✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान (Rajasthan) के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) के बाद अब भजनलाल सरकार के मंत्री ने रगड़ाई शब्द का उपयोग किया है. सोमवार को ब्यावर (Beawar) में सरकार की ओर से लगाए गए ग्रामीण सेवा शिविर में पहुंचे सामाजिक न्याय एवं अधिकारी मंत्री अविनाश गहलोत (Avinash Gehlot) ने अधिकारियों-कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि 'यदि जनता से पैसे मांगे तो रगड़ कर रख दूंगा. ऐसा सबक सिखाऊंगा, कभी भूलोगे नहीं. जीवन में कहीं नौकरी नहीं कर पाओगे.'
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बीट कांस्टेबल को लगाई फटकार
कैबिनेट मंत्री गहलोत ने जैतारण विधानसभा क्षेत्र के बांजाकुड़ी गांव में आयोजित शिविर का अवलोकन करने के बाद जनसभा को संबोधित किया. भाषण के बीच इलाके के बीट कांस्टेबल को चेतावनी देते हुए दिखे. मंत्री ने लापरवाह अधिकारियों को चंद मिनटों में सस्पेंड करवाने की बात भी कही. मंत्री ने शिविर में भाषण देते हुए जनता से पूछा कि किसी अधिकारी की शिकायत हो तो बताओ, अभी सस्पेंड करवा दूंगा.
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लाभार्थियों को बांटे सर्टिफिकेट
मंत्री गहलोत ने ब्यावर जिले के बांजाकुड़ी और बलुन्दा गांव में आयोजित शिविरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया. कैंप में विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉलों का अवलोकन किया. आमजन को प्रदान की जा रही सेवाओं और योजनाओं की जानकारी ली. ग्राम पंचायत बांजाकुड़ी में सरकारी योजना की लाभार्थी संतोष को विधवा पेंशन योजना स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान कर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया. अन्य लाभार्थियों को भी सर्टिफिकेट प्रदान किए. मंत्री ने कहा कि ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो रहा है. इस दौरान जिला कलेक्टर कमलराम मीना, एसडीएम मनोज कुमार मीणा, पुलिस उपअधीक्षक रमेंद्र सिंह हाड़ा भी मौजूद रहे. ©सुमित सारस्वत
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सीएम अशोक गहलोत का संवेदनशील फैसला, कोरोना से अनाथ बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर मिलेगी सरकारी नौकरी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक संवेदनशील फैसला किया है. राजस्थान सरकार कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर अनुकंपात्मक नियुक्ति देगी. सीएम गहलोत ने इसके लिए विभिन्न सेवा नियमों में संशोधन के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति दी है.
कार्मिक विभाग के प्रस्ताव अनुसार अनाथ हुए बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर पे मैट्रिक्स एल-9 में नियुक्ति दी जाएगी. वह अनाथ बालक/बालिका नियुक्ति प्राप्त कर सकेंगे, जिनके जैविक अथवा दत्तक ग्रहण करने वाले माता-पिता की मृत्यु कोरोना के कारण 31 मार्च, 2023 अथवा इससे पूर्व हुई हो. ऐसे अनाथ बालक/बालिका को भी नियुक्ति दी जाएगी जिनके माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु पूर्व में हो चुकी हो तथा दूसरे की मृत्यु कोरोना के कारण 31 मार्च 2023 या उससे पूर्व हुई हो और अनाथ होने के समय जिसकी आयु 18 वर्ष से अधिक नहीं हो.
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प्रस्ताव में अनाथ के माता-पिता की मृत्यु की अंतिम दिनांक मुख्यमंत्री कोरोना सहायता योजना-2021 में प्रावधित 15 अक्टूबर, 2022 से विस्तारित करते हुए 31 मार्च, 2023 की गई है. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने बजट वर्ष 2023-24 में कोरोना के कारण अनाथ हुए बालक-बालिकाओं को वयस्क होने पर सरकारी नौकरी दिए जाने की घोषणा की थी. -सुमित सारस्वत







