत उद्योग संघ के साथ ही सियासत में भी काफी सक्रिय हैं. पैदाइश भी कांग्रेस समर्थक परिवार में हुई है और यही वजह है कि बचपन से सियासत को करीब से देख रहे हैं. उद्योग आंदोलन की तैयारियों के बीच शायद उन्होंने भी नहीं सोचा होगा कि इतनी भीड़ जुटेगी और लोग इसे शक्ति प्रदर्शन मानकर चर्चा करेंगे.
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गौरतलब है कि सियासत (Politics) में किसी भी नेता की ताकत का अंदाजा भीड़ से ही लगाया जाता है. यही वजह है कि समय-समय पर नेता अपनी जन-शक्ति दिखाने के लिए आलाकमान के सामने भीड़ जुटाते रहे हैं. हालांकि, सियासत में सक्रिय रहते हुए पदावत ने अभी तक ऐसा नहीं किया. या यूं कहें कि उन्हें ऐसा करने का कोई मौका नहीं मिला. गत विधानसभा चुनाव में टिकट के लिए पुरजोर प्रयास किए लेकिन शालीनता के साथ. बस यही वजह रही कि उद्योग आंदोलन में पदावत के शक्ति प्रदर्शन की कई जगह चर्चा हुई.
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कलेक्ट्रेट परिसर में बाजार के एक बड़े व्यापारी ने कहा, "मैं मोदी का समर्थन करता हूं लेकिन यदि पदावतजी को कांग्रेस का टिकट मिलता तो उनका साथ देता. मैं चाहता हूं कि कांग्रेस के दूसरे नेताओं को अब इनका साथ देना चाहिए ताकि ब्यावर का भविष्य सुधरे." एक भाजपा (BJP) समर्थक व्यापारी का कांग्रेस (Congress) नेता के प्रति ऐसा विचार बताता है कि चुनाव के वक्त पार्टी से ज्यादा जरूरी व्यक्ति होता है, और होना भी यही चाहिए.
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एक सरकारी कार्मिक बोले, "आशीषजी निर्विवाद छवि वाले नेता हैं. किसी से कोई बैर नहीं रखते. सभी को साथ लेकर चलते हैं. रैली में भी कांग्रेस से ज्यादा भाजपा के नेता इनके साथ चल रहे थे. अगर यह चुनाव लड़े तो हर वर्ग इनका साथ देगा." इस बात पर वहां मौजूद एक समाज प्रमुख ने चुटकी लेते हुए यह भी कह दिया कि "जो पिछले चुनाव में टिकट मांगकर शहर की सत्ता पर राज करने का सपना देख रहे थे वे इन दिनों कार्यकर्ता बनकर दूसरे नेताजी के पीछे घूम रहे हैं."
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बहरहाल, विधानसभा चुनाव में अभी वक्त है लेकिन आने वाले निकाय चुनाव की घोषणा से पहले सियासी सरगर्मियां सर्दी में भी सन्नाटा चीर रही हैं. ©सुमित सारस्वत
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October 15, 2025
कांग्रेस ने जलदाय विभाग का घेराव कर बजाई खाली मटकियां, पेयजल किल्लत पर आक्रोश प्रदर्शन - Congress Protest In Rajasthan
✍🏻 सुमित सारस्वत
इस साल देश-प्रदेश में भरपूर बारिश हुई. वर्षा जल से नदी, तालाब, बांध भर गए. इसके बावजूद घरों में पानी के हौद खाली हैं. राजस्थान (Rajasthan) में जलदाय विभाग पूरा पानी नहीं दे रहा. आलम यह है कि इतनी बारिश के बावजूद सर्दी का मौसम आने पर भी लोग पेयजल किल्लत का सामना कर रहे हैं. इसी बात से गुस्साई कांग्रेस (Congress) ने आज ब्यावर (Beawar) जिला मुख्यालय पर दो घंटे तक आक्रोश प्रदर्शन किया.
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दीपावली पर भी पीने का पानी पूरा नहीं
ब्यावर के कांग्रेस कार्यकर्ता बुधवार को हाथों में खाली मटकियां लेकर जलदाय विभाग के दफ्तर पहुंचे. यहां एईएन सुरेंद्र तंवर व सुनील जीनगर का घेराव किया. पेयजल किल्लत को लेकर नाराजगी जताते हुए खाली मटकियां बजाकर विरोध प्रदर्शन किया. सेवादल जिलाध्यक्ष विक्रम सोनी ने बताया कि हिन्दुओं के सबसे बड़े महापर्व दीपावली (Diwali Festival) पर भी जनता को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है. ब्यावर शहर को 31 एमएलडी पानी की आवश्यकता है लेकिन सरकार 24 एमएलडी पानी ही दे रही है. इससे पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो रही है.
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72 से 96 घंटे में हो रही जलापूर्ति
प्रदेश महासचिव सोहन मेवाड़ा ने आरोप लगाया कि विकास के दावे करने वाली सरकार (Government) पीने का पानी भी 72 घंटे से 96 घंटे के अंतराल में दे रही है. त्योहार के वक्त जनता पेयजल किल्लत से परेशान है. उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और पेयजल सप्लाई 48 घंटे के अंतराल में नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी.
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चीफ इंजीनियर नहीं दे सके जवाब
प्रदर्शन के दौरान पूर्व विधायक माणक डाणी ने अजमेर के चीफ इंजीनियर रामचंद्र से मोबाइल फोन पर बात की. डाणी ने जानना चाहा कि ब्यावर शहर को कितने एमएलडी पानी मिल रहा है और कितने एमएलडी पानी की सप्लाई की जा रही है. इसका जवाब अधिकारी नहीं दे सके. ©सुमित सारस्वत
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यह कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सचिव सुलक्षणा शर्मा, संपति बोहरा, उर्मिला कंवरिया, ऋषि लांबा, कैलाश गहलोत, विमल चौहान, माणक बोहरा, ज्योति कंवर, बाबूलाल पंवार, अरविंद माथुर, लोकेश कुमार, भरत भाटी, तुषार महर्षि समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे.
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May 28, 2025
राजस्थान महिला कांग्रेस में जिला अध्यक्षों की नियुक्ति, अलका लांबा ने जारी की पहली सूची - Rajasthan Mahila Congress
✍🏻 सुमित सारस्वत
अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा (Alka Lamba) ने बुधवार को राजस्थान प्रदेश महिला कांग्रेस के 16 जिला अध्यक्षों की पहली सूची जारी की. ब्यावर (Beawar) में जिला अध्यक्ष पद पर युवा नेत्री इशिका जैन (Ishika Jain) को नियुक्त किया है. अब तक कांग्रेस में महज एक सामान्य कार्यकर्ता के तौर पर सक्रिय भागीदारी निभा रही इशिका को महज 23 साल की उम्र में बड़ा पद मिलना सिटी की सियासत में चर्चा का विषय बन गया है.
जिस तरह महत्वपूर्ण खबर का कवरेज करने और जमीनी हकीकत जानने के लिए पत्रकार ग्राउंड जीरो (Ground Zero) पर जाकर रिपोर्टिंग करता है उसी तरह इशिका ने भी पार्टी में धरातल पर काम कर पॉइंट जीरो (Point Zero) से राजनीति की शुरुआत की. सियासी समर्पण का परिणाम यह निकला कि संगठन ने एक सामान्य कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी देकर सम्मान से नवाजा. लांबा ने काम से प्रभावित होकर कुछ समय पहले इशिका को प्रदेश कार्यकारिणी में शामिल किया था. अब जिला अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी सौंपी है. कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ तस्वीर वायरल होने के बाद पहली बार पार्टी की सुर्खियों में आई इशिका ने बेहद कम समय में लंबी सियासी छलांग लगाई है.
इशिका की यह नियुक्ति उन नेताओं और कार्यकर्ताओं को नसीहत है जो पद पर होने के बावजूद पार्टी के प्रति समर्पित नहीं है, जो पार्टी के कार्यक्रमों से नदारद रहते हैं, जो संगठन हित से ज्यादा स्वहित सोचते हैं. संगठन कोई भी हो, काम करने वाले को प्रतिफल मिलता ही है, चाहे देर से ही. उम्मीद की जानी चाहिए कि छोटी उम्र में बड़ा पद पाकर इशिका अपनी सियासी कला का बेहतरीन प्रदर्शन कर मंद हो चुकी महिला कांग्रेस को गति प्रदान करेंगी. -सुमित सारस्वत, मो.9462737273
May 27, 2025
विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की नई रणनीति, पहली बार ब्लॉक के अधीन मंडल का गठन - New Strategy of Congress
✍🏻 सुमित सारस्वत
सूबे में विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के बाद अब नई रणनीति अपनाते हुए पहली बार ब्लॉक के अधीन नए मंडल गठन कर अध्यक्ष नियुक्त किए हैं. राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) ने ब्यावर विधानसभा क्षेत्र के दो ब्लॉक में 11 मंडल गठन किए हैं. ब्यावर ब्लॉक में 5 और जवाजा ब्लॉक में 6 मंडल अध्यक्षाें की घोषणा की है.
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युवाओं के भरोसे कांग्रेस की कमान
प्रदेश आलाकमान ने इस बार युवाओं पर भरोसा जताते हुए उन्हें कमान सौंपी है. ब्यावर (Beawar) ब्लॉक के ज्योतिबा फुले में राम यादव, श्री बालाजी में हिमांशु शर्मा, शहीद भगत सिंह में पृथ्वीराज गहलोत, बाबा रामदेव में महेंद्र सामरिया और श्री परशुराम में चंद्रशेखर शर्मा को मंडल अध्यक्ष नियुक्त किया है.
जवाजा (Jawaja) ब्लॉक के रूपनगर में सिकंदर, गणेशपुरा में हरिराम मेघवाल, भालिया में तिकेंद्र सिंह रावत, राजियावास में दिनेश सिंह रावत, जवाजा में पूरणमल शर्मा और देलवाड़ा में हुसैन मोहम्मद को मंडल अध्यक्ष का दायित्व सौंपा है. पीसीसी चीफ डोटासरा ने इन नियुक्तियों के साथ भरोसा जताया है कि अब कांग्रेस पार्टी जमीनी स्तर पर मजबूत होगी. नवनियुक्त अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को मजबूत करने में पूर्ण समर्पण भाव से योगदान देंगे.
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मंडल गठन से कांग्रेस को मिलेगी मजबूती
भाजपा (BJP) जब बूथ तक पन्ना प्रमुख बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ चुकी है तब कहीं जाकर अब कांग्रेस (Congress) ने मंडल अध्यक्ष बनाए हैं. देर से ही सही, लेकिन पार्टी का यह फैसला निश्चित तौर पर कांग्रेस को अधिक मजबूत बनाने में मददगार साबित हो सकता है. अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले निकाय चुनाव में यह नवनियुक्त मंडल अध्यक्ष कितनी शिद्दत के साथ कार्य कर पार्टी का परचम लहराने और सफलता में सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे. ©सुमित सारस्वत
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March 29, 2025
बीजेपी में नियुक्तियों के बाद बवाल, मंत्री ने किया पार्टी छोड़ने का एलान, जानें क्या है वजह ? - BJP Controversy
✍🏻 सुमित सारस्वत
राजनीति में अनुशासित कही जाने वाली भारतीय जनता पार्टी में नियुक्तियों के बाद बवाल मच गया है. मंडल कार्यकारिणी की घोषणा होने के बाद नवनियुक्त पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने नाराजगी प्रकट करते हुए विरोध किया है. यह विरोध मंडल महामंत्री पद को लेकर है. मामला ब्यावर (Beawar) विधानसभा क्षेत्र के सम्राट पृथ्वीराज चौहान मंडल का है.
मामले के अनुसार, बीजेपी (BJP) ने शुक्रवार शाम को ब्यावर में विभिन्न मंडल कार्यकारिणी की घोषणा की थी. नवनियुक्त कार्यकारिणी सदस्यों के नाम सार्वजनिक होते ही सम्राट पृथ्वीराज चौहान मंडल में विरोध होने लगा. विरोध करने वालों में भी सामान्य कार्यकर्ता नहीं, वह आगे थे जिन्हें संगठन में प्रमुख पद पर जिम्मेदारी मिली. मंडल के नवनियुक्त मंत्री देलवाड़ा निवासी कपिल बोयत ने अपने दो सौ समर्थकों के साथ पार्टी छोड़ने का एलान तक कर दिया. विरोध की वजह महामंत्री पद पर हुई नियुक्ति थी.
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दरअसल, मंडल अध्यक्ष जयसिंह सुहावा ने कार्यकारिणी में महामंत्री पद पर अतीतमंड निवासी नरेंद्र सिंह को नियुक्त किया. संगठन में यह पद बेहद अहम माना जाता है. इसे लेकर विरोध शुरू हो गया. नवनियुक्त मंत्री कपिल बोयत और पूर्व महामंत्री मुकेश जोधावत ने नाराजगी जताते हुए आरोप लगाया कि संगठन ने समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर कांग्रेसी को पार्टी का प्रमुख पद सौंप दिया. बीजेपी के नवनियुक्त मंडल महामंत्री नरेंद्र सिंह की कुछ तस्वीरें भी सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुई हैं जिनमें वे कांग्रेस नेता सुदर्शन सिंह रावत (Sudarshan Singh Rawat) और मनोज चौहान (Manoj Chauhan) के साथ चुनाव प्रचार करते दिख रहे हैं.
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सोशल मीडिया पर बोयत ने लिखा कि 'ब्यावर की भारतीय जनता पार्टी जमीनी कार्यकर्ताओं का हनन कर पार्टी को गर्त में धकेलने का काम कर रही है. राष्ट्र के लिए घर-घर चंदा लेने गए कार्यकर्ताओं को पार्टी ने छोड़ दिया, यह राजनीति सही नहीं है. बीजेपी में कांग्रेस जिंदाबाद करने वाले लोग घुस गए हैं. मैं पार्टी का काम नहीं करूंगा और 200 कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी छोडूंगा.' जोधावत ने लिखा कि 'कट्टर कांग्रेस (Congress) कार्यकर्ता को कार्यकारिणी में स्थान मिला है.' इस मामले को लेकर हमने मंडल अध्यक्ष जयसिंह से बात करनी चाही लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
November 21, 2024
कांग्रेस से महिलाओं का मोह भंग !, पार्टी कार्यक्रमों में कार्यकर्ताओं का टोटा
July 23, 2024
राजस्थान में बीजेपी-कांग्रेस के पार्षद एकजुट होकर दे रहे धरना, जानें क्या है मांग ?
✍🏻सुमित सारस्वत
'रिंद
जो ज़र्फ़ उठा लें वही साग़र बन जाए, जिस जगह बैठ के पी लें वही मय-ख़ाना
बन जाए' शायर असग़र गोंडवी का यह शेर ब्यावर शहर की हकीकत बयां कर रहा है.
सरकार की सरपरस्ती में यहां कदम-कदम पर मयखाने खुले हैं. आलम ऐसा है कि
शराबी सरेआम जाम छलका रहे हैं. आबादी क्षेत्र में खुला ऐसा ही एक मयखाना आज
जनता और जनप्रतिनिधियों के निशाने पर है.
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अजमेर
रोड स्थित मोतीपुरा क्षेत्र में मुख्य मार्ग पर खुले मयखाने का लोग विरोध
कर रहे हैं. आरोप है कि आबकारी विभाग ने नियमों की अनदेखी कर शराब ठेके का
लाइसेंस जारी किया है. भाजपा और कांग्रेस के पार्षद और पार्टी पदाधिकारी भी
जनता के साथ विरोध प्रदर्शन में आवाज बुलंद कर रहे हैं. सोमवार को जिला
कलक्टर से मुलाकात कर शराब की दुकान बंद करने की मांग करने के बाद मंगलवार
को जब दुकान खुली तो लोग नारेबाजी करते हुए दुकान के बाहर धरना देकर बैठ
गए. 'दारू का ठेका बंद हो, बंद हो' नारे लगाते हुए क्षेत्रवासियों ने दो
टूक चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में यहां शराब ठेका संचालित नहीं होने
देंगे.
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जनप्रतिनिधियों
ने आरोप लगाया कि आबकारी विभाग ने अजमेर रोड क्षेत्र में जगह-जगह शराब
ठेकों के लाइसेंस जारी किए हैं. इससे क्षेत्रवासी परेशान हैं. प्रदर्शन में
पार्षद मुन्नी गहलोत, सुनीता भाटी, हरीश सांखला, भूपेंद्रजीत भोजक, भाजपा
नेता नरेंद्र चौहान, बबीता चौहान, शंकर यादव, कांग्रेस नेता शंभू यादव, राम
यादव, शैलेंद्र सांखला, मुकेश पालड़िया समेत कई क्षेत्रवासी मौजूद रहे. गौरतलब है कि कुछ साल पहले सेंदड़ा रोड पर आबादी क्षेत्र में खुली शराब की दुकान का क्षेत्रवासियों ने इसी तरह विरोध किया था. कई दिनों तक धरना प्रदर्शन के बाद जनता की जीत हुई. ©सुमित सारस्वत
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June 30, 2024
राजस्थान में 16वीं विधानसभा का सत्र 3 जुलाई से, जानें क्या हुई तैयारियां ?
राजस्थान में सोलहवीं विधानसभा का दूसरा सत्र 3 जुलाई को शुरू होगा. फोटो युक्त प्रवेश पत्र से ही विधानसभा (Rajasthan Assembly) में एंट्री होगी. अधिकारी एवं कर्मचारी भी फोटो युक्त क्यूआर कोड प्रवेश पत्र से ही विधानसभा में प्रवेश कर सकेंगे. सदन में मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित है. वाहन भी एंट्री पास होने पर ही विधानसभा परिसर में प्रवेश कर सकेंगे. अध्यक्ष वासुदेव देवनानी (Vasudev Devnani) के निर्देश पर मीडियाकर्मी और कैमरामैन पश्चिमी द्वार के पास निर्धारित स्थान तक प्रवेश कर सकेंगे. सत्र के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं.©सुमित सारस्वत
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August 14, 2023
सीएम अशोक गहलोत का संवेदनशील फैसला, कोरोना से अनाथ बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर मिलेगी सरकारी नौकरी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक संवेदनशील फैसला किया है. राजस्थान सरकार कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर अनुकंपात्मक नियुक्ति देगी. सीएम गहलोत ने इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति दी है.
कार्मिक विभाग के प्रस्ताव अनुसार अनाथ हुए बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर पे मैट्रिक्स एल-9 में नियुक्ति दी जाएगी. वह अनाथ बालक/बालिका नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे, जिनके जैविक अथवा दत्तक ग्रहण करने वाले माता-पिता की मृत्यु कोरोना के कारण 31 मार्च, 2023 अथवा इससे पूर्व हुई हो. ऐसे अनाथ बालक/बालिका को भी नियुक्ति दी जाएगी जिनके माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु पूर्व में हो चुकी हो तथा दूसरे की मृत्यु कोरोना के कारण 31 मार्च 2023 या उससे पूर्व हुई हो और अनाथ होने के समय जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक नहीं हो.
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प्रस्ताव में अनाथ के माता-पिता की मृत्यु की अंतिम दिनांक मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना-2021 में प्रावधित 15 अक्टूबर, 2022 से विस्तारित करते हुए 31 मार्च, 2023 की गई है. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने बजट वर्ष 2023-24 में कोरोना के कारण अनाथ हुए बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर सरकारी नौकरी दिए जाने की घोषणा की थी. -सुमित सारस्वत
November 22, 2018
राहुल गांधी 26 को आएंगे अजमेर, दरगाह व ब्रह्मा मंदिर में देंगे कौमी एकता संदेश
October 24, 2018
विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की नई कार्यकारिणी | Congress Committee
कार्यकारिणी में राजेश शर्मा, गोपालकृष्ण डाणी, रामेश्वर मेवाड़ा, प्रकाशचंद सांखला, कमला तुनगरिया, मोहम्मद हारून छीपा, सतीश जाग्रत, सरस्वती शर्मा, जयनारायण साहू, अजय मूंदड़ा, लालचंद दगदी और सुनील कुमार लॉयल को उपाध्यक्ष, घनश्याम वर्मा को महामंत्री, दलपतराज मेवाड़ा को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया है।
अनिल शर्मा, नंदकिशोर डाबला, प्रीतमसिंह छाबड़ा, अश्विनी प्रजापति, बालकिशन गोठवाल, प्रवीण बड़ौला, विमला जूनवाल, भानूप्रताप सिंह, संजय चौहान, दिलीप सोलीवाल, सुनील कांठेड़, धर्मराज जांगिड़ को महासचिव, गायत्री जेसवानी, राजेंद्र एन अग्रवाल, ध्यानचंद भारती, धर्मेंद्र बारिया, रितेश बाबेल, सुनील चौहान, शंभू यादव, नेमीचंद राठौड़, अरविंद शर्मा, अनिल दाधीच, नरेश कुमार प्रजापत, मोहम्मद रफीक को सचिव, संदीप बंजारा, नीरज घावरी, मुकेश सेन, संजय भाटी, जगदीश प्रजापत, अशोक जांगिड़, मोहम्मद रमजान मंसूरी, हीरासिंह कड़ीवाल, जगदीश सिंह राठौड़, लालीदेवी, बीना रांका, मोमादेवी पोपावत को सह सचिव और जितेंद्र सिंह राजावत व रवि डंडायत को प्रवक्ता बनाया है।
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डॉ. केसी चौधरी, माणक डाणी, शांतिलाल डाणी, डॉ. एससी जैन, पारसमल जैन पंच, चंद्रकांता मिश्रा, मनोज चौहान, तारा झंवर, शांति डाबला, मुकेश सोलंकी, पार्वती जाग्रत, डॉ. मुकेश मौर्य को बतौर स्थाई आमंत्रित सदस्य शामिल किया है।








