✍🏻सुमित सारस्वत
ट्रेन में सफर कर रहे राजस्थान (Rajasthan) के जज की पत्नी अचानक लापता हो गई. पति की शिकायत पर रेलवे पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की. रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और रेल के कोच में तलाश करने पर भी महिला नहीं मिली. काफी देर बाद एक कोच के टॉयलेट में महिला का शव बरामद हुआ. अचानक हुई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है. माना जा रहा है हार्ट अटैक के कारण मौत हुई है.
यह भी पढ़ें- सनातन राष्ट्र का शंखनाद
अलग-अलग कोच में बैठे थे पति-पत्नी
जानकारी के अनुसार, चितौड़गढ़ के निंबाहेड़ा में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा गत 3 मार्च मंगलवार को जोधपुर से चित्तौड़गढ़ जाने के लिए काचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए. दोनों का रिजर्वेशन साथ नहीं होने के कारण अलग-अलग कोच में बैठे थे. बुधवार सुबह 7.20 बजे ट्रेन के चित्तौड़गढ़ स्टेशन पहुंचने पर एडीजे उतर गए लेकिन पत्नी उषा उन्हें प्लेटफॉर्म पर नहीं दिखीं. काफी तलाश करने पर उन्होंने जीआरपी को सूचना दी, लेकिन तब तक ट्रेन स्टेशन से आगे निकल गई थी.
जावरा में बरामद हुआ शव
एडीजे से इत्तला मिलते ही रेलवे पुलिस हरकत में आई और जज की पत्नी को ढूंढने लगी. महिला के मोबाइल नंबर से उसकी लोकेशन ट्रेस की, जो ट्रेन के अंदर ही मिली. इस बीच सुबह करीब 10.40 बजे ट्रेन निंबाहेड़ा से 160 किलोमीटर दूर रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पर पहुंच गई थी. जिस कोच में उषा का रिजर्वेशन था, वहां तलाश करने पर भी जीआरपी को महिला नहीं मिली. शक होने पर कोच के टॉयलेट का दरवाजा तोड़ा तो उषा अंदर अचेत अवस्था में दिखी. उन्हें तुरंत जावरा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित किया. माना जा रहा है कि साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attak) के कारण महिला की मौत हुई.
यह भी पढ़ें- सोशियल मीडिया पर सियासी युद्ध
बुधवार को ही 'बादशाह' की हुई थी मौत
कोरोना महामारी के बाद हार्ट अटैक (Cardiac Arrest) से मौत के कई मामले सामने आ रहे हैं. कभी जिम में, कभी डांस फ्लोर पर, कभी पैदल चलते हुए हार्ट अटैक से मौतें हो रही है. बुधवार को ही राजस्थान के ब्यावर (Beawar) में आयोजित बादशाह मेला (Badshah Mela) के दौरान गुलाल उछाल रहे बादशाह बने चंद्रशेखर अग्रवाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. राजस्थान के ही नागौर जिले में 9 साल की बच्ची दिव्या की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली मासूम छात्रा के मरने की खबर सुनकर सभी दंग रह गए थे. ©सुमित सारस्वत
यह भी पढ़ें- अब कभी नहीं होगा बादशाह मेला
March 6, 2026
ट्रेन के टॉयलेट में हार्ट अटैक से मौत, मृतका थी राजस्थान के जज की पत्नी, उसी दिन अटैक से हुई 'बादशाह' की मौत
August 14, 2023
सीएम अशोक गहलोत का संवेदनशील फैसला, कोरोना से अनाथ बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर मिलेगी सरकारी नौकरी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक संवेदनशील फैसला किया है. राजस्थान सरकार कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर अनुकंपात्मक नियुक्ति देगी. सीएम गहलोत ने इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति दी है.
कार्मिक विभाग के प्रस्ताव अनुसार अनाथ हुए बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर पे मैट्रिक्स एल-9 में नियुक्ति दी जाएगी. वह अनाथ बालक/बालिका नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे, जिनके जैविक अथवा दत्तक ग्रहण करने वाले माता-पिता की मृत्यु कोरोना के कारण 31 मार्च, 2023 अथवा इससे पूर्व हुई हो. ऐसे अनाथ बालक/बालिका को भी नियुक्ति दी जाएगी जिनके माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु पूर्व में हो चुकी हो तथा दूसरे की मृत्यु कोरोना के कारण 31 मार्च 2023 या उससे पूर्व हुई हो और अनाथ होने के समय जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक नहीं हो.
यह भी पढ़ें- शौक ने कैसे बनाया गायक?
प्रस्ताव में अनाथ के माता-पिता की मृत्यु की अंतिम दिनांक मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना-2021 में प्रावधित 15 अक्टूबर, 2022 से विस्तारित करते हुए 31 मार्च, 2023 की गई है. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने बजट वर्ष 2023-24 में कोरोना के कारण अनाथ हुए बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर सरकारी नौकरी दिए जाने की घोषणा की थी. -सुमित सारस्वत






