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June 27, 2026

सोने चांदी के घड़ों में भरे जल से इस तरह होगा श्रीनाथजी का ज्येष्ठाभिषेक

राजस्थान के नाथद्वारा (Nathdwara) स्थित पुष्टिमार्गीय वैष्णव संप्रदाय की प्रधानपीठ श्रीनाथजी मंदिर (Shrinathji Temple) में रविवार को होने वाले ज्येष्ठाभिषेक स्नान उत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं. ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के अवसर पर परंपरा अनुसार प्रभु श्रीनाथजी का ज्येष्ठाभिषेक करने के लिए पवित्र जल भरने की सेवा विधि-विधान के साथ शनिवार को संपन्न हुई.

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मंदिर तिलकायत की अनुमति से विशाल बावा और लाल बावा ने वल्लभकुल परिवार एवं श्रीजी प्रभु के निज सेवकों के साथ प्राचीन भीतर की बावड़ी से स्वर्ण कलश में अभिषेक का जल भरा. इसके बाद स्वर्ण और रजत कलशों में भरे जल का आरती दर्शन के समय विशेष अधिवासन किया. अधिवासन की परंपरा के तहत जल में अष्टगंध सामग्री का मिश्रण किया गया, जिसमें चंदन, केसर, गुलाब जल, बरास, अरगजा सहित सुगंधित और पवित्र सामग्री शामिल रही.

वीडियो में देखें- कैसे होता है कृष्ण का अभिषेक

पुष्टिमार्गीय मान्यता के अनुसार ज्येष्ठाभिषेक सेवा का भाव ग्रीष्म ऋतु में प्रभु श्रीनाथजी को शीतलता प्रदान करना है. इसे श्री यमुना जी द्वारा अपने प्रियतम प्रभु को सुगंधित जल से स्नान कराने के भाव से जोड़ा जाता है.

वीडियो में देखें- बाल कृष्ण की नटखट लीलाएं

ज्येष्ठाभिषेक के बाद प्रभु श्रीनाथजी को सवा लाख आमों का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा. इस विशेष मनोरथ को लेकर वैष्णव समाज में उत्साह का माहौल है. हवेली के मोती महल चौक में वैष्णवजन आम सामग्री तैयार करने की सेवा दी. जल भरने और अधिवासन के दौरान मंदिर अधिकारी सुधाकर शास्त्री, मुख्य प्रशासक भारत भूषण व्यास, सीईओ जितेंद्र पंड्या, तिलकायत श्री के मुख्य सलाहकार अंजन शाह समेत मंदिर मंडल सदस्य और कई वैष्णवजन अलौकिक क्षण के साक्षी बने. ©सुमित सारस्वत

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December 13, 2025

हिन्दू एकजुट होंगे तभी राम राज्य संभव, सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में बोले दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा - Sanatan Rashtra Shankhnad Mahotsav

✍🏻 सुमित सारस्वत

दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा (Kapil Mishra) ने कहा कि जेहादियों को कुचलकर या धर्म परिवर्तन को रोककर राम राज्य नहीं आएगा. सबसे पहले सभी हिन्दुओं को एकजुट होना होगा तभी राम राज्य की स्थापना संभव है. वे भारत मंडपम में सनातन संस्था एवं सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन के बैनर तले आयोजित ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ (Sanatan Rashtra Shankhnad Mahotsav) के शुभारंभ समारोह में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे.

बहन-बेटियों पर हो रहे अत्याचार 
मिश्रा ने कहा कि भगवान राम ने शबरी की झोपड़ी में जाकर, झूठे बेर खाकर जातिगत भेद मिटाने का संदेश दिया था. हमें जातियों में नहीं बंटना है. एकजुटता के साथ शहरों से गांवों तक जातिगत भेद मिटाना होगा. अगर भगवा नहीं टिका तो लाल, नीला, पीला कोई झंडा नहीं टिकेगा. उन्होंने चिंता जताई कि बहन-बेटियों पर भयानक अत्याचार हो रहे हैं. जेहादी उन्हें लव जिहाद का शिकार बना रहे हैं. अगर गली-मोहल्ले से कोई महिला सुरक्षित निकल सके तो ही गले में भगवा पहनना उचित है.
 ©सुमित सारस्वत

हर घर में जन्मेंगे शिवाजी
मंत्री मिश्रा ने कहा कि पहले जिहादी आतंकवादी जगह जगह बम धमाके करते थे, लेकिन अब उन्हें ऐसा करने से पहले ही मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. जितने जिहादी आतंकवादी पैदा होंगे, उतने ही छत्रपति शिवाजी महाराज हर घर में जन्म लेंगे. औरंगजेब और बाबर के काल में हिन्दू नहीं डरे तो अब क्या डरेंगे.

र्म और राष्ट्र के प्रति रहें समर्पित
मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि सनातन प्राचीन और विराट धर्म है. जो पुनर्जन्म को मानता है, योग, आयुर्वेद, करुणा, जीव दया, मानव मात्र की रक्षा, कण-कण में ईश्वर का वास मानने लगता है वह सनातनी हो जाता है. सनातन के अलावा कोई और धर्म है ही नहीं जिसमें यह सारे सिद्धांत हों. 
उन्होंने संदेश दिया कि प्रत्येक हिन्दू को धर्म की रक्षा, संस्कृति की रक्षा, सहधर्मियों की रक्षा करने का संकल्प लेना चाहिए. धर्म और राष्ट्र के प्रति कर्त्तव्यों का पालन करें.

अश्लीलता से मुक्त हो भारत
देश में फैल रही अश्लीलता पर चर्चा करते हुए सेव कल्चर सेव भारत संस्था अध्यक्ष एवं भारत के पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहुरकर ने कहा कि आज ओटीटी और सोशल मीडिया के माध्यम से अश्लीलता फैल रही है. जैसे हिंदवी स्वराज्य की स्थापना हुई, वैसे ही हिंदू राष्ट्र निर्माण के लिए भारत की शिक्षा प्रणाली में अनुशासन और कठोरता की आवश्यकता है. हर भारतीय को ‘विकृत सामग्री मुक्त भारत’ का संकल्प लेना चाहिए.


शिव पूजन कर गाया वन्दे मातरम
भारत मंडपम में महोत्सव का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और शंखनाद से हुआ. इसके बाद महामंडलेश्वर स्वामी शांतिगिरी महाराज, दिल्ली पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा, सेव कल्चर सेव भारत संस्था के अध्यक्ष एवं भारत के पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहूरकर ने किया. हिन्दू जनजागृति समिति के मार्गदर्शक डॉ. चारुदत्त पिंगले, सनातन संस्था की उत्तराधिकारी श्रीसत्‌शक्ति बिंदा सिंगबाल, श्रीचित्‌शक्ति अंजली गाडगील, राष्ट्रीय प्रवक्ता अभय वर्तक, सुदर्शन न्यूज संपादक सुरेश चव्हाणके ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के दिव्य अंश का दर्शन और पूजन किया. इसके बाद सभी ने सामूहिक वन्दे मातरम गाया और शस्त्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया. कार्यक्रम में देशभर से पहुंचे धार्मिक, राजनीतिक, शिक्षा, उद्योग और अन्य क्षेत्र से जुड़े हजारों लोगों ने शिरकत की.

'संकल्प रामराज्य का' ग्रंथ लोकार्पण
सनातन संस्था समन्वयक आनंद जाखोटिया ने बताया कि कार्यक्रम में अतिथियों ने 'संकल्प रामराज्य का' ग्रंथ लोकार्पण भी किया. सनातन संस्था ने अब तक 13 भाषाओं में 369 ग्रंथ प्रकाशित किए हैं. जिनकी एक करोड़ से अधिक प्रतियां छपी है. सुरक्षा, संस्कृति और शौर्य का पुनर्जागरण करने के उद्देश्य से सनातन संस्था देशभर में धर्म संस्कृति का प्रचार कर रही है. 
©सुमित सारस्वत

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अब भारत बनेगा सनातन राष्ट्र, दिल्ली में होगा शंखनाद महोत्सव, 300 से ज्यादा संत और देशभर की कई हस्तियां करेंगी शिरकत - Sanatan Rashtra Shankhnad Mahotsav

अयोध्या जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर (Ram Mandir) का निर्माण पूरा होने के बाद अब भारत को सनातन राष्ट्र बनाने की तैयारी है। सुरक्षा, संस्कृति और शौर्य का पुनर्जागरण करने के उद्देश्य से सनातन संस्था एवं सेव कल्चर सेव भारत फाउंडेशन के बैनर तले ‘सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव’ (Sanatan Rashtra Shankhnad Mahotsav) का भव्य आयोजन होगा। आगामी 13 व 14 दिसंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम होने वाले इस कार्यक्रम में देशभर से धार्मिक, राजनीतिक, शिक्षा, उद्योग और अन्य क्षेत्रों की कई हस्तियां और 300 से अधिक संत शामिल होंगे। राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास कोषाध्यक्ष और कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के उपाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज महोत्सव में मार्गदर्शन  करेंगे।

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दो दिन में होंगे कई विशेष सत्र
सेव कल्चर सेव भारत संस्था के अध्यक्ष एवं भारत के पूर्व सूचना आयुक्त उदय माहूरकर ने बताया कि दो दिवसीय महोत्सव में सनातन संस्कृति संवाद, राष्ट्रीय संस्कृति सुरक्षा, आतंकवाद-नक्सलवाद की पृष्ठभूमि, रक्षा नीति तथा राष्ट्रबल सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के उद्बोधन होंगे। दूसरे दिन विश्वकल्याणकारी सनातन राष्ट्र, भारत की सुरक्षा, रणसंवाद - युद्ध और भारत विषय पर विशेष सत्र आयोजित होगा।

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दुर्लभ शिवकालीन शस्त्र प्रदर्शनी होगी आकर्षण
हिन्दू जनजागृति समिति के मार्गदर्शक सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगले ने बताया कि महोत्सव के तहत दुर्लभ शिवकालीन शस्त्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। भारत मंडपम के एक्ज़िबिशन हॉल संख्या 12 में 13 से 15 दिसंबर तक तीन दिवसीय प्रदर्शनी में शिवकालीन शस्त्र, सनातन संस्कृति, राष्ट्र, कला एवं आध्यात्मिक वस्तुएं प्रदर्शित की जाएंगी। इस प्रदर्शनी में छत्रपति शिवाजी महाराज के काल वाले 250 से अधिक दुर्लभ ऐतिहासिक शस्त्र प्रदर्शित होंगे। नागरिक सुबह 10 से रात 8 बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे। पारंपरिक एवं प्राचीन युद्धकलाओं के रोमांचकारी प्रदर्शन, सोमनाथ शिवलिंग, पानी पर तैरने वाला दिव्य रामसेतु पत्थर, विभिन्न तरह के शंख और रुद्राक्ष महोत्सव के मुख्य आकर्षण होंगे। 
©सुमित सारस्वत

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संतों के संगम से बहेगी धर्म गंगा
सनातन संस्था (Sanatan Sanstha) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चेतन राजहंस ने बताया कि भारत मंडपम में देशभर से संतों का संगम होगा और धर्म की गंगा प्रवाहित होगी। शंखनाद महोत्सव में आध्यात्मिक संत स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज, योग गुरु स्वामी रामदेव, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी बालकानंद महाराज जी समेत देशभर से 300 से अधिक संत सनातन और राष्ट्र को जीवंत और जागृत करने का संकल्प लेंगे।

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कई राज्यों के मुख्यमंत्री को आमंत्रण
सनातन संस्था के प्रवक्ता अभय वर्तक ने बताया कि दो दिवसीय विशेष सत्रों में केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, केंद्रीय ऊर्जा राज्यमंत्री श्रीपद नायक, केंद्रीय सुरक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा, पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया उदय ललित, भारत सरकार के पूर्व मुख्य सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल विनोद खांडरे, विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज समेत विभिन्न क्षेत्रों के प्रबुद्धजन शामिल होंगे। आयोजन के लिए गोवा, उत्तराखंड सहित कई  राज्यों के मुख्यमंत्री को भी आमंत्रित किया है।

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राजस्थान की यह हस्तियां करेंगी शिरकत
सनातन राष्ट्र शंखनाद महोत्सव में राजस्थान से भी कई हस्तियां शिरकत करने दिल्ली पहुंचेगी। राजस्थान समन्वयक आनंद जाखोटिया ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, मेहंदीपुर बालाजी सिद्ध पीठाधीश्वर नरेश पुरी महाराज, भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, उद्योग एवं वाणिज्य राज्यमंत्री कृष्ण कुमार विश्नोई, सर्व ब्राह्मण महासभा के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सुरेश मिश्रा, संयुक्त भारतीय धर्म संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य राजेश्वर, ज्ञानम फाउंडेशन के संस्थापक महंत दीपक गोस्वामी, आदि गौड़ ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी व अन्य लोग शामिल होंगे। 
©सुमित सारस्वत

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October 19, 2025

देश-दुनिया में 20 अक्टूबर को मनाएंगे दीपावली, बद्रीनाथ से काशी और अयोध्या में होगी पूजा - Diwali in India

✍🏻 सुमित सारस्वत

भारत का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली महापर्व (Diwali Festival) 20 अक्टूबर को देश-दुनिया में उत्साह के साथ मनाया जाएगा. राम नगरी अयोध्या, शिव नगरी काशी, विष्णु के पावन बद्रीनाथ धाम और जगन्नाथ पुरी समेत सभी प्राचीन पुरियों में सोमवार की रात दीपावली की पूजा की जाएगी. उत्तराखंड के चारों धाम में इसी दिन दिवाली मनाई जाएगी. ब्रज मंडल के मथुरा, वृंदावन, गोकुल में भी 20 अक्टूबर को दीपावली पूजा की जाएगी.


कार्तिक अमावस्या की विशेष मान्यता 

सनातन धर्म में कार्तिक अमावस्या को मनाए जाने वाली दीपावली का बहुत ज्यादा धार्मिक महत्व है क्योंकि दीपों के इसी महापर्व पर धन की देवी मां लक्ष्मी और शुभ-लाभ के देवता भगवान श्री गणेश जी की विशेष पूजा की जाती है. हिंदू मान्यता के अनुसार दिवाली की रात गणेश और लक्ष्मी की पूजा करने पर पूरे साल सुख समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है. भारत के अलावा नेपाल, मलेशिया, थाईलैंड, श्रीलंका, अमेरिका, जापान व अन्य देशों में भी दीवाली को अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है. दुनियाभर में रोशनी के पर्व पर उल्लास छाया हुआ है.


अयोध्या में बना नया विश्व रिकॉर्ड

दीपावली महापर्व की पूर्व संध्या पर रामनगरी में भव्य दीपोत्सव (Deepotsav 2025) का आयोजन हुआ. अवध वासियों ने राम की पैड़ी पर 26 लाख 17 हजार 215 दीप प्रज्वलित कर नया रिकॉर्ड बनाया. यह गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (World Record) में अंकित किया. इसके साक्षी बने यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने दीपोत्सव को लोक आस्था से जोड़ा. मुख्यमंत्री ने कहा, भारत एक रहेगा तो श्रेष्ठ रहेगा. ©सुमित सारस्वत

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October 18, 2025

अयोध्या में 20 अक्टूबर को मनाएंगे दीपावली, दीपोत्सव देखने राम नगरी पहुंचे हजारों लोग - Ayodhya Diwali 2025

✍🏻 सुमित सारस्वत

जन-जन की आस्था के प्रतीक प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या (Ayodhya) धाम में 20 अक्टूबर को सनातन धर्म का सबसे बड़ा दीपावली महापर्व (Diwali Festival) हर्षोल्ल्लास से मनाया जाएगा. श्री राम मंदिर (Ram Mandir) में रामलला सरकार की विशेष पूजा-अर्चना होगी. पूर्व संध्या पर 19 अक्टूबर की रात भव्य दीपोत्सव का आयोजन होगा. सरयू किनारे राम की पैड़ी के 56 घाटों पर लाखों दीप जगमगाएंगे. इस साल 26 लाख दीयों और महाआरती से विश्व रिकॉर्ड बनाएंगे. 2100 से अधिक अर्चक महाआरती करेंगे. लाइट एंड साउंड शो भी होगा. रामनगरी की दिवाली देखने देश-दुनिया से हजारों लोग अयोध्या पहुंचे हैं. आलम यह है कि 19 और 20 अक्टूबर के लिए सभी होटल और धर्मशाला बुक है. इन दो दिनों में अब रूम बुकिंग मुश्किल होगी. 20 अक्टूबर की शाम 7.16 बजे से 8.25 बजे तक दीपावली पूजा करेंगे.


सीएम योगी करेंगे श्री राम का राजतिलक

दीपावली पर रामनगरी एक बार फिर इतिहास बनाने को तैयार है. अयोध्या में मनाए जा रहे नवें दीपोत्सव (Deepotsav 2025) कार्यक्रम में यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) भी शिरकत करेंगे. यहां सरयू किनारे रामकथा पार्क में श्री राम का राजतिलक करेंगे. राज्याभिषेक समारोह के लिए राज दरबार की थीम पर रामकथा पार्क को सजाया है. मंच पर राम दरबार की सजीव झांकी होगी. पांडाल में साधु संतों के साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक व केशव मौर्य और मंत्रिमंडल के कई सदस्य मौजूद रहेंगे. इस भव्य आयोजन के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं.


भव्य शोभायात्रा में दिखेगी लोक संस्कृति

रविवार सुबह 10 बजे साकेत महाविद्यालय से भव्य शोभायात्रा निकलेगी. झांकियों की शोभायात्रा में विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति देखने को मिलेगी. लोक कलाकार पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत करेंगे. जगह-जगह पुष्प वर्षा कर झांकियों का स्वागत होगा. रामकथा पार्क पहुंचने पर सीएम योगी स्वागत करेंगे. ©सुमित सारस्वत

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October 4, 2025

संत प्रेमानंद महाराज का स्वास्थ्य खराब, अनिश्चित काल के लिए बंद हुई पदयात्रा - Sant Premanand Maharaj

भगवान श्री कृष्ण की प्राणप्रिय श्री राधारानी के परम भक्त संत प्रेमानंद महाराज (Sant Premanand Maharaj) का स्वास्थ्य फिर खराब हो गया है. तबियत बिगड़ने के कारण सुबह 4 बजे निकलने वाली पदयात्रा अनिश्चित काल के लिए बंद कर दी गई है. इस सूचना से भक्तों में मायूसी छा गई है. उनका दर्शन करने वृंदावन (Vrindavan) पहुंचे श्रद्धालु भी उदास मन से लौट गए हैं. वहीं देशभर में संतश्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु के लिए प्रार्थना की जा रही है.

दोनों किडनियां हैं फेल
गौरतलब कि संत प्रेमानंद महाराज लंबे समय से किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं. करीब 20 साल से उनकी दोनों किडनियां फेल है. पहले हफ्ते में तीन बार डायलिसिस होता था, लेकिन अब समस्या बढ़ने के कारण सप्ताह में 4 से 5 बार डायलिसिस हो रहा है. इससे पहले भी स्‍वास्‍थ्‍य कारणों से उनकी यह पदयात्रा कई बार रोकी गई थी. कई सेलेब्स और भक्तों ने बाबा को अपनी किडनी ऑफर की लेकिन उन्होंने मना कर दिया. उनका मानना है कि भगवान ने जितना जीवन दिया है उसे कोई नहीं छीन सकता. अब भगवान के भक्त प्रार्थना कर रहे हैं कि महाराज शीघ्र ही स्वस्थ होकर भक्तों के बीच आकर राधारानी का गुणगान करें.

कई सेलेब्स आते हैं केलिकुंज आश्रम
संत प्रेमानंद महाराज के संदेशों को देश-दुनिया में करोड़ों लोग सुनते हैं. नेता, अभिनेता, क्रिकेटर व अन्य कई सेलेब्स इनके दीवाने हैं. क्रिकेटर विराट कोहली, अभिनेत्री अनुष्का शर्मा, शिल्पा शेट्टी, हेमा मालिनी, अभिनेता आशुतोष राणा, गायक हंसराज रघुवंशी, कन्हैया मित्तल, स्वस्ति जैन समेत कई सेलेब्स वृंदावन के राधा केली कुंज आश्रम में महाराज से आशीर्वाद और मार्गदर्शन लेने आते हैं. ©सुमित सारस्वत
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June 30, 2025

अमेरिका की जगन्नाथ रथ यात्रा में झूमे विदेशी भक्त - Jagannath Rath Yatra in USA

✍🏻 सुमित सारस्वत 

भारत के पुरी धाम की तरह अब देश दुनिया में जगन्नाथ रथ यात्रा का आयोजन होने लगा है. अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर (New York City) में बारिश के बावजूद भक्त बड़े उत्साह के साथ भगवान की रथ यात्रा में शामिल हुए.

इस्कॉन की ओर से आयोजित इस रथ यात्रा में विदेशी भक्तों के साथ बड़ी संख्या में अप्रवासी भारतीय भी शामिल हुए. भक्तों ने प्रेम भाव और अटूट आस्था के साथ महाप्रभु का रथ खींचा. कीर्तन करते हुए झूमते भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था. श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा और आरती की.

आपको बता दें कि जगन्नाथ रथ यात्रा एक वार्षिक हिंदू त्यौहार (Hindu Festival) है जो भारत के साथ अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और दुनिया के कई देशों में मनाया जाता है. अमेरिका में 58 साल से रथ यात्रा निकाली जा रही है. 
©सुमित सारस्वत

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June 20, 2025

हिंदुस्तान के पीछे दीवार बन खड़ा जम्मू कश्मीर, डिप्टी सीएम चौधरी ने दिया सौहार्द का संदेश, सीएम अब्दुल्ला ने अदा किया पर्यटकों का शुक्रिया

✍🏻 सुमित सारस्वत

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी (Surinder Choudhary) ने प्रदेश की सराहना करते हुए सौहार्द का संदेश दिया है. उन्होंने शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा पर बयान देते हुए कहा, "बाबा अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra) की सभी को बधाई. ये बहुत बड़ा त्योहार होता है. सीएम उमर अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर दोनों जगह अमरनाथ यात्रा और मुहर्रम (Muharram) के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की है. सरकार की सभी तैयारियां पूरी हैं. हमारी कोशिश है कि यात्रा ठीक से चले. तीर्थयात्री बढ़-चढ़ कर आएं. पर्यटन और धार्मिक यात्रा जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए त्योहार की तरह खुशी का दिन होता है. यहां भाईचारे की मिसाल दिखती है. जो लोग देश-दुनिया से यहां आते हैं वो कश्मीर का कल्चर और मेहमाननवाजी देखकर जाते हैं. वो देखते हैं कि जम्मू कश्मीर जो टीवी या अन्य तरीकों से दिखाया जाता है वैसा नहीं है, यह दिलवालों का है, यह भाईचारे का है. जम्मू कश्मीर हिंदुस्तान (India) के पीछे दीवार बनकर खड़ा है."


इससे पूर्व गुरुवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने कहा, "पहलगाम आतंकी हमले ( Pahalgam Terror Attack) के बाद अब कश्मीर में हालात पूरी तरह सामान्य है. मैं उन सभी पर्यटकों का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं जो जम्मू-कश्मीर और खासकर कश्मीर में वापस आने लगे हैं. पहलगाम घटना के तुरंत बाद तीर्थयात्रियों ने माता वैष्णो देवी (Vaishno Devi) दर्शन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया था, अब श्रद्धालुओं का आगमन फिर बढ़ रहा है. रोजाना 40 हजार से ज्यादा यात्री दर्शन के लिए आ रहे हैं. कश्मीर में पर्यटन वापस बढ़ रहा है." ©सुमित सारस्वत

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June 2, 2025

श्री वृंदावन महिमामृतम कथा आज से, गोवर्धन में इंद्रेश उपाध्याय सुनाएंगे महिमा - Govardhan Katha

 

✍🏻 सुमित सारस्वत
ब्रज क्षेत्र के गोवर्धन धाम में 2 जून से श्री वृंदावन महिमामृतम कथा आयोजित होगी. सात दिवसीय कथा में वृंदावन (Vrindavan) के विख्यात कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय (Indresh Upadhyay) ठाकुरजी की महिमा का गुणानुवाद करेंगे.

गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) के अवसर पर परम पूज्य दादा गुरुदेव बाबा गोविंद शरण शास्त्री महाराज के पावन स्मृति महोत्सव के तहत गोवर्धन (Govardhan) के श्री राधा गोल्फ बड़ी परिक्रमा मार्ग पर स्थित आश्रम श्री रसिक शरणम में यह कथा 8 जून तक शाम 5 बजे से होगी. परम पूज्य स्वामी किशोरदास देव जू महाराज के सानिध्य में होने वाली इस कथा में जगद्गुरु निम्बार्काचार्य श्यामशरण देवाचार्य महाराज, गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज, अग्रमलुक पीठाधीश्वर जगद्गुरु राजेंद्रदास देवाचार्य महाराज, संत विजय कौशल महाराज, रंगीली सखी संत राधामोहन भक्तमाली महाराज समेत अनेक संत-महात्मा पधारेंगे.

आयोजक रसिक संत बाबा चित्र विचित्र (Chitra Vichitra) बिहारी दास महाराज और ब्रज किंकिरी साध्वी पूर्णिमा दीदी (Purnima Didi) ने सभी हरिभक्तों से इस सरस महोत्सव में पधारकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है. जो भक्त गोवर्धन धाम नहीं पधार सकते वे घर बैठे भी ब्रज भाव और सीवीएम म्यूजिक यूट्यूब चैनल पर सीधा प्रसारण के माध्यम से कथा सुन सकते हैं. इस कथा में शामिल होने के लिए उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान व अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संत, रसिक, वैष्णववृंद भक्त वृंदावन पहुंचे हैं.
©सुमित सारस्वत

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November 27, 2024

अजमेर दरगाह में संकटमोचन शिव मंदिर !, कोर्ट ने याचिका मंजूर कर दरगाह कमेटी व अन्य को भेजा नोटिस, जानें क्या है पूरा मामला - Ajmer Dargah Case

✍🏻 सुमित सारस्वत
ज्ञानवापी (Gyanvapi Mosque) और ताजमहल (Tajmahal) के बाद अब अजमेर की विश्व विख्यात ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा किया गया है. हिंदू सेना (Hindu Sena) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने कोर्ट में याचिका दायर कर अजमेर दरगाह (Ajmer Dargah) में संकटमोचन महादेव मंदिर होने का दावा किया है. जिसे अजमेर सिविल न्यायालय पश्चिम ने स्वीकार करते हुए सुनने योग्य माना है. कोर्ट ने अल्पसंख्यक मंत्रालय, दरगाह कमेटी अजमेर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) को नोटिस देकर पक्ष रखने को कहा है. मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी.

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दरगाह पक्ष की तरफ से आई प्रतिक्रिया
अजमेर शरीफ दरगाह (Ajmer Sharif Dargah) के खादिमों की संस्था अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैयद सरवर चिश्ती ने इस मामले पर मीडिया को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कभी बाबरी मस्जिद, कभी मथुरा, कभी काशी, कहीं मस्जिदें शहीद की जा रही है, कहीं मॉब लिचिंग, यह एक एजेंडे के तहत बीते 10 साल से हो रहा है. 800 साल पुरानी अजमेर दरगाह में हर देश, हर धर्म के करोड़ों लोग आते हैं. अभी जनवरी के पहले सप्ताह से 813वां उर्स (Ajmer Urs 813) शुरू होगा. इससे पहले सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश हुई है, हालांकि यह कोशिश सफल नहीं होगी.
©सुमित सारस्वत

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November 16, 2024

प्रसाद चाहिए तो पहले रसीद कटवाइए, जानें कहां बिकने लगा अन्नकूट ? - Annakut Prasad on Govardhan Puja

✍🏻सुमित सारस्वत
पौराणिक मान्यता के मुताबिक, दीपावली महापर्व के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा की जाती है. कहा जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की शरण में देवराज इंद्र के अभिमान को समाप्त किया और गोवर्धन पूजा
(Govardhan Puja) की परंपरा शुरू की. तभी से लोग हर साल गोवर्धन पूजा कर रहे हैं. इस पूजा के दिन भगवान श्री कृष्ण (Lord Krishna) और गोवर्धन जी को अन्नकूट बनाकर भोग लगाते हैं.

भगवान श्री राम
(Lord Ram) के वनवास से अवध (Ayodhya) लौटने की खुशी में मनाए जाने वाले दीपावली महापर्व (Diwali Festival) के दूसरे दिन ही गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है ? और कब से की जा रही है ? इसकी कहीं कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

क्या है अन्नकूट ?
मान्यता के मुताबिक, गोवर्धन पूजा के शुभ अवसर पर लोग 56 या 108 प्रकार के पकवान बनाकर श्रीकृष्ण को भोग स्वरूप अर्पित करते हैं, इन्हीं पकवानों को 'अन्नकूट' कहा जाता है. इसके बिना गोवर्धन पूजा अधूरी मानी जाती है. अन्नकूट में कई तरह की सब्जियां, कढ़ी, चावल, खीर, पूड़ी, मिठाईयां, रबड़ी, पेड़े, मक्खन, मिश्री आदि तरह-तरह की चीजें बनाते हैं.

अब आनंद के लिए अन्नकूट !
गोवर्धन पूजा के साथ शुरू हुई अन्नकूट परंपरा में वक्त के साथ बदलाव आ गया है. अब लोग आनंद के लिए अन्नकूट का आयोजन करने लगे हैं. अलग-अलग धर्मस्थलों पर कई-कई दिन तक सहूलियत के अनुसार अन्नकूट आयोजन होने लगे हैं. इतना ही नहीं, जिन धर्मस्थलों में ठाकुरजी विराजमान नहीं हैं, उन देवी-देवताओं के धर्मस्थलों पर भी लोग यह आयोजन कर रहे हैं. कई-कई जगह पर तो बाकायदा पंगत लगाकर भोजन होने लगा है.

प्रसाद पाने पहुंचे लोग हुए निराश
बदलते वक्त के साथ अब कुछ धर्मस्थलों पर अन्नकूट के नाम पर व्यापार होने लगा है. ट्रस्टी और सेवादार इस प्रसाद को भी बेचने लगे हैं. बाकायदा इसके लिए रसीद कटवाने का दबाव बनाया जाता है. वहीं कई जगहों पर पंगत में बैठकर प्रसाद खिलाने के लिए रुपए लिए जाते हैं. धर्मस्थलाें पर होने वाले इस कृत्य से आस्थावान लोगों में आक्रोश और निराशा नजर आई. एक बड़े धर्मस्थल पर अन्नकूट प्रसाद
(Annakut Prasad) पाने पहुंचे लोगों को ट्रस्ट अध्यक्ष ने रसीद कटवाने का दबाव बनाया. इस बात पर लोगों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अध्यक्ष को खरी-खोटी भी सुनाई.

लोगों को भी बदलनी होगी धारणा
धार्मिक स्थलों पर होने वाले अन्नकूट आयोजन में पहुंचने वाले लोगों को भी अपनी धारणा बदलनी होगी. इस प्रसाद को पाने के लिए कई लोग अपने साथ बड़े-बड़े टिफिन लेकर पहुंच जाते हैं. कई लोग तो इतनी अधिक मात्रा में अन्नकूट ले जाते हैं कि उनके घर में एक वक्त भोजन का जुगाड़ हो जाता है. लोगों को यह सोच बदलनी हाेगी. प्रसाद को प्रसाद की तरह पाएंगे तभी प्रसाद की सार्थकर्ता सिद्ध होगी.
©सुमित सारस्वत
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दीपावली के दूसरे दिन क्यों होती है गोवर्धन पूजा ? क्या है यह अनछुआ रहस्य - Govardhan Puja on Diwali

✍🏻सुमित सारस्वत

पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की शरण में देवराज इंद्र के अभिमान को समाप्त किया और गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) की परंपरा शुरू की. तभी से लोग हर साल गोवर्धन पूजा कर रहे हैं. इस पूजा के दिन भगवान श्री कृष्ण (Lord Krishna) और गोवर्धन जी को अन्नकूट बनाकर भोग लगाया जाता है.

भगवान श्री राम (Lord Ram) के वनवास से अवध (Ayodhya) लौटने की खुशी में मनाए जाने वाले दीपावली महापर्व (Diwali Festival) के दूसरे दिन ही गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है ? और कब से की जा रही है ? इसकी कहीं कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.

क्या है अन्नकूट ?
मान्यता के मुताबिक, गोवर्धन पूजा के शुभ अवसर पर लोग 56 या 108 प्रकार के पकवान बनाकर श्रीकृष्ण को भोग स्वरूप अर्पित करते हैं, इन्हीं पकवानों को 'अन्नकूट' कहा जाता है. इसके बिना गोवर्धन पूजा अधूरी मानी जाती है. अन्नकूट (Annakut Prasad) में कई तरह की सब्जियां, कढ़ी, चावल, खीर, पूड़ी, मिठाईयां, रबड़ी, पेड़े, मक्खन, मिश्री आदि तरह-तरह की चीजें बनाते हैं
. ©सुमित सारस्वत

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September 23, 2024

अग्रवाल समाज इस तरह मनाएगा अग्रसेन महाराज की 5148वीं जयंती, जानें कब-कौनसा कार्यक्रम? - Agrasen Jayanti Mahotsav 2024

सुमित सारस्वत
भारतीय अर्थव्यवस्था में अग्रणी अग्रवाल समाज के आराध्य महाराजा अग्रसेन जी की 5148वीं जयंती धार्मिक नगरी ब्यावर में हर्षोल्लास से मनाई जाएगी. दस दिवसीय महोत्सव के तहत विभिन्न आयु वर्ग के लिए खेलकूद और सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं होंगी. इसे लेकर समाज ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की है.

अग्रवाल समाज अध्यक्ष मुकेश अरड़का ने बताया कि 25 सितंबर को आराध्य देव के पूजन और ध्वजारोहण के साथ दस दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत करेंगे. 4 अक्टूबर तक कई प्रतियोगिताओं के साथ श्याम भजन संध्या, राणी सती मंगल पाठ, कवि सम्मेलन, गरबा और अन्य आयोजन करेंगे. समाज ने जयंती संयोजक सतीश सर्राफ, सह संयोजक अशोक गोयल, निखिल जिंदल, राजेंद्र सर्राफ, संजय जिंदल को जिम्मा सौंपा है.

26 सितंबर को बरसेगा श्याम रस
जयंती संयोजक सतीश सर्राफ ने बताया कि प्रथम दिन 25 सितंबर को सुबह 9 बजे शिशु प्रदर्शनी व 9.30 बजे रक्तदान शिविर लगाएंगे. शाम 7.30 बजे से युवतियाें व महिलाओं के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे. 26 सितंबर को दोपहर 2 बजे से बच्चों की खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी. रात 8 बजे से श्री श्याम रस भजन संध्या में कोलकाता के गायक तुषार चौधरी, दौसा के अजय शर्मा व ब्यावर के दीपांशु अग्रवाल भक्ति गुणगान गाएंगे. भजन संध्या के लिए बाबा श्याम का भव्य दरबार सजाएंगे. ©सुमित सारस्वत

सेवा के बाद होगी अंताक्षरी

27 सितंबर को दोपहर 2 बजे से बालकों व युवकों के लिए खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी. शाम 7.30 बजे से सांस्कृतिक संध्या में बालिकाएं विविध वेशभूषा व एकल नृत्य प्रस्तुत करेंगी. 28 सितंबर काे सुबह 8.30 बजे गौशाला में गौ सेवा व पौधरोपण करेंगे. दोपहर 2 बजे से युवतियों व महिलाओं के लिए खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी. दोपहर 2.30 बजे से म्यूजिकल अंताक्षरी में गीताें के तराने गूंजेंगे.

कवि सम्मेलन में गुदगुदाएंगे कवि
28 सितंबर की रात 8 बजे से कवि सम्मेलन का आयोजन होगा. जिसमें हास्य कवि अपनी काव्य रचनाओं से श्रोताओं को गुदगुदाएंगे. मंच संचालन बुद्धिप्रकाश दाधीच करेंगे. हास्य कवि शंभू शिखर, मुन्ना बैटरी, दिनेश देसी घी के साथ श्रृंगार रस कवयित्री पद्मिनी शर्मा व ओजस्वी कवि योगेंद्र शर्मा रचनाएं सुनाएंगे.

फन फेयर में होगी मौज-मस्ती

29 सितंबर को सुबह 8 बजे से बालकों व युवकों और सुबह 10.30 बजे से बालिकाओं व युवतियों के लिए बैडमिंटन प्रतियोगिता होगी. दोपहर 2 बजे से फन फेयर में मौज-मस्ती के साथ विभिन्न व्यंजनों व गेम्स का लुत्फ लेंगे. 30 सितंबर को दोपहर 2 बजे से महिलाओं के लिए खेलकूद प्रतियोगिताएं व भजन अंताक्षरी होगी. शाम 7.30 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम में बालक विविध वेशभूषा और एकल नृत्य प्रस्तुति देंगे. 1 अक्टूबर को सुबह 6 बजे योग शिविर, दोपहर 2 बजे बालिकाओं व युवतियों के लिए खेलकूद प्रतियोगिता और शाम 7.30 बजे से बॉलीवुड अंताक्षरी होगी. ©सुमित सारस्वत


मंगल पाठ कर निकालेंगे कलश शोभायात्रा
समाज मंत्री श्रवण बंसल ने बताया कि 2 अक्टूबर को दोपहर 1.30 बजे से गायक गोपाल वर्मा के साथ राणी सती दादी का संगीतमय मंगपाठ करेंगे. 3 अक्टूबर को सुबह 9 बजे से कलश शोभायात्रा निकालेंगे. शाम 7.30 बजे से बालिकाएं व महिलाएं गरबा डांडिया रास करेंगी. प्रचार मंत्री चंद्रेश गर्ग ने बताया कि 4 अक्टूबर को शाम 7 बजे समापन समारोह व पुरस्कार वितरण समारोह होगा. कार्यक्रम में कलाकार शिव तांडव व महारास प्रस्तुत करेंगे.

समाज सदस्यों ने की व्यापक तैयारियां
जयंती महोत्सव को सफल बनाने के लिए समाज सदस्यों ने व्यापक तैयारियां की है. निर्मल बंसल, आरसी गोयल, शैलेंद्र गुप्ता, मनीष जिंदल, मुकेश गर्ग, अतुल बंसल, अमित बंसल, पूर्वा डाणी, ललिता जालान, सीमा गुप्ता, सीमा बंसल, नरेश मित्तल, गिरधारी अग्रवाल, रोशन बादशाह, नितेश गोयल, आलोक गुप्ता, पवन रायपुरिया, श्यामसुंदर अग्रवाल, राजकुमार गोयल, अभिषेक सटाक, रजत अग्रवाल, चिराग गर्ग व अन्य समाज सदस्य तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. ©सुमित सारस्वत, मो.9462737273

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September 5, 2024

True Love Story: अगाध प्रेम की अनूठी मिसाल है यह प्रेमी युगल, एक ही दिन हुआ था दोनों का जन्म

भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी श्री कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) कहलाती है और भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी राधा अष्टमी (Radha Ashtami) के नाम से विख्यात है. क्या यह एक अदभुत संयोग नहीं है कि श्रीकृष्ण जी का जन्म भी अष्टमी को हुआ था और उनकी प्राणप्रिया राधाजी भी अष्टमी को ही अवतरित हुई थी.

राधा रानी के प्रति श्रीकृष्ण के अगाध आत्मीय प्रेम की यह बड़ी और जीवंत मिसाल है. एक और खास बात यह है कि राधा का जन्म दिन में 12 बजे हुआ और कन्हैया का जन्म रात में 12 बजे हुआ. कृष्ण जन्म के उपलक्ष में जन्माष्टमी मनाई जाती है और राधाजी के जन्म उपलक्ष में राधाष्टमी.
आपको कृष्ण प्रिया श्री राधाजी के जन्म अष्टमी महापर्व की ढेरों बधाई..
©सुमित सारस्वत

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August 25, 2024

जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के लिए क्या बोले राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा - CM Bhajanlal Sharma on Janmashtami

भारत देश में 26 अगस्त को भगवान श्री कृष्ण जन्म का पर्व जन्माष्टमी (Janmashtami) धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाएगा. इस पावन पर्व पर राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (Bhajanlal Sharma) ने प्रदेशवासियों को जन्माष्टमी की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं.

सीएम शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण (Lord Krishna) ने निष्काम कर्म करने, शोषण एवं अन्याय का प्रतिकार करने तथा जरूरतमंद लोगों के कल्याण के लिए सदैव समर्पित रहने का संदेश दिया.

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि वे भगवान श्रीकृष्ण के महान आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज में भाईचारे की भावना को मजबूत करने तथा गरीब व उपेक्षित की मदद करने का संकल्प लें. ©सुमित सारस्वत

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August 22, 2024

इंजीनियर की जॉब छोड़कर अपनाया संयम, अब हर्षा और ज्योति सफेद कपड़े पहनकर बनेंगी साध्वी

ब्यावर की इंजीनियर हर्षा कोठारी ने सांसारिक जीवन त्यागने का मन बनाया है. अब वे संयम पथ पर बढ़ी है. ब्यावर में मेवाडी गेट निवासी अशोक कोठारी व उषा कोठारी की 28 वर्षीय बेटी हर्षा ने जैन भागवती दीक्षा ग्रहण करने के लिए भीलवाड़ा में आयाेजित शिखर महोत्सव में जैन आचार्य रामलाल म.सा. एवं उपाध्याय प्रवर राजेश मुनि म.सा. के चरणों में आज्ञा पत्र समर्पित किया.

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गुरुवार को गुरुवृंद ने उनका भाव स्वीकार करते हुए दीक्षा घोषणा की. साधुमार्गी जैन संघ ब्यावर के प्रवक्ता नोरतमल बाबेल ने बताया कि मुमुक्षु हर्षा कोठारी की दीक्षा आगामी 3 दिसंबर को होगी. दीक्षा का समाचार मिलते ही साधुमार्गी जैन संघ व सकल जैन समाज में हर्ष छा गया. समता भवन में श्रावक-श्राविकाओं ने हर्ष का जयघोष किया.

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जैन आचार्य ने ब्यावर की हर्षा के साथ ही निम्बाहेड़ा निवासी मुमुक्षु ज्योति कांठेड़ को भी दीक्षा प्रदान करने की सहमति प्रदान की है. राजमल कांठेड़ व टीना कांठेड़ की 26 वर्षीय बेटी ज्योति ने भी साधु जीवन अपनाने का फैसला करते हुए दीक्षा की आज्ञा मांगी थी. इनकी दीक्षा 7 फरवरी 2025 को होगी. ©सुमित सारस्वत

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February 24, 2024

राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या में पहली बार रामकथा करेंगे मोरारी बापू, मंदिर निर्माण के लिए दिया था सबसे बड़ा दान - Ram Katha In Ayodhya Dham

 


✍ सुमित सारस्वत
Ram Katha in Ayodhya: जन-जन के आराध्य भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए सबसे बड़ा दान देने वाले अंतर्राष्ट्रीय संत मोरारी बापू (Morari Bapu) रामकथा करेंगे. अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) बनने के बाद विशाल स्तर पर आयोजित यह पहली कथा होगी. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की ओर से आयोजित इस भव्य कथा के लिए व्यापक तैयारियां की गई है. बताया जा रहा है कि कथा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi), यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) और फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन समेत कई विशिष्ट अतिथि शिरकत करने रामनगरी आएंगे. शुक्रवार शाम बापू ने अयोध्या पहुंचकर श्री राम मंदिर में रामलला दर्शन किए.

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मणिपर्वत क्षेत्र में बना भव्य पांडाल
संत माेरारी बापू आगामी 24 फरवरी से 3 मार्च तक अयोध्या में 'मानस राम मंदिर' विषय पर रामकथा करेंगे. यह उनकी 932वीं रामकथा होगी. इसके लिए तीर्थक्षेत्र पुरम परिसर मणिपर्वत क्षेत्र में भव्य पांडाल का निर्माण करवाया है. पहले दिन 24 फरवरी को कथा शाम 4 बजे से होगी. इसके बाद 25 फरवरी से कथा का समय सुबह 10 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक तय है. कथा के लिए देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त अयोध्या पहुंच रहे हैं. अधिकांश होटलों और धर्मशालाओं में चार हजार से ज्यादा कमरे बुक हुए हैं.

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प्राण प्रतिष्ठा समारोह में रहे थे मौजूद
विख्यात रामकथा वाचक मोरारी बापू गत 22 जनवरी को हुए रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी मौजूद रहे थे. तब बापू ने मीडिया से कहा था कि 'राम ब्रह्म व्यापक हैं. जैसे सूरज-चांद सबका वैसे ही सूर्यवंशी राम भी सबके हैं. यह सत्य, प्रेम और करुणा का उत्सव है. यह अध्यात्मिक उत्सव है. मैंने दुनिया में इस तरह का माहौल पहले कभी नहीं देखा. देश के करोड़ों लोगों की तरह मैं भी जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर बनने का इंतजार कर रहा था.'

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बापू ने दिए थे 18.6 करोड़ रुपए
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सबसे बड़ा दान मोरारी बापू ने दिया था. छह दशक से भी अधिक समय से रामकथा का प्रचार-प्रसार कर रहे बापू ने 18.6 करोड़ रुपए दान दिए थे. इनमें भारत से 11.30 करोड़, ब्रिटेन और यूरोप से 3.21 करोड़, अमेरिका, कनाडा और कई अन्य देशों से 4.10 करोड़ शामिल थे. बापू ने महज 15 दिनों में यह राशि जुटाकर राम जन्मभूमि ट्रस्ट को सौंपी थी.
©सुमित सारस्वत

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January 14, 2024

Ram Mandir Opening: रामलला प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व करेंगे सुंदरकांड पाठ, दो दिन होंगे कई कार्यक्रम


Ram Mandir Pran Pratishtha: अयोध्या जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा (Ram Mandir Inauguration) के अवसर पर ब्यावर (Beawar) के देलवाड़ा रोड स्थित कृष्णा कॉलोनी में दो दिवसीय उत्सव हर्षोल्लास से मनाया जाएगा। कृष्णा कॉलोनी स्थित श्री जागेश्वर महादेव मंदिर (Shiva Temple) में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन को लेकर रविवार शाम मंदिर परिसर में बैठक आयोजित कर रूपरेखा तय की।

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दो दिवसीय कार्यक्रम की शुरूआत सुंदरकांड पाठ से होगी। रामलला प्राण प्रतिष्ठा की पूर्व संध्या पर 21 जनवरी की शाम मंदिर परिसर में रामचरित मानस की चौपाईयां गाते हुए सुंदरकांड पाठ (Sundarkand Path) करेंगे। भगवान श्रीराम (Lord Ram) के भजन गाएंगे। इसके बाद दूसरे दिन सुबह देव प्रतिमाओं का अभिषेक और पूजन करेंगे। संकीर्तन के साथ प्राण प्रतिष्ठा समारोह का प्रसारण देखेंगे। उत्सव से पहले मंदिर एवं मूर्तियों का रंग-रोगन और सजावट की जाएगी। महिलाएं रंग-बिरंगी रंगोलियां सजाएंगी। पूरे क्षेत्र में भगवा झंडे लगाए जाएंगे।

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बैठक में आनंदवल्लभ तिवाड़ी, सत्यनारायण सारस्वत, गोपाल शर्मा, प्रबोध बंसल, चंद्रशेखर शर्मा, ओमप्रकाश परिहार, दलपत सिंह राठौड़, प्रदीप डागा, गोपाल सिंह, सुनील शर्मा, संजय अग्रवाल, महेंद्र सिंह, बिरदा सिंह मेहरात, जयवर्धन सिंह गौड़, कृष्णगोपाल कुमावत, अनिल सोनी, सुभाष गर्ग, आकाश अग्रवाल, रमेशचंद्र दाधीच व अन्य क्षेत्रवासी मौजूद रहे। अंत में रामधुन गाकर बैठक का समापन किया। ©सुमित सारस्वत

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January 10, 2024

Lesbian Couple Marriage: दो साल पति-पत्नी की तरह साथ रहने के बाद बंगाल की दो लड़कियों ने ऐसे रचाई शादी, कहानी पढ़कर दंग रह जाओगे

✍ सुमित सारस्वत
Same Sex Marriage In India: भारत में दो लड़कियों की शादी आज चर्चा में है. हर तरफ इस समलैंगिक विवाह की चर्चा हो रही है. लेस्बियन शादी का यह मामला उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में सामने आया है. यहां पश्चिम बंगाल (West Bengal) की दो लड़कियों ने हिन्दू रीति-रिवाज से विवाह किया है. शादी करने से पहले यह दोनों पति-पत्नी की तरह एक-दूसरे के साथ रहीं. शादी की तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है.

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आर्केस्ट्रा ग्रुप में करती थीं काम
यूपी में शादी करने वाली दोनों लड़कियां पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं. एक लड़की का नाम जयश्री राउल (Jayashree Raul) है, जिसकी उम्र 28 साल है. दूसरी लड़की का नाम राखी दास (Rakhi Das) है, जिसकी उम्र 23 साल है. दोनों लड़कियां पश्चिम बंगाल से साथ आईं थीं और चनुकी के एक आर्केस्ट्रा ग्रुप में डांसर का काम करने लगी. करीब तीन साल से दोनों दोस्त थी और साथ काम करते हुए दोनों का एक-दूसरे के प्रति आकर्षण बढ़ गया. देखते ही देखते इनकी दोस्ती (Friendship) प्यार में बदल गई. दो साल तक पति-पत्नी की तरह साथ रहते हुए दोनों का प्यार (Love) इस कदर परवान चढ़ गया कि इन्होंने शादी करने का फैसला किया.

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हिन्दू मंदिर में रचाई शादी
सोमवार की सुबह दोनों युवतियां शादी करने के लिए देवरिया जिले में मझौली राज के भगड़ा भवानी मंदिर पहुंचीं. इस दौरान आर्केस्ट्रा संचालक मुन्ना पाल भी उनके साथ था. जयश्री ने दूल्हे के रूप में शेरवानी पहन रखी थी और राखी ने दुल्हन के रूप में लाल कपड़े पहने. मंदिर में मां दुर्गा को साक्षी मानते हुए हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया. जयश्री ने राखी की मांग में सिंदूर भरा. दोनों ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई और शादी के बंधन में बंध गए. इनकी शादी का शपथ पत्र भी सामने आया है जिसमें लिखा है कि जयश्री राउल और राखी दास अपनी रजामंदी से शादी कर रही है.
©सुमित सारस्वत

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Ajmer Urs 2024: दरगाह शरीफ पर चढ़ेगी पीएम मोदी की दसवीं चादर, पिछले साल उर्स में भेजी थी भगवा चादर, ख्वाजा के लिए कही यह बात

✍ सुमित सारस्वत
Urs in Ajmer Sharif Dargah: राजस्थान (Rajasthan) की धार्मिक नगरी अजमेर (Ajmer) में स्थित विश्व प्रसिद्ध गरीब नवाज हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती (Khwaja Moinuddin Chishti) की दरगाह में 812वां उर्स शुरू हो गया है. सांप्रदायिक सौहार्द और विश्व शांति का संदेश देने वाला यह उर्स कौमी एकता की मिसाल है. यहां देशभर से हजारों जायरीन ख्वाजा की बारगाह में सजदा करने पहुंचे हैं. मजार पर चादर और अकीदत के फूल पेश कर दुआ कर रहे हैं. जल्द ही भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की चादर भी मजार शरीफ पर चढ़ाई जाएगी. 11 जनवरी को पीएम मोदी अपने कार्यालय में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी (Jamal Siddiqui) को यह चादर सौंपकर दिल्ली से अजमेर के लिए रवाना करेंगे. सिद्दीकी अजमेर आकर मोदी की तरफ से चादर चढ़ाएंगे.

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इस साल पीएम मोदी की 10वीं चादर
इस्लाम धर्म का सम्मान करते हुए पीएम मोदी (PM Modi) हर साल अजमेर दरगाह शरीफ के लिए चादर भिजवाते हैं. इस साल दसवीं बार पीएम मोदी की चादर चढ़ाई जाएगी. पिछले साल मोदी ने भगवा रंग की चादर भिजवाई थी. सिद्दीकी ने ही चादर चढ़ाई थी. इनसे पहले आठ चादर पेश करने के लिए मोदी सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी (Mukhtar Abbas Naqvi) आए थे.

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पीएम मोदी ने संदेश में कही थी यह बात

प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल चादर के साथ संदेश भी भिजवाया था. संदेश में कहा, "ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के उर्स के अवसर पर विश्वभर में उनके अनुयायियों को बधाई एवं शुभकामनाएं. दुनिया को प्रेम, सौहार्द और बंधुत्व का संदेश देने वाले महान सूफी संत के वार्षिक उर्स पर दरगाह अजमेर शरीफ पर चादर भेजते हुए मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं. भारत में विभिन्न पंथों, मान्यताओं और आस्थाओं का सद्भावपूर्ण सह-अस्तित्व हमारे देश की समृद्ध विरासत है. हमारे देश में संतों, पीरों व फकीरों ने शांति, एकता और सद्भावना के पैगाम के जरिए राष्ट्र के सांस्कृतिक ताने-बाने को सदैव मजबूती प्रदान की है."

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ख्वाजा हैं आध्यात्मिक परंपराओं के प्रतीक

पीएम मोदी ने कहा, "ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भारत की महान आध्यात्मिक परंपराओं के प्रतीक हैं. गरीब नवाज द्वारा की गई मानवता की सेवा निरंतर पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेगी. अनेकता में एकता हमारे देश की खूबसूरती है और सालाना उर्स विभिन्न मान्यता एवं आस्था के लोगों द्वारा इसी भावना को संजोते और सहेजते हुए, इसका उत्सव मनाने का अवसर है. आजादी के अमृत कालखंड में देश सामूहिक सामर्थ्य के जरिए प्रगति की नई ऊंचाइयों को छूने के लिए आगे कदम बढ़ा रहा है. मुझे विश्वास है कि सामूहिक सामर्थ्य के जरिए देश प्रगति की नई ऊंचाइयों को छुएगा. ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के उर्स पर मैं दरगाह अजमेर शरीफ से देश की खुशहाली और समृद्धि की कामना करता हूं." ©सुमित सारस्वत

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