October 4, 2025
संत प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य खराब, अनिश्चित काल के लिए बंद हुई पदयात्रा - Sant Premanand Maharaj
June 2, 2025
श्री वृंदावन महिमामृतम कथा आज से, गोवर्धन में इंद्रेश उपाध्याय सुनाएंगे महिमा - Govardhan Katha
✍🏻 सुमित सारस्वत
ब्रज क्षेत्र के गोवर्धन धाम में 2 जून से श्री वृंदावन महिमामृतम कथा आयोजित होगी. सात दिवसीय कथा में वृंदावन (Vrindavan) के विख्यात कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय (Indresh Upadhyay) ठाकुरजी की महिमा का गुणानुवाद करेंगे.
गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) के अवसर पर परम पूज्य दादा गुरुदेव बाबा गोविंद शरण शास्त्री महाराज के पावन स्मृति महोत्सव के तहत गोवर्धन (Govardhan) के श्री राधा गोल्फ बड़ी परिक्रमा मार्ग पर स्थित आश्रम श्री रसिक शरणम में यह कथा 8 जून तक शाम 5 बजे से होगी. परम पूज्य स्वामी किशोरदास देव जू महाराज के सानिध्य में होने वाली इस कथा में जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्यामशरण देवाचार्य महाराज, गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, अग्रमलुक पीठाधीश्वर जगद्गुरु राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज, संत विजय कौशल महाराज, रंगीली सखी संत राधामोहन भक्तमाली महाराज समेत अनेक संत-महात्मा पधारेंगे.
आयोजक रसिक संत बाबा चित्र विचित्र (Chitra Vichitra) बिहारी दास महाराज और ब्रज किंकिरी साध्वी पूर्णिमा दीदी (Purnima Didi) ने सभी हरिभक्तों से इस सरस महोत्सव में पधारकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है. जो भक्त गोवर्धन धाम नहीं पधार सकते वे घर बैठे भी ब्रज भाव और सीवीएम म्यूजिक यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण के माध्यम से कथा सुन सकते हैं. इस कथा में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान व अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संत, रसिक, वैष्णववृंद भक्त वृंदावन पहुंचे हैं. ©सुमित सारस्वत
September 28, 2024
कृष्ण नगरी में मिल गई गीता !, जानें क्या थी घर छोड़कर वृंदावन जाने की वजह - Laapataa Ladies Found
✍🏻 सुमित सारस्वत
इन दिनों फेमस हिंदी फिल्म 'लापता लेडीज' की चर्चाओं के बीच कल शनिवार सुबह ब्यावर (Beawar) से लापता हुई गीता चौहान का पता लग गया है. परिजन का कहना है कि, गीता ने आज रविवार सुबह अपनी बेटी रानू को कॉल कर खुद के वृंदावन (Vrindavan) में सुरक्षित होने की बात कही है. उन्होंने बेटी से कहा कि 'परेशान मत होना, मैं कल घर लौट आऊंगी.'
शुक्र है कि गीता (Geeta) सुरक्षित हैं लेकिन उनके इस तरह बिना बताए चले जाने से पूरे शहर के साथ उनके परिजनों और रिश्तेदारों को काफी परेशानी हुई. सभी ने अपने-अपने वाहनों और साधनों की सहायता से उन्हें कई शहरों में तलाश किया. ब्यावर के लगभग हर व्हाट्सएप ग्रुप में कल कई कई बार उनकी तस्वीरें वायरल कर लोगों ने उनका पता लगाने का प्रयास किया.
यह सभी को पता है कि गीता भक्ति भाव से जुड़ी हैं. अगर उन्हें कहीं जाना ही था तो परिवार को बताकर चले जाते, लेकिन मानसिक तनाव में मनुष्य ऐसा नहीं सोचता. गीता की व्यक्तिगत पहचान के कारण उनका यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बन गया, इसलिए यह जानना जरूरी है कि भजन-कीर्तन करने वाली गीता को आखिर किस बात का तनाव हो गया? इस सवाल के जवाब में परिजन ने बताया कि कुछ समय से उनकी बेटी के वैवाहिक रिश्ते की बात चल रही है. परिवार को मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) का एक लड़का पसंद आया लेकिन गीता अपनी लाड़ली को इतना दूर नहीं भेजना चाहती. बस, इतनी सी बात पर परिवार में सहमति नहीं बनी और बेटी के दूर चले जाने की सोच से गीता कुछ दिन से तनाव में थी. हालांकि अभी बेटी का रिश्ता तय नहीं हुआ था. लेकिन यह तय है कि इस घटना से सबक लेकर परिवार अब गीता के विचारों का आदर करते हुए सर्व सहमति से ही कोई फैसला करेगा.
वर्तमान वक्त में लगभग हर घर में किसी न किसी बात का तनाव है. कहीं स्वास्थ्य को लेकर, तो कहीं व्यापार में मंदी. कहीं पति-पत्नी में अनबन, तो कहीं बच्चों की हरकतों से परेशानी. कहीं कर्ज से तनाव, तो कहीं जॉबलेस होने की चिंता. ऐसे नकारात्मक माहौल में भी मनुष्य को सकारात्मक रहने की बेहद आवश्यकता है. सभी को पता है कि कोरोना काल (Corona Pandemic) के बाद इम्युनिटी सिस्टम कमजोर हो गया है. आए दिन हार्ट अटैक के मामले सामने आ रहे हैं. जरूरी है कि घर-परिवार को तनावमुक्त रखें. खुश रहें और प्रत्येक व्यक्ति की खुशी का ख्याल रखें. -सुमित सारस्वत, मो.9462737273
September 5, 2024
True Love Story: अगाध प्रेम की अनूठी मिसाल है यह प्रेमी युगल, एक ही दिन हुआ था दोनों का जन्म
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी श्री कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) कहलाती है और भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी राधा अष्टमी (Radha Ashtami) के नाम से विख्यात है. क्या यह एक अदभुत संयोग नहीं है कि श्रीकृष्ण जी का जन्म भी अष्टमी को हुआ था और उनकी प्राणप्रिया राधाजी भी अष्टमी को ही अवतरित हुई थी.
राधा रानी के प्रति श्रीकृष्ण के अगाध आत्मीय प्रेम की यह बड़ी और जीवंत मिसाल है. एक और खास बात यह है कि राधा का जन्म दिन में 12 बजे हुआ और कन्हैया का जन्म रात में 12 बजे हुआ. कृष्ण जन्म के उपलक्ष में जन्माष्टमी मनाई जाती है और राधाजी के जन्म उपलक्ष में राधाष्टमी.
आपको कृष्ण प्रिया श्री राधाजी के जन्म अष्टमी महापर्व की ढेरों बधाई.. ©सुमित सारस्वत
Sumit Saraswat available on :
November 19, 2017
गिरीराज धरण की शरण में मोरारी की मानस परिक्रमा पूरी
नौ दिन पूर्व गोवर्धन से आरंभ हुई ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा रविवार को पुनः गिरीराज धरण की शरण में पहुंचकर पूरी हुई। आखरी पड़ाव पर अपनी 801वीं रामचरितमानस कथा के विराम से पूर्व संत मोरारी बापू ने परिक्रमा से प्राप्त होने वाले परिणाम पर प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि मानस परिक्रमा से दस फल प्राप्त होते हैं जिसकी जरूरत सभी को है। उत्साह, अनुराग (प्रेम), विराग (वैराग्य), दृढ़ भक्ति, मनोरथ, भवतरण, विजय, विवेक, विभूति (ऐश्वर्य), परम विश्राम।November 18, 2017
5 हजार साल बाद कृष्ण को याद कर जन्म भूमि मथुरा में रोई हजारों आंखें
भगवान राम की पावन कथा ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा करते हुए शनिवार को कृष्ण जन्म भूमि मथुरा पहुंची। यहां मोरारी बापू ने सत्य, प्रेम, करूणा को केंद्र में रखते हुए मानस परिक्रमा कथा कही। उन्होंने कहा कि भरत प्रेम, राम सत्य व शिव करूणा है। प्रेम रूपी भरत ने सत्य रूपी राम की परिक्रमा की। सत्य रूपी राम ने करूणा रूपी शिव की परिक्रमा लगाई। करूणा रूपी शिव प्रेम रूपी भरत की परिक्रमा करते हैं।November 17, 2017
ठाकुर हमरे रमण बिहारी, हम हैं रमण बिहारी के.. | Morari Bapu in Gokul
दिव्य और सेव्य कोई भी परम चेतना को केंद्र में रखकर गुणातीत श्रद्धा भाव से की गई यात्रा परिक्रमा है। हनुमानजी ने लंका में कई मंदिरों की परिक्रमा की, परमतत्व सीता मां की खोज में। परिक्रमा का परिणाम प्यारा होता है। पादुका की परिक्रमा शरणागति को दृढ़ करती है। ग्रंथ परिक्रमा से ग्रंथियों की मुक्ति होती है। पेड़-पौधों की परिक्रमा दूसरों को फल व छाया देने की प्रेरणा देती है। सूर्य की परिक्रमा प्रकाश की सीख देती है। गगन की परिक्रमा विशालता का बोध प्रदान करती है। मूर्ति या मंदिर की परिक्रमा अंतरतम का भाव प्रदान करती है। पहाड़ की परिक्रमा अचलता का बोध देती है। विवाह अग्नि की परिक्रमा पावन करती है। चिता अग्नि की परिक्रमा विवेक व ज्ञान प्रदान करती है। यह गूढ़ रहस्य संत मोरारी बापू ने शुक्रवार को रमणरेती (गोकुल) में मानस परिक्रमा कथा के सातवें दिन बताए।November 16, 2017
ऐसा प्रेम होगा तो आपके घर भी प्रकटेंगे राम : मोरारी बापू | Morari Bapu in Mansarovar
ब्रज चौरासी कोस में मानस परिक्रमा कथा के छठे दिन मानसरोवर में भगवान राम का जन्म हुआ। कथावाचक मोरारी बापू ने राम जन्म प्रसंग सुनाते हुए दांपत्य को आनंदमय बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि राम का अर्थ विश्राम, विराम व अभिराम है। पति पत्नी से प्रेम करे, पत्नी पति को आदर दे और दोनों मिल कर ठाकुर की सेवा करें तो घर अवध बन जाएगा। यह तीन सूत्रीय फॉर्मूला जहां अपनाया गया वहां राम का जन्म होगा। राजा दशरथ और कौशल्या में प्रेम के कारण भगवान राम प्रकट हुए।November 15, 2017
परिक्रमा से होती है परम तत्व की प्राप्ति : मोरारी बापू | Morari Bapu in Akrur Ghat
November 14, 2017
सात प्रकार से की जाती है परिक्रमा | 7 Types of Parikrama
मानस परिक्रमा में मोरारी बापू ने मानस की सात्विक-तात्विक चर्चा करते हुए बताया कि जामवंत के अनुसार सात प्रकार से परिक्रमा की जाती है। इसे सप्तपदी परिक्रमा भी कहते हैं। जैसे सात सोपान, सात दिवसीय भागवत कथा, ज्ञान की सात भूमिका, आकाश में सप्तऋषि मंडल है, उसी तरह परिक्रमा के भी सात प्रकार हैं। चरण, मन, बुद्धि, चित्त, अहंकार, दर्शन और श्रवण से परिक्रमा कर सकते हैं। परिक्रमा दो घड़ी की भी हो तो जीवन धन्य हो जाता है।मोरारी बापू ने बताया सुखद दांपत्य का सूत्र | Morari Bapu in Vrindavan
नया भजन सुनें : सांवरिया तेरी याद में
बुजुर्गों की सेवा का संदेश
ठाकुर की नगरी में मोरारी बापू ने शायर बन जीता दिल | Shayar Morari Bapu
November 13, 2017
राधा के बरसाना में मोरारी बापू ने दिया प्रेम का अनूठा संदेश | Message of Love by Morari Bapu
देखें : परिवार पर बना शानदार वीडियो
पढ़ें : मैं तुमसे प्यार करता हूं
देखें : ऐसी शादियां हंसी नहीं रोक पाएंगे
देखें : ब्यावर में मोरारी बापू का स्वागत
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