सियासी गलियारों में ब्यावर के पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा (Devishankar Bhutra) के पोस्टर की चर्चाओं के बीच वर्तमान विधायक शंकर सिंह रावत की एक फोटो से बीजेपी में भूचाल आ गया है. तस्वीर में विधायक रावत के साथ ब्यावर के नेता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) और अन्य नेताओं से मुलाकात करते दिख रहे हैं. कुटुंब सम्मेलन से ठीक पहले सामने आई इस तस्वीर ने कयासों का कारवां बढ़ा दिया है. लोग इस तस्वीर को देखकर अलग-अलग तरह के अनुमान लगा रहे हैं. मामले की जानकारी जुटाई तो सूत्रों से पता लगा कि यह तस्वीर जयपुर स्थित बीजेपी (BJP) मुख्यालय की है. शनिवार को विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat) के साथ पूर्व विधायक बबीता चौहान, नरेश कनौजिया, पूर्व पार्षद रविंद्र जॉय, कुलदीप बोहरा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने बीजेपी आलाकमान से मुलाकात की. रविवार को होने वाले कुटुंब सम्मेलन आयोजन को लेकर यह आकस्मिक मुलाकात हुई थी.
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निमंत्रण नहीं मिलने से नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का होली स्नेह मिलन बताकर आयोजित किए जा रहे कुटुंब सम्मेलन में कई जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया. इससे नेताओं और उनके समर्थकों में नाराजगी है. पार्टी चीफ से मुलाकात की वजह भी यही बताई गई है. सूत्रों ने बताया कि मुलाकात के दौरान नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को कहा कि 'कुटुंब सम्मेलन भाजपा का नहीं, एक व्यक्ति विशेष का आयोजन है. खुद को कमबैक करने के लिए यह कार्यक्रम रखा है.'
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'आपका आगमन सम्मान कुचलने जैसा'
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कुटुंब सम्मेलन के मुख्य अतिथि हैं. इनके साथ प्रदेश के कई नेता और मंत्री भी अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं. सूत्रों के मुताबिक, राठौड़ से मुलाकात के दौरान स्थानीय नेताओं ने कहा कि 'आप पार्टी के मुखिया हैं इसलिए आपको रोक तो नहीं सकते, लेकिन यदि आप सम्मेलन में शामिल हुए तो यह समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान को कुचलने जैसा होगा.'
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भूतड़ा ने ऑफिस जाकर रावत को दिया निमंत्रण
निमंत्रण के बारे में जानकारी जुटाने पर पता लगा कि विधायक रावत को निमंत्रण देने के लिए भूतड़ा स्वयं उनके ऑफिस गए थे. भूतड़ा को अचानक देखकर रावत ने हैरानी भरे स्वर में यह भी कहा बताए कि 'आज तो भला पधारया'. उस वक्त भूतड़ा ने कहा कि 'कार्यक्रम में पधारना है'. जवाब में रावत ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया वे कार्यक्रम में जरूर आएंगे.
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कार्यकर्ताओं के सम्मान में विधायक भी मैदान में
सूत्रों के मुताबिक, अपने समर्थक कार्यकर्ताओं का सम्मान बरकरार रखने के लिए विधायक रावत भी मैदान में उतर आए हैं. उनका मानना है कि कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों की बदौलत ही विधायक बने हैं. प्रत्येक कार्यकर्ता के सम्मान की रक्षा करना उनका कर्त्तव्य है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्यावर में जल्द ही भाजपा के बैनर तले एक और बड़ा आयोजन होगा. इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है. इस मामले में हमने विधायक रावत से बात करनी चाही लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
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कब शांत होगा शंकर का 'तांडव'?
इत्तेफाक से ब्यावर बीजेपी के दोनों बड़े नेताओं के नाम में शंकर समाहित हैं, एक देवीशंकर और दूसरे शंकर सिंह. करीब दो दशक से इन दोनों नेताओं के बीच सियासी मनमुटाव कायम है. कभी कोई एक पहल करके एकजुटता का प्रयास करे तो दूसरा नहीं मानता, और अगर दोनों मान जाए तो शायद कोई तीसरा इनकी तीसरी आंख खुलवाकर एक नहीं होने देता. दोनों दिग्गज नेताओं की आपसी लड़ाई से कई कार्यकर्ता असमंजस में है. उनके मन में सवाल है कि किसका साथ दें? और किससे दूर रहें? बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर इन शंकर का सियासी 'तांडव' कब शांत होगा? ©सुमित सारस्वत
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