राजस्थान के ब्यावर में मदर्स डे (Mothers Day) पर दर्दनाक हादसा घटित हुआ. यहां आग में झुलसने से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में एक मां और उनकी दो मासूम बेटियां हैं.
ब्यावर (Beawar) जिले के कानेचा उदावतान गांव में आग की लपटों में तीन जिंदगियां झुलस गई. रसोई में चाय बनाते वक्त गैस लीकेज होने के कारण भीषण आग लग गई. हादसा इतना भयावह था कि घर में मौजूद मां बेटियों को बाहर निकलने का वक्त नहीं मिला और तीनों की मौत हो गई. हादसे में 28 वर्षीय मनीषा पत्नी दीपसिंह रावत और उनकी पुत्री 8 वर्षीय नव्या व 5 वर्षीय पल्लवी की मौत हो गई.
यह भी पढ़ें- दुबई में ब्यावर का अकबर लापता
आग लगने की सूचना पाकर ब्यावर से दमकल मौके पर पहुंची. दमकल प्रभारी ताराचंद भट्ट ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. मकान में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया. हादसे की तस्वीरें विचलित कर देने वाली है. रसोई में मां और बेटियों का शरीर जलकर कंकाल बन गया. पुलिस ने तीनों शव ब्यावर जिला अस्पताल भिजवाए. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे. इस घटना के बाद गांव में सन्नाटा छा गया. पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल दिखाई दिया. ©सुमित सारस्वत
यह भी पढ़ें- राजस्थान में मिनरल उद्योग पर संकट
May 12, 2026
मदर्स डे पर दर्दनाक हादसे में तीन की मौत, आग में दो बेटियों के झुलसी मां - Three Killed in Tragic Accident on Mothers Day
दुबई में ब्यावर का अकबर लापता, संपर्क नहीं होने से परिवार परेशान - Akbar Missing in Dubai
✍🏻 सुमित सारस्वत
सात समंदर पार रोजगार के लिए गया ब्यावर (Beawar) का युवक दुबई (Dubai) में लापता हो गया है. डेढ़ महीने से परिवार का कोई संपर्क नहीं हुआ है. युवक के लापता होने से परिवार के लोग परेशान हैं. परिवार ने ब्यावर जिला प्रशासन से मुलाकात कर भारतीय दूतावास (Indian Embassy) से पता लगाने की मांग की है. परिवार ने युवक के साथ अनहोनी होने की आशंका जताई है.
यह भी पढ़ें- ईराक-ईरान युद्ध का असर
रोजगार के लिए गया था दुबई
ब्यावर जिले में कानपुरा गांव निवासी फातिमा काठात (Fatima Kathat) ने बताया कि उसका पति 25 वर्षीय अकबर काठात (Akbar Kathat) गत 26 मार्च 2026 को दुबई के लिए निकला था. वहां जाने के लिए ब्यावर के ट्रेवल एजेंट पवन सिंह को 28 हजार रुपए दिए थे. 27 मार्च को अकबर दुबई पहुंच गया था. उसके साथ साबुदीन, कादर और राहुल भी थे. अकबर को एबीएच एचबीके नाम की कंपनी में राजमिस्त्री के काम पर भेजा गया था. फातिमा ने बताया कि वहां पहुंचने के बाद पति से बात होती रहती थी. आखिरी बार 2 अप्रैल की रात बात हुई थी. इसके बाद 3 अप्रैल को हैदर का कॉल आया और उसने बताया कि अकबर रूम से कहीं बाहर चला गया है. हैदर ने अकबर के कुछ वीडियो भी भेजे. वीडियो में अकबर की हालत खराब दिख रही थी. हैदर को कहा कि अकबर की तलाश करो लेकिन किसी ने सही जवाब नहीं दिया. 3 अप्रैल के बाद से अकबर का फोन भी स्विच ऑफ है.
यह भी पढ़ें- राजस्थान में मिनरल उद्योग पर संकट
भारतीय दूतावास से संपर्क करने की मांग
फातिमा ने बताया कि एजेंट पवन के ऑफिस जाकर वीडियो दिखाए और मदद मांगी. लेकिन पवन ने यह कहकर वापस भेज दिया कि वो कोई मदद नहीं कर सकता. इसके बाद फातिमा ने परिवार के साथ जिला प्रशासन से मुलाकात कर अकबर के साथ अनहोनी की आशंका जताई है. परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि दुबई में भारतीय दूतावास से संपर्क कर अकबर का पता लगाया जाए. इस मामले में हमने अतिरिक्त जिला कलेक्टर से जानकारी लेनी चाहिए लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका.
यह भी पढ़ें- भाजपा के राम की राह पर कांग्रेस
परिवार को अनहोनी की आशंका
फातिमा ने बताया कि अकबर रोजगार के लिए पहले भी कई बार दुबई गया था. कभी छह महीने तो कभी एक साल बाद लौट आता था. 2024 से 2025 तक दुबई में ही था. इसके बाद यहां आकर मजदूरी करने लगा. अकबर के परिवार में 3 साल का बेटा आयल भी है. अकबर के लापता होने के बाद पत्नी और परिवार के लोग बेहद परेशान हैं. अकबर के साथ अनहोनी होने की आशंका से परिवार सहमा हुआ है. ©सुमित सारस्वत
यह भी पढ़ें- कांग्रेस से महिलाओं का मोह भंग !
March 15, 2026
..तो क्या नहीं आएंगे बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष !, कुटुंब सम्मेलन से पहले भाजपा में भूचाल - BJP Controversy
सियासी गलियारों में ब्यावर के पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा (Devishankar Bhutra) के पोस्टर की चर्चाओं के बीच वर्तमान विधायक शंकर सिंह रावत की एक फोटो से बीजेपी में भूचाल आ गया है. तस्वीर में विधायक रावत के साथ ब्यावर के नेता भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore) और अन्य नेताओं से मुलाकात करते दिख रहे हैं. कुटुंब सम्मेलन से ठीक पहले सामने आई इस तस्वीर ने कयासों का कारवां बढ़ा दिया है. लोग इस तस्वीर को देखकर अलग-अलग तरह के अनुमान लगा रहे हैं. मामले की जानकारी जुटाई तो सूत्रों से पता लगा कि यह तस्वीर जयपुर स्थित बीजेपी (BJP) मुख्यालय की है. शनिवार को विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat) के साथ पूर्व विधायक बबीता चौहान, नरेश कनौजिया, पूर्व पार्षद रविंद्र जॉय, कुलदीप बोहरा समेत कई जनप्रतिनिधियों ने बीजेपी आलाकमान से मुलाकात की. रविवार को होने वाले कुटुंब सम्मेलन आयोजन को लेकर यह आकस्मिक मुलाकात हुई थी.
यह भी पढ़ें- परिवार सहित दिखाएंगे प्रतिभा
निमंत्रण नहीं मिलने से नाराजगी
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा का होली स्नेह मिलन बताकर आयोजित किए जा रहे कुटुंब सम्मेलन में कई जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया गया. इससे नेताओं और उनके समर्थकों में नाराजगी है. पार्टी चीफ से मुलाकात की वजह भी यही बताई गई है. सूत्रों ने बताया कि मुलाकात के दौरान नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को कहा कि 'कुटुंब सम्मेलन भाजपा का नहीं, एक व्यक्ति विशेष का आयोजन है. खुद को कमबैक करने के लिए यह कार्यक्रम रखा है.'
यह भी पढ़ें- ईराक-ईरान युद्ध का असर
'आपका आगमन सम्मान कुचलने जैसा'
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कुटुंब सम्मेलन के मुख्य अतिथि हैं. इनके साथ प्रदेश के कई नेता और मंत्री भी अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं. सूत्रों के मुताबिक, राठौड़ से मुलाकात के दौरान स्थानीय नेताओं ने कहा कि 'आप पार्टी के मुखिया हैं इसलिए आपको रोक तो नहीं सकते, लेकिन यदि आप सम्मेलन में शामिल हुए तो यह समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान को कुचलने जैसा होगा.'
यह भी पढ़ें- राजस्थान में मिनरल उद्योग पर संकट
भूतड़ा ने ऑफिस जाकर रावत को दिया निमंत्रण
निमंत्रण के बारे में जानकारी जुटाने पर पता लगा कि विधायक रावत को निमंत्रण देने के लिए भूतड़ा स्वयं उनके ऑफिस गए थे. भूतड़ा को अचानक देखकर रावत ने हैरानी भरे स्वर में यह भी कहा बताए कि 'आज तो भला पधारया'. उस वक्त भूतड़ा ने कहा कि 'कार्यक्रम में पधारना है'. जवाब में रावत ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया वे कार्यक्रम में जरूर आएंगे.
यह भी पढ़ें- सनातन राष्ट्र का शंखनाद
कार्यकर्ताओं के सम्मान में विधायक भी मैदान में
सूत्रों के मुताबिक, अपने समर्थक कार्यकर्ताओं का सम्मान बरकरार रखने के लिए विधायक रावत भी मैदान में उतर आए हैं. उनका मानना है कि कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों की बदौलत ही विधायक बने हैं. प्रत्येक कार्यकर्ता के सम्मान की रक्षा करना उनका कर्त्तव्य है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्यावर में जल्द ही भाजपा के बैनर तले एक और बड़ा आयोजन होगा. इसके लिए रूपरेखा तैयार कर ली गई है. इस मामले में हमने विधायक रावत से बात करनी चाही लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
यह भी पढ़ें- भाजपा के राम की राह पर कांग्रेस
कब शांत होगा शंकर का 'तांडव'?
इत्तेफाक से ब्यावर बीजेपी के दोनों बड़े नेताओं के नाम में शंकर समाहित हैं, एक देवीशंकर और दूसरे शंकर सिंह. करीब दो दशक से इन दोनों नेताओं के बीच सियासी मनमुटाव कायम है. कभी कोई एक पहल करके एकजुटता का प्रयास करे तो दूसरा नहीं मानता, और अगर दोनों मान जाए तो शायद कोई तीसरा इनकी तीसरी आंख खुलवाकर एक नहीं होने देता. दोनों दिग्गज नेताओं की आपसी लड़ाई से कई कार्यकर्ता असमंजस में है. उनके मन में सवाल है कि किसका साथ दें? और किससे दूर रहें? बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर इन शंकर का सियासी 'तांडव' कब शांत होगा? ©सुमित सारस्वत
यह भी पढ़ें- अब कभी नहीं होगा बादशाह मेला
ऐतिहासिक कुटुंब सम्मेलन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष समेत कई नेता-मंत्री करेंगे शिरकत, देवीशंकर भूतड़ा के नेतृत्व में होगा विशाल आयोजन - BJP Sammelan
✍🏻 सुमित सारस्वत
ब्यावर में सामाजिक समरसता के अग्रज, लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था तथा लोक कल्याण के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान को सर्वोपरि रखने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता देवीशंकर भूतड़ा (Devishankar Bhutra) के नेतृत्व में भाजपा परिवार का विशाल कुटुंब सम्मेलन आयोजित होगा. ब्यावर के राघव श्री गार्डन में रविवार को होने वाले विशाल आयोजन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ (Madan Rathore), केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी (Bhagirath Choudhary) समेत कई नेता और मंत्री शिरकत करेंगे. दोपहर एक बजे से शाम सात बजे तक कार्यकर्ताओं और परिवार के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत भी करेंगे. कुशल रणनीतिकार भूतड़ा के निर्देशन में होने वाला भाजपा का यह आयोजन आगामी चुनावों में पार्टी के लिए मिल का पत्थर साबित होगा.
यह भी पढ़ें- ईराक-ईरान युद्ध का असर
कार्यकर्ता परिवार सहित दिखाएंगे प्रतिभा
कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और उनके परिवार के लिए रोचक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा. महिलाओं के लिए चेयर रेस व सामूहिक घूमर नृत्य प्रतियोगिता होगी. कपल व ग्रुप डांस, हाउजी गेम, कपल्स गेम के साथ केंद्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों पर स्लोगन प्रतियोगिता भी होगी. नए कार्यकर्ताओं का भाजपा में स्वागत कर सदस्यता प्रदान की जाएगी. साथ ही वरिष्ठ कार्यकर्ताओं और सर्व समाज अध्यक्षों को सम्मानित करेंगे. सामूहिक नृत्य के साथ फूलों की होली खेलकर कार्यक्रम का समापन किया जाएगा. इस आयोजन को लेकर बीजेपी परिवारों में उत्साह का माहौल है.
यह भी पढ़ें- राजस्थान में मिनरल उद्योग पर संकट
'कुटुंब' के बीच आएंगे यह नेता
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ मुख्य अतिथि होंगे. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, प्रदेश के सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत (Avinash Gehlot), जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भडाणा, प्रदेश महामंत्री मिथिलेश गौतम, प्रदेश उपाध्यक्ष सरिता गैना अति विशिष्ट अतिथि होंगे. ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत (Shankar Singh Rawat), मसूदा विधायक वीरेंद्र सिंह कानावत, अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल, केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लाम्बा, सोजत विधायक शोभा चौहान, आसींद विधायक जब्बर सिंह सांखला विशिष्ट अतिथि होंगे. अजमेर देहात जिलाध्यक्ष जीतमल प्रजापत अध्यक्षता करेंगे.
यह भी पढ़ें- सनातन राष्ट्र का शंखनाद
तैयारियों को दिया अंतिम रूप
आयोजन के लिए पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा के निर्देशन में संयोजक पवन जैन, सह संयोजक चेतन गोयर, बृजकिशोर शर्मा, शिवप्रकाश सामरिया, करण सिंह रावत, यज्ञेश शर्मा, प्रभुसिंह रावत, राजेश्वरी यादव, दाऊसिंह रावत, रवि चौहान, संतोष रावत, विजय दगदी, प्रदीप रावत, जयसिंह रावत, कुशाल सिंह रावत, नरेश मित्तल, सत्येंद्र यादव, तारा सोनी, संतोष दगदी, महेंद्र सिंह गौड़, जितेंद्र ठठेरा व अन्य कार्यकर्ताओं ने तैयारियों को अंतिम रूप दिया. शहर की सियासत से लेकर सूबे के सियासी गलियारों तक इस आयोजन की खासी चर्चा है. ©सुमित सारस्वत
यह भी पढ़ें- भाजपा के राम की राह पर कांग्रेस
ईराक-ईरान युद्ध का असर अब भारत पर भी, शहरी क्षेत्र में भी 45 दिन बाद मिल रहा गैस सिलेंडर - Gas Crisis in India
ईराक-ईरान युद्ध का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। गैस सिलेंडर को लेकर उपभोक्ता परेशान हैं. ब्यावर (Beawar) शहर में गैस कंपनियां मनमानी कर सरकार के आदेश नहीं मान रही. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा (Sumit Godara) ने कहा था कि गैस बुकिंग के लिए पिछली सप्लाई के बाद ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन और शहरी क्षेत्र में 25 दिन बाद गैस सिलेंडर दिया जाए. लेकिन ब्यावर में सरकार के आदेशों की अवहेलना हो रही है. इसे लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सुमित सारस्वत (Sumit Saraswat) ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajan Lal Sharma) को पत्र भेजा है.
यह भी पढ़ें- भाजपा के राम की राह पर कांग्रेस
सीएम को बताया कि जिला मुख्यालय और शहरी क्षेत्र होने के बावजूद ब्यावर में 45 दिन बाद की बुकिंग हो रही है, जिससे जनता में असंतोष व्याप्त है. गैस कंपनियों की इस मनमानी के कारण सरकार की साख पर भी विपरित असर होगा. पत्र के जरिए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और ब्यावर जिला प्रशासन को निर्देशित कर ब्यावर शहर में भी 25 दिन की बुकिंग व्यवस्था सुचारू की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके.
यह भी पढ़ें- राजस्थान में मिनरल उद्योग पर संकट
March 6, 2026
ट्रेन के टॉयलेट में हार्ट अटैक से मौत, मृतका थी राजस्थान के जज की पत्नी, उसी दिन अटैक से हुई 'बादशाह' की मौत
✍🏻सुमित सारस्वत
ट्रेन में सफर कर रहे राजस्थान (Rajasthan) के जज की पत्नी अचानक लापता हो गई. पति की शिकायत पर रेलवे पुलिस ने महिला की तलाश शुरू की. रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म और रेल के कोच में तलाश करने पर भी महिला नहीं मिली. काफी देर बाद एक कोच के टॉयलेट में महिला का शव बरामद हुआ. अचानक हुई इस घटना ने सभी को हैरान कर दिया है. माना जा रहा है हार्ट अटैक के कारण मौत हुई है.
यह भी पढ़ें- सनातन राष्ट्र का शंखनाद
अलग-अलग कोच में बैठे थे पति-पत्नी
जानकारी के अनुसार, चितौड़गढ़ के निंबाहेड़ा में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज राजकुमार चौहान और उनकी पत्नी उषा गत 3 मार्च मंगलवार को जोधपुर से चित्तौड़गढ़ जाने के लिए काचीगुड़ा-भगत की कोठी एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हुए. दोनों का रिजर्वेशन साथ नहीं होने के कारण अलग-अलग कोच में बैठे थे. बुधवार सुबह 7.20 बजे ट्रेन के चित्तौड़गढ़ स्टेशन पहुंचने पर एडीजे उतर गए लेकिन पत्नी उषा उन्हें प्लेटफॉर्म पर नहीं दिखीं. काफी तलाश करने पर उन्होंने जीआरपी को सूचना दी, लेकिन तब तक ट्रेन स्टेशन से आगे निकल गई थी.
जावरा में बरामद हुआ शव
एडीजे से इत्तला मिलते ही रेलवे पुलिस हरकत में आई और जज की पत्नी को ढूंढने लगी. महिला के मोबाइल नंबर से उसकी लोकेशन ट्रेस की, जो ट्रेन के अंदर ही मिली. इस बीच सुबह करीब 10.40 बजे ट्रेन निंबाहेड़ा से 160 किलोमीटर दूर रतलाम जिले के जावरा स्टेशन पर पहुंच गई थी. जिस कोच में उषा का रिजर्वेशन था, वहां तलाश करने पर भी जीआरपी को महिला नहीं मिली. शक होने पर कोच के टॉयलेट का दरवाजा तोड़ा तो उषा अंदर अचेत अवस्था में दिखी. उन्हें तुरंत जावरा अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित किया. माना जा रहा है कि साइलेंट हार्ट अटैक (Heart Attak) के कारण महिला की मौत हुई.
यह भी पढ़ें- सोशियल मीडिया पर सियासी युद्ध
बुधवार को ही 'बादशाह' की हुई थी मौत
कोरोना महामारी के बाद हार्ट अटैक (Cardiac Arrest) से मौत के कई मामले सामने आ रहे हैं. कभी जिम में, कभी डांस फ्लोर पर, कभी पैदल चलते हुए हार्ट अटैक से मौतें हो रही है. बुधवार को ही राजस्थान के ब्यावर (Beawar) में आयोजित बादशाह मेला (Badshah Mela) के दौरान गुलाल उछाल रहे बादशाह बने चंद्रशेखर अग्रवाल की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. राजस्थान के ही नागौर जिले में 9 साल की बच्ची दिव्या की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी. पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली मासूम छात्रा के मरने की खबर सुनकर सभी दंग रह गए थे. ©सुमित सारस्वत
यह भी पढ़ें- अब कभी नहीं होगा बादशाह मेला
March 4, 2026
अब कभी नहीं होगा बादशाह मेला !, ब्यावर में 'बादशाह' की मौत, अग्रवाल समाज में बादशाह की ओख - Badshah Died
✍🏻सुमित सारस्वत
बीते दो साल से कपड़ा फाड़ होली में तब्दील हुआ ब्यावर का बादशाह मेला आयोजन अब शायद कभी नहीं होगा. बुधवार को मेले के दौरान बादशाह की भूमिका निभा रहे चंद्रशेखर अग्रवाल की मौत हो गई. हजारों लोगों को खर्ची रूपी गुलाल बांटते हुए बादशाह खुद की जिंदगी लुटा गए. यह ब्यावर (Beawar)के लिए बेहद दुखद घटना है. इस निधन के कारण अग्रवाल समाज में बादशाह मेले की ओख हो गई है. सनातन हिन्दू धर्म में ऐसी परंपरा रही है कि मौत वाले दिन किसी तरह की कोई खुशियां नहीं मनाई जाती. ऐसे में अब अग्रवाल समाज (Agarwal Samaj) संभवत: बादशाह की मौत का शोक मनाते हुए भविष्य में बादशाह मेले का आयोजन नहीं करेगा. मेले में हुए हादसे के बाद लोग चर्चा कर रहे थे कि मुगल काल में एक बार टोडरमल अग्रवाल को बादशाहत मिलने की याद में बादशाह की सवारी निकाली जाने लगी थी. अब इस साल बादशाह की मौत होने पर संभवत: यह परंपरा रूक जाएगी.
यह भी पढ़ें- सनातन राष्ट्र का शंखनाद
पहले भी झुलस गया था बादशाह
बादशाह मेले में ऐसे अपशकुन पहले भी हुए हैं. वर्ष 2011 में भी बादशाह मेले के दौरान बड़ा हादसा हुआ था. उपखंड कार्यालय में गुलाल युद्ध के दौरान बादशाह के ट्रक में भीषण आग लगने से बादशाह बने श्याम गर्ग झुलस गए थे. गंभीर अवस्था में बादशाह को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. इस हादसे के बाद श्याम को स्वस्थ होने में लंबा समय लगा. उनके शरीर पर झुलसे जख्म के निशान आज भी हैं.
यह भी पढ़ें- सरकार, कब करोगे अमृतकाैर का उपचार ?
अस्पताल में नहीं मिला बेहतर उपचार
बादशाह बने चंद्रशेखर का स्वास्थ्य बिगड़ने पर उन्हें उपचार के लिए एम्बुलेंस से राजकीय अमृतकौर अस्पताल (Amrit Kaur Hospital) पहुंचाया गया लेकिन वहां कथित तौर पर उचित उपचार नहीं मिला. एक वायरल वीडियो में लोग इमरजेंसी वार्ड में अपने स्तर पर ही प्राथमिक उपचार करते दिख रहे हैं. संभवत: उचित समय पर चिकित्सकीय उपचार के अभाव में चंद्रशेखर की मौत हो गई. इस घटना के बाद वायरल वीडियो देखकर लोग अमृतकौर अस्पताल को मौत का अस्पताल बताते हुए चिकित्सा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. सवाल यह भी उठ रहे हैं कि बादशाह मेला आयोजन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर बैठकें और व्यवस्थाएं हुई तो आकस्मिक दुर्घटना की आशंका मानकर अस्पताल में चिकित्सकों की इमरजेंसी ड्यूटी क्यों नहीं लगाई गई? इस मौत का जिम्मेदार कौन? ©सुमित सारस्वत
यह भी पढ़ें- सोशियल मीडिया पर सियासी युद्ध





