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February 12, 2025

विश्व विख्यात है खाटू श्याम का लक्खी मेला, जानें इस साल कब होगा शुरू - Khatu Shyam Mela 2025

✍🏻 सुमित सारस्वत
विश्व विख्यात खाटू श्याम जी (Khatu Shyam Ji) के भक्तों को पूरे साल फागण महीने का बेसब्री से इंतजार रहता है. यूं तो बाबा के धाम खाटू (Khatu) में हर महीने एकादशी को मेला लगता है लेकिन फाल्गुन का मेला सबसे खास है. यह एक ऐसा मेला (Fair) है जिसमें बाबा का हर भक्त देश दुनिया से खाटू धाम में हाजरी लगाने पहुंचता है. सड़कों पर हर तरफ लाखों भक्त दिखाई देते हैं. चारों तरफ रंग बिरंगे निशान लहराते हैं. हाथों में निशान लेकर भक्त रिंगस से खाटू की पदयात्रा करते हैं.

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इस साल बाबा का लक्खी मेला (Khatu Lakhi Mela) 28 फरवरी से शुरू होगा. 11 मार्च तक चलने वाले इस विशाल मेले के लिए मंदिर कमेटी और प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है. मेले के दौरान भक्तों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर कुछ नियम भी लागू किए हैं. इस बार मेले में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह से बंद रहेगी. केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले अतिथियों को ही विशेष सुविधा से दर्शन करवाए जाएंगे.

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मेले के दौरान 8 फीट से ऊंचे निशान भी प्रशासन ने प्रतिबंधित कर दिए हैं. अब 8 फीट से ऊंचा निशान (Flag) लाने पर मेला परिसर में प्रवेश नहीं मिलेगा. डीजे और शराब पर भी सख्त रोक रहेगी. कांटों वाले गुलाब (Rose) और कांच की इत्र शीशी भी मंदिर में नहीं ला सकेंगे. मेले के दौरान इनकी बिक्री करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
©सुमित सारस्वत

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अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी का निधन, रामलला टेंट में थे तब से प्रभु सेवा में रहे लीन - Satyendra Das Death

माघ पूर्णिमा पर आचार्य सत्येंद्र दास का देवलोक गमन

✍🏻 सुमित सारस्वत
विश्व विख्यात अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज (Satyendra Das Maharaj) का आज माघ पूर्णिमा के पवित्र दिन देवलोक गमन हुआ. वे 1993 से रामलला सरकार (Lord Ram) की सेवा कर रहे थे. उनके निधन से रामनगरी (Ayodhya) के मठ मंदिरों में शोक है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने आचार्य के निधन पर शोक जताया है.

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आचार्य सत्येंद्र दास को ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद बीती 3 फरवरी को लखनऊ (Lucknow) के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती करवाया था. उपचार के दौरान आज बुधवार सुबह 7 बजे अस्पताल में अंतिम सांस ली. श्री राम मंदिर (Ram Mandir) भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी और अयोध्या राज परिवार के प्रमुख विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र, डॉ. अनिल मिश्र, महासचिव चंपत राय ने निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है.

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यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने भी शोक जताया है. उन्होंने कहा कि 'परम रामभक्त आचार्य सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है. विनम्र श्रद्धांजलि!'
©सुमित सारस्वत
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January 24, 2025

..इंतजार में बीत गई 24 जनवरी ! अब कब होगा मंत्रिमंडल विस्तार? - Rajasthan Cabinet Expansion

✍🏻 सुमित सारस्वत
आज 24 जनवरी है. चंद रोज से आज के दिन की काफी चर्चा थी लेकिन चर्चाओं को पंख नहीं लगे. दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ दिन से एक फेक न्यूज (Fake News) वायरल हो रही थी कि 24 जनवरी को राजस्थान मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, लेकिन आज ऐसा कुछ नहीं हुआ. भविष्य में ऐसा कुछ हो तो फिलहाल खबर नहीं. आज के दिन वाली चर्चा को मजबूत बनाने के लिए सोशल मीडिया पर कसीदे गढ़ने वालों ने तर्क दिया कि बीजेपी (BJP) विधायकों को राजधानी बुलाया गया है. चंद पसंदीदा नेताओं के नामों की नाव भी चलाई. किसी ने मंत्रिमंडल विस्तार का सुर्रा छोड़ा और सोशल मीडिया (Social Media) पर कयासों का काल्पनिक कारवां बढ़ गया. अब आपको बताते हैं कि भाजपा विधायकों को राजधानी क्यों बुलाया गया?

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दरअसल, 28 जनवरी को सीएम भजनलाल शर्मा
(Bhajanlal Sharma) एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल और पार्टी विधायकों के साथ महाकुंभ (Maha Kumbh Mela) में संगम स्नान करने प्रयागराज (Prayagraj) जाएंगे. इससे पहले 25 व 26 जनवरी को सरकार के साथ उच्च अधिकारी उदयपुर में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में व्यस्त रहेंगे. ऐसे में कुंभ की कुशल तैयारियां पूर्व में ही तय हो जाए इसलिए विधायकों को बुलाकर पूछा गया कि कौन-कौन कुंभ में चलने के इच्छुक हैं? संख्या के आधार पर विमान से आवागमन और आवास व्यवस्था तय की गई है.

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क्यों फैल रहा कैंसर रोग ?

खैर, अब 24 जनवरी बितने के बाद आज एक बार फिर नई चर्चा शुरू हो गई है कि गणतंत्र दिवस (Republic Day) के बाद मंत्रिमंडल विस्तार होगा. ऐसे में एक बार फिर उम्मीद जगी है कि बसंत पंचमी (Basant Panchami) से पहले विधायकाें की पौ-बारह होगी और उनके जीवन में खुशियों का बसंत आएगा. फिलहाल, फिर वही बात कि जहां यह चर्चा होनी चाहिए, वहां आज भी कोई चर्चा नहीं.
©सुमित सारस्वत

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January 17, 2025

ब्यावर में 3 दिन के भीतर 4 कैंसर रोगियों की मौत, सामान्य बीमारी की तरह क्यों फैल रहा रोग ? Cancer Death Cases

✍🏻 सुमित सारस्वत
किसी जमाने में दुर्लभ रोग कहा जाने वाला कैंसर अब सामान्य बीमारी की तरह फैल रहा है. पूरी दुनिया के लिए कैंसर (Cancer Disease) चिंता का विषय बना हुआ है. इस बीमारी के कारण हर साल कई लोग अपनी जान गंवा रहे हैं. भारत में भी यह बीमारी तेजी से बढ़ती जा रही है. सूचना के मुताबिक, राजस्थान (Rajasthan) के ब्यावर (Beawar) में इस गंभीर रोग की वजह से बीते 3 दिन के भीतर 4 लोगों की मौत हुई है.

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बेटे के गम में पिता की मौत
ब्यावर के करीब अजमेर (Ajmer) में कैंसर पीड़ित बेटे के गम में एक बुजुर्ग का शुक्रवार को निधन हो गया. परिजन के मुताबिक, कुछ महीने पहले उनके सबसे छोटे बेटे को कैंसर हो गया था. हर दिन उसके बारे में सोचते हुए बुजुर्ग का मानसिक संतुलन धीरे-धीरे बिगड़ता गया और गम में गुम होकर उनकी मौत हो गई. बेटा अभी चौथे स्टेज के कैंसर से गंभीर हालत में है.

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महिलाओं के लिए खतरा ज्यादा
कैंसर रोग किसी को भी अपना शिकार बना सकता है, चाहे वह किसी भी उम्र या लिंग का हो. भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं को इसका ज्यादा खतरा है. आंकड़ों की मानें तो बीते कुछ साल में महिलाओं में कैंसर (Women Cancer Risk in India) के ज्यादा मामले आए हैं. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी के अनुसार, साल 2022 में भारत में लगभग 14 लाख 13 हजार 316 कैंसर के नए मामले सामने आए हैं. इनमें 6 लाख 91 हजार 178 पुरुष और 7 लाख 22 हजार 138 महिलाएं हैं. यह आंकड़े हैरान करने वाले हैं.

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विशेषज्ञ ने बताई यह वजह
जयपुर (Jaipur) के भगवान महावीर कैंसर अस्पताल (Cancer Hospital) की कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पलक जैन (Dr Palak Jain) के मुताबिक, कैंसर एक जेनेटिक बीमारी है. मौजूदा समय में यह बीमारी बढ़ने की वजह है कि लोगों की लाइफस्टाइल चेंज हो गई है. बाहर का फास्टफूड खाना, बढ़ता पॉल्यूशन और रेडिएशन भी इसकी एक वजह है. आजकल लोगों के हाथ में हर समय मोबाइल फोन और सामने लैपटॉप स्क्रीन होती है. ऐसे में बीमारी हो सकती है. सभी को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवानी चाहिए. शरीर में कोई भी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें.
©सुमित सारस्वत

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January 8, 2025

अब 'दिया' से चमकेगा ब्यावर !, सरकार ने बदले सूबे के जिला प्रभारी - District Incharge of Rajasthan

✍🏻 सुमित सारस्वत

सीएम भजनलाल शर्मा (Bhajan lal Sharma) की सरकार ने सूबे के जिला प्रभारी बदल दिए हैं. ब्यावर में डिप्टी सीएम दिया कुमारी (Diya Kumari) को जिला प्रभारी नियुक्त किया है. पूर्व प्रभारी झाबर सिंह खर्रा को अब पाली का जिम्मा सौंपा है. ब्यावर मूल की मंत्री डॉ. मंजू बाघमार (Manju Bahumat) को प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिला प्रभारी का दायित्व दिया है.


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डिप्टी सीएम के साथ ही दिया कुमारी के पास वित्त और सार्वजनिक निर्माण विभाग जैसे बड़े मंत्रालय भी हैं. ऐसे में उम्मीद कि जा सकती है कि उनके प्रभारी रहते ब्यावर (Beawar) में बदहाल सड़कों की सूरत बदलेगी और वित्त कोष से भरपूर विकास होगा. क्षेत्रीय सांसद रहते भी दिया की ब्यावर में सक्रियता रही थी. अब तक रहे सांसदों में शहर के सबसे ज्यादा दौरे उन्होंने ही किए.


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अब दिया के ब्यावर संभालने से स्थानीय नेता इंदरसिंह बागावास (Inder Singh Bagawas) और महेंद्र रावत (Mahendra Rawat) की राजनीति भी फिर चमकेगी. इन दोनों नेताओं के कुमारी से करीबी संबंध हैं. सांसद चुनाव के वक्त इन दोनों ने सक्रिय भूमिका के साथ जीत में भागीदारी निभाई थी. अब देखना दिलचस्प होगा कि बतौर जिला प्रभारी दिया कुमारी के काम से ब्यावर कितना चमकेगा! ©सुमित सारस्वत


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January 5, 2025

रिश्तों को बदनाम कर रही मीडिया, ऐसी खबरें पढ़कर लोग रिश्तों पर करेंगे शक - Media is defaming relationships

✍🏻 सुमित सारस्वत
राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र चतुर्वेदी (Surendra Chaturvedi) ने वर्तमान वक्त में मीडिया की कार्यशैली पर चिंता जताई है. एक समारोह में उन्होंने कहा कि 'मीडिया रिश्तों को बदनाम कर रही है. पुत्री से दुष्कर्म (Rape) करने वाला पिता नहीं हो सकता. उसके लिए दरिंदे या बलात्कारी शब्द का इस्तेमाल करना चाहिए. खबर की हेडिंग में 'पिता ने किया पुत्री से दुष्कर्म' लिखना गलत है. ऐसा लिखने से सभी संबंधों पर अंगुली उठती है. ऐसी खबरें पढ़कर लोग रिश्तों पर शक करेंगे. मीडिया का छोटा सा बदलाव समाज की सोच बदल सकता है'

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पत्रकार चतुर्वेदी ने यह भी कहा कि 'सच्चाई लिखने के बाद लोग पत्रकार को बदनाम करने लगते हैं. पत्रकारों पर ब्लैकमेलिंग करने के आरोप लगाते हैं. समाज को आईना दिखाना पत्रकार (Journalist) का धर्म है. इसके बावजूद लोग बदनाम करने की नीयत से झूठे आरोप लगाते हैं. पत्रकार को खरीदने की औकात किसी की नहीं.'

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‘ये ब्रेस्ट हैं, संतरे नहीं…’, जानें इस बात पर क्यों मचा बवाल ? - These are Breasts not Oranges

✍🏻 सुमित सारस्वत
दिल्ली मेट्रो (Delhi Metro) एक बार फिर देश की सुर्खियों में है. कभी कपल्स की अश्लील हरकतों के कारण, कभी लड़ाई झगड़ों के कारण, तो कभी फूहड़ रील्स को लेकर चर्चा में रहने वाली मेट्रो इस बार एक पोस्टर के कारण देश की सुर्खियों में आई है.

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मामले के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस के लिए यूवीकैन फाउंडेशन ने एक विज्ञापन जारी किया है. AI जेनरेटेड इस विज्ञापन (Breast Cancer Awareness Advertisement) को ज्यादा क्रिएटिव बनने के चक्कर में ऐसा बना दिया कि बवाल मच गया. दिल्ली मेट्रो में लगे विज्ञापन को देखकर पैसेंजर्स ने आपत्ति की. पोस्टर को देखकर मेट्रो में सफर करने वाली महिलाओं और लड़कियों को शर्म आ गई. विज्ञापन में लिखा है- 'हर महीने अपने संतरे की जांच करें.'

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ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता के लिए बनाकर लगाए गए इस पोस्टर की हर तरफ आलोचना हो रही है. लोग इन पोस्टर्स को अश्लील बताकर विरोध कर रहे हैं. ब्रेस्ट को संतरे के रूप में संदर्भित किए गए इस पोस्टर में एक बस के अंदर संतरे पकड़े महिलाओं की एआई-जनरेटेड तस्वीरें हैं. महिलाओं का कहना है कि- ‘ये ब्रेस्ट हैं, संतरे नहीं.’ सोशल मीडिया पर कई लोगों ने DMRC से सवाल किया है कि ट्रेन में इस तरह के विज्ञापन क्यों लगाने दिए? बवाल मचने के साथ ही लोग इन पोस्टर्स को तत्काल हटाने की मांग कर रहे हैं.

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इस मामले में यूवीकैन फाउंडेशन (YouWeCan Foundation) ने मीडिया को दिए बयान में कहा है कि अगर संतरों के इस्तेमाल से लोग ब्रेस्ट के स्वास्थ्य की बात करते हैं और उससे एक भी जिंदगी बचती है तो यह सार्थक है. उन्होंने इस बात पर चिंता भी जताई कि भारत में ब्रेस्ट की बात करने में लोग असहज महसूस करते हैं. शर्म करने की बजाय ब्रेस्ट अवेयरनेस की बात करनी चाहिए.
©सुमित सारस्वत

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