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September 15, 2017

सैनिक की बेटी से दुराचार के बाद गुस्से में देशवासी, बोले- 'दरिंदों को फांसी दो'

राजस्थान के बाड़मेर में एक सैनिक की बेटी से गैंगरेप की घटना से देशवासी गुस्से में हैं। पीड़ितों को न्याय के लिए देश के विभिन्न राज्यों से लोगों ने  कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हरियाणा और राजस्थान में शिक्षा के मंदिरों को शर्मसार करने वाली घटनाओं पर आक्रोश व्यक्त करते हुए जनता ने दरिंदों को फांसी देने की मांग की है, ताकि फिर कोई प्रद्युम्न या किसी की बेटी शिकार ना बने।


‘बाड़मेर में हुई घटना समाज के प्रति सबसे घिनौना अपराध है। दुष्कर्म करने वालों को फांसी दी जाएगी तभी ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।’ -रामेंद्र शर्मा, एडवोकेट, ब्यावर(राजस्थान)

‘बेहद दुखद व असहनीय घटना है। बस चले तो उस अपराधी को गोली मार दें। अपराधी को इतनी कड़ी सजा मिलनी चाहिए कि फिर ऐसी हरकत ना करे। हर मां अपनी बेटी के साथ सहेली की तरह रहे ताकि बच्ची मां को हर बात सहजता से बता दे।’ -संगीता कांकरिया, ब्यूटीशियन, रतलाम(मध्यप्रदेश)

‘ऐसे दरिंदों को सख्त सजा दिलवाने के लिए जनता को पीड़ित परिवार का साथ देकर आवाज बुलंद करनी चाहिए। जब तक इन अपराधियों में सजा की दहशत नहीं होगी तब तक ऐसी घटनाएं नहीं रूकेगी।’ -डॉ.राज अग्रवाल, चिकित्सक, नई दिल्ली

‘जब इस तरह के दोषी लोगों का पता लग जाता है तो उन्हें आजीवन कारावास में डाल देना चाहिए और तबीयत से पिटाई करनी चाहिए। क्या हम बच्चों को बता पाएंगे ऐसे लोगों से जो कानून से नहीं डरते। देख लो इन जैसे बेशर्म लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ता।’ -सुनीता मार्टिन, शिक्षिका, ब्यावर(राजस्थान)

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‘सच में यह सब देखकर दिल बैठ गया। अंदर तक जैसे सिहरन सी दौड़ गई। आत्मा जैसे रो रही है मेरी। लग रहा है जैसे किसी ने मानवता के गाल पर खींच के तमाचा मारा हो। आखिर कब तक? जाने क्यूं हम धरती पर सब से सभ्य प्राणी होने का दंभ भरते हैं? मैं जब ये मानव की पाशविकता की हदें देखता हूं तो शर्म आती है कि हम खुद को मानव कहते हैं। ऐसे नर पिशाचों को (मन में इतनी गालियां निकल रही है इस दैत्य के लिए पर मर्यादा में बंधा हूं) अगर सजा न मिली तो ये बेटी हमें कभी माफ नहीं करेगी। और न जाने कितनी बेटियां यूं... निःशब्द।’ -मोंटी राठौड़, पत्रकार, अजमेर(राजस्थान)

‘अपराधियों को भी वैसा ही दर्द देना चाहिए जैसा उन्होंने दिया।’ -खुशबू दाधीच, गृहिणी, सूरत(गुजरात)

‘ऐसा सब बहुत सालों से हो रहा है। फिर भी किसी के मन में कोई डर नहीं। लोग कहते हैं लड़की छोटे कपड़े पहनती है इसलिए रेप होते हैं। अब मासूम बच्चियों को साड़ी कैसे पहनाएं?’ -पल्लवी सिंहल, गृहिणी, ब्यावर(राजस्थान)

‘अल्लाह इन गुनहगारों को बख्शेगा नहीं।’ -रेशमा, गीतकार, गाजियाबाद(यूपी)

यहां क्लिक कर सुनिए सैनिक पिता का दर्द

‘हे भगवन! ये क्या हुआ है इस संसार को?’ -शालिनी शर्मा, भजन गायिका, ब्यावर(राजस्थान)

‘चौराहे पर नंगा करके मारो।’ -गोपेश, पत्रकार, अलवर(राजस्थान)

‘दुखद, बेहद शर्मनाक’ -सीमा कृपलानी, शिक्षिका, ब्यावर(राजस्थान)

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बेटी का दर्द सुनाते छलक पड़ी पिता की आंखें, बोले- 'मैं देश का रक्षक, मुझे इंसाफ दिलवाएं'

राजस्थान के बाड़मेर में जिस बेटी के साथ शिक्षा के मंदिर में दुष्कर्म की घिनौनी वारदात हुई उसके पिता के बारे में जानकार शायद आपका दिल कांप उठेगा। आप जानकर चौक जाएंगे कि जिन्हें देश और समाज में सम्मान की दृष्टि से देखकर सलाम किया जाता है उस पिता की बेटी के दामन में दरिंदों ने दाग लगा दिया। सामूहिक दुराचार की शिकार हुई पीड़िता का पिता सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का जवान है। जी हां, दिन-रात और सर्दी-गर्मी की परवाह किए बिना आपकी, हमारी और सरहद की सुरक्षा करने वाला सैनिक।

पढ़ें : शिक्षा का मंदिर फिर हुआ शर्मसार, बाड़मेर में स्कूली छात्रा से दुष्कर्म

पीड़ित पिता के अनुसार ‘डरी-सहमी बेटी ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि स्कूल में टेबल पर लिटाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। दरिदों ने मासूम के दामन में दाग लगाने के लिए उसका मुंह दबाकर बंद कर दिया ताकि वो शोर ना करे। मैं सरहद पर देश की सेवा करता हूं। पुलिस-प्रशासन इतने गंभीर मामले में भी एक सैनिक का साथ देने की बजाय लापरवाही कर रहा है। मैं देशवासियों से आग्रह करता हूं कि मुझे इंसाफ दिलवाएं।’ यह कहते हुए पिता की आंख से आंसू निकल पड़े। जो सैनिक सशक्त और सतर्क रहकर बड़ी मजबूती के साथ सरहद की सुरक्षा करता है उसके अचानक कमजोर हो जाने की कल्पना शायद हम कर सकते हैं। 

पिता का दर्द सुनें : सरहद का सैनिक बेटी को इंसाफ के लिए देशवासियों से मांग रहा मदद

इस मामले में राज्य  संरक्षण आयोग की अध्यक्ष मनन चतुर्वेदी ने प्रसंज्ञान लेते हुए बाड़मेर पुलिस अधीक्षक व प्रमुख चिकित्साधिकारी से रिपोर्ट तलब की है। महिला थानाधिकारी अनिता रानी के मुताबिक पीड़ित बालिका के पिता की रिपोर्ट पर दो लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बोर्ड से पीड़िता का मेडिकल करवाया है। मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक रतनलाल करेंगे। इस मामले में बाड़मेर एसपी  डॉ.गगनदीप सिंगला ने बताया कि दो सफाई कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज दिया गया है। बच्ची की काउंसलिंग करवाई जाएगी। आपको बता दें कि हरियाणा में गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय मासूम प्रद्युम्न की यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का मामला शांत भी नहीं हुआ कि शुक्रवार सुबह बाड़मेर के केंद्रीय विद्यालय जालिपा की कक्षा दो में पढ़ने वाली छह साल की नाबालिग बच्ची के साथ स्कूल में दुष्कर्म होने की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ है। -सुमित सारस्वत SP

क्लिक करें और देखें क्यों आया आसाराम को क्रोध


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September 14, 2017

शिक्षा का मंदिर फिर हुआ शर्मसार, बाड़मेर में स्कूली छात्रा से दुष्कर्म

हरियाणा के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय मासूम प्रद्युम्न की यौन उत्पीड़न के बाद हत्या का मामला शांत भी नहीं हुआ कि आज शुक्रवार सुबह राजस्थान के बाड़मेर से दिल दहला देने वाली खबर आई। यहां केंद्रीय विद्यालय जालिपा की कक्षा दो में पढ़ने वाली छह साल की नाबालिग मासूम बच्ची के साथ स्कूल में दुष्कर्म होने की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ है। स्कूल की घटना के बाद कल गुरुवार रात बच्ची ने गुप्तांग में दर्द होना बताया तो परिजन निजी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सक ने जांच के बाद यह चौंकाने वाली बात बताई। घटना से बच्ची काफी घबराई हुई है। पुलिस बालिका को स्नेह से समझाते हुए घटना की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल बच्ची दुष्कर्म करने वाले का नाम व पहचान नहीं बता पा रही है मगर संदेह के आधार पर स्कूल के चपरासी को दोषी माना जा रहा है। प्रद्युम्न के साथ हुई वारदात से सबक लेते पुलिस प्रशासन गम्भीरता से जांच में जुट गए हैं। पुलिस ने स्कूल पहुंच प्राचार्य और स्टाफ से जानकारी ली। घटना की गंभीरता के मद्देनजर देर रात जिला कलेक्टर व एसपी भी स्कूल पहुंचे। एसपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म होने की बात स्वीकारते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा जताया। शिक्षा के मंदिरों में अबोध बच्चों के साथ हो रही इन घटनाओं ने अभिभावकों के मन में भी भय उत्पन्न कर दिया है। -सुमित सारस्वत SP, मो.09462737273

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September 11, 2017

विश्व की पहली प्रोसेस्ड ऑलिव टी राजस्थान में तैयार, सीएम राजे ने जयपुर में लॉन्च की जैतून से तैयार चाय

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जयपुर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर राजस्थान के खेतों में उपजे जैतून से तैयार पहली प्रोसेस्ड ऑलिव टी 'ऑलिटिया' लॉन्च की है। ऑलिव टी का यह उत्पाद ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट 2016 के दौरान राजस्थान सरकार तथा निजी कंपनी ऑलिटिया फूड्स के बीच हुए एमओयू के तहत तैयार किया गया है। राजे ने इस चाय की लांचिंग करते हुए कहा कि इससे प्रदेश के किसानों द्वारा कड़ी मेहनत से उपजाए गए जैतून की गुणवत्ता को अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहचान मिलेगी। राज्य सरकार ने प्रदेश में जैतून की खेती को बढ़ावा देने के लिए जो प्रयास पिछले सालों में किए हैं, उसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे ही कदम उठाकर वर्ष 2022 तक प्रदेश के किसानों की आय को दोगुना करने के लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब होंगे।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान ऑलिव टी का स्वाद चखा तथा इसकी सराहना की। उन्होंने राजस्थान में तैयार हो रहे अन्य विश्वस्तरीय एग्री प्रोसेस्ड प्रोडक्ट भी देखे। राजे ने कहा कि हमारे मेहनतकश किसान भाइयों की उपज की विश्व स्तर पर मार्केटिंग के बेहतर प्रयास किए जाएं ताकि उन्हें इनके अच्छे दाम मिलें। इस अवसर पर कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने बताया कि यह चाय एंटीऑक्सीडेंट, एंटीडायबिटिक होने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है। उन्होंने प्रदेश में जैतून की खेती की ओर किसानों के बढ़ते रुझान की जानकारी दी। ऑलिटिया फूड्स के निदेशक धर्मपाल गढवाल ने बताया कि यह विश्व की पहली प्रोसेस्ड ऑलिव टी है, जिसे राजस्थान में तैयार किया गया है। यूके, यूएसए तथा खाड़ी देशों ने इसमें गहरी रूचि दिखाई है। -सुमित सारस्वत, मो.9462737273
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September 7, 2017

जिन्हें पीएम मोदी ने प्रणाम किया उन प्रताप की बेकद्री !

जिन महाराणा प्रताप को प्रणाम करने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंद रोज पहले मेवाड़ आए थे उन्हीं हिन्दू सम्राट प्रताप की राजस्थान के ब्यावर शहर में बेकद्री हो रही है। यहां प्रताप की प्रतिमा खंडित है। शासन-प्रशासन प्रताप के गौरव व सम्मान की अनदेखी कर रहा है। कई बार मांग और आक्रोश प्रदर्शन के बाद भी प्रताप की खंडित प्रतिमा को बदला नहीं गया और ना ही क्षतिग्रस्त सर्किल की मरम्मत करवाई गई। सत्ताधारी भाजपा शासन के जिम्मेदारों को भी प्रताप के मान-सम्मान का भान नहीं रहा। विड़ंबना रही कि विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, शिवसेना जैसे हिंदूवादी संगठन भी इस गंभीर मामले पर पुरजोर आवाज नहीं उठा सके। इससे हिन्दू समाज में आक्रोश फैल गया। आज हिन्दू समाज के लोगों ने प्रताप की प्रतिमा को काले कपड़े से ढक दिया और लिख दिया कि 'खंडित प्रतिमा है।'  गाडोलिया लोहार समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कालूराम चौहान ने सोशियल मीडिया पर फोटो सहित पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। इस घटना के बाद हिन्दू समाज में जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी फैल गई। शहर का शांतिपूर्ण माहौल खराब होने का अंदेशा बन गया। ऐसे में सामाजिक विचारक सुमित सारस्वत ने सरकार को मामले से अवगत करवाया है।
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September 6, 2017

..इसलिए बरकरार है ईटीवी की बादशाहत

गांव का एक पत्रकार भी खुद को सरपंच से कम नहीं समझता। ऐसे में यदि कोई पत्रकार किसी नामचीन चैनल का हेड हो तो उसके ठाठ का अंदाजा लगाया जा सकता है। शायद एसी (एयर कंडीशनर) की ठंडी हवा में हेड बना बैठा वो पत्रकार तो सरकार को भी अपने दफ्तर में बुलवा लेगा। ऐसा होता भी रहा है। मगर इसके विपरित एक पत्रकार ऐसा भी है जो सूबे के सबसे बड़े चैनल का हेड होने के बावजूद एसी चेम्बर का मोह त्याग कर तपती गर्मी में पसीना बहाते हुए फील्ड में रिपोर्टिंग करता है।
हम बात कर रहे हैं राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार श्रीपाल शक्तावत की, जो ईटीवी राजस्थान के स्टेट हेड होते हुए भी एक सामान्य पत्रकार की तरह पत्रकारिता कर मिसाल बन रहे हैं। दर्शकों को हर दिन नई खबर दिखाने की दौड़ में चैनल को नंबर वन बनाए रखने के लिए प्रदेश से बाहर जाकर पुनर्जन्म से जुड़ी कोई एक्सक्लूसिव स्टोरी लानी हो, राजधानी से बाहर किसी जिले में जांबाज सैनिक का कवरेज करना हो या रात 2 बजे तक किसी आपराधिक घटना पर लाइव रिपोर्टिंग करनी हो। शक्तावत हर वक्त सक्रिय रहे हैं। यही वजह है कि कार्य के प्रति पूर्ण निष्ठा के साथ निर्भिक व निष्पक्ष पत्रकारिता करते हुए ईटीवी की बादशाहत को बरकरार रखे हुए हैं। इनकी निष्पक्षता का अंदाजा इस एक बात से लगाया जा सकता है कि गैंगस्टर आनंदपाल की मौत के बाद समाज का भारी दबाव, आक्रोश और आलोचनाएं होने के बावजूद इन्होंने बैखोफ होकर सच्चाई का साथ दिया। परिणाम यह निकला कि आलोचकों की सोच सकारात्मक हुई और आलोचना सराहना में तब्दील हो गई।
वरिष्ठ पत्रकार शक्तावत ने इसी साल जनवरी में ईटीवी राजस्थान को बतौर स्टेट हेड जॉइन किया था। तब प्रतिद्वंदी ने ईटीवी को पछाड़ने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सूबे में सरकार और सरकारी तंत्र से संबंध बनाकर हर छोटे-बड़े समाचार पर नजर रखने वाले लगभग सभी पत्रकार ईटीवी छोड़कर अन्य चैनल में चले गए। न सिर्फ राजधानी बल्कि शहरों-कस्बों से भी सक्रिय संवाददाताओं और समाचार सूचकों को बुलवा लिया गया। बरसों से ईटीवी का गुणगान करने वाले एंकर भी एक-एक करके विदा हो गए। इतना ही नहीं, प्रतिद्वंदी ने दर्शकों को भ्रमित करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। ईटीवी में प्रसारित होने वाले शो के नाम पर ही हूबहू शो शुरू कर दिए। ऐसे समय राजधानी में बने मुख्यालय से लेकर गांव-शहरों में ईटीवी की नैया डूबने के कगार पर थी मगर मझदार में मंद-मंद हिचकोले खा रही नाव के लिए शक्तावत वो तिनका बने जिसके सहारे नाव नई गति से आगे निकल गई। कुशल कारीगर की कलाकारी ने एक दिन भी किसी की कमी का अहसास नहीं कराया। सक्रिय संचालन से सरकार और सचिवालय की नजरें ईटीवी पर ही टिकी रही। प्रदेश के दर्शकों ने भी गांव-ढाणी से लेकर शहर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए ईटीवी पर भरोसा जताया। काबिलियत इस कदर बढ़ी कि सरकार ने सार्वजनिक मंच तक से ईटीवी को भरोसेमंद बताते हुए शक्तावत की पीठ थपथपाई।
शक्तावत का मानना है कि पत्रकार के लिए परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है और उसे अपनी दक्षता बढ़ाने के लिए सतत अभ्यास और प्रयास करते रहना चाहिए। इसी परिश्रम के जरिए वह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का मजबूत हिस्सा बन पाएंगे। शक्तावत की काबिलियत का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान ने अपने टीवी शो सत्यमेव जयते में इन्हें रियल हीरो कहा। आपको बता दें कि शक्तावत ने एक दशक पहले स्टिंग ऑपरेशन के जरिए धरती पर भगवान कहलाने वाले चिकित्सकों का काला चेहरा सरकार और जनता को दिखाते हुए काली कमाई के लिए कन्याओं का कोख में कत्ल करने के गोरखधंधे का खुलासा किया था। आपको यह भी बता दूं कि मैं व्यक्तिगत तौर पर ना तो इनके बारे में अधिक जानता हूं और ना ही कभी इनसे मुलाकात हुई है। बस लंबे समय से ईटीवी का दर्शक होने के नाते बीते कुछ समय में चैनल पर इनका जो कार्य देखा उससे इनके प्रति सम्मान बढ़ा और मन की बात को शब्दों में उकेर दिया। उम्मीद करता हूं कि शक्तावत जैसे और भी पत्रकार होंगे जो निष्ठापूर्वक निष्पक्षता से अपने कर्त्तव्य का निर्वहन कर रहे होंगे। -सुमित सारस्वत SP, सामाजिक विचारक, मो.09462737273

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September 3, 2017

आस्थावान सीएम ने मत्था टेककर कहा, भर दे झोली मेरी बाबा राम सा पीर

रामदेवरा में करोड़ों की लागत से बने पैनोरमा का किया उद्घाटन

🖊 सुमित सारस्वत 'SP'


पोकरण (जैसलमेर)। सूबे की आस्थावान सीएम वसुंधरा राजे रविवार को जैसलमेर दौरे पर रहीं। यहां उन्होंने रामदेवरा में लोकदेवता बाबा रामदेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। बाबा की समाधि के समक्ष मत्था टेककर नमन किया। पुष्प माला अर्पित कर समाधि पर गुलाबी रंग की चादर चढ़ाई। मंत्रोच्चार के बीच श्रद्वाभाव के साथ राजस्थान की समृद्धि व खुशहाली की कामना की। यहां मंदिर महंत कमल छंगाणी ने मुख्यमंत्री को अश्व पर सवार बाबा रामदेव की रजत प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया। साथ ही उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव के वंशज परिवार से आत्मीय मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछी। मंदिर परिसर में कीर्तन का आनंद लेते हुए 'खम्मा-खम्मा बाबा रुणिचे रा धनिया.. भजन सुना।
बाबा का दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री राजे ने करोड़ों रुपए की लागत से बने पैनोरमा का उद्घाटन किया। राजस्थान धरोहर संरक्षण एवं प्रोन्नति प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत ने उन्हें अवलोकन करवाते हुए विस्तार से जानकारी दी। बाबा रामदेव के जीवन पर आधारित इस पैनोरमा को देखकर राजे काफी खुश हुई। उन्होंने इस खुशी का इजहार विजिटर बुक में शब्दों के जरिए अपनी भावना लिखकर किया। लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए राजे ने कहा कि बाबा रामदेव को नमन करने और जय बाबा री बोलने से उर्जा का संचार होता है। यह सभी धर्मों के बाबा है। सभी भक्तों की झोली भरते हैं। मुझे भी विश्वास है कि बाबा राम सा पीर मेरी झोली भरेंगे। उन्होंने कहा कि पैनोरमा से बच्चों का लोकदेवता बाबा रामदेव के जीवन से प्रेरणा मिलेगी। अंत में पैनोरमा का निर्माण करने वाली टीम को प्रोत्साहित करते हुए सम्मानित किया। इस दौरान राजस्व मंत्री अमराराम चौधरी, पोकरण विधायक शैतान सिंह राठौड़, जिला प्रभारी शंभूसिंह खेतासर, मंदिर समिति अध्यक्ष भोमसिंह तंवर भी साथ थे।
10 रुपए का टिकट लेकर प्रवेश
सीएम ने पैनोरमा का अवलोकन करने के लिए टिकट लेकर अंदर प्रवेश किया। उन्होंने निर्धारित 10 रुपए शुल्क देकर टिकट लिया। उन्होंने कहा कि ‘इस राशि से स्थान का विकास और देखरेख होगी। मैं यह अमानत जनता को सौंप रही हूं, इसकी देखरेख करना।’
रेत का टीला बचाकर रखना
सीएम ने भगवान के प्रति आस्था रखने का संदेश देते हुए प्रदेश में सुराज का राज बताया। उन्होंने कहा कि ‘एक सीएम ने पूछा हमारे प्रदेश में बारिश नहीं आती, आपके यहां इतनी बारिश कैसे आती है। मैंने कहा, हर जिले में रूद्राभिषेक करवा दो। सावन में हमने करवाया तो भरपूर बारिश हुई। जहां रेगिस्तानी इलाके में पहले लोग रेत के टीले देखने आते थे, वहां अब भरपूर पानी हो गया है। यहां के लोगों को कहती हूं कि एक रेत का टीला बचाकर रखना, ताकि आने वाले को दिखा सको।’
मुस्कुराते रहने का दिया संदेश
राजे ने रामकथा वाचक संत मोरारी बापू का जिक्र करते हुए सदैव मुस्कुराते रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी एक-दूसरे से मुस्कुराकर मिलें, आपस में प्रेम फैलाएं और नए राजस्थान के निर्माण का संकल्प लें।

घम्मा घणी बोलकर की मुलाकात
सीएम ने घम्मा घणी बोलकर रामदेव मंदिर में आए सैंकड़ों श्रद्धालुओं का अभिवादन किया। ग्रामीण महिलाओं से हाथ मिलाकर हालचाल जाना। कई बच्चों के सिर पर हाथ फेरकर दुलार किया। कुछ लोग अपने मोबाइल से सीएम के साथ सेल्फी लेते भी दिखे। मुख्यमंत्री से मिलने के लिए लोगों में काफी उत्सुकता दिखाई दी। -सुमित सारस्वत 'SP', मो.9462737273
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